श्रावण सोमवार 2021 - जानें सावन सोमवार की व्रतकथा व पूजा विधि

13 जुलाई 2021

सावन माह का नाम आते ही हमारे मन में भी बादल घुमड़ने लगते हैं, ठंडी हवाओं के झौंके सुकून देने लगते हैं, तपती ज्येष्ठ और आषाढ़ में गरमी से बेहाल जी सावन में झूमने लगता है। लेकिन सावन का माह का महत्व हमारे जीवन में इतना भर नहीं है सावन माह भगवान शिव की उपासना का माह भी माना जाता है और इस माह में सबसे पवित्र माना जाता है सोमवार का दिन। वैसे तो प्रत्येक सोमवार भगवान शिव की उपासना के लिये उपयुक्त माना जाता है लेकिन सावन के सोमवार की अपनी महत्ता है। आइये जानते हैं श्रावण मास के सोमवार व्रत का महत्व व पूजा विधि के बारे में। 

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श्रावण का पहला सोमवार है खास 

इस वर्ष श्रावण का पहला सोमवार 26 जुलाई 2021 है। ज्योतिष के अनुसार आज का दिन काफी खास है। आज दो बेहद शुभ योग बन रहे हैं। पहला सौभाग्य और दूसरा शोभन। यह दोनों ही योग इस श्रावण माह को खास बना रहे हैं। आज सौभाग्य योग रात 10 बजकर 40 मिनट तक रहने वाला है। इसके बाद शोभन योग लग जाएगा।

 

सोमवार व्रत कथा व महत्व

भगवान शिव की पूजा के दिन यानि सोमवार का हिंदू धर्मानुयायियों विशेषकर शिव भक्तों के लिये बहुत अधिक महत्व होता है। सोमवार में भी श्रावण मास के सोमवार बहुत ही सौभाग्यशाली एवं पुण्य फलदायी माने जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि श्रावण माह भगवान शिव को बहुत ही प्रिय होता है। स्कंद पुराण की एक कथा के अनुसार सनत कुमार भगवान शिव से पूछते हैं कि आपको सावन माह क्यों प्रिय है। तब भोलेनाथ बताते हैं कि देवी सती ने हर जन्म में भगवान शिव को पति रूप में पाने का प्रण लिया था पिता के खिलाफ होकर उन्होंने शिव से विवाह किया लेकिन अपने पिता द्वारा शिव को अपमानित करने पर उसने शरीर त्याग दिया। उसके पश्चात हिमालय व नैना पुत्री पार्वती के रूप में जन्म लिया। इस जन्म में भी शिव से विवाह हेतु इन्होंने श्रावण माह में निराहार रहते हुए कठोर व्रत से भगवान शिवशंकर को प्रसन्न कर उनसे विवाह किया। इसलिये श्रावण माह से ही भगवान शिव की कृपा के लिये सोलह सोमवार के उपवास आरंभ किये जाते हैं।

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कुल मिलाकर श्रावण माह के सोमवार धार्मिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं और सोलह सोमवार के व्रत के पिछे मान्यता है कि इस व्रत से भगवान शिव की कृपा से अविवाहित जातकों का विवाह अपनी पसंद के साथी से होता है।

 

श्रावण सोमवार व्रत पूजा विधि

  • श्रावण सोमवार व्रत की पूजा भी अन्य सोमवार व्रत के अनुसार की जाती है।
  • इस व्रत में केवल एक समय भोजन ग्रहण करने का संकल्प लेना चाहिये।
  • भगवान भोलनाथ व माता पार्वती की धूप, दीप, जल, पुष्प आदि से पूजा करनी चाहिये।
  • सावन के प्रत्येक सोमवार भगवान शिव को जल अवश्य अर्पित करना चाहिये।
  • रात्रि में जमीन पर आसन बिछा कर सोना चाहिये।
  • सावन के पहले सोमवार से आरंभ कर 9 या सोलह सोमवार तक लगातार उपवास करना चाहिये और तत्पश्चात 9वें या 16वें सोमवार पर व्रत का उद्यापन करना चाहिये। यदि लगातार 9 या 16 सोमवार तक उपवास करना संभव न हो तो आप सिर्फ सावन के चार सोमवार इस उपवास को कर सकते हैं।
  • शिव पूजा के लिये सामग्री में उनकी प्रिय वस्तुएं भांग, धतूरा आदि भी रख सकते हैं।

 

2021 में श्रावण माह व श्रावण सोमवार

2021 में सावन माह का प्रारंभ 26 जुलाई से हो रहा है।  सावन के पावन माह की शुरुआत भगवान शिव की आराधना के साथ सोमवार से हो रही है। श्रावण माह में इंतजार रहता है भगवान शिव की आराधना के दिन सोमवार का तो सावन का पहला सोमवार 26 जुलाई को होगा। इस माह का अंतिम दिन सोमवार होगा श्रावण पूर्णिमा 16 अगस्त को है।

  1. श्रावण प्रथम सोमवार – 26 जुलाई 2021
  2. श्रावण द्वितीय सोमवार –  02 अगस्त 2021
  3. श्रावण तृतीय सोमवार – 09 अगस्त 2021
  4. श्रावण चतुर्थ सोमवार –  16 अगस्त 2021

 

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