सावन का तीसरा सोमवार - ये बन रहे हैं सयोंग

08 जुलाई 2021

सावन का महिना, भगवान शिव का प्रिय महिना माना जाता है इसिलिए इस महिनें में भगवान शिव की अराधना करनें की हिंदु धर्म में परंपरा है। हर वर्ष सावन का ये महिना अपने साथ कई सयोंग लेकर आता है। जिनके कारण कुछ दिन अति शुभ माने जाते हैं। सावन के इस पवित्र माह में सोमवार के व्रतों का काफी महत्व माना गया है। इस सावन के दो सोमवार गुजर चुके हैं और आने वाला है तीसरा सोमवार, तीसरा सोमवार अंग्रेजी कलेंडर के हिसाब से 09 अगस्त को आने वाला है। इस बार ये तीसरा सोमवार अपने साथ कुछ सयोंग लेकर आया है जिस से ये खास बन रहा है। तो आईए जानते हैं 2021 में सावन के तीसरे सोमवार का महत्व।

 

तीसरे सोमवार के सयोंग

09 अगस्त 2021 को सावन का तीसरा सोमवार पड़ रहा है। भगवान शिव की आराधना के इस दिन बहुत ही अच्छा संयोग बन रहा है। इसलिये सावन का यह तीसरा सोमवार बहुत ही खास हो जाता है। इस दिन अश्लेशा नक्षत्र लगेगा। जो कि काफी भाग्यशाली है। इसके बाद मघा लग जाएगा। कुल मिलाकर इस सोमवार को बहुत ही सौभाग्यशाली माना जा सकता है। इसके अलावा 09 अगस्त को कर्क राशि में चंद्रमा और सूर्य दोनों विराजमान होंगे। वहीं सिंह राशि में शुक्र, मंगल और बुध ग्रह की युति बन रही है। 09 अगस्त को राहु काल का समय सुबह 07 बजकर 26 मिनट से सुबह 09 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। 

 

क्या है अश्लेशा नक्षत्र

भारतीय ज्योतिष शास्त्रों के हिसाब से कुंडली से कि जाने वाली गणनाओं के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले सताईस नक्षत्रों में से एक अश्लेशा नक्षत्र है। इसके साथ ही इस इस नक्षत्र को बुध के अधीन माना जाता है। इस नक्षत्र के देव सर्प हैं जो कि भगवान शिव के कंठ पर सुशोभित हैं। बुध को वैदिक ज्योतिष के अनुसार वाणी का कारक माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ही इस नक्षत्र की राशि कर्क मानी जाती है जिसके स्वामी चंद्रमा माने जाते हैं। जो कि महादेव के जटाओं में विराजमान हैं। कुल मिलाकर यह संयोग आपके लिये बहुत ही सौभाग्यशाली कहा जा सकता है। रूप, गुण, कला, ज्ञान, विवेक आदि के लिये यह नक्षत्र बहुत महत्वपूर्ण होता है। 

 

हरियाली अमावस्या क्या है

हरियाली अमावस्या जिसे सावन अमावस्या या श्रवण अमावस्या भी कहा जाता है, हिंदू कैलेंडर में इस बार सावन के तीसरे सोमवार को हरियाली अमावस्या का पर्व मनाया जाएगा। श्रावण मास मानसून के मौसम की शुरुआत को दर्शाता है, जो हरियाली (हरियाली) के साथ धरती को कवर करता है, यही कारण है कि श्रावण अमावस्या पर त्योहार को हरियाली का त्योहार कहा जाता है।

 

आज का पंचांग ➔  आज की तिथिआज का चौघड़िया  ➔ आज का राहु काल  ➔ आज का शुभ योगआज के शुभ होरा मुहूर्त  ➔ आज का नक्षत्रआज के करण

 

हरियाली अमावस्या का त्योहार भगवान शिव को समर्पित है। भक्त पूरी श्रद्धा के साथ उनकी पूजा करते हैं और अच्छी बारिश और भरपूर फसल के लिए उनका आशीर्वाद मांगते हैं। हरियाली अमावस्या पर शिव पूजा धन और समृद्धि लाने के लिए माना जाता है। भक्त भगवान शिव को समर्पित वैदिक मंत्रों का पाठ करते हैं और उनकी प्रशंसा में भजन गाते हैं। पूरे देश में भगवान शिव मंदिरों में विशेष दर्शन और अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा इस दिन पितृरों के श्राद्ध और तर्पण का भी प्रावधान है। इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा भी की जाती है। 


तीसरे सोमवार का महत्व

इन पर्वों के सयोंग के कारण इस सावन का ये तीसरा सोमवार अति महत्वपूर्ण हो जाता है। इस दिन भगवान शिव की अराधना करने से विवाहिताओं को अच्छा दामपत्य सुख और अविवाहितों को सुयोग्य वर मिलने के योग बन रहे हैं। इसलिए इस सोमवार के महत्व को समझते हुए पूरे विधि विधान से व्रत और अराधना करना भी आवश्यक है।

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