Skip Navigation Links
होली और रंग - जानें राशिनुसार किस रंग से खेलें होली


होली और रंग - जानें राशिनुसार किस रंग से खेलें होली

होली है भई होली है, मस्तानों की टोली है, कोई रंगों में सराबोर है, किसी की भीगी चोली है। अपनी खुशी, अपनी मस्ती और अपने उत्साह, उमंग को पिचकारी से छोड़ता हुआ सबको अपने रंग में रंगने को आतुर होली का त्यौहार सर पर आन खड़ा है। 2 मार्च 2018 को गली-महोल्लों से लेकर गांव-शहर तक विभिन्न चेहरे विभिन्न रंगों में एक दूसरे को रंग लताते, भीगते-भिगोते नजर आयेंगें। ऐसे में यदि इस त्यौहार को आप अपनी सूर्य राशि के अनुसार रंगों का प्रयोग करेंगें तो यकीन मानिये आपकी खुशियां और भी अधिक बढ जायेंगी। तो आइये जानते हैं किसी राशि पर कौनसा रंग चढ़ने से भविष्य होगा रंगीन।


आपकी राशि और रंग  

मेष:  इस राशि के जातक उत्साही होते हैं। इस बार होली के पर्व पर यदि आप लाल और गुलाबी रंग का इस्तेमाल करेंगें तो यह आपके लिये काफी भाग्यशाली रहेगा। क्योंकि ये रंग साहस, विश्वास और प्यार के रंग माने जाते हैं जो कि इस राशि के जातकों के विलक्षण भी हैं इसलिये इन रंगों से होली खेलना आपके लिये मंगलदायक रहेगा और आपमें निरंतर उत्साह और उर्जा का संचार रहेगा।

वृषभ: वृषभ जातकों के लिए यदि कोई रंग सबसे अधिक अनुकूल है तो वह है हल्का नीला और आसमानी रंग। यह रंग उनमे सहजता प्रदान करता है और उनके जीवन में स्थिरता और सौहार्द लेकर आता है।

मिथुन: मिथुन राशि के जातक इस होली पर हल्के हरे रंग से खेल सकते हैं। वैसे नारंगी व गुलाबी रंग भी इनके लिये सही रहेंगें। ये रंग इनमें रोमांच, उत्साह व उर्जा का संचार तो करेंगें ही साथ ही समृद्धि लाने वाले भी साबित होंगें। इस रंग के प्रभाव से आप अपने प्रियजनों और मित्रों के साथ सुखमय और उत्साहपूर्ण त्यौहार का आनंद लेंगे।

कर्क: कर्क राशि के जातक भावुक होते हैं इसलिये इन्हें हल्का नीला, चांदी और सफ़ेद रंग से होली का त्यौहार मनाना चाहिये। इससे इन्हें शांति और धीरज तो मिलेगा ही साथ ही इनके चंचल स्वभाव को सफेद रंग काबू में रख संयमी बनायेगा और आपका त्यौहार काफी अच्छे से मनेगा।

सिंह: सिंह जातक काफी उर्जावान होते हैं, इनकी प्रचडंता को काबू में रखने के लिये महरुम रंग कारगर होगा। इसके अलावा सुनहरा और तांबा रंग भी इस अग्नि राशि के लिए अनुकूल हैं। इन रंगों के प्रभाव से आपके जीवन में सुखसाधन और संपन्नता आयेगी। साथ ही आपके गतिशील व्यक्तित्व से भी इन रंगों की चमक दमक मेल खाती है।

कन्या: आपके लिये गहरा हरा रंग काफी शुभ रहेगा। इस रंग के प्रयोग से आप अपने अंदर एक नई स्फूर्ति एक नये जोश को महसूस करेंगें। यह रंग आपके स्वभाव को भी सौम्य बनायेगा जिससे आप इस जोशीले त्यौहार का खुशी के पूरे उन्माद से आनंद ले पायेंगें।

तुला: सफेद रंग के अलावा आप बैंगनी, भूरा और नीले रंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। अपने आपको धीर और संयमी बनाये रखने के लिये आप हल्के नीले रंग के वस्त्राभूषण धारण कर सकते हैं। इन रंगों के प्रभाव से आप अपने अंदर आश्चर्यजनक रुप से सुधार महसूस करेंगें।

वृश्चिक: गहरे लाल, मरून, और भूरे रंग से ही वृश्चिक रंग पर बेहतर प्रभाव रहेगा| उनमें से अधिक व्यक्तियों को गहरा लाल रंग चुनना चाहिए क्योंकि यह रंग उनके सशक्त व्यक्तित्व को उजागर करेगा| इस रंग को धारण कर होली पर्व पर कहीं भी जाएंगे तो बेहतर महसूस करेंगे|

धनु: पीला और संतरी रंग धनु राशि के जातकों के लिये बहुत अच्छा रहेगा इस होली पर क्योंकि इस राशि के जातक अति उत्साही होते हैं इसलिये यह रंग इनके लिये बहुत उपयोगी होंगें। इससे आपका स्वभाव खुशनुमा तो होगा ही साथ ही उसमें नम्रता का समावेश भी रहेगा।

मकर: इस राशि के जातक हल्के नीले व आसमानी रंगों का इस्तेमाल करें। इन रंगों के इस्तेमाल से आपमें सकारात्मक उर्जा का संचार होगा व व्यक्तित्व में स्थिरता भी आयेगी।

कुम्भ: इस राशि के जातक गहरे नीले रंग को काफी शुभ माना जाता है। कुम्भ जातक हमेशा कुछ न कुछ नया करने के प्रयास में रहते हैं। इसलिये यह इनमें उर्जा का संचार तो करेगा ही साथ ही व्यस्ता भरे जीवन में शांति व सुकून भी लेकर आयेगा। इस रंग में उपचारात्मक गुण भी मौजूद है जो कुम्भ जातकों के घर के वातावरण में सुधार लाता है|

मीन: मीन राशि के जातकों के व्यक्तित्व में अक्सर चटकते-भड़कते रंग भावनात्मक रुप से अच्छा प्रभाव डालने में सक्षम होते हैं। लेकिन पीले या हल्के पीले रंग के इस्तेमाल से इनमें अतिउत्साह व जोश का संचार होगा।


इन बातों का भी रखें ध्यान

सबसे पहले प्रात: उठकर भगवान विष्णु, भगवान श्री कृष्ण एवं अपने आराध्य देवों की लाल गुलाल और फूलों से पूजा करें।

आराध्य देवों की पूजा के बाद घर के बड़े-बुजूर्गों से आशीर्वाद लें।

पूजा अर्चना के बाद जरुरतमंदों को कुछ दान करें तो बहुत पुण्य मिलेगा।

सभी राशियों के जातक इस बात का विशेष ध्यान रखें कि होली प्राकृतिक रंगों से ही खेलें, प्रेमभाव से खेलें अन्यथा यह आपकी सेहत के लिये तो हानिकारक साबित होंगें ही साथ ही आपके संबंधों में भी सदियों के लिये खटास पैदा हो सकती है। और कहा भी जाता है कि प्यार के रंग से बढकर कोई रंग नहीं होता इसलिये प्रेम भाईचारे के रंग में रंगते हुए होली का यह पवित्र पर्व मनायें। आप सबको एस्ट्रोयोगी की और से होली के इस पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनायें।

रंगो के त्यौहार पर एस्ट्रोयोगी को बनाएं अपनी लाइफ का GPS और इंडिया के बेस्ट एस्ट्रोलॉजर्स की गाइडेंस से अपनी लाइफ में भरें खुशियों के रंग। अभी बात करने के लिये यहां क्लिक करें।


संबंधित लेख

होली 2018   |   ​होलिका दहन की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त   |  फाल्गुन मास के व्रत व त्यौहार   |   क्यों मनाते हैं होली पढ़ें पौराणिक कथाएं

क्या है होली और राधा-कृष्ण का संबंध   |   बाधाओं को दूर करने के लिये इस होली अपनाये ये उपाय   |   रंग पंचमी 2018




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

जगन्नाथ रथयात्रा 2018 - सौ यज्ञों के बराबर पुण्य देने वाली है पुरी रथयात्रा

जगन्नाथ रथयात्रा 2...

उड़िसा में स्थित भगवान जगन्नाथ का मंदिर हिन्दुओं के चार धामों में शामिल है। जगन्नाथ मंदिर, सनातन धर्म के पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है। हिन्दू धर्मग्रन्थ ब्रह्मपुर...

और पढ़ें...
जगन्नाथ पुरी मंदिर - जानें पुरी के जगन्नाथ मंदिर की कहानी

जगन्नाथ पुरी मंदिर...

सप्तपुरियों में पुरी हों या चार धामों में धामसर्वोपरी पुरी धाम में जगन्नाथ का नामजगन्नाथ की पुरी भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में प्रसिद्ध है। उड़िसा प्रांत के प...

और पढ़ें...
चंद्र ग्रहण 2018 - 2018 में कब है चंद्रग्रहण?

चंद्र ग्रहण 2018 -...

चंद्रग्रहण और सूर्य ग्रहण के बारे में प्राथमिक शिक्षा के दौरान ही विज्ञान की पुस्तकों में जानकारी दी जाती है कि ये एक प्रकार की खगोलीय स्थिति होती हैं। जिनमें चंद्रम...

और पढ़ें...
गुप्त नवरात्र 2018 – जानिये गुप्त नवरात्रि की पूजा विधि एवं कथा

गुप्त नवरात्र 2018...

देवी दुर्गा को शक्ति का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि वही इस चराचर जगत में शक्ति का संचार करती हैं। उनकी आराधना के लिये ही साल में दो बार बड़े स्तर पर लगातार नौ...

और पढ़ें...
तुला राशि में बृहस्पति की बदली चाल – जानिए किन राशियों के करियर में आयेगा उछाल

तुला राशि में बृहस...

ज्ञान के कारक और देवताओं के गुरु माने जाने वाले बृहस्पति की ज्योतिषशास्त्र के अनुसार बहुत अधिक मान्यता है। गुरु बिगड़ी को बनाने, बनते हुए को बिगाड़ने में समर्थ माने ...

और पढ़ें...