ग्रह गोचर

ग्रह गोचर 2026 - Grah Gochar 2026

Grah Gochar 2026 : आप अक्सर यह सुनते होंगे कि एक ग्रह राशि परिवर्तन कर रहा है या किसी ग्रह का गोचर हो रहा है, लेकिन आप में से बहुत कम लोग ऐसे होंगे जो इसका सही मतलब जानते हैं. एस्ट्रोयोगी के इस पेज पर आप ग्रहों की चाल और उनके असर के बारे में आसान भाषा में समझ सकते हैं। साथ ही यहां ग्रहों के गोचर से जुड़ी प्रत्येक छोटी-बड़ी जानकारी भी मिलेगी। उदाहरण के लिए ग्रहों की दशा व दिशा के बारे में जान सकेंगें। कौन-सा ग्रह कब परिवर्तित हो रहा है। किस राशि से किस राशि में ग्रहों का गोचर हो रहा है। ग्रह कब राशि परिवर्तन कर रहे हैं आदि। इसके माध्यम से आपके लिए ज्योतिष को समझना थोड़ा सरल हो जाएगा और आप इसका उपयोग अपने दैनिक जीवन में भी कर पाएंगे। 

वैदिक ज्योतिष में ग्रह गोचर का सही अर्थ (Planet Transit In Astrology)

वैदिक ज्योतिष में ग्रह गोचर एक बहुत महत्वपूर्ण प्रक्रिया मानी जाती है। इसको आप इस तरह समझ सकते हैं कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 9 ग्रह माने जाते हैं। इन्हीं ग्रहों की दशा व दिशा के आधार पर जातक के भविष्य का अनुमान लगाया जाता है। लग्न के अनुसार राशियों का निर्धारण होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मानी जाने वाली सभी 12 राशियों के स्वामी इन 9 ग्रहों में से ही होते हैं। 

सूर्य व चंद्रमा एक एक राशि तो मंगल, शुक्र, बुध, गुरु व शनि दो-दो राशियों के स्वामी माने जाते हैं। मेष व वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं तो वृषभ व तुला के स्वामी शुक्र। मिथुन व कन्या राशि का प्रतिनिधत्व बुध करते हैं तो कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं और सूर्य सिंह राशि के स्वामी हैं। धनु व मीन राशि गुरु की राशियां हैं तो मकर व कुंभ के स्वामी न्याय के देवता शनि माने जाते हैं। राहू-केतु को छाया ग्रह माना जाता है और किसी भी राशि के स्वामी ये नहीं माने जाते। 

जातक की राशि व राशि स्वामी की स्थिति के अनुसार ही जातक का व्यक्तित्व भी निर्धारित होता है। जैसे-जैसे जातक की कुंडली में ग्रहों की दशा में परिवर्तन आता है उसी प्रकार उनके सकारात्मक व नकारात्मक प्रभाव भी जातक पर पड़ते हैं। इसलिये ग्रहों की चाल, ग्रहों के गोचर या कहें ग्रहों के राशि परिवर्तन का व्यापक प्रभाव समस्त राशियों पर पड़ता है।