10 मुखी रुद्राक्ष

दस  मुखी रुद्राक्ष (10 Mukhi Rudraksha) भगवान विष्णु का आशीर्वाद है, जो त्रिमूर्ति देवताओं का अंश है, जिन्हें ब्रह्मांड का निर्माता कहा जाता है। इस रुद्राक्ष की सतह पर ऊपर से नीचे तक 10 प्राकृतिक ऊर्ध्वाधऱ रेखाएं होती हैं। यह दुर्लभ किस्म का रुद्राक्ष है, जो ज्यादातर नेपाल और जावा में पाया जाता है। यह रुद्राक्ष विष्णु जी का स्वरूप होने के कारण धारक के प्रभाव को दसों दिशाओं में फैलाता है। हालांकि इस रुद्राक्ष के पास कोई सत्तारूढ़ ग्रह नहीं हैं, क्योंकि यह मानव जीवन पर सभी ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को खत्म करने की दिशा में काम करता है। इस रुद्राक्ष को तंत्र मत्र की साधना करने के लिए, शरीर के सातों चक्रों को संतुलित करने के लिए जाना जाता है। दरअसल भगवान विष्णु को दशावतार माना जाता है इसलिए इस रुद्राक्ष में 10 देवताओं का आशीर्वाद है। यह रुद्राक्ष भूत-प्रेत, डाकिनी और पिशाचिनी जैसी बुरी शक्तियों से बचाता है।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, ग्रह मनुष्यों के जीवन को प्रभावित करते हैं। चूंकि ग्रह हमेशा चलायमान होते हैं, ज्योतिष के संदर्भ में, यह गोचर समय-समय पर एक राशि से दूसरी राशि में होता है। कुछ ग्रहों की चाल धीमी होती है तो कुछ ग्रहों की चाल तेज होती है। ये सभी ग्रह हर गोचर के साथ नकारात्मक और सकारात्मक रुप से अपने व्यवहार को बदलते रहते हैं। इसे समझने के लिए किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी से परामर्श करना चाहिए और क्रूर ग्रहों के लिए प्रभावी उपायों की खोज करनी चाहिए। वह आपकी जन्मकुंडली का अध्ययन करेंगे और आपको उचित सलाह देंगे। एस्ट्रोयोगी पर 1000 से अधिक अनुभवी ज्योतिषी हैं, जो आपकी सभी समस्याओं और जीवन में कठिन समय से निपटने में मदद कर सकते हैं।


10 मुखी रुद्राक्ष पहनने के फायदे

यह काले जादू के दुष्प्रभाव को कम करता है।
यह पहनने वाले के ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को ठीक करने में मदद करता है।
यह धारक को अकाल मृत्यु या अप्राकृतिक मौत से बचाता है।
इसका उपयोग घर में वास्तु दोष या किसी अन्य वास्तु संबंधी समस्याओं को कम करने के लिए भी किया जाता है।
यह पहनने वाले के आसपास के नकारात्मक वातावरण, भूत-प्रेत पिशाच जैसी शक्तियों को दूर करने में मदद करता है।
यह जीवन में दिशा खोजने में मदद करता है
यह अनिद्रा और मन की अस्थिरता जैसी समस्याओं को हल करने में मदद करता है
यह पहनने वाले में निराशावादी विचारों को दूर करता है
यह कानूनी विवादों को दूर करने में मदद करता है
यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करता है
यह त्वचा और पेट से संबंधित मुद्दों का इलाज करने में मदद करता है
यह यौन विकारों को ठीक करने में भी मदद करता है
यह जीवन के सभी पहलुओं में शांति और सुरक्षा प्रदान करने में मदद करता है
यह आपके आत्मविश्वास को बढ़ाता है और प्रोफेशनल और पर्सनल जीवन में सामंजस्य बनाए रखने का काम करता है
यह व्यक्ति में सुरक्षा की भावना को बढ़ाता है
यह व्यक्ति में रचनात्मकता बढ़ाने और उत्कृष्टता प्राप्त करने में मदद करता है
यह तंत्रिका तंत्र को मजबूत करने में मदद करता है


10 मुखी रुद्राक्ष धारण करने की विधि

10 मुखी रुद्राक्ष(10 Mukhi Rudraksha)) पहनने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श ले लें ताकि वह आपकी जन्मकुंडली का विश्लेषण करते हुए आपको सुझाव सही रुद्राक्ष पहनने का सुझाव दे सकें। इसके अलावा, सुनिश्चित करें कि आप जो रुद्राक्ष पहनते हैं, वह आपके जीवन में सकारात्मक प्रभाव लाता है। हमेशा एक बात याद रखें कि हो सके तो अपने पैसे से ही रुद्राक्ष खऱीदें ताकि वह अपना प्रभाव दिखा पाए। 10 मुखी रुद्राक्ष को पहनने का शुभ दिन सोमवार माना जाता है। इस रुद्राक्ष को धारण करने से पहले स्नानादि क्रियाओं से निवृत्त होकर फिर “ॐ ह्रीं नमः” मंत्र का 108 बार जाप करते हुए रुद्राक्ष को धारण करना चाहिए। इसके अलावा इसे धारण करने के पश्चात प्रतिदिन पांच माला ऊँ नम: शिवाय का जाप करना चाहिए। रुद्राक्ष हमेशा चांदी, सोने और तांबे या पंचधातु में और इसे काले या लाल धागे के साथ पहनना चाहिए। 


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