दिसंबर में जन्मे लोगों का भाग्य रत्न होता है फिरोजा, तंजनाइट

02 दिसम्बर 2020

साल के 12 महीनों के अलग-अलग महीनों में जन्मे लोगों के शुभ रत्न यानि कि बर्थस्टोन भी अलग-अलग होते हैं। आज हम दिसंबर महीने में जन्मे लोगों के बर्थस्टोन के बारे में बताते हैं। दिसंबर माह में जन्मे जातकों पर धनु राशि का सर्वाधिक प्रभाव होता है। धनु राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। इनकी कुंडली में लग्न भी धनु हो तो सूर्य व मंगल प्रबल कारक होते हैं व जातक प्रबल शक्तिशाली व उच्च पदासीन होता है। दिसंबर महीने में जन्मे लोगों के तीन शुभ रत्न होते हैं। ब्लू जिक्रोन (Blue zircon) , तंजनाइट रत्न (Tanzanite), और फिरोज रत्न ( turquoise)

 

क्यों पहना जाता है रत्न?

ज्योतिषाचार्य की माने तो राशि के अनुरुप पहने जाने वाले रत्न जीवन में बहुत फायदेमंद होते हैं। कई लोग तो रत्नों को काफी महत्वपूर्ण मानते हुए पूरे विधि-विधान के साथ इसको धारण करते हैं। कहा जाता है कि अपनी राशि के हिसाब से जो रत्न शुभ हो उसको धारण करने से अच्छा भाग्य और बरकत होती है।

 

जानिए दिसंबर बर्थस्टोन के बारे में

1. ब्लू जिक्रोन

दिसंबर महीने के जातकों के लिए वैसे तो तीन शुभ रत्न होते हैं, जो हम आपको उपर बता चुके हैं। इन तीन रत्नों में से सबसे उत्तम और पहले नंबर का ब्लू जिक्रोन है। इस रत्न की खासियत है कि ये सबसे चमकीला होता है। जिक्रोन एक प्राकृतिक खनिज है और इसको लेकर कहा जाता है कि ये हीरे की तरह बहुत दुर्लभ रूप से मिलने वाली वस्तु है। 

क्यों धारण करें ब्लू जिक्रोन?

इसे धारण करने से बुरे सपने नहीं आते हैं। इसके अलावा ये रत्न निराशा में आशा का काम करते हैं और अंधेरे में रोशनी लाते हैं। नकारात्मक ऊर्जा में फंसे हुए व्यक्तियों के लिए ये सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। इसका इस्तेमाल प्राचीन समय में यात्रा करने या फिर बुराई से बचने के लिए ताबीज के रूप में किया जाता था। बात करें इसकी कीमत की तो अच्छा जिक्रोन 15 हजार रुपए प्रति कैरेट के हिसाब से मिलता है।

 

2. तंजनाइट रत्न

तंजनाइट रत्न अफ्रीका के तंजानिया में पाया गया था, इसीलिए इसका नाम तंजनाइट रखा गया है। यह नीले से बैंगनी रंग में पाया जाता है। हालांकि कहते ये भी हैं कि ये अपना रंग बदलता रहता है। जिस हिसाब की रोशनी में इस रत्न को आप देखोगे उसी के अनुरूप इसका रंग दिखाई देता है।

तंजनाइट रत्न के गुण

इस रत्न को लेकर कहा जाता है कि ये मानव शरीर के अधिकतम भागों को संचालित करता है। यह उपरत्न अनाहत चक्र से सहस्रार चक्र तक के भागों को संचालित करता है। उनमें ऊर्जा का संचार करता है और मस्तिष्क को दिल से जोड़ता है। यह व्यक्ति के सच बोलने की क्षमता का बहुमुखी विकास करता है। इस रत्न को धारण करने वाले व्यक्ति दया तथा करुणा की भावना से लबरेज होते हैं। इस रत्न को धारण करने से व्यक्ति का मस्तिष्क शांत रहता है और व्यक्ति के जीवन में प्रेम का विकास करता है। यह उपरत्न शारीरिक तथा मानसिक विकास में सहायक होता है। पांचों इन्द्रियों का विस्तार करता है। ये रत्न त्वचा संबंधित रोगों की रोकथाम करता है।

क्यों धारण करें तंजनाइट? 

वैसे इस रत्न की खासियत है कि इसे कोई भी धारण कर सकता है, लेकिन फिर भी इस रत्न को शनि के रत्न से भी जोड़ कर देखते हैं तो कुछ लोग इसे गुरु की राशि मीन या फिर मंगल की राशि मेष वालों के लिए इसे उत्तम मानते हैं। इसके अलावा नौकरी एवं करियर में बदलाव की इच्छा रखने वाले लोग भी इसे धारण कर सकते हैं। यह जातक के व्यक्तित्व को प्रभावशालि बनाता है और उसमें आकर्षण की शक्ति भी उत्पन्न करता है।

 

3. फिरोजा रत्न (Turquoise)

फिरोजा रत्न दिसंबर के जातकों का आखिरी रत्न होता है। ये गुरु ग्रह का उपरत्न होता है। यह नीले और हरे -नीले रंग का सेमीप्रीसियस स्‍टोन होता है लेकिन सबसे अच्छा रंग आसमानी नीला ही माना जाता है। ये 16वीं सदी में तुर्की में पाया गया था। इसके अलावा यह दक्षिण ऑस्ट्रेलिया, चीन, ब्राजील, मेक्सिको, संयुक्त राज्य अमरीका, इंग्लैंड, बेल्जियम और भी बहुत सारी जगह से भी मिल चुका है।

किसे पहनना चाहिए ये रत्न

एस्ट्रोलॉजी के अनुसार फिरोजा रत्न धनु और मीन राशि (चंद्र राशि) वालों को जरूर पहनना चाहिए। इसके अलावा वे लोग जिनकी कुंडली में बृहस्पति ग्रह कमजोर हो, उन्हें भी यह रत्न धारण करना चाहिए। यह बृहस्पति ग्रह को मजबूती प्रदान करता है।

इसे धारण करने के फायदे

इस रत्न का सबसे बड़ा फायदा ये बताया जाता है कि इसे धारण करने से प्रेम संबंधों में सुधार आता है। ये रत्न प्रेमी-प्रेमिका के बीच या फिर पति-पत्नि के बीच चल रही किसी भी तरह की परेशानियों को दूर करता है। इसे धारण करने से रिश्तों में सुधार आता है। इसके अलावा फिरोजा रत्न कई तरह की बीमारियों को दूर करने का भी काम करता है। खासकर दिल से जुड़ी बीमारियों का इलाज इस रत्न से होता है। आंखों की रोशनी के लिए भी इस रत्न का इस्तेमाल किया जाता है।

 

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