बुध गोचर 2020

बुध गोचर 2020

मिथुन व कन्या राशि के स्वामी बुध को ज्योतिष शास्त्र में काफी अहम माना जाता है। बुद्ध की कृपा से ही जातक विद्वान होता है, उसकी तर्क क्षमता मजबूत होती है, संचार कौशल में बेहतर होता है। बुध कन्या राशि में उच्च के तो मीन राशि में नीच के माने जाते हैं। सूर्य, शुक्र और राहू के साथ ये मित्रता रखते हैं तो चंद्रमा को ये अपना शत्रु मानते हैं। शनि, मंगल, बृहस्पति और केतु के साथ इनका संबंध तटस्थ है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार बुध चंद्रमा व बृहस्पति की पत्नी तारा की संतान माने जाते हैं। इसलिये इनमें चंद्रमा व बृहस्पति की विशेषताएं भी पायी जाती हैं। ये बुद्धि, वाणी, शिक्षा, शिक्षण, गणित, तर्क, यांत्रिकी, ज्योतिष, लेखाकार, आयुर्वेद, लेखन, प्रकाशन, रंगमंच, एवं निजी व्यवसाय आदि के कारक माने जाते हैं। मातृपक्ष के सगे-संबंधियों का प्रतिनिधित्व भी बुध करते हैं। साथ ही बुध मस्तिष्क, जिह्वा, स्नायु तंत्र, कंठ-ग्रंथी, त्वचा, गर्दन आदि के भी प्रतिनिधि हैं। बुध के नकारात्मक प्रभावों से स्मरण शक्ति का क्षय, सिर दर्द, त्वचा आदि के रोग उत्पन्न होते हैं। बुध को एक पुरुष लेकिन नपुंसक ग्रह माना जाता है ये उत्तर दिशा व 27 नक्षत्रों में से अश्लेषा, ज्येष्ठ और रेवती इन तीन नक्षत्रों के स्वामी भी हैं। बुध का राशि परिवर्तन करना जातक की कुंडली में भाव स्थान के अनुसार शुभाशुभ प्रभाव डालता है। बुध के गोचर की समस्त जानकारी और आपकी राशि पर बुध परिवर्तन के सकारात्मक व नकारात्मक प्रभावों के बारे में आप इस पेज के माध्यम से जान सकेंगें।



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बुध गोचर 2020 तिथि व समय

धनु से मकर 13 जनवरी 2020 11:44 पूर्वाह्न
मकर से कुंभ 31 जनवरी 2020 03:02 पूर्वाह्न
कुंभ से मीन 07 अप्रैल 2020 02:34 अपराह्न
मीन से मेष 25 अप्रैल 2020 02:43 पूर्वाह्न
मेष से वृषभ 09 मई 2020 09:54 पूर्वाह्न
वृषभ से मिथुन 25 मई 2020 12:04 पूर्वाह्न
मिथुन से कर्क 02 अगस्त 2020 03:41 पूर्वाह्न
कर्क से सिंह 17 अगस्त 2020 08:36 पूर्वाह्न
सिंह से कन्या 02 सितम्बर 2020 12:11 अपराह्न
कन्या से तुला 22 सितम्बर 2020 05:05 अपराह्न
तुला से वृश्चिक 28 नवम्बर 2020 07:14 पूर्वाह्न
वृश्चिक से धनु 17 दिसम्बर 2020 11:47 पूर्वाह्न
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