वृश्चिक में मंगल और केतु की युति का, इन राशियों पर होगा शुभ प्रभाव

bell icon Tue, Nov 30, 2021
टीम एस्ट्रोयोगी टीम एस्ट्रोयोगी के द्वारा
वृश्चिक में मंगल और केतु की युति का कैसा होगा आपकी राशि पर असर

सूर्य ग्रहण के अगले दिन मंगल करने जा रहा है वृश्चिक राशि में प्रवेश, इस राशि परिवर्तन से वृश्चिक राशि में पहले से स्थित केतु के साथ हो रहा है मंगल की युति का निर्माण। मंगल और केतु की युति का क्या होगा आपकी राशि पर असर? जानें। 

ज्योतिष शास्त्र में नवग्रहों की स्थिति का विशेष महत्व है और हर महीने किसी न किसी राशि में कोई न कोई ग्रह गोचर करता रहता है। दिसंबर में मंगल ग्रह अपनी राशि परिवर्तन करने जा रहा है। मंगल 5 दिसंबर 2021 को सुबह 6:20 बजे वृश्चिक में प्रवेश करेगा और 4 जनवरी 2022 तक इसी राशि में रहेगा। केतु 23 सितंबर 2020 से ही वृश्चिक राशि में स्थित है जो यहाँ 12 अप्रैल 2022 तक रहेगा। 

मंगल को क्रूर ग्रह माना जाता है। यह ऊर्जावान, अधीर, त्वरित निर्णय और जोखिम लेने वाला ग्रह है। अगर यह सकारात्मक है तो निश्चित रूप से आपको विजय प्रदान करेगा, इसके विपरीत कमजोर मंगल आपको कायर बना देगा। आपके शरीर में आपका रक्त मंगल से प्रभावित है और इस बार मंगल केतु के साथ प्रवेश करेगा जो सकारात्मक परिणाम देता है। 

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जब केतु और मंगल वृश्चिक राशि में एक साथ होंगे, तो यह 12 राशियों पर कैसा प्रभाव डालेंगे? आइये जानते है


 

मेष राशि के लिए वृश्चिक राशि में मंगल और केतु की युति  

यह गोचर आपके अष्टम भाव में होगा। इस समय यह आपको गुप्त विज्ञान का गहन अध्ययन करने में आपकी सहायता करेगा। इस अवधि में आपकी बुद्धि और हृदय के बीच प्रतिद्वंद्विता रहेगी। आपके और आपके ससुराल पक्ष के बीच बहस हो सकती है। अनावश्यक तर्क-वितर्क से बचने की कोशिश करें। आपका रुखा व्यवहार किसी को आहत कर सकता है इसलिए अधिकतर चुप रहने का प्रयास करें। यह समय नए काम की शुरुआत के लिए उचित नहीं है। वाहन चलाते समय सतर्क रहें, दुर्घटना का सामना करना पड़ सकता है।

उपाय- हनुमान चालीसा का जाप करें।

 

वृषभ राशि के लिए वृश्चिक राशि में मंगल और केतु की युति 

यह गोचर आपके सातवें भाव में होगा। इस अवधि में आप कई परियोजनाओं से विचलित होंगे। साझेदारी के लिए समय ठीक नहीं है। अगर आप किसी काम की शुरुआत स्वयं करेंगे तो उसका सकारात्मक परिणाम आपको जरूर मिलेगा। अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे लेकिन फिर भी सोच-समझकर निर्णय लें क्योंकि केतु और मंगल मिलकर आपको भ्रमित करेंगे। आपको अपने साथी के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करना होगा। अनावश्यक वाद-विवाद से बचने का प्रयास करें अन्यथा यह आपके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।

उपाय- हनुमान जी को लाल गुलाब की माला अर्पित करें।

 

मिथुन राशि के लिए वृश्चिक राशि में मंगल और केतु की युति

यह गोचर आपके छठे भाव में होगा, जिससे आपके शत्रुओं के लिए यह अवधि कठिन हो जाएगी। यह समय अपने छिपे हुए प्रतिद्वंद्वियों को हराने के लिए अच्छा है। इस दौरान आपको कोर्ट सम्बंधित विवादों में जीत मिल सकती हैं। सेहत का ध्यान रखें और खान-पान को लेकर सतर्क रहें। किसी को भी धन उधार देने से बचें। जो लोग सरकारी नौकरी में हैं और जो लोग सरकारी नौकरी पाने की कोशिश कर रहे हैं उनके लिए यह अवधि अच्छी है, उन्हें अपनी मेहनत के द्वारा अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

उपाय- नहाने के पानी में गुलाब जल मिलाएं।

 

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कर्क राशि के लिए वृश्चिक में मंगल और केतु की युति

यह गोचर आपके पंचम भाव में होगा इसलिए प्रेमी जोड़ों के लिए यह समय अच्छा नहीं है। स्थिति को विनम्रता से संभालने की कोशिश करें और जिनकी शादी नहीं हुई है उन्हें थोड़ा ओर इंतजार करना होगा। संतान की वजह से आप तनाव में रहेंगे। जो लोग खेल से जुड़े हैं उनके लिए यह समय अनुकूल है लेकिन अपने वरिष्ठों के साथ अनावश्यक बहस में न पड़ें। आपके विदेश जाने के योग हैं और इससे आपके नाम और कीर्ति में अत्यधिक वृद्धि होगी।

उपाय- प्रतिदिन मस्तक पर केसर और चंदन का तिलक करें।

 

सिंह राशि के लिए वृश्चिक राशि में मंगल और केतु की युति

यह गोचर आपके चतुर्थ भाव में विराजमान होगा। संपत्ति में निवेश करने के लिए यह एक अद्भुत अवधि होगी लेकिन कानूनी दस्तावेजों की जांच किए बिना कोई कदम न उठाएं। इस अवधि में माता के स्वास्थ्य का ख़्याल रखें, अन्यथा परिवार में परेशानियां आ सकती है। आप नए संबंध बनाएंगे और इसकी वजह से आपको काम में बेहतर परिणाम मिलेंगे। इस अवधि में बनाए गए कनेक्शन आपके काम में मदद आएँगे। इसलिए इस अवधि का बुद्धिमानी से उपयोग करें। यह समय कारोबार और निवेश के लिए अच्छा साबित होगा।

उपाय- तांबे का कड़ा अपने दाहिने हाथ में धारण करें।

 

कन्या राशि के लिए वृश्चिक राशि में मंगल और केतु की युति 

यह गोचर आपके तीसरे भाव में रहेगा और यह समय आपके लिए अनुकूल होगा। नया काम शुरू करने के किसी प्रयास से आपको अच्छे परिणामों की प्राप्ति होगी। पेशेवर जीवन फलदायी रहेगा, जिससे आप अच्छा महसूस करेंगे। भाई-बहनों के साथ मतभेद हो सकता है, इसलिए स्थिति को प्रेमपूर्वक संभालें। इस अवधि में, आप यात्रा पर जा सकते हैं, लेकिन सावधानी से वाहन चलाएं या सवारी करें। यदि संभव हो तो स्वयं सवारी/ड्राइव करने से बचे। यह अवधि अच्छी रहेगी, यदि आप प्रयास करते है तो आपको सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।

उपाय- लाल गुलाब के इत्र का प्रयोग करें और हनुमान जी की पूजा करें।

 

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तुला राशि के लिए वृश्चिक राशि में मंगल और केतु की युति

यह गोचर आपके दूसरे भाव में होगा। इस अवधि में शब्दों का चयन सोच-समझकर करें क्योंकि आपके संचार का तरीका आपके लिए स्थिति को या तो सुधार सकता है या बर्बाद कर सकता है। आपको अनेक स्रोतों से धन लाभ होगा। इस दौरान आपको परिवार में मतभेदों का सामना करना पड़ सकता है और इसकी वजह से आप परेशान हो सकते है। साझेदारी में काम शुरू करने से बचें जो लोग इस समय पार्टनरशिप में काम कर रहे हैं, उन्हें धैर्य से काम लेना होगा। अपने जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। इस समय खर्चों में वृद्धि होने की संभावना है, अनावश्यक खर्चों से बचें।

उपाय- हनुमान मंत्र का जाप करें।

 

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वृश्चिक राशि के लिए वृश्चिक राशि में मंगल और केतु की युति

यह गोचर आपके प्रथम भाव में होगा। आप मानसिक रूप से सक्रिय और ऊर्जावान महसूस करेंगे। सोच-समझकर किए गए निर्णय आपको अच्छे परिणाम देंगे। जो लोग इस अवधि में सरकारी काम से जुड़े हैं वे सफल होंगे। अचानक धन लाभ होगा। आपके रुके हुए काम जल्द ही सुलझेंगे। इस अवधि में आप मन लगाकर काम करेंगे और हर काम पर ध्यान देंगे। जीवनसाथी से वाद-विवाद का सामना करना पड़ सकता है। जिन लोगों ने आपसे उधार लिया था, वे अब उसे वापस कर सकते हैं। कुल मिलाकर यह अवधि आपके व्यक्तिगत विकास के लिए अच्छी है।

उपाय- गाय को लाल गुड़ खिलाएं।

 

धनु राशि के लिए वृश्चिक राशि में मंगल और केतु की युति

यह युति आपके बारहवें भाव में होगी। यह अवधि आपके लिए आर्थिक रूप से कठिन होगी। आपके खर्चों में वृद्धि हो सकती है लेकिन आपको सफलता प्राप्त होगी। आप धार्मिक कार्यों में रुचि लेंगे। इस दौरान आप लंबी यात्राओं पर जा सकते हैं। आप अपने बच्चे के कारण परेशान हो सकते हैं। सब सामान्य हो जाएगा लेकिन फिर भी आप असुरक्षित महसूस करेंगे। इस अवधि में अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने के लिए ध्यान करें।

उपाय- गरीब लोगों को गुड़ से बनी मिठाई खिलाएं।

 

मकर राशि के लिए वृश्चिक राशि में मंगल और केतु की युति

यह गोचर आपके 11वें भाव में होगा। इस अवधि में आपको अपने जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा जो आपकी प्रसन्नता का कारण बनेगा। आपके जीवन में परेशानियां आएंगी लेकिन सब सामान्य हो जाएगा। आपको अपने काम में सफलता मिलेगी और आपके मुनाफे में वृद्धि होगी। भाई-बहनों से विवाद हो सकता है। इस समय काम से जुड़ी यात्राओं से आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे। प्रॉपर्टी में निवेश के लिए अच्छा समय है।

उपाय- शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित करें।

 

कुंभ राशि के लिए वृश्चिक राशि में मंगल और केतु की युति

यह गोचर आपके दसवें भाव में होगा। आप आश्चर्यजनक रूप से प्रगति करेंगे और काम में सफलता मिलेगी। उच्च पद पर आसीन लोगों से आपको अच्छा सहयोग मिलेगा। नया व्यवसाय शुरू करने के लिए समय उत्तम है। इस दौरान आपके आराम में वृद्धि होगी और आपको सभी से सम्मान मिलेगा।

उपाय- गुड़ के जल से भगवान शिव का अभिषेक करें।

 

मीन राशि के लिए वृश्चिक राशि में मंगल और केतु की युति

यह संक्रमण आपके नवम भाव में होगा, जिससे यह अवधि वेतनभोगी व्यक्तियों और व्यवसायियों के लिए अच्छी होगी। आप बचत करने में सक्षम होंगे। जो लोग नौकरी में हैं उन्हें पदोन्नति मिल सकती है। आपको अपने व्यवसाय में भी सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। पारिवारिक संपत्ति सम्बंधित विवाद सुलझेंगे और यह आपके लिए फायदेमंद रहेगा। यह अवधि आपके लिए सकारात्मक है।

उपाय- घर से निकलते समय गुड़ की मिठाई का सेवन करें।

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