Skip Navigation Links
कुबेर के लिये जलायें 13 दीप होगा धन लाभ


कुबेर के लिये जलायें 13 दीप होगा धन लाभ

वैसे तो कुछ धर्मों में 13 की संख्या अशुभ की प्रतीक होती है। वास्तु के अनुसार भी इस संख्या को अशुभ बताया जाता है लेकिन एक दिन ऐसा होता है जो इस संख्या को बहुत शुभ बना देता है। यह दिन है कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी यानि तेरस का जिसे हम धनतेरस के नाम से जानते हैं। धन के देवता कुबेर हैं इसलिये तेरस के दिन तेरह दीपक धन देवता के नाम के जलाये जाते हैं। मान्यता है कि इससे धनादि देव कुबेर प्रसन्न होते हैं।

धन की चाह तो सभी को होती है। सभी चाहते हैं कि उनका घर धन-धान्य से परिपूर्ण रहे। धनतेरस के तो नाम में भी धन है इसलिये इस दिन कुछ विशेष प्रयास आपकी मनोकामना को पूर्ण कर सकते हैं। आपके धन भंडार को समृद्ध कर सकते हैं।


कैसे करें कुबेर पूजा


धनतेरस के देवता धन्वंतरी तो हैं ही उनकी पूजा के साथ-साथ ऐश्वर्य के देवता कुबेर की पूजा करना भी बहुत जरूरी होता है। कुबेर देवता की पूजा चंदन, धूप, दीप, नैवेद्य आदि से विधिपूर्वक करनी चाहिये और साथ ही कुबेर मंत्र का जाप करना चाहिये।


कुबेर मंत्र

यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन-धान्य अधिपतये 

धन-धान्य समृद्धि में देहि दापय स्वाहा।’ 

मंत्र का उच्चारण भी सही और विधिपूर्वक किया जाना चाहिये। अन्यथा अपेक्षाकृत परिणाम मिलने की संभावना कम हो जाती हैं। साथ ही जाने-अंजाने हुई भूल के लिये क्षमा याचना भी कुबेर देवता से करनी चाहिये।

धनतेरस पर कैसे मेहरबान होंगे भगवान कुबेर? एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्यों से जानें सरल ज्योतिषीय उपाय। अभी परामर्श करें।

संबंधित लेख

छठ पूजा - व्रत विधि और शुभ मुहूर्त   |   गोवर्धन पूजा - गोवर्धन पूजा कथा और शुभ मुहूर्त   |   भैया दूज - भाई बहन के प्यार का पर्व   |   

दीपावली – दिवाली पूजन विधि और शुभ मूहूर्त   ।   दीवाली 2017   |   दीवाली पूजा मंत्र   |   लक्ष्मी-गणेश मंत्र   |   लक्ष्मी मंत्र





एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

कुम्भ मेला 2019 - जानें कुम्भ की कहानी

कुम्भ मेला 2019 - ...

कुंभ मेला भारत में लगने वाला एक ऐसा मेला है जिसका आध्यात्मिक व ज्योतिषीय महत्व तो है ही इसके साथ-साथ यह सामाजिक-सांस्कृतिक और वर्तमान में आर्थिक-राजनैतिक रूप से भी म...

और पढ़ें...
कुम्भ मेले का ज्योतिषीय महत्व

कुम्भ मेले का ज्यो...

भारत में कुम्भ मेले का सामाजिक-सांस्कृतिक, पौराणिक व आध्यात्मिक महत्व तो है ही साथ ही ज्योतिष के नज़रिये से भी यह मेला बहुत अहमियत रखता है। दरअसल इस मेले का निर्धारण...

और पढ़ें...
मोक्षदा एकादशी 2018 – एकादशी व्रत कथा व महत्व

मोक्षदा एकादशी 201...

एकादशी उपवास का हिंदुओं में बहुत अधिक महत्व माना जाता है। सभी एकादशियां पुण्यदायी मानी जाती है। मनुष्य जन्म में जाने-अंजाने कुछ पापकर्म हो जाते हैं। यदि आप इन पापकर्...

और पढ़ें...
गीता जयंती 2018 - कब मनाई जाती है गीता जयंती?

गीता जयंती 2018 - ...

कर्मण्यवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन |मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोSस्त्वकर्मणि ||मनुष्य के हाथ में केवल कर्म करने का अधिकार है फल की चिंता करना व्यर्थ अर्थात निस्वार्...

और पढ़ें...
विवाह पंचमी 2018 – कैसे हुआ था प्रभु श्री राम व माता सीता का विवाह

विवाह पंचमी 2018 –...

देवी सीता और प्रभु श्री राम सिर्फ महर्षि वाल्मिकी द्वारा रचित रामायण की कहानी के नायक नायिका नहीं थे, बल्कि पौराणिक ग्रंथों के अनुसार वे इस समस्त चराचर जगत के कर्ता-...

और पढ़ें...