February Birthstone - फरवरी में जन्मे लोगों का भाग्य रत्न होता है अमेथिस्ट

03 फरवरी 2021

फरवरी महीने में जन्मे लोग स्वभाव से थोड़े आध्यात्मिक और थोड़े भावुक टाइप के होते हैं। अगर इनके व्यक्तित्व की बात की जाए तो ये लोग अपनी ही धुन में मस्त रहते हैं। फरवरी माह के जातक किसी भी रिश्ते में बंधने को बहुत ज्यादा अहमियत नहीं देते हैं। वे शांति पसंद होते हैं और उन्हें सपने देखने वाले भी कहा जाता है । फरवरी माह में जन्मे लोगों की राशि मकर और कुंभ होती है। इसके अलावा बात करें फरवरी महीने में जन्मे लोगों के बर्थस्टोन की तो इनका बर्थस्टोन अमेथिस्ट होता है। 

 

कैसा होता है अमेथिस्ट?

ज्योतिषी(Astrologer) के मुताबिक, फरवरी महीने में जन्मे लोगों का बर्थस्टोन अमेथिस्ट जामुनी तथा बैंगनी रंग का होता है। इसे अंग्रेजी में एमेथिस्ट भी कहते हैं। इसे जामुनिया या कठेला के नाम से भी जाना जाता है। यह बैंगनी रंग का पत्थर है, जोकि सेमीप्रीसियस स्टोन्स की कैटेगरी में आता है। 

 

अमेथिस्ट को धारण करने के लाभ

  • वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जामुनिया नीलम रत्न का ही उपरत्न है। अर्थात इसे धारण करने से शनि के दोषों से छुटकारा पाया जा सकता है। 
  • इसके अलावा सही प्रक्रिया से इस   शुभ रत्न  को धारण करने से भाग्य बदल सकता है और व्यक्ति को सफलता ही प्राप्त होती है।
  • मंजिल पर पहुंचने से पहले ही हार मान चुके लोग इस रत्न को जरूर धारण करें। यह रत्न जातक को काम के प्रति मेहनती बनाता है और  जातक अपनी नैतिक जिम्मेदारी को समझता है।
  • जो लोग शनि की साढ़ेसाती से गुजर रहे है या शनि की ढइया या शनि की महादशा, अन्तर्दशा से गुजर रहे है उनके लिए यह रत्न धारण करना बहुत ही जरुरी है इसे धारण करने से शनि के दोषों से मुक्ति मिलती है।
  • प्राचीन समय में एक मान्यता के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को नशे की अत्यधिक लत है तो उसे इस रत्न से बने कप में शराब पिलानी चाहिए। ऐसा करने से उस व्यक्ति की शराब की लत छूट जाती है।
  • इसके अलावा अमेथिस्ट को धारण करने से लड़ाई के मैदान में सैनिकों का हौसला बढा़ता है और उनकी रक्षा करता है। कुछ अन्य मान्यताओं के अनुसार यह उपरत्न बुरे विचारों से व्यक्ति को दूर रखता है। व्यापार करने वाले व्यक्तियों को इस उपरत्न को धारण करने से व्यापार को चलाने की चतुरता आती है।
  • इस रत्न को धारण करने वाला व्यक्ति सोसाइटी में हमेशा इज़्ज़त का हक़दार रहता है। उसकी मान-प्रतिष्ठा में किसी प्रकार की कमी नहीं आती। पाप तथा घृणा से धारणकर्त्ता का बचाव होता है।
  • पाश्चात्य देशों में अमेथिस्ट की मांग काफी ज्यादा है, क्योंकि वहां की महिलाओं का ऐसा मानना है कि इसे धारण करने से उनका पति उन्हें हमेशा प्यार करता रहेगा।

 

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अमेथिस्ट के अलौकिक गुण

फरवरी बर्थस्टोन अमेथिस्ट को लेकर मान्यता है कि ये हर क्षेत्र में जातक की मदद करता है। इस रत्न को गले में धारण करने से साँपों के काटने का भय दूर हो जाता है। साथ ही जातक के नशे की आदत भी छूट जाती है। पेट मे अत्यधिक मात्रा में बनने वाले एसिड को भी यह उपरत्न कंट्रोल कर लेता है। इसके अलावा धारणकर्त्ता की मानसिक क्षमताओं और दाएं मस्तिष्क की गतिविधियों में वृद्धि करता है। शरीर के इम्यूनिटी सिस्टम को ये काफी मजबूत करता है। साथ ही खून को साफ करने में भी ये रत्न काफी फ़ायदेमंद है और इसे धारण करने से सिरदर्द में भी आराम मिलता है। रक्त में मधुमेह की मात्रा को नियंत्रित करता है। जिन व्यक्तियों को अनिद्रा की समस्या है उन्हें इस उपरत्न को सोने से पहले अपने तकिए के नीचे रखना चाहिए। इस उपरत्न से धारणकर्ता को चोर-लुटेरो से भी मुक्ति मिल जाती है और व्यक्ति चैन की नींद सोता है।

 

कौन-कौन धारण कर सकता है अमेथिस्ट को?

वैसे तो ये फरवरी महीने का बर्थस्टोन है तो मकर और कुंभ राशि के जातक तो इसे जरूर धारण करें। इनके लिए ये बहुत लाभकारी होता है। इसके अलावा मेष, कर्क, सिंह वृश्चिक राशि के लोग भी इस रत्न को धारण कर सकते है। अमेथिस्ट को पुखराज, माणिक्य, मोती, मूँगा रत्नों तथा इनके उपरत्नों के साथ धारण नहीं करना चाहिए।

 

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