सूर्य गोचर 2019

सूर्य गोचर 2019

सूर्य पूरी दुनिया को अपने प्रकाश के जगमगाने वाले ग्रह हैं। विज्ञान भले सूर्य को एक स्थिर ग्रह मानता हो लेकिन ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को हमेशा सीधी चाल चलने वाला ग्रह माना जाता है। राशि चक्र की पांचवी राशि सिंह के स्वामी सूर्य ऊर्जा के कारक माने जाते हैं। इन्हें आत्मा का कारक भी माना जाता है। इसलिये सूर्य का अच्छा होना जातक के आत्मबल में भी वृद्धि करता है। पिता का कारक भी सूर्य को ज्योतिष में माना जाता है। कुंडली में बहुत सारे महत्वपूर्ण योग भी सूर्य अन्य ग्रहों के साथ युति करके बनाते हैं। राहू की संगति इन्हें ग्रहण भी लगाती है। नवग्रहों में बात करें तो चंद्रमा, मंगल व गुरु इनके मित्र ग्रह हैं जबकि राहू, केतु, शुक्र व शनि के साथ इनकी खास नहीं बनती। बुध के साथ ये समभाव रखते हैं।

राशि चक्र की एक राशि में लगभग एक महीने तक रहते हैं। इसी कारण हिंदू पंचांग मास का निर्धारण भी सूर्य की चाल पर होता है। तिथि का आरंभ भी सूर्योदय से ही मानते हैं। सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में परिवर्तन को संक्रांति कहा जाता है। मकर राशि में सूर्य जब प्रवेश करते हैं तो यह समय स्नान-दान पुण्य आदि के लिये बहुत ही शुभ माना जाता है। मकर संक्रांति को बड़े स्तर पर पर्व के रूप में मनाया जाता है। इसे उत्तरायण भी कहते हैं। यहीं से शुभ समय की शुरुआत भी मानी जाती है। मिथुन राशि के पश्चात दक्षिणायन में हो जाते हैं। तुला राशि में ये नीच के होते हैं तो मेष राशि में उच्च के। इस तरह सूर्य एक बहुत ही प्रभाव शाली ग्रह हैं। जो भी ग्रह सूर्य के समीप आते हैं उन्हें अस्त माना जाता है यानि उनका अपना कोई प्रभाव नहीं रह जाता है। उनके प्रभाव से युक्त सूर्य जातकों के जीवन को बहुत प्रभावित करते हैं। बुध के साथ आने पर बुधादित्य योग बनता है जिसे बहुत ही सौभाग्यशाली माना जाता है। जातक के स्वास्थ्य पर सूर्य का बहुत असर होता है। वैसे तो सूर्य की गिनती पाप ग्रहों में होती है। लेकिन क्रूर ग्रहों की दृष्टि पड़ने या उनके साथ आने से ही सूर्य नेगेटिव प्रभाव छोड़ते हैं। अन्यथा जातक के जीवन पर सूर्य काफी अच्छा प्रभाव डालते हैं।

ग्रह गोचर के इस पेज पर आप इस वर्ष सूर्य कब कब राशि परिवर्तन कर रहे हैं इसकी पूरी जानकारी आपको मिलेगी। सूर्य के राशि परिवर्तन को संक्रांति कहा जाता है।



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सूर्य गोचर 2019 तिथि व समय
धनु से मकर (मकर संक्रांति) 14 जनवरी 2019 08:06 अपराह्न
मकर से कुंभ (कुंभ संक्रांति) 13 फरवरी 2019 09:04 पूर्वाह्न
कुंभ से मीन (मीन संक्रांति) 15 मार्च 2019 05:56 पूर्वाह्न
मीन से मेष (मेष संक्रांति) 14 अप्रैल 2019 02:26 अपराह्न
मेष से वृषभ (वृषभ संक्रांति) 15 मई 2019 11:18 पूर्वाह्न
वृषभ से मिथुन (मिथुन संक्रांति) 15 जून 2019 05:55 अपराह्न
मिथुन से कर्क (कर्क संक्रांति) 17 जुलाई 2019 04:50 पूर्वाह्न
कर्क से सिंह (सिंह संक्रांति) 17 अगस्त 2019 01:18 अपराह्न
सिंह से कन्या (कन्या संक्रांति) 17 सितम्बर 2019 01:19 अपराह्न
कन्या से तुला (तुला संक्रांति) 18 अक्तूबर 2019 01:20 पूर्वाह्न
तुला से वृश्चिक (वृश्चिक संक्रांति) 17 नवम्बर 2019 01:08 पूर्वाह्न
वृश्चिक से धनु (धनु संक्रांति) 16 दिसम्बर 2019 03:44 अपराह्न
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