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ग्रह गोचर 2018 - Grah Gochar 2018


ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 9 ग्रह माने जाते हैं। इन्हीं ग्रहों की दशा व दिशा के आधार पर जातक के भविष्य का अनुमान लगाया जाता है। लग्न के अनुसार राशियों का निर्धारण होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मानी जाने वाली सभी 12 राशियों के स्वामी इन 9 ग्रहों में से ही होते हैं। सूर्य व चंद्रमा एक एक राशि तो मंगल, शुक्र, बुध, गुरु व शनि दो-दो राशियों के स्वामी माने जाते हैं। मेष व वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं तो वृषभ व तुला के स्वामी शुक्र। मिथुन व कन्या राशि का प्रतिनिधत्व बुध करते हैं तो कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं और सूर्य सिंह राशि के स्वामी हैं। धनु व मीन राशि गुरु की राशियां हैं तो मकर व कुंभ के स्वामी न्याय के देवता शनि माने जाते हैं। राहू-केतु को छाया ग्रह माना जाता है और किसी भी राशि के स्वामी ये नहीं माने जाते। जातक की राशि व राशि स्वामी की स्थिति के अनुसार ही जातक का व्यक्तित्व भी निर्धारित होता है। जैसे-जैसे जातक की कुंडली में ग्रहों की दशा में परिवर्तन आता है उसी प्रकार उनके सकारात्मक व नकारात्मक प्रभाव भी जातक पर पड़ते हैं। इसलिये ग्रहों की चाल, ग्रहों के गोचर या कहें ग्रहों के राशि परिवर्तन का व्यापक प्रभाव समस्त राशियों पर पड़ता है। एस्ट्रोयोगी के इस पेज पर आप ग्रहों की दशा व दिशा के बारे में जान सकेंगें। कौनसा ग्रह कब परिवर्तित हो रहा है। किस राशि से किस राशि में ग्रहों का गोचर हो रहा है। ग्रह कब राशि परिवर्तन कर रहे हैं आदि की जानकारी आपको इस पन्ने पर मिलेगी।

मंगल गोचर

मंगल गोचर

मंगल को हम लाल ग्रह के रूप में भी जानते हैं। सौरमंडल के ग्रहों में वैज्ञानिकों के नज़रिये से तो मंगल महत्वपूर्ण है ही लेकिन ज्योतिषशास्त्र में भी मंगल का काफी महत्व माना जाता है। अंग्रेजी में मंगल को मार्स जो कि युनानियों के कृषिदेवता कहे जाते हैं। इन्हीं के नाम पर ग्रेगोरियन ...

बुध गोचर

बुध गोचर

मिथुन व कन्या राशि के स्वामी बुध को ज्योतिष शास्त्र में काफी अहम माना जाता है। बुद्ध की कृपा से ही जातक विद्वान होता है, उसकी तर्क क्षमता मजबूत होती है, संचार कौशल में बेहतर होता है। बुध कन्या राशि में उच्च के तो मीन राशि में नीच के माने जाते हैं। सूर्य, शुक्र और राहू के साथ य...

बृहस्पति गोचर

बृहस्पति गोचर

ज्योतिष शास्त्र में गुरु यानि बृहस्पति ग्रह का बहुत बड़ा दर्जा है। इन्हें समस्त देवताओं का गुरु माना जाता है। गुरु ज्ञान के सलाह के दाता हैं। बड़े बुजूर्गों, वरिष्ठ अधिकारियों की कृपा गुरु की कृपा से ही संभव हैं। यदि आपकी कुंडली में गुरु शुभ हैं तो आपको विकट परिस्थितियों में भ...

शुक्र गोचर

शुक्र गोचर

शुक्र जिसे अंग्रेजी में वीनस यानि सुंदरता की देवी कहा जाता है। जिसे ज्योतिष में स्त्री ग्रह भी माना जाता है। जो वृषभ व तुला राशियों के स्वामी हैं। जिन्हें दैत्यगुरु भी माना जाता है। जो जातक की कुंडली में विवाह से लेकर संतान तक के योग बनाते हैं। लाभ का कारक भी शुक्र को माना जात...

शनि गोचर

शनि गोचर

शनि ज्योतिष शास्त्र में शनि सबसे ज्यादा शक्तिशाली ग्रह माने जाते हैं। शक्तिशाली इसलिये क्योंकि शनि बहुत ज्यादा प्रभावी हैं। शनि की ढ़ैय्या हो या साढ़ेसाती जातक के भविष्य पर इनका व्यापक प्रभाव पड़ता है। शनि को पाप व क्रूर ग्रहों में माना जाता है हालांकि शनि स्वभाव से ऐसे नहीं ह...

राहु  गोचर

राहु गोचर

राहु खगोलीय दृष्टि से कोई ग्रह भले न हो लेकिन ज्योतिष में राहू का बहुत अधिक महत्व है। राहु के साथ केतु का भी नाम लिया जाता है क्योंकि दोनों एक दूसरे के विपरीत बिंदुओं पर समान गति से गोचर करते हैं। राहु को जन्म से ही वक्री ग्रह माना जाता है। पौराणिक ग्रंथों में राहु एक असुर हुआ...