शुक्र का वृश्चिक राशि में गोचर, इन 6 राशियों को बनाएगा भाग्यशाली !

Thu, Nov 10, 2022
Team Astroyogi  एस्ट्रो नैंसी के द्वारा
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शुक्र का वृश्चिक राशि में गोचर, इन 6 राशियों को बनाएगा भाग्यशाली !

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों की चाल व्यक्ति के जीवन को महत्वपूर्ण रूप से बदल सकती है। नवंबर 2022 में शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर (Venus Transit in Scorpio 2022) के साथ, जानें कि यह ब्रह्मांडीय घटना आपके जीवन को कैसे प्रभावित करेगी। आइये जानते हैं, इस महत्वपूर्ण गोचर से जुड़ी विशेषज्ञ भविष्यवाणियां और उपाय। 

शुक्र, प्रेम, विवाह, सौंदर्य और आराम के कारक हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, शुक्र एक स्त्री ग्रह हैं और वृषभ व तुला राशि के स्वामी हैं। शुक्र जातक की कुंडली के दूसरे और सातवें भाव के स्वामी हैं। वृषभ एक अर्थ और फिक्स्ड राशि है, जबकि तुला एक एयरी और मूवेबल राशि है। शुक्र मीन राशि में उच्च और कन्या राशि में नीच होते हैं। पुरुषों की कुंडली में शुक्र, पत्नी और विवाह का प्रतिनिधित्व करते हैं। वहीं कुंडली का सप्तम भाव विवाह और व्यापार में साझेदारी का प्रतिनिधित्व करता है। शुक्र अपने स्त्री गुण के कारण संगीत, सिनेमा, नाटक, मीडिया, संगीत, परिवहन, कृषि, फैशन और सौंदर्य जैसे व्यवसायों से संबंधित हैं। इसके साथ ही ये लोगों में शांति और धैर्य को भी प्रोत्साहित करता है। 

हिंदू पंचांग के अनुसार शुक्र 11 नवंबर 2022 को रात 08:20 बजे वृश्चिक राशि में गोचर (Shukra Gochar Vrishchik Rashi) करेंगे और 5 दिसंबर 2022 तक वृश्चिक राशि में रहेंगे। इस गोचर का वृश्चिक राशि वाले जातकों के प्रेम जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसके साथ ही आपकी भावनाएं और इच्छाएं भी पूरी होंगी। शुक्र का राशि परिवर्तन रोमांस, संवेदनशीलता और कामुक तृप्ति की इच्छा को बढ़ाएगा। वृश्चिक स्थिर और जल तत्व की राशि है। इस कारण यह परिवर्तन का प्रतिनिधित्व करती है। इस गोचर की बदौलत आप लंबे समय तक चलने वाले रिलेशन बनाने में सक्षम होंगे। शुक्र का वृश्चिक राशि में गोचर, रिश्तों और धन के महत्व को महसूस करने का सही समय हो सकता है। इसके अलावा, किसी भी शारीरिक और भावनात्मक समस्या को हल करने का भी ये एक अच्छा समय होगा।

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आइये जानते हैं कि शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर का सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर का मेष राशि पर प्रभाव

शुक्र, मेष राशि के जातकों की कुंडली के दूसरे और सातवें भाव के स्वामी हैं। शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर () के दौरान शुक्र, मेष राशि के आठवें भाव में प्रवेश करेंगे। इस राशि का दूसरा भाव परिवार, धन और वित्त व सातवां भाव साझेदारी, विवाह और जीवनसाथी से संबंधित होता है। वहीं आठवां भाव रिश्तों में अचानक बदलाव, लाभ और हानि से जुड़ा होता है। इस समय जो लोग व्यापार के क्षेत्र से जुड़े हैं, वे विदेशों में भी अपने व्यापार का विस्तार करेंगे। लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के साथ ही ये अवधि प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करने के लिए भी अच्छी रहेगी। हालांकि नौकरीपेशा लोगों को नौकरी बदलने के अच्छे अवसर नहीं मिलेंगे। जो स्टूडेंट्स हायर एजुकेशन के लिए विदेश जाना चाहते हैं, वे भी सफल हो सकते हैं। इस दौरान आपको अपनी लव रिलेशनशिप में मनचाहा लाइफ पार्टनर मिल सकता है। इस प्रकार आप अपने प्रेम संबंधों में गहराई से जुड़ पाएंगे।

उपाय- शुक्रवार के दिन मंदिर में सफेद वस्त्र और रसीले फलों का दान करें।

शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर का वृषभ राशि पर प्रभाव

वृषभ राशि के जातकों की कुंडली में शुक्र, पहले और छठवें भाव के स्वामी हैं। शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर के दौरान शुक्र, वृषभ राशि के सातवें भाव को प्रभावित करेंगे। लग्न यानी प्रथम भाव व्यक्तिगत विकास और स्वाभिमान का प्रतिनिधित्व करता है और छठवां भाव नौकरी, दुश्मन व ऋण से संबंधित है। इस गोचर के दौरान आपको अपने पार्टनर और परिवार का सहयोग मिलेगा। यह समय आपके बिजनेस की फाइनेंशियल ग्रोथ के लिए अच्छा है। आप अपने पारिवारिक व्यवसाय में भी धन का निवेश करेंगे। इस दौरान कार्यस्थल पर आपको अपने सीनियर्स का सहयोग मिल सकता है। इसके साथ ही आपको नौकरी बदलने का भी अच्छा मौका मिल सकता है। इस अवधि में स्टूडेंट्स अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान देंगे। इसके अलावा आपके रिलेशनशिप में कुछ समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं और आपसी रिश्तों में अनबन हो सकती है।

उपाय- प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को जरूरतमंदों को भोजन और मिठाई का दान करें। 

शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर का मिथुन राशि पर प्रभाव

शुक्र, वृश्चिक राशि के जातकों की कुंडली के पांचवे और बारहवें भाव के स्वामी हैं। शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर के दौरान शुक्र, वृश्चिक राशि के छठवें भाव में प्रवेश करेंगे। पांचवां भाव हमारे रिश्तों और छठवां भाव लड़ाई, दुश्मनी, ऋण व बीमारी का प्रतिनिधित्व करता है। बारहवां भाव अलगाव, बढ़े हुए खर्च, विदेश यात्रा और अस्पताल में भर्ती होने से संबंधित होता है। शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर के दौरान आपके खर्चों में वृद्धि हो सकती है। इस समय जो लोग व्यापार के क्षेत्र से जुड़े हैं, वे इन्वेस्टमेंट भी करेंगे। हालांकि उसका कोई खास लाभ उन्हें प्राप्त नहीं होगा। आपको अपने भाई-बहन और दोस्तों का सहयोग हासिल होगा। अगर आप नौकरी बदलने के इच्छुक हैं तो आपके लिए यह एक बेहतरीन समय है। इस प्रकार आपको एक अद्भुत अवसर मिल सकता है। इस दौरान आप अपने रिलेशनशिप में खुश महसूस कर सकते हैं और अगर आप किसी पार्टनर की तलाश में हैं तो यह समय आपके लिए सकारात्मक होगा।

उपाय- प्रत्येक शुक्रवार को शिवलिंग पर दही चढ़ाएं। 

शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर का कर्क राशि पर प्रभाव

कर्क राशि के जातकों की कुंडली में शुक्र, चौथे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं। शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर के दौरान शुक्र, कर्क राशि के पांचवें भाव को प्रभावित करेंगे। चौथा भाव वाहन, सुख, संपत्ति और शांति का प्रतिनिधित्व करता है। ग्यारहवां भाव इच्छाओं का और पांचवां भाव हमारी भावनाओं, रिश्तों व बच्चों से जुड़ा होता है। इस गोचर के दौरान आप अपने परिवार के साथ किसी आध्यात्मिक स्थान की यात्रा करेंगे। आप संपत्ति और वाहनों में निवेश करेंगे। इस अवधि में आप अपने व्यवसाय में मेहनत तो करेंगे, लेकिन आपका व्यवसाय धीमा रहेगा। इस कारण आपको अधिक पैसा निवेश नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही नौकरी में अच्छे अवसरों के लिए भी यह समय अनुकूल नहीं है। यह समय अपने सोशल सर्कल के साथ बिताने के लिए अच्छा है। इस गोचर के दौरान आपके पारिवारिक जीवन में संघर्षों के होने की आशंका है। इसके अलावा जो विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं, वे सफल हो सकते हैं। 

उपाय- प्रत्येक बुधवार को भगवान गणेश को कच्चा नारियल अर्पित करें। 

शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर का सिंह राशि पर प्रभाव

शुक्र, सिंह राशि के जातकों की कुंडली के तीसरे और दसवें भाव के स्वामी हैं। शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर के दौरान शुक्र, सिंह राशि के चौथे भाव को नियंत्रित करेंगे। चौथा भाव परिवार, घर, आराम का और तीसरा भाव प्रयासों, भाई-बहनों व छोटी यात्राओं का प्रतिनिधित्व करता है। वहीं दसवां भाव कर्म (पेशे और नौकरी) से जुड़ा होता है। इस गोचर के दौरान आप आराम महसूस करेंगे। यदि आप पार्टनरशिप में व्यापार कर रहे हैं, तो आपके बीच गलतफहमी हो सकती है। अगर आप नौकरी बदलना चाहते हैं, तो आपको नौकरी बदलने के अच्छे अवसर भी मिलेंगे। कार्यक्षेत्र में आपके सीनियर्स आपका समर्थन करेंगे। शुक्र के गोचर से होने वाले नकारात्मक प्रभाव के कारण आपको अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने मे मुश्किल आ सकती है। इसके साथ ही आपके वैवाहिक जीवन में अकारण ही कुछ समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए शांत रहें। इस समय आपको भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा और आप अपने घर में कुछ निर्माण कार्य भी करवाएंगे। 

उपाय- प्रतिदिन शिवलिंग पर हल्दी मिलाकर जल चढ़ाएं। 

शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर का कन्या राशि पर प्रभाव

कन्या राशि के जातकों की कुंडली में शुक्र, दूसरे और नौवें भाव के स्वामी हैं। शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर के दौरान शुक्र, कन्या राशि के तीसरे भाव में स्थित हैं। दूसरा भाव हमारे परिवार, वित्त, धन और बचत का होता है। नौवां भाव उच्च शिक्षा, लंबी यात्रा व हमारे भाग्य का होता है और तीसरा भाव हमारे भाई-बहनों, प्रयासों, छोटी यात्राओं का होता है। इस गोचर के दौरान आप अपनी कुछ संपत्ति बेच सकते हैं। वहीं आर्थिक रूप से आपका विकास भी होगा। यदि आप विदेश में अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहते हैं तो यह एक अच्छा समय हो सकता है। आप आर्थिक रूप से आप मजबूत रहेंगे। अगर आप नौकरी बदलना चाहते हैं, तो इस अवधि में यह संभव नहीं हो पायेगा। इसके साथ ही आपको अपने कार्यक्षेत्र में राजनीति का सामना भी करना पड़ेगा। यदि स्टूडेंट्स अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करेंगे, तो वे हायर स्टडीज से संबंधित अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा आपके लव रिलेशनशिप में कुछ दिक्कतें आएंगी। आपका पार्टनर आपके रिश्ते में कमेटिड नहीं होगा। हालांकि, शुक्र का ये गोचर आपके करियर को लाभान्वित करेगा। 

उपाय- प्रतिदिन पक्षियों को सात अलग-अलग अनाजों का मिश्रण खिलाएं। 

शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर का तुला राशि पर प्रभाव

शुक्र, तुला राशि के जातकों की कुंडली में पहले और आठवें के स्वामी हैं। शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर के दौरान शुक्र, तुला राशि के दूसरे भाव में स्थित हैं। प्रथम भाव हमारे सम्मान, व्यक्तित्व और हमारी छवि का प्रतिनिधित्व करता है। दूसरा भाव परिवार, धन और वित्त के लिए है, वहीं आठवां भाव अचानक नुकसान-लाभ, रहस्यों और गहरी आध्यात्मिकता से जुड़ा होता है। इस गोचर के दौरान आप आर्थिक रूप से संतुष्ट रहेंगे। व्यापार में आपको अचानक बदलाव और तरक्की मिल सकती है। इस दौरान आपका परिवार आपका पूरा साथ देगा। इस समय अगर आप कुछ पैसे उधार देते हैं तो आपका पैसा अटक सकता है। कार्यक्षेत्र में आपको आर्थिक वृद्धि और सफलता का अनुभव होगा। विदेश में आपका कारोबार बढ़ेगा। इस अवधि में स्टूडेंट्स अपनी उच्च शिक्षा पर ध्यान देंगे और आपको विदेश में अध्ययन करने का अच्छा अवसर भी प्राप्त हो सकता है। इसके अलावा लव रिलेशनशिप में चीजें ठीक प्रकार से नहीं चलेंगी। इस गोचर का प्रभाव आपके लव रिलेशनशिप और मैरिड लाइफ के लिए ज्यादा अनुकूल नहीं रहेगा।

उपाय- रोज सुबह 108 बार सूर्य मंत्र का जाप करें। 

शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर का वृश्चिक राशि पर प्रभाव 

वृश्चिक राशि के जातकों की कुंडली में शुक्र, बारहवें और सातवें भाव के स्वामी हैं। शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर  के दौरान शुक्र, वृश्चिक राशि के प्रथम भाव में स्थित हैं। सातवां भाव विवाह, जीवनसाथी और साझेदारी का प्रतिनिधित्व करता है। वहीं बारहवां भाव अस्पताल में भर्ती, हानि, खर्च और विदेश यात्रा से जुड़ा हुआ होता है। इस गोचर के दौरान, आपकी पहुंच दुनिया तक हो सकती है। आपको विदेश में रोजगार के बेहतरीन अवसर मिल सकते हैं। इसके साथ ही आपके खर्चें भी बढ़ेंगे। इस कारण आपको पैसे बचाने का प्रयास करना चाहिए। इसके अलावा आप शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। हालांकि, आप अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में असमर्थ हो सकते हैं क्योंकि आपकी भावनाएं पढ़ाई में बाधा उत्पन्न करेंगी। इस गोचर के समय आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की जरूरत है। यदि आप इस अवधि में किसी को अपना पैसा देते हैं, तो आपको वह वापस नहीं मिलेगा। आप अपने पैसे का उपयोग व्यापार में निवेश करने के लिए करेंगे। इस प्रकार निवेश करने से पहले अच्छी तरह विचार करें।

उपाय- हर शनिवार को गेहूं के आटे की 108 गोलियां बनाकर मछलियों को खिलाएं।

शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर का धनु राशि पर प्रभाव

धनु राशि के जातकों की कुंडली में शुक्र, ग्यारहवें और छठवें भाव के स्वामी हैं। शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर के दौरान शुक्र, धनु राशि के बारहवें भाव में प्रवेश करेंगे। ग्यारहवां भाव इच्छाओं से और बारहवां भाव हमारे फिजूलखर्ची, अनैतिक संबंध, विदेश यात्रा व अस्पताल में भर्ती होने के खर्च से जुड़ा होता है। वहीं छठवां भाव रोजगार, शत्रु, रोग और ऋण को नियंत्रित करता है। इस गोचर के दौरान कुछ पारिवारिक समस्याएं सामने आ  सकती हैं। इसके साथ ही पार्टनर के साथ भी आपके संबंध कुछ अच्छे नहीं रहेंगे। आप व्यापार से संबंधित यात्राएं करेंगे जो आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं। अगर आप नौकरी की तलाश कर रहे हैं, तो आपको विदेश  या मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी के अच्छे अवसर मिल सकते हैं। इस समय आप अपनी पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाएंगे। आपकी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में स्थितियां अनुकूल नहीं रहेंगी, लेकिन कुछ दिनों बाद उनमें सुधार होने की संभावना है।

उपाय- लाइफपार्टनर या पार्टनर को कुछ गिफ्ट दें। इसके अलावा, अपनी ऊर्जा को बढ़ाने के लिए सुगंधित तेल का उपयोग करें।

शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर का मकर राशि पर प्रभाव

शुक्र, मकर राशि के जातकों की कुंडली में पांचवें और दसवें भाव के स्वामी हैं। शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर  के दौरान शुक्र, मकर राशि के ग्यारहवें भाव में स्थित होंगे। पांचवां भाव हमारी भावनाओं, बच्चों और बुद्धि से जुड़ा होता है। दसवां भाव हमारे कर्म, पेशे, नौकरी और ग्यारहवां भाव मनोकामना पूर्ति का होता है। इस गोचर काल में आप बहुत मेहनत करेंगे। इस समय आपके खर्चों में वृद्धि हो सकती है और आप कुछ छोटी यात्राएं भी कर सकते हैं। यदि आप अपनी संपत्ति बेचने का सोच रहे हैं, तो यह एक अच्छा समय हो सकता है। इसके अलावा अगर आप स्टूडेंट हैं तो आप अपनी पढ़ाई से जुड़े कॉम्पिटिशन में सफल होंगे। आप अपनी मैरिड लाइफ और अपने पारिवारिक रिश्तों में संतुलन बनाए रखने के लिए काम करेंगे। वहीं आपका अपने पिता और भाई-बहनों के साथ कुछ विवाद भी हो सकता है। यदि आपको अपनी नौकरी पसंद नहीं है और आप बदलना चाहते हैं, तो यह गोचर आपको ऐसा करने का एक अच्छा मौका देगा। यह गोचर कुल मिलाकर मकर राशि के जातकों के लिए अनुकूल रहेगा। 

उपाय- शुक्रवार के दिन सफेद चंदन और दही से रुद्राभिषेक करें। 

शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर का कुंभ राशि पर प्रभाव

शुक्र, कुंभ राशि के जातकों की कुंडली में चौथे और नौवें भाव के स्वामी हैं। शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर के दौरान शुक्र, कुंभ राशि के दसवें भाव में विराजमान होंगे। चौथा भाव माता, सुख-सुविधा, वाहन और संपत्ति का प्रतिनिधित्व करता है। वहीं दसवां भाव हमारे कर्म, पेशे और नौवां भाव हमारे भाग्य, आध्यात्मिकता व लंबी यात्रा से संबंधित होता है। इस समय आप कोई नया वाहन खरीद सकते हैं। आप इस गोचर के दौरान रियल एस्टेट में भी निवेश कर सकते हैं। हालांकि आपको कुछ सरकारी मुद्दों का सामना करना पड़ सकता है। फैशन या मीडिया उद्योग से जुड़े लोगों को इस गोचर से लाभ होगा और जातकों के भाग्य में सुधार होगा। विद्यार्थी अपने क्षेत्र से जुड़े किसी काम को पूरा करने का प्रयास करेंगे और सफल भी होंगे। आपके प्रेम संबंधों के लिए ये समय ठीक रहेगा। इस गोचर के दौरान आप और आपका परिवार किसी आध्यात्मिक स्थान पर जाएंगे। कुल मिलाकर कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय अच्छा है। 

उपाय- पानी में हल्दी मिलाकर बरगद के पेड़ पर चढ़ाएं। 

शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर का मीन राशि पर प्रभाव

मीन राशि के जातकों की कुंडली में शुक्र, तीसरे और आठवें भाव के स्वामी हैं। शुक्र के वृश्चिक राशि में गोचर के दौरान शुक्र, मीन राशि के नौवें भाव में स्थित होंगे। तीसरा भाव हमारे भाई-बहनों और आठवां भाव अप्रत्याशित नुकसान या अनिश्चितता का होता है। वहीं नौवां भाव भाग्य का प्रतिनिधत्व करता है। इस अवधि में आपके  भाई-बहन आपका पूरा साथ देंगे। गोचर के दौरान आपको अपने व्यवसाय में निवेश न करने की सलाह दी जाती है। इस प्रकार आपको अपने पैसों की बचत करनी चाहिए क्योंकि कोई आपको धोखा देने की कोशिश भी कर सकता है और आपका पैसा फंस सकता है। आपके लिए अच्छा है कि आप दूसरे लोगों के मामलों में दखल न दें। कुछ दिनों बाद चीजें बेहतर हो जाएंगी। आपको अपने कार्यक्षेत्र में राजनीति का सामना करना पड़ सकता है। इस अवधि में धैर्य से काम लें और किसी से वाद-विवाद करने से भी बचें। अगर आप स्टूडेंट हैं और अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करना चाहते हैं, तो यह संभव हो पायेगा। ये समय रिलेशनशिप के मामलों में कुछ खास नहीं है इसलिए अभी किसी भी रिलेशनशिप में आने से बचें। दूसरी ओर,आप काम या व्यवसाय में भी सहज नहीं रह पाएंगे। इस गोचर के दौरान नुकसान के संकेत मिल रहे हैं, इसलिए पैसे बचाने की कोशिश करें और केवल अपने काम पर ध्यान दें। मीन राशि वालों के लिए यह गोचर अधिक अनुकूल नहीं है। 

उपाय- शुक्रवार के दिन महालक्ष्मी मंदिर में देसी घी के ग्यारह दीये जलाएं।

अगर आप शुक्र गोचर से जुड़ी अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो अभी बात करें एस्ट्रो नैन्सी से सिर्फ एस्ट्रोयोगी पर।  

✍️ By- एस्ट्रो नैन्सी

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