Skip Navigation Links
शनिदेव की बदली चाल, वक्री से हुए मार्गी, क्या बदलेगी आपकी किस्मत?


शनिदेव की बदली चाल, वक्री से हुए मार्गी, क्या बदलेगी आपकी किस्मत?

2 अगस्त 2015 को, 11:42 मिनट दिन रविवार को शनि ग्रह वक्री से मार्गी हो चुके हैं । वक्री अवस्था में शनि सभी राशिओं पर अपना दुष्प्रभाव डाल रहे थे। इस प्रभाव के कारण, कामों में अडचनें और बाधायें बराबर इनकी तरफ से प्राप्त हो रही थी। लेकिन अब 2 अगस्त 2015 को शनिदेव वृश्चिक राशि में ही वक्री से मार्गी हो रहे हैं। इस परिवर्तन का असर कुछ एक-दो राशियों को छोड़कर सभी राशियों पर शुभ रहेगा।


आइये देखते हैं सभी राशियों का इस परिवर्तन का असर- 


मेष- मेष राशी वालों के लिए यह बदलाव शुभ रहेगा। अभी तक जो काम नहीं बन पा रहे थे वह काम बनेंगे। प्रेम सम्बन्ध में आ रही मुश्किलें खत्म होने का भी समय आ चूका है। यह परिवर्तन घर में चल रहे सभी तरह के कलेष से मुक्ति दिलाने वाला साबित हो सकता है। बस ध्यान दें कि स्वास्थ्य संबंधी कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

उपाय- सिद्ध हनुमान मंगल यन्त्र को घर में स्थापित करने से लाभ प्राप्त होता है। हर मंगलवार को हनुमान जी का पूजन करें, साथ ही साथ ॐ हनुमंते नमः मंत्र का जप निरंतर करें या 11 मुखी रूद्राक्ष सिद्ध किया हुआ  गले में धारण करें|


वृष- वृष राशि वालों के लिए शनि योग कारक कहे जाते हैं इसलिए इस राशी वालों के लिए भी यह अच्छी शौगात देने वाले सिद्ध होते हैं। इस परिवर्तन का शुभ असर निजी ज़िन्दगी पर पड़ेगा और प्रेम प्यार में बाधा ख़त्म होगीं। पैसों के क्षेत्र में चली आ रही बाधायें खत्म हो सकती हैं। शत्रुओं से जो हानि अब तक हो रही थीं उसमें कमी आएगी।

उपाय- शुक्रवार को सफ़ेद चीजों का दान करें और सिद्ध शुक्र यन्त्र को घर में स्थापित करने से लाभ प्राप्त होगा। 13 मुखी सिद्ध रूद्राक्ष गले में धारण करने से पीड़ा कम होंगी।


मिथुन- मिथुन राशि वालों के लिए यह बदलाव बहुत अच्छा रहेगा। यह योग व्यवसाय के लिए शुभ है और आय वृद्धि होगी। प्रॉपर्टी फाइनेंस में अब तक तो दिक्कतें आ रहीं थीं अब वह खत्म हो सकती हैं। निजी जीवन में प्यार-प्रेम में भी अच्छा रिजल्ट देने वाला योग बन रहा है।

उपाय-बुधवार को गाय को हरा चारा खिलाएं। गणेश जी का पूजा करें और बुध का सिद्ध किया गया यंत्र, घर में स्थापित करें या गणपति जी का सिद्ध पेंडेंट को गले में धारण करने से भी लाभ प्राप्त हो सकता है।


कर्क- कर्क राशि वालों के लिए यह बदलाव बहुत अच्छा नहीं रहेगा। काम तो बनेगे लेकिन पैसा जिस गति ये आएगा उसी गति से ही यह खर्च भी होगा। इस समय में दौड़-भाग कुछ ज्यादा रहेगी और ज्यादा मेहनत के बाद ही फल की प्राप्ति होगी। कर्क जातक के लोग मेहनत के साथ-साथ अपना स्वास्थ्य को भी जरुर देखें अन्यथा आपके कार्यों की गति रूक जायेगी।

उपाय –चन्द्रमा का सिद्ध यन्त्र, घर में स्थापित करने से पीड़ा कम हो सकती है और ॐ चन्द्रमसे नमः मंत्र का जाप व गले में सिद्ध गौरी-शंकर रूद्राक्ष धारण करने से फल में वृदि होती है व कष्टों का निवारण होता है।


सिंह- सिंह राशि वालों के लिए यह बदलाव अच्छा है। शनि के मार्गी प्रभाव से पैसा और फाइनेंस में वृदि होगी साथ ही साथ पुरानी बाधाये ख़त्म हो सकती हैं। अब तक आप अपने खर्च से परेशान से तो अब इस परिवर्तन से यह प्रभाव की कम होगा। जीवन में सुख सभी को प्रिय होता है तो सिंह राशि के जातकों को अब मन में एक सुख की अनुभूति हो सकती है। कोर्ट सम्बन्धी लंबित कार्यों में भी सफलता मिलेंगी, प्रेम संबंधी बाधाएं भी ख़त्म होंगी। यह योग सब जगह विजय देने वाला योग साबित हो सकता है।

उपाय- भगवान सूर्य को सुबह आर्ग देना प्रारंभ करें और ऊं सूर्याये नमः मन्त्र का जप करें। गले में सिद्ध 1 मुखी रूद्राक्ष धारण करने से तेज बढ़ता है और बाधायें ख़त्म होती हैं।


कन्या- कन्या राशि वालों के लिए शनि का मार्गी होना मिला-जुला असर देने वाला रहेगा। कन्या राशि के जातकों की आय में तो वृद्धि होगी लेकिन स्वास्थ्य संबंधी विकार उत्पन्न होने की संभावनायें बनी रहेंगी। बहुत समय से रूके हुए कार्यों में में अब गति आयेगी। पारिवारिक और निजी सुख भी प्राप्त होगा।

उपाय- बुधवार को गणेश जी की पूजा और हरी चीजों का दान करना शुभ हो सकता है व गले में गणेश जी का सिद्ध किया हुआ पैडेंट धारण करने से भी पीड़ा खत्म हो सकती है।


तुला- तुला राशि वालों के लिए यह समय योग कार्य है। इस राशि वालों पर तो शनिदेव जी की कृपा बनी ही रहती है। भूमि से सम्बंधित कार्य होने की पूरी-पूरी संभावनाए हैं। आपके मांगलिक कार्यों में वृद्धि होंगी। घर परिवार से अगर आप पहले दुखी थे या आपको घर से सुख नहीं प्राप्त हो पा रहा था तो अब स्थिति आपके अनुकूल हो बन सकती हैं। प्रेमियों के लिए भी यह बदलाव अच्छा रहेगा।

उपाय-शुक्रवार को सफ़ेद चीजों का दान करने से शत्रुओं का नाश होता है। ॐ ह्रीं श्रीं शुक्राय नमः का जप करें। 13 मुखी सिद्ध रूद्राक्ष धारण करने से लाभ प्राप्त हो सकता है।


वृश्चिक – वृश्चिक वालों के लिए शनि का बदलाव अच्छा रहेगा क्योंकि शनिदेव वृश्चिक राशि में बैठे है। शनिदेव जिस राशि में बैठते है उस राशि के लिए यह अच्छा होता है। अब जब 2 अगस्त को शनि के चाल मार्गी हो जाएगी तब यह पहले से और भी ज्यादा अच्छे फल प्रदान करेंगे। धन, प्रॉपर्टी, फाइनेंस, मान-सम्मान देने का कार्य शनि जी करेंगे।

उपाय- हनुमान जी की पूजा और लाल चीजों का दान शुभ हो सकता है। सिद्ध मंगल यंत्र को घर पर स्थापित करना अच्छे योग उत्पन्न करता है या सिद्ध 3 मुखी रुद्राक्ष माला गले में धारण करने से भी लाभ प्राप्त होता है।


धनु- धनु राशि वालों के लिए भी यह बदलाव अच्छा रहेगा। शिक्षा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होंगी और अगर किसी को प्रतियोगिता में लम्बे समय से असफलता मिल रही थी तो अब आपकी मेहनत रंग ला सकती है। मांगलिक कार्य का संयोग भी इस परिवर्तन से बन रहे हैं।

 उपाय- बृहस्पतिवार को पीली चीजों का दान करें और ॐ गुरुवे नमः मन्त्र का जाप नियमित करते रहें। 10 मुखी रूद्राक्ष को गले में धारण करने से पीड़ा कम हो सकती है।


मकर- मकर राशि वालों के लिए यह बदलाव अच्छा रहेगा क्योंकि इस राशि वालों का स्वामी ही शनि है और शनि की द्रष्टि भी मकर पर पड़ रही है इसलिए धन, व्यवसाय और प्रॉपर्टी के लिए यह परिवर्तन बहुत शुभ रह सकता है। यदि मकर राशि के जातक कोर्ट-कचहरी की किसी समस्या से परेशान हैं तो इस योग में आपको सकारात्मक फल प्राप्त हो सकते हैं।

उपाय- शनिवार को शनि मंदिर में शनिदेव जी के ऊपर तेल का अभिषेक करें तथा “ॐ शं नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु ‍पीतये। शं यो‍रभि स्रवन्तु न:।।“  का जाप करें। गले में 14 मुखी रूद्राक्ष धारण करने से लाभ प्राप्त होता है।


कुम्भ- कुम्भ राशि वालों के लिए भी यह परिवर्तन आगे बढ़ने वाला रहेगा। क्योंकि इस राशि का स्वामी ही शनि है तो अब शनि के मार्गी होने से बिगड़े कार्य बन सकते हैं। इन जातकों के मान-सम्मान में वृद्धि होंगी और पुराने कुछ रोग अगर किसी को हैं तो इस योग में यह ज्यादा परेशान पीड़ा नहीं देगा।

उपाय- शनि देव को तेल का अभिषेक करें और काली चीजों का दान करें। भैरव भगवान जी की उपासना के साथ-साथ, ॐ भैरवाय नमः का जप करें। शनि का सिद्ध यन्त्र स्थापित करने से दुःख और पीड़ा कम होते हैं।


मीन-मीन राशि वालों के लिये यह परिवर्तन मिला-जुला रहेगा। पैसे, काम ,व्यवसाय के लिए तो समय सही है किन्तु स्वास्थ्य संबंधी विकार मं जातकों को परेशान कर सकते हैं। समाज में मान-सम्मान प्राप्त होगा और घर-परिवार में भी भाईचारा बना रहेगा।

उपाय- बृहस्पतिवार को पीली चीजों का दान करें। केलें के पेड़ की पूजा और ॐ गुरुवे नमः मन्त्र का जप करने से दुःख दूर होते हैं। 5 मुखी या 10 मुखी सिद्ध रूद्राक्ष को धारण करने से पीड़ा खत्म हो सकती है।




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

राखी - शुभ मुहूर्त सहित जानें क्यों खास है इस बार राखी का पर्व

राखी - शुभ मुहूर्त...

वर्ष 2018 में रक्षा बंधन 26 अगस्त, रविवार को मनाया जाएगा। भारत में यह त्यौहार भाई-बहन के अटूट प्रेम को समर्पित है और इस त्यौहार का प्रचलन सदियों पुराना बताया गया है।...

और पढ़ें...
क्या है रक्षाबंधन का धार्मिक महत्व

क्या है रक्षाबंधन ...

यह तो सभी जानते हैं कि भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का त्यौहार हर वर्ष हर्ष और उल्लासा के साथ श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। श्रावण मास को भगव...

और पढ़ें...
वैदिक राखी - जानें वैदिक रक्षासूत्र बनाने व बांधने की विधि

वैदिक राखी - जानें...

रक्षाबंधन यानि राखी, इस त्यौहार को लेकर पूरे भारतवर्ष में विशेषकर हिंदूओं में पूरा उल्लास दिखाई देता है। भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक बन चुका यह त्यौहार श्रावण मास की ...

और पढ़ें...
रक्षाबंधन - विश्वास और प्यार का एक पवित्र बंधन

रक्षाबंधन - विश्वा...

श्रावण मास की पूर्णिमा में एक ऐसा पर्व मनाया जाता है जिसमें पूरे देश के भाई-बहनों का आपसी प्यार दिखाई देता है – रक्षा बंधन| वर्ष 2018 में रक्षा बंधन 26 अगस्त, रविवार...

और पढ़ें...
राजयोग को भी फेल कर देते हैं ये योग? जानिए

राजयोग को भी फेल क...

कुंडली में सामान्यतः ज्यादातर राजयोगों की ही चर्चा होती है कई बार ज्योतिषी कुछ दुर्योगों को नजरअंदाज कर जाते हैं जिस कारण राजयोग फलित नहीं होते और जातक को ज्योतिष वि...

और पढ़ें...