सावन का दूसरा सोमवार, स्वास्थ्य और बल का मिलेगा लाभ!

सावन का पूरा महिना भगवान शिव की अराधना का महिना होता है। इस महिने में शिव पूजा, जलाभिषेक करने से अत्यंत लाभदायक फल इंसान को मिलते हैं। जिनका अपना अपना महत्व होता है। 2019 के सावन के महिनें का पहला सोमवार 22 जुलाई को है। इसी क्रम में सावन का दूसरा सोमवार अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से 29 जुलाई को पड़ेगा। तो आईए जानते हैं सावन के दूसरे सोमवार के क्या क्या महत्व हो सकते हैं।

हमारे देश में कई तरह की संस्कृतियां निवास करती है, देश के कई राज्यों में सावन की शुरुआत सक्रांति के साथ ही मानी जाती है। इस साल सक्रांति 17 जुलाई को थी तो इसके अनुसार जिन स्थानों पर सक्रांति से सावन की शुरुआत मानी जाती है उनके लिए पहला सोमवार 22 जुलाई को है। सक्रांति से सावन की शुरुआत कि मान्यता पहाड़ी ईलाको में पाई जाती है जबकि मैदानी ईलाकों में यह पूर्णमासी से शुरु होता है। संयोग से संक्राति और पूर्णिमा लगभग एक साथ ही हैं। 16 जुलाई को पूर्णिमा तिथि है तो 17 जुलाई को सूर्य मिथुन राशि से कर्क में प्रवेश कर रहे हैं जो कि कर्क संक्रांति कहलाती है। इस आधार पर सावन का पहला सोमवार जहां 22 जुलाई को है तो दूसरा सोमवार 29 जुलाई को पड़ रहा है। 

वैसे तो सावन का हर दिन भगवान शिव की अराधना के लिए उत्तम माना जाता है, मगर सोमवार के दिन सावन के महिने और भगवान शिव के दिवस के रुप में मनाये जाने के कारण, सावन के सोमवार का महत्व अधिक हो जाता है

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार

भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सावन का दूसरा सोमवार सभी के लिए फलदायक साबित होने वाला है। इस दिन भगवान शिव की पूजा अराधना करने से श्रद्धालुओं को अच्छे स्वास्थ्य और बल का फल मिलेगा। नाम और यश में वृद्धि होगी और आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। 

पौराणिक महत्व

सावन महिने के इस सोमवार को भगवान शिव की पूजा करने से लोग मनचाहा फल प्राप्त कर सकते हैं। इस अराधना में हर उम्र और वर्ग के इंसान अपनी अपनी जरुरतों के हिसाब से भगवान शिव को प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं। जिसमें युवाओं को पढाई, नौकरी और शादी जैसे क्षेत्रो में कामयाबी का फल मिलता है वही शादीसुदा लोग अपनी ग्रहस्थी में सुख शांति और बच्चो की कामयाबी के फल प्राप्त करेगें। वहीं वृद्ध लोगो को इस सोमवार के पूजन से मोक्ष की प्राप्ति होती है। 

व्रत

सावन के दूसरे सोमवार का व्रत सूर्योदय से शुरु होकर संध्याकाल तक चलता है। इस व्रत पर सुबह स्नानादि करके हरे और सफेद रंग के वस्त्र धारण करें और दिन भर क्रोध और ईर्षा से दूर रह कर भगवान शिव का स्मरण करें। व्रत वाले दिन भगवान शिव की पूजा अराधना करे के बाद सोमवार की कथा सुनना भी लाभदायक होता है। ऐसा माना जाता है की सावन मास के सोमवार का व्रत करने से पूरे साल के सोमवारों के व्रत जितना फल मिलता है।

पूजा की विधी 

सावन के दूसरे सोमवार के दिन भगवान शिव की अराधना करने के लिए सुबह जल्दी उठ कर नहा धो कर बेलपत्र, धतूरा, भांग और शहद से शिव की पूजा करना अति फलदायक माना जाता है। इसके साथ साथ शिवलिंग पर जलाभिषेक और पुष्प अर्पित करना भी फायदे मंद होता है। सावन के दूसरे सोमवार को आप आकड़े के फूल भी भगवान शिव को अर्पित कर सकते हैं, इससे आपकी हर मनोकामना पूरी होगी। राशिनुसार जानें सावन के दूसरे सोमवार पर शिव आराधना की विधि पाएं मनोवांछित लाभ! अभी बात करें देश के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से।

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