Mangal Gochar 2026: जब ऊर्जा, और साहस का ग्रह मंगल भावनाओं की राशि कर्क में प्रवेश करता है, तो बाहरी दुनिया से ज्यादा हलचल अंदर शुरू होती है। यह गोचर सिर्फ घटनाओं को नहीं, बल्कि आपके रिएक्शन, मूड और रिश्तों को भी प्रभावित करता है। मंगल गोचर के दौरान गुस्सा सीधा बाहर आने के बजाय मन में दब सकता है, छोटी-छोटी बातें दिल को ज्यादा छू सकती हैं और पुराने भावनात्मक घाव फिर से उभर सकते हैं। मंगल का कर्क राशि में गोचर 2026 आपको यह सिखाता है कि हर लड़ाई बाहर नहीं लड़ी जाती, कुछ जंग भीतर जीतनी होती हैं। यह समय इमोशनल हीलिंग, रिश्तों की गहराई और आत्म-सुरक्षा को समझने का है। लेकिन अगर भावनाओं को बिना समझे प्रतिक्रिया दी जाए, तो तनाव, गलतफहमियां और मनमुटाव भी बढ़ सकते हैं। आइए जानते हैं कि यह भावनात्मक रूप से संवेदनशील गोचर कब से कब तक रहेगा और इसका असर आपकी राशि पर कैसे पड़ेगा।
मंगल 18 सितंबर 2026 को दोपहर 04:44 बजे कर्क राशि में प्रवेश करेगा और 2 नवंबर 2026 तक यहीं विराजमान रहेगा। यानी कुल 46 दिनों तक यह गोचर प्रभाव में रहेगा। इस दौरान भावनाएं, पारिवारिक रिश्ते, घर-गृहस्थी, भावनात्मक सुरक्षा, दबा हुआ गुस्सा और पुराने अनुभव खास तौर पर एक्टिव रहेंगे। यह समय जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने के बजाय धैर्य, समझदारी और भावनात्मक परिपक्वता अपनाने की मांग करता है।
मंगल के कर्क राशि में गोचर के दौरान मेष राशि वालों के मन में बेचैनी और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। कई बार बिना किसी ठोस कारण के आप खुद को भावनात्मक रूप से अस्थिर महसूस कर सकते हैं। इस समय घर, परिवार, माता-पिता (विशेष रूप से माता) और संपत्ति से जुड़े मामलों में आपकी भावनात्मक भागीदारी बढ़ेगी। अगर आप पिछले कुछ समय से काम या बाहरी लक्ष्यों को प्राथमिकता दे रहे थे, तो दबा हुआ गुस्सा अब सामने आ सकता है, जिससे घरेलू माहौल में तनाव बन सकता है।
इस गोचर के दौरान घर में बहस या मतभेद की स्थिति बन सकती है, खासकर तब जब आप अपनी भावनाएं आवेग में व्यक्त करें। यह समय किसी पर हावी होने या परिस्थितियों को अपने अनुसार मोड़ने का नहीं है, क्योंकि ऐसा करने से विवाद और बढ़ सकते हैं। बेहतर होगा कि आप धैर्य रखें और भावनात्मक समझदारी के साथ स्थितियों को संभालें।
करियर के क्षेत्र में भावनात्मक उलझनों के कारण ध्यान भटक सकता है। वर्क-फ्रॉम-होम, प्लानिंग या बैकएंड से जुड़े कार्यों में वृद्धि हो सकती है। इस दौरान प्रॉपर्टी, घर की मरम्मत या जगह बदलने से जुड़ी चर्चाएं भी हो सकती हैं, लेकिन किसी भी फैसले में शांति और समझदारी जरूरी है। आर्थिक रूप से घर या परिवार पर खर्च बढ़ने के संकेत हैं।
स्वास्थ्य की दृष्टि से नींद की कमी और मानसिक तनाव आपको परेशान कर सकते हैं। गुस्से को मन में दबाकर रखना थकान और मूड स्विंग्स का कारण बन सकता है। यह गोचर आपको भावनात्मक संतुलन और भीतर से मजबूत बनने की सीख देता है। जब आप प्रतिक्रिया देने के बजाय सोच-समझकर उत्तर देना सीखेंगे, तो घरेलू सुख-शांति और मानसिक स्थिरता दोनों वापस आ सकती हैं।
उपाय: प्रतिदिन शाम के समय घर में दीपक जलाएं। ग्राउंडिंग एक्सरसाइज करें और परिवार के साथ अनावश्यक बहस से बचें।
इस गोचर के दौरान वृषभ राशि के जातकों का दिमाग काफी एक्टिव रहेगा, लेकिन भावनात्मक रूप से आप जल्दी रिएक्ट कर सकते हैं। कई बार दिल की भावना में ऐसे शब्द निकल सकते हैं, जिनका इरादा आप वास्तव में नहीं रखते। इसलिए बोलचाल में थोड़ा संतुलन रखना बहुत जरूरी होगा।
करियर की बात करें तो यह समय लगातार मेहनत करने का अच्छा फल देने वाला है, खासकर अगर आपका काम कम्युनिकेशन से जुड़ा है जैसे सेल्स, राइटिंग, टीचिंग, मार्केटिंग या कोऑर्डिनेशन। हालांकि ऑफिस में भावनाओं में बहकर बात करने से बचें, क्योंकि छोटी-सी गलतफहमी भी बड़ा रूप ले सकती है। भाई-बहनों या पड़ोसियों के साथ रिश्तों में भी तनाव महसूस हो सकता है, खासकर जब आपकी सोच में स्पष्टता न हो.
भावनात्मक रूप से आप अपनी बात और राय को लेकर ज्यादा प्रोटेक्टिव या डिफेंसिव हो सकते हैं। छोटी यात्राएं संभव हैं, लेकिन ये यात्राएं सुकून देने के बजाय आपको थोड़ा थका सकती हैं। आर्थिक रूप से धीरे-धीरे स्थिति में सुधार होगा, बशर्ते आप निरंतर प्रयास करते रहें।
स्वास्थ्य के लिहाज से मानसिक तनाव परेशान कर सकता है, खासकर अगर आप अपने दिमाग को आराम नहीं देंगे। यह गोचर आपको सिखाता है कि असली ताकत तेज प्रतिक्रिया में नहीं, बल्कि शांति और समझदारी में है।
उपाय: स्टेशनरी या नोटबुक का दान करें। बोलने से पहले रुककर सोचने और फिर प्रतिक्रिया देने की आदत डालें।
इस गोचर के दौरान मिथुन राशि के जातकों को ऐसा महसूस हो सकता है कि आर्थिक स्थिरता सीधे उनकी भावनात्मक सुरक्षा से जुड़ी हुई है। आय, बचत और पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर आप ज्यादा संवेदनशील या रक्षात्मक हो सकते हैं। इस समय जोखिम भरे आर्थिक फैसले लेने से बचना ही बेहतर रहेगा। भावनाओं में आकर किया गया खर्च खासकर खुद को अच्छा महसूस कराने के लिए आगे चलकर असंतुलन पैदा कर सकता है।
परिवार में पैसों, जिम्मेदारियों या मूल्यों को लेकर बातचीत हो सकती है, लेकिन अगर बातचीत भावनात्मक हो गई तो माहौल तनावपूर्ण बन सकता है। गुस्से या असुरक्षा में कहे गए शब्द लंबे समय तक असर छोड़ सकते हैं, इसलिए सोच-समझकर बोलना बेहद जरूरी है।
करियर और आय के मामले में मेहनत जारी रखने से स्थिति स्थिर बनी रहेगी, लेकिन भावनात्मक उतार-चढ़ाव आपके आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। कभी-कभी आप खुद की काबिलियत पर सवाल उठा सकते हैं या धीमे नतीजों की वजह से खुद को कम आंका हुआ महसूस कर सकते हैं। यह समय बाहरी सराहना के पीछे भागने से ज्यादा अंदरूनी सुरक्षा और आत्मविश्वास बनाने का है।
भावनात्मक रूप से आप परिवार या करीबी लोगों से आश्वासन और सहारा चाह सकते हैं। अगर यह न मिले, तो आप या तो खुद को अलग कर सकते हैं या फिर तीखे शब्दों का इस्तेमाल कर सकते हैं। सेहत की दृष्टि से तनाव का असर पाचन तंत्र, या खाने-पीने की आदतों पर पड़ सकता है। भावनात्मक खाने या अनियमित दिनचर्या से बचें।
यह गोचर आपको सिखाता है कि आपकी कीमत सिर्फ पैसों से तय नहीं होती। जैसे-जैसे आपकी भावनात्मक सुरक्षा मजबूत होगी, वैसे-वैसे आर्थिक स्पष्टता भी अपने आप आने लगेगी।
उपाय: सोमवार के दिन भोजन या मिठाई का दान करें। कृतज्ञता (ग्रैटिट्यूड) जर्नल लिखने की आदत डालें और परिवार के साथ बातचीत में संयम और समझदारी रखें।
इस गोचर के दौरान कर्क राशि के लोग जल्दी चिड़चिड़े, डिफेंसिव या भावनात्मक रूप से असहज महसूस कर सकते हैं, भले ही स्थिति छोटी-सी क्यों न हो। जब आपको लगता है कि आपकी बात समझी नहीं जा रही या आपको पर्याप्त सपोर्ट नहीं मिल रहा, तब आप भावनात्मक रूप से परेशान हो सकते हैं।
करियर के लिहाज से यह समय आक्रामक कदम उठाने का नहीं है। खुद को साबित करने या अपनी बात मनवाने की इच्छा तो रहेगी, लेकिन भावनाओं में की गई प्रतिक्रिया आपकी स्थिति को कमजोर कर सकती है। हॉस्पिटैलिटी, हीलिंग, इमोशनल सपोर्ट या बैकएंड से जुड़े कामों में बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। सीनियर्स या अथॉरिटी वाले लोगों के साथ टकराव से बचना समझदारी होगी।
रिश्तों में आप कभी बहुत करीब महसूस कर सकते हैं तो कभी अचानक दूरी बना सकते हैं। अगर आप अपनी भावनाओं को साफ शब्दों में व्यक्त नहीं करेंगे, तो आपके मूड स्विंग्स अपनों को परेशान कर सकते हैं। पुराने भावनात्मक जख्म या बीती बातें भी याद आ सकती हैं, जो अब दबाने के बजाय हीलिंग मांगती हैं।
स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। भावनात्मक तनाव का असर पाचन तंत्र, नींद और इम्यूनिटी पर पड़ सकता है। दबा हुआ गुस्सा अगर नजरअंदाज किया गया, तो वह शारीरिक रूप से भी परेशानी दे सकता है।
यह गोचर आपको सिखाता है कि असली ताकत भावनाओं में बहने में नहीं, बल्कि उन्हें संभालने और संतुलित रखने में है। जब आप अपनी भावनाओं को मैनेज करना सीखेंगे, तब हालात भी आपके पक्ष में आने लगेंगे
उपाय: रोज़ घर में दीपक जलाएं। ग्राउंडिंग रिचुअल्स, ब्रीदिंग एक्सरसाइज और इमोशनल जर्नलिंग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
इस गोचर के दौरान सिंह राशि के जातकों को बाहर की दुनिया में उत्साह या मोटिवेशन थोड़ा कम महसूस हो सकता है, जबकि अंदरूनी तौर पर मानसिक और भावनात्मक गतिविधियां तेज बनी रहेंगी। आर्थिक रूप से सेहत, परिवार, यात्रा या किसी छुपे हुए खर्च की वजह से खर्चे बढ़ सकते हैं, इसलिए जल्दबाजी में पैसा खर्च करने से बचना जरूरी है।
करियर की बात करें तो यह समय लाइमलाइट में रहने का नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे तैयारी और रणनीति बनाने का है। इस दौरान हीलिंग, प्लानिंग और स्ट्रैटेजी पर काम करना ज्यादा फायदेमंद रहेगा। ऑफिस में किसी भी तरह के टकराव से दूरी बनाए रखें, क्योंकि ऐसे विवाद समाधान देने के बजाय आपकी ऊर्जा ही खत्म कर सकते हैं।
भावनात्मक रूप से पुराने गुस्से, ग्लानि या बीती हुई निराशाएं दोबारा सामने आ सकती हैं। कई बार आप खुद को भावनात्मक रूप से कमजोर या थोड़ा अलग-थलग महसूस कर सकते हैं। यह समय थेरेपी, ध्यान, साधना या नेगेटिविटी दूर करने के लिए बेहद अच्छा है।
स्वास्थ्य के लिहाज से शरीर को आराम की जरूरत होगी। अगर आप अपनी अंदरूनी जरूरतों को नजरअंदाज करेंगे, तो नींद की कमी, एंग्जायटी या भावनात्मक थकान परेशान कर सकती है।
यह गोचर आपको सिखाता है कि हर चीज को कंट्रोल करने की जरूरत नहीं होती। छोड़ना और खुद को हल्का करना ही आगे नए सिरे से शुरुआत की तैयारी करता है।
उपाय: कंबल या जरूरत की वस्तुओं का दान करें। नींद, शांति और आध्यात्मिक ग्राउंडिंग को प्राथमिकता दें।
इस गोचर के दौरान कन्या राशि के जातक दोस्तों, और प्रोफेशनल ग्रुप्स में भावनात्मक रूप से ज्यादा शामिल हो सकते हैं। आप बदले में वफादारी, निरंतरता या सराहना की उम्मीद रख सकते हैं, लेकिन जब ये अपेक्षाएं पूरी नहीं होतीं, तो निराशा या भावनात्मक दूरी महसूस हो सकती है।
करियर के लिहाज से यह समय टीमवर्क, नेटवर्किंग, कम्युनिटी प्रोजेक्ट्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए लाभ दिला सकता है। हालांकि टीम के अंदर भावनात्मक गलतफहमियां काम की रफ्तार धीमी कर सकती हैं। पैसे उधार देने, एहसान करने या जरूरत से ज्यादा जिम्मेदारी लेने से पहले सावधानी बरतें। हर कोई आपकी तरह भावनात्मक रूप से जवाब नहीं देगा।
आर्थिक रूप से आय के मौके धीरे-धीरे बनेंगे, अचानक बड़े लाभ की उम्मीद न रखें। शॉर्ट-टर्म लक्ष्यों की बजाय लॉन्ग-टर्म प्लानिंग ज्यादा फायदेमंद साबित होगी। भावनात्मक रूप से आप अपने रिश्तों और दोस्ती को नए नजरिए से देखेंगे कौन सच में आपके साथ है और कौन आपकी ऊर्जा खींच रहा है, यह साफ होने लगेगा। यह समझ थोड़ी असहज जरूर हो सकती है, लेकिन आगे बढ़ने के लिए जरूरी है।
सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन अगर आप निराशाओं को अंदर दबाए रखेंगे, तो उसका असर पाचन या नींद पर पड़ सकता है। इसलिए भावनात्मक सीमाएं तय करना बेहद जरूरी है।
यह गोचर आपको सिखाता है कि भावनात्मक समझदारी और यथार्थवादी अपेक्षाएं कितनी जरूरी हैं बिना भावनात्मक निर्भरता के देना और बिना नाराज़गी के लेना।
उपाय: समुदाय कल्याण या पशु आश्रयों में दान करें। भावनात्मक सीमाओं का अभ्यास करें और कृतज्ञता जर्नलिंग को अपनाएं।
इस गोचर के दौरान तुला राशि के जातकों पर यह बात गहरा असर डाल सकती है कि लोग उनके काम को कैसे देखते हैं। आलोचना चाहे वह वास्तविक हो या सिर्फ महसूस की गई भावनात्मक प्रतिक्रिया को जन्म दे सकती है। मंगल का कर्क राशि में होना आपको भावनात्मक रूप से थोड़ा संवेदनशील बनाता है, लेकिन फिर भी आपसे प्रोफेशनल तरीके से व्यवहार करने की अपेक्षा रहेगी।
करियर के क्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और आपको कुछ संवेदनशील हालातों को समझदारी और डिप्लोमेसी के साथ संभालना पड़ सकता है। सीनियर्स कभी ज्यादा डिमांडिंग तो कभी भावनात्मक रूप से अनस्टेबल लग सकते हैं।
ऐसे में अगर आप डिफेंसिव या इमोशनल होकर रिएक्ट करते हैं, तो आपकी इमेज को नुकसान पहुंच सकता है। शांत, संतुलित और सोच-समझकर दिया गया जवाब ही आपके लिए फायदेमंद रहेगा। सही तरीके से भावनाओं को मैनेज करने पर करियर में ग्रोथ के योग भी बनते हैं।
आर्थिक रूप से स्थिरता लगातार मेहनत से आएगी, सिर्फ तारीफ या पहचान के भरोसे नहीं। भावनात्मक रूप से वर्क-लाइफ बैलेंस बहुत जरूरी हो जाता है, क्योंकि काम का तनाव निजी रिश्तों में भी असर डाल सकता है।
सेहत के लिहाज से तनाव की वजह से सिरदर्द, पाचन संबंधी परेशानी या नींद की दिक्कत हो सकती है। इसलिए खुद को ग्राउंड रखना बेहद जरूरी है।
यह गोचर आपको सिखाता है कि खुद की कीमत को बाहरी सराहना से अलग कैसे रखें और दबाव में भी गरिमा और समझदारी बनाए रखें।
उपाय: हर सुबह सूर्य को जल अर्पित करें। आलोचना का जवाब देने से पहले खुद को ग्राउंड करने का अभ्यास करें।
इस गोचर के दौरान वृश्चिक राशि के जातक अपने विश्वासों, आध्यात्मिक सोच और लंबे समय से बनी मान्यताओं पर दोबारा विचार करते हुए नजर आ सकते हैं। जो चीजें पहले आपको सुकून देती थीं, वही अब थोड़ी सीमित या बंधन जैसी लग सकती हैं। यह बदलाव आपको अंदर से असहज कर सकता है, लेकिन यही आपकी ग्रोथ का हिस्सा है।
करियर के लिहाज से यह समय उपलब्धियों से ज्यादा सीखने और समझने का है। शिक्षा, लीगल मामलों या आध्यात्मिक गतिविधियों से जुड़ी यात्राएं संभव हैं, हालांकि इनमें देरी या रुकावट आ सकती है। गुरुओं, मेंटर्स या बड़ों के साथ विचारों का मतभेद भी उभर सकता है, खासकर जब सोच अलग-अलग हो। ऐसे में विनम्रता और खुले मन से बात करना बेहद जरूरी होगा।
भावनात्मक रूप से पुराने भरोसे टूटते महसूस हो सकते हैं, जिससे मन थोड़ा अस्थिर रह सकता है। लेकिन यह बेचैनी आपको भीतर से मजबूत और समझदार बनाने के लिए ही है। सेहत के मामले में ध्यान, मेडिटेशन और आध्यात्मिक ग्राउंडिंग आपको संतुलन देने में मदद करेगी। ज्यादा शोर-शराबे से दूरी बनाना फायदेमंद रहेगा।
यह गोचर आपको सिखाता है कि हर सवाल का जवाब तुरंत नहीं मिलता। प्रक्रिया पर भरोसा रखना और अपनी अंदरूनी समझ पर विश्वास करना ही इस समय की सबसे बड़ी सीख है।
उपाय: किताबों या पढ़ाई से जुड़ी अन्य चीजों का दान करें। मेडिटेशन करें और बिना जजमेंट के सीखने की भावना विकसित करें।
इस गोचर के दौरान धनु राशि के जातकों की भावनात्मक संवेदनशीलता बढ़ सकती है। जो डर, असुरक्षाएं या भावनाएं लंबे समय से दबाई हुई थीं, वे अचानक सामने आ सकती हैं। यह अनुभव थोड़ा असहज जरूर हो सकता है, लेकिन अंदरूनी बदलाव के लिए जरूरी भी है।
आर्थिक रूप से लोन, टैक्स, विरासत, इंश्योरेंस या साझा धन से जुड़े मामलों में खासतौर पर सतर्कता बरतने की जरूरत है। पैसों से जुड़े फैसले भावनाओं में आकर लेने से बचें। पार्टनर या परिवार के साथ आर्थिक लेन-देन में पारदर्शिता बहुत जरूरी होगी, वरना गलतफहमियां बढ़ सकती हैं।
भावनात्मक स्तर पर यह समय गहरे आत्ममंथन का है। पुराने जख्म, भरोसे से जुड़े मुद्दे या कंट्रोल की प्रवृत्ति अब हीलिंग की मांग कर सकती है। यह दौर थेरेपी और इमोशनल डिटॉक्स के लिए काफी शक्तिशाली है। अगर भावनाओं को दबाया गया, तो उसका असर सेहत पर भी पड़ सकता है, खासकर तनाव के रूप में।
यह गोचर आपको सिखाता है कि असली ताकत भागने में नहीं, बल्कि अपने भीतर की सच्चाइयों का सामना करने और उन्हें स्वीकार करने में है। जब आप खुद को समझने लगेंगे, तो भावनात्मक मजबूती अपने आप आएगी।
उपाय: मंगलवार के दिन घी का दीपक जलाएं। इमोशनल जर्नलिंग करें और ग्राउंडिंग तकनीकों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
इस गोचर के दौरान मकर राशि के जातकों को लग सकता है कि सामने वाले लोग ज्यादा डिमांडिंग या भावनात्मक रूप से रिएक्टिव हो रहे हैं। लेकिन असल में यह समय आपको कंट्रोल और करुणा के बीच संतुलन सिखाने आया है। निजी रिश्तों में पुराने, अनसुलझे मुद्दे दोबारा सामने आ सकते हैं। अगर भावनाओं में रिएक्शन, दूरी बनाना या मन ही मन नाराजगी पालना जारी रहा, तो रिश्तों की सामंजस्यता प्रभावित हो सकती है।
जो लोग सिंगल हैं, वे ऐसे पार्टनर की ओर आकर्षित हो सकते हैं जो भावनात्मक रूप से संवेदनशील हों। रिश्तों के लिहाज से यह समय आत्ममंथन और समझ बढ़ाने का है।
करियर और पार्टनरशिप की बात करें तो धैर्य और स्पष्ट संवाद बेहद जरूरी रहेगा। कामकाजी रिश्तों में हावी होने या जरूरत से ज्यादा भावनात्मक दूरी बनाए रखने से बचें, वरना गलतफहमियां बढ़ सकती हैं। सेहत पर भी रिश्तों से जुड़ा तनाव असर डाल सकता है।
यह गोचर आपको सिखाता है कि किसी रिश्ते में असली ताकत कंट्रोल करने में नहीं, बल्कि सहानुभूति और समझदारी दिखाने में होती है। जब आप भावनात्मक संतुलन बनाए रखेंगे, तभी रिश्ते मजबूत बनेंगे।
उपाय: माइंडफुल संवाद का अभ्यास करें। बड़ों या दंपत्तियों को मिठाई अर्पित करें।
इस गोचर के दौरान कुंभ राशि के जातकों पर काम और जिम्मेदारियों का दबाव बढ़ सकता है। वर्कप्लेस पर ऐसे काम आपके हिस्से आ सकते हैं जिन्हें बाकी लोग टालते हैं। इससे आपकी पहचान एक भरोसेमंद और जिम्मेदार व्यक्ति के रूप में जरूर बनेगी, लेकिन भावनात्मक संवेदनशीलता के कारण आलोचना या सीनियर्स का दबाव आपको सामान्य से ज्यादा भारी लग सकता है।
करियर के मोर्चे पर काम का बोझ बढ़ेगा और ऐसे में इमोशनल होकर प्रतिक्रिया देने से बचना बेहद जरूरी है। छोटी-छोटी बातों पर रिएक्शन देने से मामूली मुद्दे भी बड़े विवाद का रूप ले सकते हैं। ऑफिस पॉलिटिक्स या बहस से दूरी बनाए रखें, इस समय शांत रहकर कुशलता से काम करना ही सबसे बेहतर रणनीति है।
सेहत इस गोचर में सबसे अहम विषय बन जाती है। भावनात्मक तनाव का असर पाचन, इम्यूनिटी, थकान, एसिडिटी या नींद पर पड़ सकता है। अगर आपने मानसिक और भावनात्मक संकेतों को नजरअंदाज किया, तो की स्थिति बन सकती है। इसलिए खान-पान, नींद और काम के समय को लेकर एक अनुशासित रूटीन बनाना बेहद जरूरी होगा।
भावनात्मक रूप से आप खुद को जिम्मेदारियों के बोझ तले दबा हुआ या अपनी मेहनत के लिए अनदेखा किया हुआ महसूस कर सकते हैं। अगर इसे समय रहते समझदारी से नहीं संभाला गया, तो अंदर ही अंदर नाराजगी बढ़ सकती है। सीमाएं तय करना, जरूरत पड़ने पर काम बांटना और सेल्फ-केयर को प्राथमिकता देना इस दौर में बहुत मददगार रहेगा।
यह गोचर आपको सिखाता है कि हर जिम्मेदारी को भावनात्मक रूप से लेना जरूरी नहीं होता। शांत दूरी और अनुशासन के साथ सेवा करना ही इस समय आपकी असली ताकत बनेगा। जब आप बिना भावनात्मक बोझ के काम करेंगे, तो यह दौर आपको अंदर से और मजबूत बनाएगा।
उपाय: जरूरतमंदों या अस्पताल स्टाफ को भोजन या दवाओं का दान करें। रोज़ाना एक तय दिनचर्या अपनाएं और शांत करने वाली श्वास-प्रश्वास तकनीकों का अभ्यास करें।
मंगल के कर्क राशि में नीच होने के कारण इस गोचर में मीन राशि के जातकों की भावनाएं काफी गहरी हो सकती हैं। अगर आप सजग नहीं रहे, तो प्रतिक्रियाएं जल्दी और आवेग में हो सकती हैं। प्रेम संबंधों में जुनून बढ़ेगा, लेकिन इसके साथ भावनात्मक नाजुकता भी रहेगी। आप अपने पार्टनर के प्रति ज्यादा अटैच्ड, प्रोटेक्टिव या कभी-कभी पजेसिव भी महसूस कर सकते हैं। छोटी-सी गलतफहमी भी बड़ी लग सकती है, खासकर जब संवाद स्पष्ट न हो।
जो लोग सिंगल हैं, उन्हें अचानक बहुत भावनात्मक आकर्षण महसूस हो सकता है, लेकिन कमिटमेंट से पहले विवेक रखना जरूरी होगा। बच्चों या क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स से जुड़े मामलों में धैर्य और भावनात्मक भागीदारी की जरूरत पड़ेगी।
करियर के लिहाज से क्रिएटिव काम, आर्ट, लेखन, म्यूजिक, टीचिंग, काउंसलिंग या इमोशनल कनेक्शन वाले प्रोफेशन इस समय सपोर्ट में रहेंगे। हालांकि भावनात्मक उतार-चढ़ाव फोकस और आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकते हैं। किसी भी तरह के रिस्की इन्वेस्टमेंट से बचें, क्योंकि इस समय फैसले लॉजिक से ज्यादा भावनाओं पर आधारित हो सकते हैं।
सेहत की बात करें तो भावनात्मक तनाव का असर पाचन, नींद या हार्मोनल बैलेंस पर पड़ सकता है। अपनी भावनाओं को क्रिएटिव तरीके जैसे आर्ट, राइटिंग, म्यूजिक या आध्यात्मिक साधना के जरिए बाहर निकालना आपके लिए बेहद लाभकारी रहेगा।
यह गोचर आपको सिखाता है कि गहराई से महसूस करना गलत नहीं है, बस फैसलों पर भावनाओं को हावी न होने देना जरूरी है। जब आप भावनाओं को सम्मान देंगे, लेकिन उन्हें नियंत्रण नहीं देंगे, तब प्रेम और रचनात्मकता आपकी ताकत बनेंगे, भ्रम नहीं।
उपाय: नियमित रूप से क्रिएटिव या आध्यात्मिक गतिविधियों में शामिल हों। सोमवार के दिन देवी शक्ति या चंद्र ऊर्जा को सफेद फूल अर्पित करें और इमोशनल ग्राउंडिंग का अभ्यास करें।
यह गोचर आपकी भावनाओं, रिश्तों और फैसलों को किस तरह प्रभावित करेगा, यह आपकी कुंडली पर निर्भर करता है।
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