मार्च में जन्मे लोगों का भाग्य रत्न होता है एक्वामरीन

05 मार्च 2021

अपने वर्तमान की स्थिति सुधारने और भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए लोग अलग-अलग प्रयास करते हैं। बर्थस्टोन भी उन्हीं में से एक उपाय है, जिस पर बहुत लोग विश्वास करते हैं। दरअसल, लोगों की आस्था है कि बर्थस्टोन से जातक के भाग्य और भविष्य को प्रभावित करता है। बर्थस्टोन से आने वाले जीवन में होने वाली घटनाओं और संभवानाओं के बारे में पता लगाया जा सकता है। जातक अपने जन्म लेने वाले महीने के आधार पर बर्थस्टोन धारण करते हैं, जो उनकी मनोकामनाओं को पूरी करता है। हर महीने का एक शुभ रत्न होता है, जिसे उस महीने में पैदा हुए जातक विधिविधान से धारण करते हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि मार्च में जन्में लोगों का बर्थस्टोन और उसका उनके जीवन पर क्या प्रभाव होता है।

 

मार्च में जन्में लोगों का बर्थस्टोन

ज्योतिषी(Astrologer) के मुताबिक,  मार्च में जन्में लोगों का स्वभाव आकर्षक और मिलनसार होता है और कुछ ऐसा ही होता है इस महीने का बर्थस्टोन एक्वामरीन। इस राशि के लोगों की एक कमी होती है कि ये आसानी से अपनी बातें स्पष्ट नहीं कर पाते और दूसरों के मन की बात भी जल्दी से नहीं समझ पाते हैं। इस बर्थस्टोन को धारण करने के बाद जातक को कला में अपनी खुशी ढूंढने में मदद मिलती है। कविता, संगीत, चित्रकला जैसे माध्यमों से जातक अपनी भावनाओं को जाहिर कर पाता है। यही नहीं, एक्वामरीन बर्थस्टोन से मार्च में पैदा हुए लोगों के भाग्य को बल मिलता है। इससे उनके जिंदगी में आनेवाली कई कठिनाइयों से छुटकारा मिलता है और जीवन को सुखी और संतुलित बनाने में मदद मिलती है। 

 

कैसा दिखता है एक्वामरीन स्टोन 

एक्वामरीन स्टोन दिखने में हल्के नीले रंग का होता है। यह एक नरम रत्न है जिसका हिंदी नाम बैरूज है। एक्वामरीन स्टोन हल्के हरे रंग, पीले रंग में हरे तथा नीले रंग की रेंज तक उपलब्ध होते हैं। इसके उपयोग का प्रमाण प्रचीन समय में भी मिलता है। ऐसा कहा जाता है कि प्राचीनकाल में कई देशी-विदेशी राजा एक्वामरीन को अपने मुकुट, भुजबंध और तलवार की मूठ जैसी चीजों में इस्तेमाल करते थे। राजाओं का विश्वास था कि यह रत्न उन्हें युद्ध जीतने में सहयोग करता है। यही नहीं, समुद्री यात्राओं में भी अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राजाओं द्वारा एक्वामरीन रत्न धारण किया जाता था। एक्वामरीन में सौभाग्य लाने की अद्भुत क्षमता होती है।

 

एक्वामरीन धारण करने के फायदे

  • इस रत्न को धारण करने से रिश्तों में मधुरता आती है। इसके कारण प्यार, दोस्ती जैसे रिश्तों में विश्वास और आपसी तालमेल बढ़ता है। 
  • एक्वामरीन धारण करने वाले जातक का दिल और दिमाग दोनों शांत रहता है। इससे दिलो-दिमाग में कोई बेकार और फालतू ख्याला नहीं आते। यही नहीं, इसको धारण करनेवाले में एक अलग ही सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिलती है। 
  • एक्वामरीन पहनने से वैवाहिक जीवन में आ रही परेशानियों और कड़वाहट को दूर किया जा सकता है। इसके अलावा लव लाइफ को भी संवारने के लिए यह रत्न काफी मददगार है।
  • इस  शुभ रत्न   को धारण करने वाले आध्यात्म की ओर आकर्षित होते हैं।
  • एक्वामरीन को पहनने वाले का मन हमेशा प्रसन्न रहता है, जिससे वे अपने जीवन की हर चुनौती की छुट्टी कर देते हैं।
  • इसस रत्न को लंबी समुद्री यात्राओं से पहले शुभकामनाओं के लिए पहना जाता था।

 

एक्वामरीन धारण करने के चिकित्सीय फायदे

  • यह रत्न पेट, गले और लिवर से संबंधित रोगों को खत्म करने में लाभकारी होता है।
  • इसको धारण करनेवालों की नसें मजबूत रहती हैं, जिससे उन्हें नसों से संबंधित दर्द की शिकायत नहीं होती है।
  • एक्वामरीन पहनने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती।
  • इससे अंत:स्त्रावी ग्रंथियाँ, गले, गर्दन तथा जबडे़ से संबंधित विकारों और दाँतों के दर्द से निजात मिलती है।
  • यह रत्न मेडिटेशन में भी काफी कारगर होता है। अवसाद यानी डिप्रेशन भगाने में काफी मददगार होता है।
  • एक्वामरीन लीवर और किडनी को मजबूत बनाता है। इसके अलावा आँखों, कान और पेट से जुड़े रोगों से भी छुटकारा दिलाता है। 

 

कैसे धारण करें ये रत्न

एक्वामरीन रत्न को मार्च में पैदा हुए लोग सोना या चांदी की रिंग या पेंडेंट में पहन सकते हैं। इसके अलावा कलाई में ब्रेसलेट के रूप में भी इसे पहना जा सकता है।  

 

रत्न के प्रति सावधानी

  • हालांकि, अगर किसी और महीने में पैदा हुए लोग इस रत्न को धारण करना चाहते हैं, तो उन्हें खास सावधानी बरतनी चाहिए। दरअसल, मार्च बेबी के अलावा बाकी सभी सिर्फ चांदी में ही यह रत्न धारण कर सकते हैं, अन्यथा इसके विपरित परिणाम देखने को मिल सकते हैं। 
  • इसके अलावा यौन संबंध बनाते वक्त भी इस स्टोन को उतार देना चाहिए। इस दौरान एक्वामरीन रत्न शरीर से स्पर्श तक नहीं होना चाहिए।

 

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