Skip Navigation Links
हरियाली अमावस्या पर लगायें ये पेड़ चमक सकती है किस्मत


हरियाली अमावस्या पर लगायें ये पेड़ चमक सकती है किस्मत

पेड़ पौधे मनुष्य जीवन के लिये कितने अहम हैं यह बताने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि इनके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। इन्हीं पेड़ पौधों के महत्व को, इनके संरक्षण को हिंदू धर्म के धार्मिक ग्रंथों में भी बताया गया है। हरियाली अमावस्या का दिन वृक्षारोपण के लिये बहुत ही शुभ फलदायी माना जाता है। आइये आपको बताते हैं कि इस दिन कौन से वृक्षों का रोपण आपकी किस्मत को बदल सकता, आपका भाग्य बुलंद होने लगता है?

पीपल – पीपल के महत्व को कौन नहीं जानता। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार मान्यता है कि पीपल पर त्रिदवों यानि ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। पीपल की जड़ को प्रात दूध या जल चढ़ाने सांयकाल में सरसों के तेल का दिया लगाने का विधान भी है। अत: हरियाली अमावस्या पर यदि कहीं पीपल का पेड़ लगाया जाये तो बहुत सौभाग्यशाली माना जाता है।

वटवृक्ष (बरगद, बड़) - बड़ की पूजा भी सौभाग्य प्रदान करने वाली मानी जाती है। ज्येष्ठ माह में तो वट सावित्रि नामक व्रत में विशेष रूप से वटवृक्ष यानि बरगद की पूजा की जाती है। इसलिये बरगद का पेड़ लगाना भी बहुत ही पुण्य फलदायी माना जाता है।

केला – भगवान विष्णु की पूजा के लिये केले को श्रेष्ठ माना जाता है। बृहस्पतिवार के दिन देवगुरु बृहस्पति की पूजा में भी केले का पूजन आवश्यक माना जाता है। मान्यता है कि विद्यार्थियों को अच्छी विद्या तो कन्याओं को अच्छा वर पाने के लिये केले की पूजा हल्दी, पीले चंदन, चने की दाल, गुड़ आदि से करनी चाहिये। हरियाली तीज पर केले का वृक्षारोपण भी शुभ माना जाता है।

तुलसी – तुलसी एक औषधि तो है ही साथ ही पौराणिक ग्रंथों के अनुसार जिस घर में तुलसी होती है वह घर तीर्थ के समान माना जाता है। भगवान विष्णु की प्रिया के रूप में तो तुलसी जानी ही जाती हैं। इसलिये हरियाली तीज पर तुलसी को आप लगा सकते हैं।

पौधारोपण में रखें इन बातों का ध्यान

हरियाली अमावस्या पर यह कतई आवश्यक नहीं है कि आप उरोक्त धार्मिक महत्व वाले वृक्षों को ही लगायें वरन कोई भी वृक्ष आप लगा सकते हैं लेकिन उपयोगी वृक्ष जो कि फलदायी हों, छाया देने वाले हों आदि लगायें तो बेहतर रहता है। कई बार हम जाने अंजाने मात्र घर की शोभा बढ़ाने के लिये कुछ ऐसे वृक्ष अपने घर में लगा लेते हैं जिनके ज्योतिषीय और वास्तु दृष्टि से नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। इसलिये कुछ सावधानियां अवश्य रखनी जैसे-

घर में या घर के नज़दीक कौनसे वृक्ष लगायें – अशोक, शिरीष, बिल्वपत्र, तुलसी आदि शुभ प्रभावकारी माने जाते हैं इसलिये इन वृक्षों को आप घर के आस-पास लगा सकते हैं।

घर से दूर लगायें ये वृक्ष – गूलर, पीपल, बड़, बेर, निर्गुण्डी, इमली, कदंब, बेल, खजूर आदि को घर के नजदीक लगाना शुभ नहीं माना जाता इसलिये ये वृक्ष घर से दूर ही हों तो बेहतर रहता है। केला, अनार नींबू आदि भी घर की वृद्धि में बाधक माने जाते हैं इसलिये इन्हें घर से दूर ही लगाना बेहतर रहता है।

कुल मिलाकर हरियाली अमावस्या पर वृक्ष लगाने का संकल्प हमें अवश्य लेना चाहिये साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिये कि मात्र वृक्षारोपण से ही इति श्री नहीं हो जाती बल्कि निरंतरता में आप द्वारा लगाये गये पौधे की देखभाल आवश्यक है। इसी के जरिये हम अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं और प्रकृति में जैविक संतुलन कायम कर सकते हैं। 

हरियाली अमावस्या पर अपनी कुंडली के अनुसार सरल ज्योतिषीय उपाय जानने के लिये एस्ट्रोयोगी पर देश के प्रसिद्ध ज्योतिषियों से परामर्श करें। अभी बात करने के लिये यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें

हरियाली तीज - जानें श्रावणी तीज की व्रत कथा व पूजा विधि   ।   सावन पूर्णिमा को लगेगा चंद्र ग्रहण राशिनुसार जानें क्या होगा असर

सावन - शिव की पूजा का माह है श्रावण   ।   जानें सावन सोमवार की व्रतकथा व पूजा विधि   ।   सावन शिवरात्रि 2017 - शिवरात्रि पर भोलेनाथ करेंगें कष्टों को दूर

शिव मंदिर – भारत के प्रसिद्ध शिवालय   ।   भगवान शिव के मंत्र   |   शिव चालीसा   |   शिव जी की आरती   ।   भगवान शिव और नागों की पूजा का दिन है नाग पंचमी




एस्ट्रो लेख संग्रह से अन्य लेख पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

वृषभ राशि में बुध का परिवर्तन – जानिए किन राशियों के लिये लाभकारी है वृषभ राशि में बुधादित्य योग

वृषभ राशि में बुध ...

बुध ग्रह राशि चक्र में तीसरी और छठी राशि मिथुन व कन्या के स्वामी हैं। बुध वाणी के कारक माने जाते हैं। बुध का राशि परिवर्तन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार एक बड़ी घटना मान...

और पढ़ें...
अधिक मास - क्या होता है मलमास? अधिक मास में क्या करें क्या न करें?

अधिक मास - क्या हो...

अधिक शब्द जहां भी इस्तेमाल होगा निश्चित रूप से वह किसी तरह की अधिकता को व्यक्त करेगा। हाल ही में अधिक मास शब्द आप काफी सुन रहे होंगे। विशेषकर हिंदू कैलेंडर वर्ष को म...

और पढ़ें...
सकारात्मकता के लिये अपनाएं ये वास्तु उपाय

सकारात्मकता के लिय...

हर चीज़ को करने का एक सलीका होता है। शउर होता है। जब चीज़ें करीने सजा कर एकदम व्यवस्थित रखी हों तो कितनी अच्छी लगती हैं। उससे हमारे भीतर एक सकारात्मक उर्जा का संचार ...

और पढ़ें...
मलमास - जानिए मल मास के बारे में

मलमास - जानिए मल म...

16 मई 2018 से मलमास का आरंभ हो चुका है। ज्येष्ठ मास में पड़ने वाला यह मलमास 16 मई से आरंभ होकर 13 जून 2018 तक रहेगा। प्रत्येक वर्ष हर तीन साल में एक बार अतिरिक्त माह...

और पढ़ें...
वृषभ संक्रांति – वृषभ राशि में हुआ सूर्य का परिवर्तन जानें अपना राशिफल

वृषभ संक्रांति – व...

सूर्य का राशि परिवर्तन करना ज्योतिष के अनुसार एक अहम घटना माना जाता है। सूर्य के राशि परिवर्तन से जातकों के राशिफल पर तो असर पड़ता ही है साथ ही सूर्य के इस परिवर्तन ...

और पढ़ें...