Mangal Gochar 2026: साल 2026 में मंगल ग्रह 2 अप्रैल को मीन राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं और यहां 19 मई 2026 तक विराजमान रहेंगे। इस दौरान मंगल का यह गोचर ऊर्जा के स्तर पर एक बड़ा बदलाव लेकर आएगा। अब तक जहां काम सीधे, तेज़ और आक्रामक तरीके से होते थे, वहीं अब एक्शन भावनाओं, अंतर्ज्ञान और आध्यात्मिक सोच के ज़रिये आगे बढ़ेगा।
मंगल जो साहस, ऊर्जा और इच्छाशक्ति का कारक ग्रह है, मीन राशि में आकर थोड़ा नरम और प्रवाहमय हो जाता है। मीन राशि करुणा, कल्पनाशक्ति, हीलिंग, आस्था और समर्पण से जुड़ी मानी जाती है। ऐसे में इस दौरान लोग ज़्यादा संवेदनशील, भावुक और भीतर की आवाज़ को सुनने वाले हो सकते हैं।
इस गोचर के समय आपकी प्रेरणा तर्क या गुस्से से नहीं, बल्कि भावनाओं, अंतर्ज्ञान, अवचेतन मन और किसी गहरे उद्देश्य से आएगी। कई लोग क्रिएटिव कामों, हीलिंग से जुड़े प्रोफेशन, आध्यात्मिक गतिविधियों, दान-पुण्य, विदेश से जुड़े मामलों या भावनात्मक रिश्तों की ओर आकर्षित हो सकते हैं।
मंगल का मीन राशि में गोचर आपको यह सिखाता है कि ज़ोर-ज़बरदस्ती से नहीं, बल्कि विश्वास, करुणा और अंदरूनी स्पष्टता के साथ किए गए कर्म ज़्यादा असरदार होते हैं। यह समय कर्मिक शुद्धि, भावनात्मक हीलिंग और धैर्य के साथ चुपचाप अपने लक्ष्यों पर काम करने का है।
इस गोचर से प्रभावित होने वाले प्रमुख क्षेत्र:
मंगल के कुंभ राशि में गोचर करने से भावनाएं, अंतर्ज्ञान, आध्यात्मिकता, रचनात्मकता, अवचेतन मन, हीलिंग, नींद, विदेश से जुड़े मामले, दान-पुण्य, अकेलापन, भावनात्मक ऊर्जा और दबा हुआ गुस्सा, यह सभी क्षेत्र प्रभावित होते हैं।
अब जानते हैं कि मंगल का मीन राशि में गोचर आपकी राशि पर क्या असर डालेगा और किन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी होगा।
मेष राशि वालों के लिए यह समय आक्रामक फैसले लेने या किसी से टकराव करने का नहीं है। इस दौरान आपको अपनी रफ्तार थोड़ी धीमी रखने, बीती बातों पर सोचने और खुद को अंदर से मजबूत करने की ज़रूरत है। खर्चों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, खासकर सेहत, यात्रा, विदेश से जुड़े काम या लाइफस्टाइल से संबंधित चीज़ों पर। इसलिए इस समय पैसों की सही योजना बनाकर चलना समझदारी होगी।
करियर के लिहाज़ से यह एक ऐसा दौर है जहां आप पर्दे के पीछे रहकर काम करेंगे। भले ही आपके काम की तुरंत सराहना न हो, लेकिन यही मेहनत आगे चलकर आपके लिए नए मौके तैयार करेगी। ऑफिस की राजनीति या किसी भी तरह के विवाद से दूरी बनाए रखें, क्योंकि इससे मानसिक थकान बढ़ सकती है।
भावनात्मक स्तर पर मन में दबा हुआ गुस्सा, पुराने घाव या अधूरे मुद्दे उभर सकते हैं। यह बेचैनी, अजीब सपनों या अचानक मूड बदलने के रूप में सामने आ सकता है। यह समय ध्यान, थेरेपी, जर्नल लिखने या किसी आध्यात्मिक अभ्यास को अपनाने के लिए बहुत अच्छा है।
मेष राशि वालों को सलाह दी जाती है कि सेहत को नज़रअंदाज़ न करें। खासकर नींद, इम्यूनिटी और तनाव से जुड़ी परेशानियां आपको परेशान कर सकती हैं। ज़रूरत से ज़्यादा मेहनत करना या अपनी भावनाओं को दबाना आपको थका सकता है।
यह गोचर आपको यह सिखाता है कि अगला एक्टिव फेज़ शुरू होने से पहले आराम करना, खुद को समझना और अंदर से हील होना कितना ज़रूरी है।
उपाय: ज़रूरतमंद लोगों को कंबल या ज़रूरी सामान दान करें। पर्याप्त नींद लें, ध्यान करें और कुछ समय अकेले बिताकर खुद को भावनात्मक रूप से संतुलित रखें।
वृषभ राशि वालों के लिए, यह गोचर आमदनी के नए रास्ते खोल सकता है, खासकर दोस्तों, प्रोफेशनल नेटवर्क या किसी ग्रुप प्रोजेक्ट के ज़रिये। हालांकि, अगर आप दूसरों से ज़रूरत से ज़्यादा उम्मीदें रखेंगे, तो भावनात्मक रूप से निराशा हो सकती है। इसलिए वृषभ राशि वालों के लिए रिश्तों में साफ़ सीमाएं तय करना ज़रूरी रहेगा।
इस समय आप ऐसे लक्ष्यों की ओर ज़्यादा आकर्षित हो सकते हैं, जिनका भावनात्मक या आध्यात्मिक महत्व हो, सिर्फ़ पैसों से जुड़े लक्ष्यों से ज़्यादा। प्रतियोगिता की बजाय सहयोग आपके लिए बेहतर काम करेगा। लेकिन दोस्तों या सोशल सर्कल में गलतफहमियां भी हो सकती हैं, खासकर तब जब उम्मीदें हकीकत से ज़्यादा हों। इसलिए संगत सोच-समझकर चुनें।
करियर में टीमवर्क और कम्युनिटी से जुड़े कामों से प्रगति मिलेगी। धन लाभ के योग हैं, लेकिन किसी को उधार देने या आंख मूंदकर भरोसा करने से बचें। भावनात्मक रूप से कुछ दोस्तों के और क़रीब जा सकते हैं, वहीं कुछ लोगों से दूरी भी बन सकती है, जो अब आपके मूल्यों से मेल नहीं खाते।
सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन भावनात्मक तनाव आपकी ऊर्जा को प्रभावित कर सकता है। सामाजिक जीवन और निजी समय के बीच संतुलन बनाकर चलना ज़रूरी है।
यह गोचर आपको सिखाता है कि सपनों को पूरा करने के लिए यथार्थवादी सोच और भावनात्मक समझ कितनी ज़रूरी होती है।
उपाय: पक्षियों को दाना डालें या किसी सामुदायिक सेवा से जुड़े दान करें। सच्ची दोस्ती के लिए आभार व्यक्त करने की आदत डालें।
मिथुन राशि वालों के लिए, यह समय अपने करियर, दिशा और भूमिका को लेकर सवाल करने का हो सकता है। मेहनत के बावजूद नतीजे थोड़े देर से मिल सकते हैं, इसलिए धैर्य बनाए रखना बहुत ज़रूरी है।
कार्यस्थल पर सीनियर्स और सहकर्मियों को लेकर संवेदनशीलता बढ़ सकती है। करियर से जुड़े फैसलों में जल्दबाज़ी या भावनाओं में बहकर निर्णय लेने से बचें। इस दौरान रचनात्मक, सहज या सेवा से जुड़े पेशों को ज़्यादा लाभ मिलेगा, बजाय बहुत आक्रामक महत्वाकांक्षा दिखाने के।
पेशेवर तौर पर सफलता सहानुभूति, लचीलापन और पर्दे के पीछे की मेहनत से मिलेगी, न कि टकराव से। आपकी पब्लिक इमेज पर भी ध्यान देने की ज़रूरत है, क्योंकि छोटी-सी बात का गलत मतलब निकाला जा सकता है। मिथुन राशि वालों की आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन खर्चों में अनुशासन ज़रूरी है।
सेहत की बात करें तो तनाव नींद या एकाग्रता को प्रभावित कर सकता है। रोज़मर्रा की एक तय दिनचर्या और खुद को ग्राउंडिड करने वाली आदतें आपको संतुलित रखेंगी।
यह गोचर आपको सिखाता है कि असली नेतृत्व ताक़त से नहीं, बल्कि भावनात्मक समझ और स्पष्ट सोच से आता है।
उपाय: कार्यस्थल पर चंदन का दीपक जलाएं और रोज़ ग्राउंडिंग रूटीन जैसे वॉक या ध्यान को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
कर्क राशि वालों का रुझान इस समय आध्यात्मिक यात्राओं, धार्मिक अध्ययन, हीलिंग या दार्शनिक विषयों की ओर बढ़ सकता है। आपकी मान्यताएं अब तर्क से नहीं, बल्कि भावनात्मक अनुभवों के ज़रिये बदलेंगी। जो कुछ आप महसूस करेंगे, वही आपकी सोच को दिशा देगा।
धर्म, शिक्षा या हीलिंग से जुड़ी यात्राएं लाभदायक रह सकती हैं, लेकिन कोई भी फैसला जल्दबाज़ी में न लें। इस दौरान बड़ों, गुरुओं या परिवार के किसी सदस्य से विचारों का मतभेद हो सकता है। ऐसे में भावनात्मक प्रतिक्रिया देने की बजाय शांति और सम्मान के साथ बात करना बेहतर रहेगा।
करियर के लिहाज़ से यह सीखने और खुद को आगे बढ़ाने का समय है। किसी मेंटर या आध्यात्मिक मार्गदर्शक से मिली सलाह आपके लिए काफ़ी फायदेमंद साबित हो सकती है। भावनात्मक रूप से कर्क राशि वाले आशावान रहेंगे, लेकिन थोड़े संवेदनशील भी महसूस कर सकते हैं।
सेहत में सुधार तभी आएगा जब आप भावनात्मक संतुलन बनाए रखेंगे और आस्था से जुड़े अभ्यास अपनाएंगे।
यह गोचर आपको सिखाता है कि सही समय पर भरोसा रखना और अपनी अंदरूनी आवाज़ सुनना कितना ज़रूरी है।
उपाय: किताबें या आध्यात्मिक वस्तुएं दान करें और रोज़ आभार व्यक्त करने की आदत डालें।
सिंह राशि वालों के लिए, यह गोचर लोन, विरासत, इंश्योरेंस या साझा धन से जुड़े मामलों को सामने ला सकता है। इन विषयों को संभालते समय सावधानी और समझदारी बेहद ज़रूरी होगी।
भावनात्मक रूप से मन में छिपे डर, असुरक्षाएं या पुराने ज़ख्म उभर सकते हैं, जिनका सामना करना अब टालना मुश्किल होगा। रिश्तों में गहराई बढ़ेगी, लेकिन जहां कंट्रोल या भरोसे की समस्या है, वहां तनाव भी महसूस हो सकता है। यह समय हावी होने का नहीं, बल्कि भावनात्मक रूप से खुद को समर्पित करने का है।
करियर में रिसर्च, हीलिंग, गुप्त विषयों या भविष्य की प्लानिंग से जुड़े कामों में सफलता मिल सकती है। पैसों के मामले में कोई भी बड़ा जोखिम लेने से बचें और सुरक्षित फैसले लें।
सिंह राशि वालों के लिए सेहत पर ध्यान देना ज़रूरी है, खासकर तनाव, और भावनात्मक स्थिति से जुड़ी समस्याओं को लेकर।
यह गोचर आपको अंदर से बदलने, खुद को समझने और भावनात्मक रूप से परिपक्व बनने की दिशा में ले जाता है।
उपाय: मंगलवार के दिन हनुमान जी के सामने घी का दीपक जलाएं और जर्नल लिखकर भावनाओं को बाहर निकालने की आदत डालें।
कन्या राशि वालों के लिए, इस दौरान रिश्तों में गलतफहमियां तब पैदा हो सकती हैं, जब सीमाएं साफ़ न हों या मन की बातें खुलकर न कही जाएं। बिज़नेस पार्टनरशिप में पारदर्शिता और धैर्य बेहद ज़रूरी रहेगा। बातचीत या डील के समय भावनाओं में बहकर प्रतिक्रिया देने से बचें।
जो लोग सिंगल हैं, उनकी ज़िंदगी में भावनात्मक रूप से गहरे या आध्यात्मिक सोच वाले लोग आकर्षित हो सकते हैं। वहीं पहले से चल रहे रिश्ते करुणा और समझदारी के ज़रिये और मज़बूत होंगे।
सेहत की बात करें तो भावनात्मक तनाव का असर पाचन तंत्र या नर्वस सिस्टम पर पड़ सकता है। इसलिए कन्या राशि वालों को दिमाग और दिल दोनों के बीच संतुलन बनाकर चलना ज़रूरी है।
यह मंगल गोचर आपको सिखाता है कि रिश्तों में परिपक्वता भावनात्मक समझ से आती है, सिर्फ़ तर्क से नहीं।
उपाय: सोमवार के दिन शिवलिंग पर जल अर्पित करें और शांत व स्पष्ट संवाद का अभ्यास करें।
तुला राशि वालों की ऊर्जा इस दौरान उतार-चढ़ाव से भरी रह सकती है। कुछ दिन आप ख़ुद को बहुत एक्टिव महसूस करेंगे, तो कुछ दिन थकान हावी रह सकती है। यह समय खुद पर ज़्यादा दबाव डालने या ज़रूरत से ज़्यादा काम करने का नहीं है। धीमी लेकिन लगातार कोशिशें आपको बेहतर नतीजे देंगी।
करियर में कार्यस्थल का माहौल भावनात्मक रूप से थोड़ा संवेदनशील रह सकता है। अगर बातों को साफ़ तरीके से न रखा जाए, तो सहकर्मियों या जूनियर्स के साथ गलतफहमियां हो सकती हैं। इस दौरान तुला राशि वाले दूसरों की मदद या ज़िम्मेदारियां ज़्यादा उठाते हुए खुद को थका हुआ महसूस कर सकते हैं, इसलिए अपनी सीमाएं तय करना ज़रूरी है। ऑफिस पॉलिटिक्स से दूर रहें और सेवा भाव से किए गए कामों पर ध्यान दें।
सेहत मंगल गोचर में सबसे अहम मुद्दा बन सकती है। तनाव, थकान, पाचन से जुड़ी दिक्कतें या इम्यूनिटी की कमी महसूस हो सकती है, अगर आप अपनी भावनात्मक ज़रूरतों को नज़रअंदाज़ करेंगे। भारी एक्सरसाइज़ की बजाय योग, वॉक, प्राणायाम या किसी भी तरह की हीलिंग थेरेपी अपनाना ज़्यादा फायदेमंद रहेगा।
भावनात्मक रूप से आप देने और पाने के बीच संतुलन दोबारा बनाने की ज़रूरत महसूस करेंगे।
यह गोचर आपको सिखाता है कि असली ताक़त लगातार भागते रहने में नहीं, बल्कि आत्म-देखभाल, भावनात्मक अनुशासन और करुणा से भरे कर्म में है।
उपाय: ज़रूरतमंद लोगों को हरी सब्ज़ियां या दवाइयां दान करें। एक संतुलित दिनचर्या अपनाएं और शांत करने वाली सांसों का अभ्यास करें।
वृश्चिक राशि वालों का झुकाव इस समय रचनात्मक कामों, पैशन प्रोजेक्ट्स और भावनाओं से जुड़े लक्ष्यों की ओर ज़्यादा हो सकता है। यह समय अपनी क्रिएटिविटी को बाहर लाने के लिए बेहतरीन है, लेकिन भावनाओं में बहकर जल्दबाज़ी करने से बचना ज़रूरी होगा।
प्रेम संबंधों में जोश बढ़ेगा, लेकिन संवेदनशीलता भी उतनी ही ज़्यादा रहेगी। अगर उम्मीदें साफ़ नहीं होंगी, तो छोटी-छोटी बातें भी बड़ी लग सकती हैं। वृश्चिक राशि वालों को सलाह दी जाती है कि रिश्तों में भावनात्मक दबाव या कंट्रोल करने की प्रवृत्ति से दूर रहें। जो लोग सिंगल हैं, वे भावनात्मक रूप से गहरे या आध्यात्मिक सोच वाले लोगों की ओर आकर्षित हो सकते हैं।
बच्चों, पढ़ाई या किसी क्रिएटिव प्रोजेक्ट से जुड़े मामलों में धैर्य और भावनात्मक समझ की ज़रूरत होगी। करियर में यह गोचर क्रिएटिव फील्ड, टीचिंग, काउंसलिंग, हीलिंग आर्ट्स और सहज ज्ञान से जुड़े कामों को सपोर्ट करता है। पैसों के मामले में सट्टा या जोखिम भरे निवेश से बचना बेहतर रहेगा, क्योंकि इस दौरान फैसले भावनाओं के असर में आ सकते हैं।
सेहत की बात करें तो भावनात्मक तनाव का असर हार्मोनल बैलेंस या ऊर्जा स्तर पर पड़ सकता है। भावनाओं को दबाने की बजाय किसी रचनात्मक माध्यम से बाहर निकालें।
यह गोचर आपको सिखाता है कि तीव्रता या हावी होने की बजाय भावनात्मक समझ और क्रिएटिव फ्लो के साथ आगे बढ़ना ज़्यादा फायदेमंद है।
उपाय: मां सरस्वती या किसी भी विद्या से जुड़े देवता को ताज़े फूल अर्पित करें। जर्नल लिखें या किसी रचनात्मक गतिविधि के ज़रिये भावनाओं को व्यक्त करें।
धनु राशि वालों को इस समय घर-परिवार के माहौल में एक तरह की बेचैनी या असंतोष महसूस हो सकता है, भले ही बाहर से कोई बड़ी वजह न दिखे। पुराने पारिवारिक पैटर्न या बीते अनुभवों से जुड़ी भावनात्मक हीलिंग इस दौरान ज़रूरी हो जाती है।
परिवार से जुड़ी ज़िम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, खासकर माता-पिता, बड़ों या प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में। घर बदलने, रिनोवेशन या किसी संपत्ति विवाद को लेकर जल्दबाज़ी में फैसला न लें। धनु राशि वालों को घर के भीतर होने वाली भावनात्मक बातचीत को बहुत नरमी से संभालने की ज़रूरत होगी, क्योंकि इस समय संवेदनशीलता काफ़ी बढ़ी हुई है।
करियर में वर्क फ्रॉम होम या पर्दे के पीछे की प्लानिंग बढ़ सकती है। जब आप भावनात्मक रूप से स्थिर रहेंगे, तभी आपकी प्रोडक्टिविटी भी बेहतर रहेगी। सेहत की बात करें तो तनाव का असर पाचन, या नींद से जुड़ी दिक्कतों के रूप में सामने आ सकता है। खुद को ज़मीन से जोड़ने वाले अभ्यास बेहद ज़रूरी रहेंगे।
यह गोचर आपको सिखाता है कि सच्ची भावनात्मक सुरक्षा बाहरी हालात से नहीं, बल्कि आपके भीतर से आती है।
उपाय: हर शाम घर में दीपक जलाएं। नंगे पांव ज़मीन पर चलना, ध्यान या किसी भी ग्राउंडिंग एक्सरसाइज़ को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
मकर राशि वालों के लिए, यह समय कुछ नया सीखने, अपने विचार खुलकर रखने और उन कामों में पहल करने का है जो अब तक टलते आ रहे थे। आप खुद को ज़्यादा एक्टिव और सीखने के लिए प्रेरित महसूस कर सकते हैं।
करियर के लिहाज़ से लेखन, मार्केटिंग, टीचिंग, नेटवर्किंग और कम्युनिकेशन से जुड़े कामों को इस गोचर का अच्छा सपोर्ट मिलेगा। हालांकि मंगल के मीन राशि में होने के कारण आपकी बातों में भावनात्मकता बढ़ सकती है। ऐसे में भाई-बहनों, सहकर्मियों या पड़ोसियों से बात करते समय अपने शब्दों और लहजे पर ध्यान देना ज़रूरी होगा। मकर राशि वालों के लिए काम या पढ़ाई से जुड़ी छोटी यात्राएं हो सकती हैं, जो ज़्यादातर मामलों में फायदेमंद रहेंगी।
भावनात्मक रूप से आप अपनी बात खुलकर कहेंगे, लेकिन साथ ही थोड़े संवेदनशील भी रह सकते हैं। छोटी-छोटी बातों पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचें। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन अगर आप आराम को नज़रअंदाज़ करेंगे तो मानसिक थकान महसूस हो सकती है।
यह गोचर आपको सिखाता है कि ज़ोर दिखाने की बजाय संवेदनशीलता और स्पष्टता के साथ आगे बढ़ना ज़्यादा असरदार होता है।
उपाय: विद्यार्थियों को स्टेशनरी या नोटबुक दान करें। कोई भी भावनात्मक प्रतिक्रिया देने से पहले सचेत संवाद का अभ्यास करें।
कुंभ राशि वालों को इस दौरान आमदनी में उतार-चढ़ाव महसूस हो सकता है या भावनात्मक कारणों से खर्च बढ़ सकता है। परिवार की ज़रूरतों पर भी पैसा खर्च हो सकता है, इसलिए इस समय बजट बनाकर चलना और संयम रखना बहुत ज़रूरी है।
कुंभ राशि वालों की वाणी में भावनात्मक असर बढ़ेगा, जिससे घर-परिवार या क़रीबी रिश्तों में गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं। भावनाओं में बहकर बोले गए शब्द बाद में पछतावे का कारण बन सकते हैं, इसलिए सोच-समझकर बोलना ज़रूरी होगा। करियर में आय से जुड़े फैसले बहुत सावधानी से लें।
सेहत की बात करें तो तनाव का असर गले, पाचन या ऊर्जा स्तर पर दिख सकता है। भावना में आकर खाने से बचें और संतुलित आहार पर ध्यान दें।
यह गोचर आपको सिखाता है कि अपनी क़ीमत और आत्म-सम्मान को पैसों की अनिश्चितता से नहीं, बल्कि अंदरूनी स्थिरता से जोड़ना ज़्यादा ज़रूरी है।
उपाय: अपने पर्स में चांदी का सिक्का रखें। मंगलवार के दिन अन्न का दान करें और सोच-समझकर बोलने का अभ्यास करें।
मीन राशि वालों का आत्मविश्वास इस दौरान उनके भावनात्मक हालात पर काफ़ी हद तक निर्भर रहेगा। कभी आप खुद को मज़बूत महसूस करेंगे, तो कभी थोड़ी अस्थिरता आ सकती है। ऐसे में खुद को ज़मीन से जोड़े रखने वाले अभ्यास बहुत ज़रूरी हो जाते हैं।
शारीरिक रूप से ऊर्जा में उतार-चढ़ाव रह सकता है, इसलिए अपने शरीर की ज़रूरतों को समझना और आराम देना बेहद ज़रूरी है। भावनाओं में बहकर कोई भी अचानक फैसला लेने से बचें, क्योंकि इस समय निर्णय क्षमता थोड़ी धुंधली हो सकती है। मीन राशि वालों के लिए करियर में ज़ोर-ज़बरदस्ती करने की बजाय सहजता और अपने अंतर्ज्ञान पर भरोसा करके आगे बढ़ना ज़्यादा फायदेमंद रहेगा।
भावनात्मक स्तर पर यह समय आत्म-चिकित्सा, पुराने घावों को छोड़ने और अपनी पहचान को नए सिरे से समझने का है। खुद के प्रति करुणा रखना इस दौर की सबसे बड़ी कुंजी होगी।
यह गोचर आपको सिखाता है कि आगे बढ़ने के लिए विश्वास, धैर्य और भावनात्मक समझ के साथ कदम बढ़ाना कितना ज़रूरी है।
उपाय: ध्यान करें, स्विमिंग या पानी से जुड़ी किसी भी हीलिंग प्रक्रिया को अपनाएं। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का नियमित जाप करें।
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