Skip Navigation Links
हस्तरेखा और विवाह - हाथ की रेखाएं खोलती हैं आपके विवाह के राज


हस्तरेखा और विवाह - हाथ की रेखाएं खोलती हैं आपके विवाह के राज

परिवार किसी भी व्यक्ति के जीवन में बहुत ही अहम भूमिका निभाता है और बिना विवाह के परिवार का बनना संभव नहीं है। वैसे भी एक उम्र के बाद हर व्यक्ति चाहे पुरुष हो अथवा महिला की इच्छा होती है कि उसका विवाह हो। व्यक्ति को स्वयं इसकी परवाह न भी हो तो माता-पिता अपने बालिग बच्चे के विवाह को लेकर चिंतित होने लगते हैं। ऐसे में यह सवाल उभर कर सामने आता है कि अमूक जातक का विवाह होगा या नहीं, विवाह होगा तो उसका वैवाहिक जीवन सफल रहेगा या नहीं। हालांकि ज्योतिष शास्त्र की विभिन्न शाखाओं के जरिये यह पूर्वानुमान लगाया जा सकता है कि जातक के भाग्य में विवाह के योग कब बनेंगें। ज्योतिष की इन्हीं विधाओं में हस्तरेखा शास्त्र भी बहुत कुछ बयां करता है। आपके हाथ की रेखाओं में आपके विवाह का राज भी छुपा होता है। तो आइये जानते हैं आपकी हथेली की कौनसी रेखाएं खोलती हैं आपके विवाह के राज।

हथेली पर कहां होती है विवाह की रेखा

सबसे छोटी अंगुली जिसे कनिष्ठिका कहा जाता है, उसके नीचे का हिस्सा सामुद्रिक शास्त्र की भाषा में बुध पर्वत कहलाता है। इसी हिस्से में एक लंबी रेखा दिखाई देती है जो हथेली पर से होते हुए जाती है इसे हृद्य रेखा कहा जाता है। हृद्य रेखा व कनिष्ठिका के बीच में दिखाई देने वाली आड़ी रेखाओं को आप विवाह रेखा कह सकते हैं क्योंकि इनके द्वारा ही हस्तरेखा विज्ञान में आपके विवाह का आकलन किया जाता है।

यदि किसी जातक के हाथ में इस प्रकार की रेखाएं एक से अधिक हों तो कुछ विद्वान बहु विवाह यानि एक से अधिक विवाह का अनुमान लगाते हैं लेकिन ऐसे में अधिकतर विशेषज्ञों का मानना है कि इन कई रेखाओं में जो सबसे लंबी हो वही विवाह की रेखा होती है अन्य रेखाएं जातक के प्रेम-प्रसंगों की ओर इशारा करती हैं। इनमें से भी यदि बड़ी रेखा लंबी होने के आगे जाकर पतली हो जाती है तो उस जातक के जीवन साथी का स्वास्थ्य गड़बड़ाये रहने के आसार होते हैं।

इन रेखाओं की संख्या व उनकी बनावट के आधार पर ही यह अनुमान लगाया जा सकता है कि आपका साथी रूप-रंग, कद-काठी के लिहाज से कैसा होगा, यह भी कि किस उम्र में जाकर आपका विवाह होगा, यहां तक आपका एक ही विवाह होगा या एक से अधिक विवाह होंगे।

जिस प्रकार हथेली में बुध पर्वत है उसी प्रकार बृहस्पति, शुक्र, मंगल, शनि आदि के स्थान भी हैं। यदि आप प्रेम विवाह को लेकर चिंतित हैं तो बुध पर्वत पर दिखाई देने वाली रेखाओं से इसकी भी जानकारी मिलती है कि आपका प्रेम विवाह होगा या नहीं, उसमें बाधाएं आती हैं तो बृहस्पति व शुक्र पर्वत से अपने साथी का स्वभाव जानकर इसका कुछ समाधान किया जा सकता है। इतना ही नहीं अंतर्जातीय विवाह को भी विवाह की रेखा दर्शाती है यदि यह सामान्य से बड़ी अथवा छोटी हो तो ऐसे विवाह की संभावना प्रबल होती है। हालांकि इसे अमीर-गरीब परिवार में विवाह होने से भी जोड़ा जाता है।

विवाह में देरी

आम तौर पर 20-22 साल के बाद ही विवाह करने की योजनाएं परिवारों में बनने लगती हैं लेकिन बेहतर भविष्य के लिये 25 से 28 साल तक भी सही समय ही माना जाता है लेकिन इसके बाद तो फिर देर ही देर मानी जाती है। आपके हाथ की रेखा में यदि बृहस्पति पर्वत का झुकाव शनि की तरफ रहता है तो माना जाता है कि विवाह में देर होगी व 30 की उम्र के बाद ही कोई योग बनेगा। इसके अलावा यदि हथेली में विवाह की रेखा है ही नहीं तो यह नहीं समझना चाहिये कि आपका विवाह बिल्कुल नहीं होगा हां इसमें देरी जरूर हो सकती है और संभवत किसी विशेषज्ञ आचार्य से आपको इसके उपाय जरूर जानने चाहिये।

क्या वैवाहिक संबंधों में आयेगी दरार

यदि विवाह रेखा मध्य में पंहुचकर छिन्न-भिन्न होने लगती है तो यह मात्र रेखा का टूटना नहीं है बल्कि आपके संबंधों में दरार आने की ओर भी ईशारा है। हालांकि यह संबंध बने रहें इसके लिये अन्य रेखाओं का अध्ययन भी किसी जानकार से करवा लेना चाहिये। साथ ही विवाह की रेखा में कोई दूसरी रेखा आकर मिलती हो तो भी यह आपके वैवाहिक जीवन के कष्टदायक रहने की ओर संकेत करती है। कई बार ऐसी अवस्था में जातक को पत्नी सुख से वंचित भी रहना पड़ता है।

इसके अलावा भी आपके हाथ की रेखाएं आपके वैवाहिक जीवन से लेकर समस्त जीवन के अनेक पहलुओं को खोलती हैं लेकिन हमारी राय है कि आपको हस्तरेखा के साथ साथ विवाह सहित अन्य महत्वपूर्ण मामलों में किसी विद्वान ज्योतिषाचार्य से अपनी कुंडली दिखाकर परामर्श लेना चाहिये। देशभर के जाने माने ज्योतिषाचार्यों से आप एस्ट्रोयोगी के जरिये जुड़ सकते हैं। अभी परामर्श करने के लिये यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें

मनचाहा जीवनसाथी पाने का फेंगशुई फंडा   |   आपके माथे पर लिखा है आपका भाग्य, बताती हैं रेखाएं   |   यदि चाहते हैं घर में सुख शांति तो अपनायें ये उपाय   |   

यदि आपमें दिखाई देते हैं ये लक्षण तो सपने होंगे सच   |   इन राशियों के प्यार में लिखी है तकरार   |   क्यों मिलता है प्रेम में बार बार धोखा   

प्यार की पींघें बढानी हैं तो याद रखें फेंग शुई के ये लव टिप्स   |   जानिये, दाम्पत्य जीवन में कलह और मधुरता के योग   |   प्रेमियों के लिये कैसा रहेगा 2017   |   

कुंडली में प्रेम   |   कुंडली में विवाह योग   |   कुंडली में संतान योग   |   पढ़ें अपनी प्रेम प्रोफाइल   |   पढ़ें साल की लव रिपोर्ट   |   दैनिक लव राशिफल   |




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

सीता नवमी 2018 – जानें जानकी नवमी की व्रत कथा व पूजा विधि

सीता नवमी 2018 – ज...

चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को भगवान राम का प्राकट्य हुआ तो माता सीता वैशाख शुक्ल नवमी को प्रकट हुई थी। यही कारण है कि हिंदू धर्मानुयायी विशेषकर वैष्णव संप्रदाय ...

और पढ़ें...
मोहिनी एकादशी 2018 – जानें मोहिनी एकादशी की व्रत कथा व पूजा विधि

मोहिनी एकादशी 2018...

वैशाख मास को भी पुराणों में कार्तिक माह की तरह ही पावन बताया जाता है इसी कारण इस माह में पड़ने वाली एकादशी भी बहुत ही पुण्य फलदायी मानी जाती है। वैशाख शुक्ल एकादशी क...

और पढ़ें...
शनि वक्री 2018 - शनि की वक्री चाल क्या होगा हाल? जानें राशिफल

शनि वक्री 2018 - श...

शनि वक्री 2018 - 18 अप्रैल 2018 को जैसे ही शनि की चाल बदलेगी उसके साथ हमें भी अपने आस-पास बहुत कुछ बदलता हुआ दिखाई देगा। यह चेंज हमें अपनी पर्सनल, प्रोफेशनल से लेकर ...

और पढ़ें...
शुक्र का वृषभ राशि में गोचर – क्या होगा असर आपकी राशि पर !

शुक्र का वृषभ राशि...

20 अप्रैल को शुक्र मेष राशि को छोड़कर स्वराशि वृषभ में प्रवेश कर रहे हैं। शुक्र को मीन राशि में उच्च तो कन्या में नीच का माना जाता है। उच्च राशि व स्वराशि के होने पर...

और पढ़ें...
जपमाला - जप माला में 108 दाने क्यों होते हैं? जानें रहस्य।

जपमाला - जप माला म...

हिन्दू धर्म में हम मंत्र जप के लिए जिस माला का उपयोग करते है, उस माला में दानों की संख्या 108 होती है। शास्त्रों में इस संख्या 108 का अत्यधिक महत्व होता है । माला मे...

और पढ़ें...