Skip Navigation Links
नाग पंचमी 2017 - भगवान शिव और नागों की पूजा का दिन है



नाग पंचमी 2017 - भगवान शिव और नागों की पूजा का दिन है

नाग पंचमी एक  हिन्दू पर्व है जिसमें नागों और सर्पों की पूजा की जाती है। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि में यह पर्व पूरे देश में पूर्ण श्रद्धा से मनाया जाता है। इस वर्ष 2017 में नाग पंचमी 27 जुलाई गुरुवार के दिन मनाई जाएगी।

इस पर्व को मनाने के पीछे एक रोचक तथ्य है। श्रावण के महीने में बरसात होने के कारण अक्सर सर्प अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं और दूसरा अस्थायी बसेरा ढूंढते हैं। ये कहीं मनुष्यों को हानि ना पहुंचाए, इसलिए नागपंचमी पर इनकी पूजा की जाती है और इन्हें दूध भी पिलाया जाता है।

क्या है नाग पंचमी की कहानी

यह मान्यता है कि भगवान कृष्णा ने इसी दिन गोकुलवासियों को कालिया नामक नाग के आतंक से बचाया था। कथा के अनुसार, एक दिन बालकृष्ण अपने मित्रों के साथ यमुना तट पर खेल रहे थे। तभी उनकी गेंद नदी में जा गिरी। गेंद बाहरनिकालने के प्रयास में कृष्ण नदी में जा गिरे। उसी समय कालिया ने उनपर आक्रमण कर दिया। किन्तु इस बात से अंजान कि श्री कृष्ण साधारण बालक नहीं है, कालिया ने उनसे क्षमा याचना मांगी। कृष्ण ने कालिया से पहले यह प्रतिज्ञा ली कि वह कभी भी गाँव वालों को परेशान नहीं करेगा, तत्पश्चात उन्होंने कालिया को छोड़दिया। प्रचंड नाग कालिया पर कृष्णा की विजय के बाद इस दिन को नाग पंचमी के रूप में श्रद्धा भक्ति से मनाया जाता है।

नाग पंचमी के अवसर पर श्रद्धालु भूमि की खुदाई नहीं करते और इस दिन नागदेवता की तस्वीर या मिट्टी से बनी उनकी प्रतिमा के सामने दूध, धान, खील और दूब घास का चढ़ावा करते है और नागदेवता की पूजा करते हैं। यह भी मान्यता है कि प्रभु शिव नागों और सर्पों को स्नेह करते है और सर्पोंऔर नागों की पूजा-अर्चना करने से शिवजी प्रसन्न होते हैं। शिवजी के रुद्ररूप से ना केवल मनुष्य बल्कि देवी-देवता भी घबराते हैं। इसलिएकुछ श्रद्धालु भगवान शिव के आशीर्वाद हेतु जीवित कोबरा नाग की पूजा करते हैं और उन्हें दूध और अन्य पदार्थों का सेवन करते हैं।

यह पर्व पूरे भारतवर्ष में धूमधाम से और विभिन्न रीतियों के साथ मनाया जाता है। महाराष्ट्र में कुछ भक्त एकथाल में जीवित किन्तु शांतचित नाग को लेकर घर-घर जाकर भिक्षा मांगते हैं। केरल में भक्त नागदेवता के मंदिर जाकर उनकी पत्थर और धातु की प्रतिमाओं की पूजा करते हैं ताकि वे और उनके परिजन सालभर सर्पों के प्रकोप और सर्पदंशों से बच सकें। रीती-रिवाज चाहे कितने ही भिन्न क्यों ना हो, नाग पंचमी सब एक ही उद्देश्य के साथ श्रद्धा भक्ति के साथ मनाते हैं।

नाग पंचमी 2017 तिथि व पूजा मुहूर्त

नागपंचमीतिथि        :              2 7 जुलाई 2017

पूजा मुहूर्त              :               प्रात: 07:01 से 8:25 बजे तक (27 जुलाई 2017)

पंचमी तिथि प्रारंभ    :               प्रातः 07:01 बजे से (27 जुलाई 2017)

पंचमी तिथि समाप्ति  :               प्रातः 06:38 बजे तक (28 जुलाई 2017)

नाग पंचमी पर अपनी कुंडली के अनुसार कालसर्प दोष से मुक्ति के उपाय जानें देश भर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से। अभी परामर्श करने के लिये यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें

सावन - शिव की पूजा का माह   |   महाशिवरात्रि - देवों के देव महादेव की आराधना पर्व   |   यहाँ भगवान शिव को झाड़ू भेंट करने से, खत्म होते हैं त्वचा रोग

भगवान शिव के मंत्र   |   शिव चालीसा   |   शिव जी की आरती




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

मौनी अमावस्या 2018 -  माघी अमवास्या को गंगाजल बनता है अमृत

मौनी अमावस्या 2018...

माघ के महीने को हिंदू धर्म ग्रंथों में बहुत पवित्र माना जाता है। इस मास के हर दिन को स्नान-दानादि के लिये बहुत ही शुभ माना जाता है। लेकिन माघ...

और पढ़ें...
हिंदू पंचांग मास 2018 – हिंदू मास के नाम व तिथियां

हिंदू पंचांग मास 2...

यदि आपसे पूछा जाये कि महीनों के नाम बताओ तो आपके जहन में झट से जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल आदि 12 महीनों के नाम आ जायेंगें लेकिन क्या आप जानत...

और पढ़ें...
पूर्णिमा 2018 – कब है पूर्णिमा व्रत तिथि

पूर्णिमा 2018 – कब...

पूर्णिमा हिंदू कैलेंडर अर्थात पंचांग की बहुत ही खास तिथि होती है। धार्मिक रूप से पूर्णिमा का बहुत अधिक महत्व माना जाता है। दरअसल पंचांग में त...

और पढ़ें...
एकादशी 2018 - कब कब हैं एकादशी तिथि

एकादशी 2018 - कब क...

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि बहुत ही पुण्य फलदायी तिथि मानी जाती है। प्रत्येक मास में एकादशी तिथि दो बार आती है। इसके अनुसार प्रत्येक वर्ष में ...

और पढ़ें...
2018 इन राशियों के लाया है खुशियों की सौगात?

2018 इन राशियों के...

वैसे तो नव वर्ष सभी के लिये खुशहाली लेकर आता है, सभी बड़े चाव से इस दिन का स्वागत करते हैं। आपके चाहने वाले भी आपको शुभकामनाओं के संदेश देते ...

और पढ़ें...