बुध का तुला राशि में वक्री 2026: पुराने रिश्तों से पैसों तक, जानें अपनी राशि का हाल

Tue, Oct 13, 2026
टैरो मेहर
 टैरो मेहर के द्वारा
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Team Astroyogi
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बुध का तुला राशि में वक्री 2026: पुराने रिश्तों से पैसों तक, जानें अपनी राशि का हाल

साल 2026 का तीसरा और आखिरी बुध वक्री 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक रहेगा। इस दौरान बुध तुला राशि में वक्री होंगे। ज्योतिष के अनुसार, इसका असर रिश्तों, बातचीत, करियर से जुड़े फैसलों और रोजमर्रा के कामों पर पड़ सकता है। पुराने फैसलों पर दोबारा विचार करने और गलतफहमियां दूर करने का यह समय हो सकता है।

इस दौरान पुराने दोस्त, पूर्व साथी या अधूरे मामले फिर सामने आ सकते हैं। जल्दबाजी में कोई फैसला लेने के बजाय सोच-समझकर कदम उठाएं। यह समय पुराने रिश्तों को सुधारने, मन की उलझन दूर करने और बीती गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ने का मौका दे सकता है।

कब होगा बुध का तुला राशि में वक्री 2026?

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, बुध तुला राशि में वक्री होकर उल्टी चाल चलेंगे। इसके बाद बुध फिर से सीधी चाल चलने लगेंगे। बुध के उल्टी चाल चलने और सीधी चाल में लौटने की तारीख और समय नीचे दी गई तालिका में देखें।

बुध की स्थिति दिनांक और दिन समय
बुध का तुला राशि में वक्री होना शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 दोपहर 12:41 बजे
बुध का मार्गी होना शुक्रवार, 13 नवंबर 2026 रात 9:22 बजे

नोट: तारीखों और समय में अंतर समय क्षेत्र तथा ज्योतिषीय गणना के स्रोत के आधार पर हो सकता है।

बुध के तुला राशि में वक्री करने का सभी 12 राशियों पर प्रभाव

आइए जानते हैं कि बुध की वक्री चाल का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ सकता है और इस दौरान किन आसान उपायों को अपनाकर आप परिस्थितियों को बेहतर ढंग से संभाल सकते हैं। यहां दी गई भविष्यवाणियां सूर्य राशि पर आधारित हैं और टैरो विशेषज्ञ मैहर द्वारा बताई गई हैं।

मेष राशि

21 मार्च से 19 अप्रैल के बीच जन्म लेने वाले लोगों की राशि मेष होती है और इस राशि के स्वामी मंगल ग्रह हैं। बुध के वक्री होने का सीधा असर आपके रिश्तों पर पड़ सकता है। इस दौरान करीबी लोगों के साथ गलतफहमियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में रिश्तों को संभालने के लिए धैर्य रखना और समझदारी से काम लेना जरूरी होगा।

किसी बात पर तुरंत जवाब देने के बजाय पहले सामने वाले की बात ध्यान से सुनें। पूरी बात समझे बिना कोई राय न बनाएं। इस दौरान कोई पुराना दोस्त या पूर्व साथी दोबारा संपर्क कर सकता है। हालांकि, भावनाओं में बहकर रिश्तों से जुड़े बड़े फैसले लेने से बचें। कोई नया समझौता करने या नए काम से जुड़ा जरूरी अनुबंध करने में भी जल्दबाजी न करें। बेहतर होगा कि ऐसे बड़े फैसलों को नवंबर के मध्य तक टाल दें।

उपाय: रोजाना 108 बार बुध बीज मंत्र “ॐ बुं बुधाय नमः” का जाप करें।

वृषभ राशि

20 अप्रैल से 20 मई के बीच जन्म लेने वाले लोगों की राशि वृषभ होती है और इस राशि के स्वामी शुक्र ग्रह हैं। बुध के वक्री होने से आपकी रोजमर्रा की दिनचर्या और काम करने के तरीके पर असर पड़ सकता है। इस दौरान काम की गति थोड़ी धीमी रह सकती है। छोटी-छोटी परेशानियों के कारण आपकी दिनचर्या बिगड़ सकती है। काम के समय में बदलाव या किसी काम को लेकर उलझन भी हो सकती है।

यह समय अपनी सेहत पर ध्यान देने के लिए अच्छा है, लेकिन अचानक बहुत सख्त खानपान अपनाने या लंबे समय तक व्यायाम करने की शुरुआत न करें। इस दौरान कोई नया और कठिन व्यायाम शुरू करने के बजाय अपनी मौजूदा दिनचर्या को संतुलित और नियमित बनाए रखने पर ध्यान दें।

उपाय: बुधवार के दिन गाय को हरी घास खिलाएं।

मिथुन राशि

21 मई से 20 जून के बीच जन्म लेने वाले लोगों की राशि मिथुन होती है और इस राशि के स्वामी बुध ग्रह हैं। बुध आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए इसके वक्री होने का असर आप पर थोड़ा ज्यादा महसूस हो सकता है। इस दौरान कोई पुराना पसंदीदा व्यक्ति या पूर्व साथी दोबारा संपर्क कर सकता है। पुराने रिश्ते फिर से चर्चा में आ सकते हैं या पहले अधूरी रह गई बातचीत दोबारा शुरू हो सकती है।

इस समय अपनी भावनाओं और ऊर्जा को संतुलित रखने की कोशिश करें। इसके साथ ही, आपको किसी ऐसे काम या परियोजना से जुड़ने का मौका मिल सकता है, जिसका आप लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। हालांकि, कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले उससे जुड़ी सभी जरूरी जानकारियों को अच्छी तरह जांच लें। इससे जल्दबाजी में कोई गलत कदम उठाने से बच सकते हैं।

उपाय: बुधवार के दिन जरूरतमंद बच्चों को खिलौने या खाने की चीजें दान करें।

कर्क राशि

21 जून से 22 जुलाई के बीच जन्म लेने वाले लोगों की राशि कर्क होती है और इस राशि के स्वामी चंद्रमा हैं। तुला राशि में बुध के वक्री होने से यह समय आपके लिए भावनात्मक रूप से थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इस दौरान परिवार के सदस्यों, करीबी लोगों या साथ रहने वाले लोगों के साथ छोटी-छोटी बातों पर गलतफहमियां हो सकती हैं। इसलिए बातचीत करते समय धैर्य रखें और हर बात को तुरंत दिल पर न लें।

इस समय नई संपत्ति खरीदने या जमीन-मकान में निवेश करने से बचना बेहतर रहेगा। इसके बजाय खुद पर ध्यान दें, पुरानी भावनात्मक परेशानियों से बाहर निकलने की कोशिश करें और अपने नए लक्ष्यों को पूरा करने पर ध्यान लगाएं। घर में बेकार पड़ी चीजों को व्यवस्थित करें और आसपास की जगह को साफ-सुथरा रखें। इससे आपको बेहतर महसूस करने में मदद मिल सकती है।

उपाय: घर में कपूर जलाएं।

सिंह राशि

23 जुलाई से 22 अगस्त के बीच जन्म लेने वाले लोगों की राशि सिंह होती है और इस राशि के स्वामी सूर्य हैं। बुध के वक्री होने से आपके बातचीत करने और अपनी बात दूसरों तक पहुंचाने के तरीके पर असर पड़ सकता है। इसलिए इस दौरान कुछ भी बोलने से पहले अच्छी तरह सोच लें। गलत संदेश भेजने, वाहन से जुड़ी परेशानी होने या फोन में तकनीकी खराबी आने से आपकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

किसी जरूरी काम या मुलाकात के लिए घर से थोड़ा पहले निकलें, ताकि रास्ते में देरी होने पर भी आप समय पर पहुंच सकें। सोशल मीडिया पर कुछ भी लिखने या पोस्ट करने से पहले अच्छी तरह सोच लें, खासकर तब जब आप भावनाओं में हों। तुरंत जवाब देने के बजाय कुछ देर शांत रहें और फिर सोच-समझकर अपनी बात कहें। इससे बेवजह की परेशानियों से बचने में मदद मिलेगी।

उपाय: बुधवार के दिन किसी को पैसे उधार देने या किसी से पैसे उधार लेने से बचें।

कन्या राशि

23 अगस्त से 22 सितंबर के बीच जन्म लेने वाले लोगों की राशि कन्या होती है और इस राशि के स्वामी बुध ग्रह हैं। चूंकि बुध आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए इस ग्रह के वक्री होने का समय आपके लिए खास महत्व रख सकता है। इस दौरान आपको अपने पैसों से जुड़े मामलों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होगी। अपने खर्चों पर नजर रखें और बिना जरूरत कोई भुगतान करने से बचें।

अगले तीन हफ्तों में अपने बजट को ठीक से व्यवस्थित करें और पैसों से जुड़े पुराने मामलों की दोबारा जांच करें। इससे आपको अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी। किसी बड़े आर्थिक फैसले या गैर-जरूरी खरीदारी को कुछ समय के लिए टालना समझदारी होगी। कोई भी फैसला लेने से पहले अपनी जरूरतों और उपलब्ध पैसों का हिसाब जरूर लगा लें।

उपाय: बुधवार के दिन भगवान गणेश को दूर्वा घास चढ़ाएं।

तुला राशि

23 सितंबर से 22 अक्टूबर के बीच जन्म लेने वाले लोगों की राशि तुला होती है और इस राशि के स्वामी शुक्र ग्रह हैं। इस बार बुध आपकी ही राशि में वक्री हो रहे हैं, इसलिए इसका असर आपकी सोच, व्यक्तित्व और खुद को समझने के तरीके पर गहराई से पड़ सकता है। इस दौरान आप अपनी भावनाओं और निजी सीमाओं को लेकर अधिक सतर्क हो सकते हैं। आप दूसरों से खुद को बचाने या अपनी भावनाओं को छिपाने की कोशिश भी कर सकते हैं।

ऐसे समय में सबसे जरूरी है कि आप खुद पर ध्यान दें। हर किसी को खुश करने या हर स्थिति को अपनी इच्छा के अनुसार बदलने की कोशिश न करें। इसके बजाय अपनी जरूरतों और प्राथमिकताओं को समझें। खुद के लिए समय निकालें और हर चीज को तुरंत ठीक करने का दबाव न लें। कुछ बातों को समय दें और उन्हें धीरे-धीरे अपने तरीके से व्यवस्थित होने दें।

उपाय: बुधवार के दिन हरे रंग के कपड़े पहनें। रोज सुबह कम से कम पांच मिनट शांत बैठकर ध्यान करें।

वृश्चिक राशि

23 अक्टूबर से 21 नवंबर के बीच जन्म लेने वाले लोगों की राशि वृश्चिक होती है और इस राशि के स्वामी मंगल ग्रह हैं। बुध के वक्री होने से आपको अपने मन और भावनाओं को गहराई से समझने का मौका मिल सकता है। इस दौरान सपने ज्यादा साफ और असरदार हो सकते हैं। साथ ही, पुरानी भावनाएं या बीते समय की कुछ बातें एक बार फिर याद आ सकती हैं।

अगर इस दौरान आपका मन लोगों से कम मिलने और कुछ समय अकेले रहने का करे, तो खुद को थोड़ा समय दें। अपनी भावनाओं को समझने और मन का बोझ कम करने के लिए डायरी लिखना अच्छा तरीका हो सकता है। जो बातें लंबे समय से आपके मन में हैं, उन्हें स्वीकार करने की कोशिश करें। इससे भावनात्मक रूप से हल्का महसूस करने में मदद मिल सकती है।

उपाय: बिना किसी प्रशंसा या बदले की उम्मीद किए किसी की मदद करें। हर रात सोने से पहले दस मिनट शांति से बैठें।

धनु राशि

22 नवंबर से 21 दिसंबर के बीच जन्म लेने वाले लोगों की राशि धनु होती है और इस राशि के स्वामी बृहस्पति ग्रह हैं। बृहस्पति को तरक्की और विकास से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन बुध के वक्री होने से आपके सामाजिक जीवन और दोस्तों के साथ रिश्तों में छोटी-मोटी परेशानियां आ सकती हैं। इस दौरान दोस्तों या करीबी लोगों के साथ गलतफहमियां होने की संभावना रहेगी।

इसलिए किसी की बात को तुरंत गलत समझने या बिना सोचे जवाब देने से बचें। पहले सामने वाले की बात को अच्छी तरह समझने की कोशिश करें। धैर्य रखने और अपनी बात साफ तरीके से कहने से रिश्तों में आई दूरी को कम करने में मदद मिल सकती है। बातचीत के दौरान अपनी बात रखने के साथ-साथ दूसरों की बात सुनना भी जरूरी होगा।

उपाय: बुधवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा करें या उनसे प्रार्थना करें।

मकर राशि

22 दिसंबर से 19 जनवरी के बीच जन्म लेने वाले लोगों की राशि मकर होती है और इस राशि के स्वामी शनि ग्रह हैं। बुध के वक्री होने से आपके कामकाज और पेशेवर जीवन पर असर पड़ सकता है। इस दौरान काम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। जरूरी कामों में देरी हो सकती है, कोई जरूरी ईमेल छूट सकता है या प्रबंधन की ओर से सही जानकारी नहीं मिलने के कारण परेशानी हो सकती है।

इस समय पदोन्नति की उम्मीद करने के बजाय अपने काम और कौशल को बेहतर बनाने पर ध्यान दें। जो काम और जिम्मेदारियां आपके पास हैं, उन्हें सावधानी से पूरा करें। कार्यस्थल पर किसी भी तरह की गलतफहमी से बचने के लिए अपनी बात साफ और सीधे तरीके से रखें। इससे कामकाज को बेहतर ढंग से संभालने में मदद मिल सकती है।

उपाय: अपनी बालकनी में तुलसी का पौधा रखें और रोजाना उसमें पानी डालें। हालांकि, एकादशी के दिन तुलसी में पानी न चढ़ाएं।

कुंभ राशि

20 जनवरी से 18 फरवरी के बीच जन्म लेने वाले लोगों की राशि कुंभ होती है और इस राशि के स्वामी शनि ग्रह हैं। बुध के वक्री होने से आपकी यात्रा, उच्च शिक्षा और सोचने के तरीके पर असर पड़ सकता है। इस दौरान बेवजह यात्रा करने से बचना बेहतर रहेगा, क्योंकि यात्रा में देरी हो सकती है या अचानक आपकी योजनाओं में बदलाव करना पड़ सकता है।

अगर यात्रा में देरी हो जाए या किसी वजह से आपकी योजना बिगड़ जाए, तो परेशान होने के बजाय धैर्य रखें। इस समय का इस्तेमाल खुद के साथ समय बिताने और अपनी सोच को समझने के लिए करें। यह अवधि आपको अपने विचारों और मान्यताओं पर दोबारा विचार करने का मौका भी दे सकती है। इससे आपको अपनी प्राथमिकताओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिल सकती है।

उपाय: बुधवार के दिन जरूरतमंद विद्यार्थियों को किताबें या पढ़ाई से जुड़ी दूसरी चीजें दान करें। बुधवार और शनिवार को जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं।

मीन राशि

19 फरवरी से 20 मार्च के बीच जन्म लेने वाले लोगों की राशि मीन होती है और इस राशि के स्वामी बृहस्पति ग्रह हैं। बुध का वक्री होना आपके रिश्तों और साझेदारी से जुड़े मामलों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। इस दौरान आपको किसी अच्छे साथी का साथ मिल सकता है। वहीं, अपने मौजूदा रिश्ते को और गहरा तथा मजबूत बनाने का मौका भी मिल सकता है।

हालांकि, कागजी कामकाज में देरी हो सकती है और कर्ज, कर या पैसों से जुड़े मामलों में छोटी-मोटी परेशानियां सामने आ सकती हैं। इसलिए इस दौरान नया कर्ज लेने या पैसों से जुड़ी कोई नई जिम्मेदारी उठाने से बचना बेहतर रहेगा। अपने साथी के साथ रिश्ते में भरोसा, आपसी समझ और स्थिरता बनाए रखने की कोशिश करें। आर्थिक मामलों में कोई भी फैसला लेने से पहले सभी जरूरी जानकारियों को अच्छी तरह जांच लें।

उपाय: किसी साझा समझौते पर हस्ताक्षर करने या बड़ी आर्थिक जिम्मेदारी लेने में जल्दबाजी न करें। गुरुवार के दिन केले के पेड़ की जड़ में जल चढ़ाएं।

बुध वक्री के दौरान आप अपने रिश्तों पर दोबारा विचार कर सकते हैं। पुराने रिश्ते या संपर्क फिर से सामने आ सकते हैं। ऐसे में आपको यह तय करने का मौका मिल सकता है कि किन रिश्तों को एक और मौका देना है और किन बातों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ना है। इसके साथ ही, आपकी रचनात्मक सोच बढ़ सकती है और अपनी भावनाओं तथा विचारों को व्यक्त करने के नए तरीके भी मिल सकते हैं।

बुध वक्री से डरने के बजाय इस समय को खुद को समझने, गलतियों में सुधार करने और नई शुरुआत की तैयारी करने के अवसर के रूप में देखें। अधिक जानकारी और व्यक्तिगत परामर्श के लिए एस्ट्रोयोगी ज्योतिषियों से संपर्क करें।

 

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