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आमलकी एकादशी 2018 - व्रत तिथि व पूजा विधि


आमलकी एकादशी 2018 - व्रत तिथि व पूजा विधि

भारत में फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी के रूप में मनाया जाता है| यह तिथि सदैव महाशिवरात्रि और होली पर्वों के बीच में आती है| वर्ष 2018 में ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार आमलकी एकादशी 26 फरवरी 2018 सोमवार के दिन आएगी|


आमलकी एकादशी व्रत की पूजा विधि

आमलकी एकादशी में भगवान विष्णु जी की पूजा-अर्चना की जाती है| इस दिन विष्णु भक्त ‘आमलकी एकादशी व्रत’ रखते हैं और इस व्रत में आंवले के वृक्ष की पूजा करते हैं| कहा जाता है कि यह पावन तिथि समस्त पापों का विनाश करने की शक्ति रखती है और जो फल सौ गायों का दान करने से प्राप्त होता है, उतना ही फल इस एक आमलकी एकादशी के व्रत को विधिपूर्वक करने से प्राप्त होता है| यह माना जाता है कि आवलें के वृक्ष की उत्पत्ति श्री विष्णु के मुख से हुई थी, इसलिए इस दिन आवलें के वृक्ष की पूजा की जाती है|

आमलकी एकादशी व्रत के समापन की क्रिया को पारण कहा जाता है और इसे व्रत के अगले दिन यानि द्वादशी तिथि में सूर्योदय के पश्चात किया जाता है| इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि के समाप्त होने से पहले अवश्य हो जाना चाहिए| किन्तु यदि द्वादशी तिथि सूर्योदय से पूर्व ही समाप्त हो जाए तब भी इस व्रत का पारण सूर्योदय के पश्चात ही करना चाहिए|

सभी श्रद्धालुओं के लिए यह जान लेना आवश्यक है कि एकादशी व्रत का पारण द्वादशी के भीतर ना होने से इसे पाप तुल्य समझा जाता है| किन्तु यह भी जान लें कि द्वादशी तिथि की पहली एक-चौथाई तिथि, हरी वासर के समाप्त होने के बाद ही पारण करना चाहिए|

व्रत तोड़ने के लिए सबसे उपयुक्त समय : प्रातः काल
किस समय व्रत ना तोड़े : मध्यान्ह (दोपहर)

तिथियों के हेर-फेर में कभी-कभी आमलकी एकादशी व्रत निरंतर दो दिन हो जाता है| ऐसे में पहले दिन एकादशी व्रत रखना चाहिए| किन्तु दूसरें दिन यानि दूजी एकादशी के दिन सन्यासियों, विधवाओं और मोक्ष प्राप्ति की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं को व्रत रखना चाहिए| जब भी एकादशी व्रत दो दिन होता है, तब दूजी एकादशी और वैष्णव एकादशी एक ही दिन होती हैं| इच्छानुसार भगवान विष्णु के परम भक्तजन दोनों दिन भी व्रत रख सकते हैं|


आमलकी एकादशी 2018 व्रत तिथि व मुहूर्त

आमलकी एकादशी - 26 फरवरी 2018

पारण का समय (व्रत तोड़ने का समय) = सुबह 06:52 से 09:09 बजे तक (27 फरवरी 2018)
द्वादशी समापन समय = सायं 14:39 बजे (27 फरवरी 2018)

एकादशी तिथि प्रारम्भ =   20:09 बजे (25 फरवरी 2018)
एकादशी तिथि समाप्त =  17:29 बजे (26 फरवरी 2018)

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