दशहरा - बुराई पर अच्छाई का दिन है विजय दशमी

हिन्दू धर्म में दशहरा अथवा विजय दशमी का बहुत ही महत्व है| यह दिन बुराई पर अच्छाई, झूठ पर सच्चाई की विजय का प्रतीक है| प्रत्येक वर्ष आश्विन मास की दशमी तिथि पर यह अत्यंत शुभ पर्व पूरे भारतवर्ष में हर्षोल्लास से मनाया जाता है| इस वर्ष यह उत्साहपूर्ण पर्व 08 अक्तूबर 2019 को धूमधाम से मनाया जाएगा| दशहरा नाम संस्कृत भाषा से उत्पन्न हुआ है जिसे विच्छेद करने से बनता है ‘दशा’ यानि दस एवं ‘हारा’ यानी हार जिसका अर्थ है दस सर वाले रावण की हार| विजय दशमी का अर्थ है हिन्दू पंचांग की दशमी तिथि पर बुराई पर अच्छाई की विजय के पर्व के रूप में मनाया जाता है।

 

दशहरा की पौराणिक कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार जब श्रीराम 14 वर्षों के वनवास में अपना जीवन यापन कर रहे थे तो लंकापति रावण ने उनकी पत्नी माता सीता का अपहरण कर उन्हें लंका की अशोक वाटिका में बंदी बना कर रख लिया था| श्रीराम ने अपने अनुज लक्ष्मण, भक्त हनुमान और सुग्रीव, जामवंत आदि से संपन्न वानर सेना के साथ रावण की सेना से लंका में ही पूरे नौ दिनों तक युद्ध लड़ा| मान्यता है कि उस समय प्रभु राम ने देवी माँ की उपासना की और उनके आशीर्वाद से आश्विन मास की दशमी तिथि पर अहंकारी रावण का वध किया|

 

एक और कथा के अनुसार असुरों के राजा महिषासुर ने देवों को पराजित कर इन्द्रलोक और समस्त पृथ्वी पर अपना वर्चस्व कायम कर दिया था| चूंकि ब्रह्मदेव के वरदान से महिषासुर को ना ही कोई पुरुष, ना कोई देव, यहाँ तक कि स्वयं त्रिदेव यानि ब्रह्मा, विष्णु, महेश भी उसका वध नहीं कर सकते थे| ऐसे में त्रिदेवोंं के साथ मिलकर सभी देवों ने अपनी शक्तियों से देवी भगवती की उत्पत्ति की| तत्पश्चात देवी माँ ने महिषासुर के साथ उसकी सेना का वध कर देवों को पुनः स्वर्गलोक का अधिकार दिलवाया और समस्त विश्व को महिषासुर के आतंक से मुक्त करवाया| माँ की इस विजय को ही विजय दशमी के रुप में मनाया जाता है| 

 

विजयदशमी पर आपको कैसे मिल सकती है विजय जानें अपनी कुंडली के अनुसार ज्योतिषाचार्यों से सरल उपाय। अभी परामर्श करें।

 

दशहरा पर रवियोग

इस बार 8 अक्टूबर 2019 को रवियोग बन रहा है। महानवमी(7 अक्टूबर) दोपहर 12:38 बजे तक रहेगी और 8 अक्टूबर दोपहर 2:51 बजे तक विजयादशमी के दिन रवियोग रहेगा। 

 

दशहरा शुभ मुहूर्त

दशहरा / विजय दशमी तिथि - 08 अक्तूबर 2019, मंगलवार

विजय मुहूर्त - 14:04 से 14:51 बजे तक

अपराह्न पूजा मुहूर्त - 13:18 से 15:37 बजे तक

दशमी तिथि प्रारंभ  - 12:38 बजे, 07 अक्तूबर 2019

दशमी तिथि समाप्त - 14:50 बजे, 08 अक्तूबर 2019
 

संबंधित लेख

दिवाली 2019  |     दिवाली पूजा मंत्र   |    दीपावली –  पूजन विधि और शुभ मूहूर्त   ।   दिवाली पर यह पकवान न खाया तो क्या त्यौहार मनाया   |  

लक्ष्मी-गणेश मंत्र   |   लक्ष्मी मंत्र   ।   गोवर्धन पूजा - गोवर्धन पूजा कथा और शुभ मुहूर्त   |   भैया दूज - भाई बहन के प्यार का पर्व   |   

छठ पूजा - व्रत विधि और शुभ मुहूर्त   |

एस्ट्रो लेख

मार्गशीर्ष – जा...

चैत्र जहां हिंदू वर्ष का प्रथम मास होता है तो फाल्गुन महीना वर्ष का अंतिम महीना होता है। महीने की गणना चंद्रमा की कलाओं के आधार पर की जाती है इसलिये हर मास को अमावस्या और पूर्णिमा ...

और पढ़ें ➜

देव दिवाली - इस...

आमतौर पर दिवाली के 15 दिन बाद यानि कार्तिक माह की पूर्णिमा के दिन देशभर में देव दिवाली का पर्व मनाया जाता है। इस बार देव दिवाली 12 नवंबर को मनाई जा रही है। इस दिवाली के दिन माता गं...

और पढ़ें ➜

कार्तिक पूर्णिम...

हिंदू पंचांग मास में कार्तिक माह का विशेष महत्व होता है। कृष्ण पक्ष में जहां धनतेरस से लेकर दीपावली जैसे महापर्व आते हैं तो शुक्ल पक्ष में भी गोवर्धन पूजा, भैया दूज लेकर छठ पूजा, ग...

और पढ़ें ➜

तुला राशि में म...

युद्ध और ऊर्जा के कारक मंगल माने जाते हैं। स्वभाव में आक्रामकता मंगल की देन मानी जाती है। पाप ग्रह माने जाने वाले मंगल अनेक स्थितियों में मंगलकारी परिणाम देते हैं तो बहुत सारी स्थि...

और पढ़ें ➜