सावन का तीसरा सोमवार - ये बन रहे हैं सयोंग

13 जुलाई 2020

सावन का महिना, भगवान शिव का प्रिय महिना माना जाता है इसिलिए इस महिनें में भगवान शिव की अराधना करनें की हिंदु धर्म में परंपरा है। हर वर्ष सावन का ये महिना अपने साथ कई सयोंग लेकर आता है। जिनके कारण कुछ दिन अति शुभ माने जाते हैं। सावन के इस पवित्र माह में सोमवार के व्रतों का काफी महत्व माना गया है। इस सावन के दो सोमवार गुजर चुके हैं और आने वाला है तीसरा सोमवार, तीसरा सोमवार अंग्रेजी कलेंडर के हिसाब से 20 जुलाई को आने वाला है। इस बार ये तीसरा सोमवार अपने साथ कुछ सयोंग लेकर आया है जिस से ये खास बन रहा है। तो आईए जानते हैं 2020 में सावन के तीसरे सोमवार का महत्व।

 

तीसरे सोमवार के सयोंग

20 जुलाई 2020 को सावन का तीसरा सोमवार पड़ रहा है। भगवान शिव की आराधना के इस दिन बहुत ही अच्छा संयोग बन रहा है। इस दिन सोमवार सोमवती अमावस्या भी है जो कि शिवभक्ति का ही पर्व है। इसलिये सावन का यह तीसरा सोमवार बहुत ही खास हो जाता है। कुल मिलाकर इस सोमवार को बहुत ही सौभाग्यशाली माना जा सकता है।

 

क्या है हस्त नक्षत्र

भारतीय ज्योतिष शास्त्रों के हिसाब से कुंडली से कि जाने वाली गणनाओं के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले सताईस नक्षत्रों में से हस्त नक्षत्र को 13 वां स्थान दिया गया है। इसके साथ साथ भगवान शिव की जटाओं में विराजने वाले चंद्रमा के अधीन इस नक्षत्र को माना जाता है। चंद्रमा को वैदिक ज्योतिष के अनुसार मन का, द्रव्य का, कला का कारक माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ही इस नक्षत्र की राशि कन्या मानी जाती है जिसके स्वामी बुध माने जाते हैं। कुल मिलाकर यह संयोग आपके लिये बहुत ही सौभाग्यशाली कहा जा सकता है। रूप, गुण, कला, ज्ञान, विवेक आदि के लिये यह नक्षत्र बहुत महत्वपूर्ण होता है। 

 

हरियाली अमावस्या क्या है

हरियाली अमावस्या जिसे सावन अमावस्या या श्रवण अमावस्या भी कहा जाता है, हिंदू कैलेंडर में इस बार सावन के तीसरे सोमवार को हरियाली अमावस्या का पर्व मनाया जाएगा। श्रावण मास मानसून के मौसम की शुरुआत को दर्शाता है, जो हरियाली (हरियाली) के साथ धरती को कवर करता है, यही कारण है कि श्रावण अमावस्या पर त्योहार को हरियाली का त्योहार कहा जाता है। हरियाली अमावस्या 2020 विशेष है क्योंकि यह दिन 5 शुभ महा योगों का साक्षी होगा, एक दुर्लभ संयोग जो एक सदी पहले हुआ था। शुभ योग , सिद्धि योग, गुरु पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग एक साथ बनेंगे। 

हरियाली अमावस्या का त्योहार भगवान शिव को समर्पित है। भक्त पूरी श्रद्धा के साथ उनकी पूजा करते हैं और अच्छी बारिश और भरपूर फसल के लिए उनका आशीर्वाद मांगते हैं। हरियाली अमावस्या पर शिव पूजा धन और समृद्धि लाने के लिए माना जाता है। भक्त भगवान शिव को समर्पित वैदिक मंत्रों का पाठ करते हैं और उनकी प्रशंसा में भजन गाते हैं। पूरे देश में भगवान शिव मंदिरों में विशेष दर्शन और अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा इस दिन पितृरों के श्राद्ध और तर्पण का भी प्रावधान है। इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा भी की जाती है। 


तीसरे सोमवार का महत्व

इन पर्वों के सयोंग के कारण इस सावन का ये तीसरा सोमवार अति महत्वपूर्ण हो जाता है। इस दिन भगवान शिव की अराधना करने से विवाहिताओं को अच्छा दामपत्य सुख और अविवाहितों को सुयोग्य वर मिलने के योग बन रहे हैं। इसलिए इस सोमवार के महत्व को समझते हुए पूरे विधि विधान से व्रत और अराधना करना भी आवश्यक है।

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