Skip Navigation Links
क्यों मिलता है प्रेम में बार बार धोखा


क्यों मिलता है प्रेम में बार बार धोखा

आप अपने जीवन में बहुत अजीब चीज़ें महसूस करते होंगे। मसलन आपने देखा होगा कि कोई किसी को पूरी सिद्दत के साथ चाहता है लाख कोशिशों के बावजूद भी उसके प्रेम नसीब नहीं होता वहीं जहां नज़रें टिका लें वहीं उनकी और खींचा आता है। यानि कि अनेक संबंध स्थापित किये रहता है। ज्योतिष शास्त्र इन सब परिस्थितियों का कारक मानता है कुंडली में ग्रहों की दशा को। जातक की कुंडली में जिस भाव के ग्रह मजबूत और सकारात्मक होते हैं वह उनमें तरक्की किये जाता है और जिन भावों में पाप या कहें क्रूर ग्रहों की दृष्टि पड़ती है वह उन क्षेत्रों में लगातार पिछड़ता रहता है। जब किसी को प्यार में बार-बार धोखा मिले तो समझना चाहिये कि उसकी कुंडली में सप्तम भाव में ग्रहों की दृष्टि ठीक नहीं है। अपने इस लेख में हम इसी पर बात करेंगें तो आइये जानते हैं सप्तम भाव में कौन से ग्रह करते हैं आपके प्रेमजीवन को प्रभावित।

क्या कहता है कुंडली का सप्तम भाव

कुंडली में सप्तम भाव प्रेम व विवाह का प्रतिनिधि तो है ही लेकिन ग्रहों की विशिष्ट परिस्थितियों में यह मारक भाव भी माना जाता है।

क्यों मिलता है प्रेम में बार बार धोखा

जब जन्म कुंडली में सप्तम भाव राहू, केतु, शनि, मंगल आदि पाप ग्रहों से पीड़ित हो और किसी भी अच्छे ग्रह का उसे सहारा न हो तो ऐसे में उक्त जातक को प्रेम में छल मिलता है। हालांकि उसकी दैहिक जरूरतें पूरी होने की संभावनाएं राहू के कारण बनती हैं लेकिन जिस पर विश्वास किया जा सके ऐसे साथी की उसे कमी खलती रहती है। ऐसे जातकों के लिये अंतर व प्रत्यंतर में राहू आने पर प्रेम के योग विशेष रूप से बनते हैं ऐसे प्रेम संबंध कभी भी स्थायी व सुखद नहीं रहते और उसे प्यार में हमेशा चोट खानी पड़ती है।

दरअसल शनि, राहू-केतु व मंगल ग्रह शुभ नहीं माने जाते। प्यार प्रेम के मामले में तो ये अलगाव पैदा करने वाले होते हैं। बल्कि प्यार ही नहीं जिस भी भाव में ये मौजूद होते हैं यहां पर इनकी दृष्टि पड़ती है उक्त भाव के परिणाम सकारात्मक की बजाय नकारात्मक मिलने लगते हैं। हालांकि क्षणिक तौर पर इन अस्थायी संबंधों का भोग वह करता है लेकिन उसे इनसे संतुष्टि नहीं मिलती और समस्याएं बढ़ती जाती हैं। कई बार तो अचानक इतने खतरनाक परिणाम मिलते हैं जिनकी कल्पना भी नहीं की जा सकती जिनका सीधा संबंध राहू से होता है क्योंकि राहू जोर का झटका एक दमदम अचानक देने के लिये भी जाने जाते हैं। कुल मिलाकर यदि आपको भी अपने प्रेम जीवन में बार बार धोखा मिल रहा है तो एक बार अपनी कुंडली किसी विद्वान ज्योतिषाचार्य को अवश्य दिखाएं। देश के जाने माने ज्योतिषाचार्यों से आप एस्ट्रोयोगी पर परामर्श कर सकते हैं। अभी बात करने के लिये लिंक पर क्लिक करें।

यह भी पढ़ें

इन राशियों के प्यार में लिखी है तकरार   |   जानिये, दाम्पत्य जीवन में कलह और मधुरता के योग   |  फेंग शुई के ये लव टिप्स   |   

कुंडली में प्रेम   |   कुंडली में विवाह योग   |   कुंडली में संतान योग   |   प्रेमियों के लिये कैसा रहेगा 2017   |   

पढ़ें साल की लव रिपोर्ट   |   दैनिक लव राशिफल   |   पढ़ें अपनी प्रेम प्रोफाइल   |

वैलेंटाइन डे   |   किस डे   |   हग डे   |   प्रोमिस डे   |   चॉकलेट डे   |   वैलेंटाइन वीक   |   रोज़ डे  |   प्रपोज डे   |   




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

मार्गशीर्ष अमावस्या – अगहन अमावस्या का महत्व व व्रत पूजा विधि

मार्गशीर्ष अमावस्य...

मार्गशीर्ष माह को हिंदू धर्म में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे अगहन मास भी कहा जाता है यही कारण है कि मार्गशीर्ष अमावस्या को अगहन अमावस्य...

और पढ़ें...
कहां होगा आपको लाभ नौकरी या व्यवसाय ?

कहां होगा आपको लाभ...

करियर का मसला एक ऐसा मसला है जिसके बारे में हमारा दृष्टिकोण सपष्ट होना बहुत जरूरी होता है। लेकिन अधिकांश लोग इस मामले में मात खा जाते हैं। अक...

और पढ़ें...
विवाह पंचमी 2017 – कैसे हुआ था प्रभु श्री राम व माता सीता का विवाह

विवाह पंचमी 2017 –...

देवी सीता और प्रभु श्री राम सिर्फ महर्षि वाल्मिकी द्वारा रचित रामायण की कहानी के नायक नायिका नहीं थे, बल्कि पौराणिक ग्रंथों के अनुसार वे इस स...

और पढ़ें...
राम रक्षा स्तोत्रम - भय से मुक्ति का रामबाण इलाज

राम रक्षा स्तोत्रम...

मान्यता है कि प्रभु श्री राम का नाम लेकर पापियों का भी हृद्य परिवर्तित हुआ है। श्री राम के नाम की महिमा अपरंपार है। श्री राम शरणागत की रक्षा ...

और पढ़ें...
मार्गशीर्ष – जानिये मार्गशीर्ष मास के व्रत व त्यौहार

मार्गशीर्ष – जानिय...

चैत्र जहां हिंदू वर्ष का प्रथम मास होता है तो फाल्गुन महीना वर्ष का अंतिम महीना होता है। महीने की गणना चंद्रमा की कलाओं के आधार पर की जाती है...

और पढ़ें...