मिथुन संक्रांति 2022- जानें आपके लिए कैसा रहेगा यह सूर्य गोचर

bell icon Tue, Jun 14, 2022
एस्ट्रो डी राणा एस्ट्रो डी राणा के द्वारा
मिथुन संक्रांति 2022: जानें आपके लिए कैसा रहेगा सूर्य का मिथुन राशि में गोचर

सूर्य के मिथुन राशि में गोचर करने से जातकों को महत्वपूर्ण परिवर्तन का अनुभव होगा। यह जानने के लिए लेख पढ़ें, कि यह संक्रांति आपके लिए क्या परिणाम लेकर आने वाला है और वे कौन से उपाय हैं जिन्हें अपनाने से सूर्य के नकारात्मक प्रभाव को दूर करने और इसके लाभों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

वैदिक ज्योतिष में सूर्य को पूरे विश्व की आत्मा माना जाता है, जो सभी प्राणियों को जीवन देता है, और अब सूर्य मिथुन राशि में गोचर कर रहा है। यह व्यक्ति के स्वास्थ्य, लोकप्रियता, नाम, प्रतिष्ठा, रोजगार, मान्यता, सफलता, उच्च पद और अन्य पहलुओं को प्रभावित करता है। सूर्य इन सभी के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है। यह व्यक्ति की कार्य करने की क्षमता, साहसी दृष्टिकोण, साहस आदि को भी दर्शाता है।

सूर्य का मिथुन राशि में प्रवेश भारतीय समयानुसार 15 जून 2022, बुधवार को दोपहर 12:03 बजे करेंगे और 16 जुलाई 2022 तक तक रहेंगे, फिर कर्क राशि में गोचर करेंगे। सूर्य गोचर यानी की मिथुन संक्रांति प्रत्येक व्यक्ति के जीवन को व्यावहारिक रूप से प्रभावित करेगा और कई बदलाव लाएगा। इस गोचर के कारण, अधिकांश लोगों को अपने स्वास्थ्य के मामले में सतर्क रहने की सलाह दी जाती है क्योंकि सूर्य के गोचर का प्रभाव कुछ स्वास्थ्य समस्याओं को संवेदनशील बना देगा।

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सूर्य गोचर का राशि चक्र के सभी राशियों के लिए परिणाम

आइए जानें कि 2022 में मिथुन राशि में सूर्य के आने से कौन-सी राशियां भाग्यशाली होंगी, इनके जीवन में कौन से महत्वपूर्ण परिवर्तन हो सकते हैं। इसके साथ ही आपको इस लेख में कुछ उपाय भी मिलेंगे। जिनकी सहायता से आप इस गोचर का सकारात्मक फल प्राप्त कर पाएंगे।

सूर्य गोचर का मेष राशि पर प्रभाव: वाणी पर काम करने का समय

सूर्य मेष राशि के लिए उनकी कुंडली के तीसरे भाव में प्रवेश करेगा, जहां यह कमांडिंग संचार कौशल प्रदान करेगा जो विशेष रूप से प्रबंधन पदों पर बैठे लोगों के लिए फायदेमंद होगा। सूर्य के मिथुन राशि में आने से आप शांत और तनाव मुक्त होंगे। इसके साथ ही आपको अपने संबंधों के प्रति संवेदनशील रहना होगा।

उपायः सुबह घर से निकलते समय दो हरी इलायची जरूर खाएं।

सूर्य गोचर का वृषभ राशि पर प्रभाव: संबंधों के प्रति संवेदनशील रहें

सूर्य वृषभ राशि वालों की कुंडली के दूसरे भाव में प्रवेश करेंगे। यह गोचर आप वृषभ जातकों के लिए समस्याएं खड़ी कर सकता है। इस गोचर अवधि में परिवार के सदस्यों के साथ विवाद हो सकता है। आपका जन्म का चंद्रमा यहां प्रभावित होगा, जिससे आपको ऐसा महसूस होगा कि कोई आपको नहीं समझ रहा है। इसलिए कोशिश करें कि आप अपने दोस्तों के साथ समय बिताएं। आप खुद को व्यस्त रखने के लिए कुछ नई चीजें सीखने की कोशिश कर सकते हैं।

उपायः गाय को सफेद उबले चावल चीनी के साथ खिलाएं।

सूर्य के गोचर का मिथुन राशि पर प्रभाव: कार्य को लेकर गंभीर रहें

सूर्य मिथुन राशि के जातकों के लग्न भाव में गोचर करेगा और आपके जन्म के चंद्रमा के साथ युति करेगा। यह सुनिश्चित करते हुए कि आप अपने पेशेवर निर्णयों में दृढ़ हैं। आपके अधिकांश विकल्प आपके पेशेवर जीवन में फायदेमंद होंगे। परंतु आपको अपने कार्यस्थल पर सतर्क भी रहना होगा। व्यापारी जातकों के लिए समय सामान्य रहने वाला है।

उपाय: मंगलवार के दिन हनुमान जी को मीठे बेसन के लड्डू अर्पित करें।

सूर्य गोचर का कर्क राशि पर प्रभाव: वित्त को लेकर सजग रहें

सूर्य कर्क राशि के जातकों की कुंडली के बारहवें भाव में गोचर करने जा रहा है। सूर्य आपके जन्म चंद्रमा के साथ कमजोर स्थिति में होगा, जिससे आपको तनाव और चिंता होने की संभावना बढ़ जाएगी। कुछ अप्रत्याशित खर्च हो भी इस समय में हो सकते हैं। आपको पर्याप्त आराम और नींद लेने की सलाह दी जाती है। जो जातक इस समय निवेश करने की सोच रहे वे थोड़ा सावधान हो जाएं।

उपायः गुरुवार के दिन किसी भी मंदिर में चना दाल और गुड़ का भोग लगाएं।

सूर्य गोचर का सिंह राशि पर प्रभाव: लाभ का समय

सिंह जातक सूर्य आपकी कुंडली के ग्यारहवें घर में गोचर करने वाला है। यहां सूर्य आपके जन्म चंद्रमा के साथ अनुकूल पहलू बनेगा, जिसके परिणामस्वरूप संभावित रूप से आपको अप्रत्याशित निवेश से लाभ प्राप्त होगा। इस दौरान आपको कोई पार्ट-टाइम नौकरी मिल सकती है। विद्यार्थियों के लिए समय सही है। अपने अध्ययन पर ध्यान दें।

उपायः एक - एक के सात सिक्के लें और उन सभी को जरूरतमंदों को दें।

सूर्य गोचर का कन्या राशि पर प्रभाव: परिश्रम करने का समय

सूर्य कन्या जातकों की कुंडली के दसवें भाव में गोचर करेगा, जिससे आपका जन्म चंद्रमा प्रभावित होगा। इसके परिणाम स्वरूप कन्या जातकों को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सूर्य के मिथुन राशि में गोचर करने से आप कन्या जातकों के पेशेवर जीवन में मुश्किलें आ सकती हैं। परंतु आप कार्यस्थल में अपनी प्रतिभा और प्रयासों का प्रदर्शन कर सकते हैं और वांछित परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। इस दौरान आपको कोई इनाम भी मिल सकता है।

उपाय: अपने घर की ईशान दिशा में एक छोटे से घड़े में पानी रखें।

सूर्य गोचर का तुला राशि पर प्रभाव: करियर के लिए अच्छा समय

तुला राशि के लिए सूर्य उनकी कुंडली के नौवें भाव में गोचर करेगा। सूर्य आपके जन्म चंद्रमा के साथ त्रिकोण में आएगा। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के लिहाज से यह समय बेहतरीन रहेगा। आप कुछ नया सीखने का भी प्रयास कर सकते हैं, जैसे कोई नई भाषा। व्यापारी जातकों के लिए भी समय सही है। आप अपना कारोबार बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं।

उपायः माथे पर हल्दी का तिलक लगाना आपके लिए शुभ रहेगा।

सूर्य गोचर का वृश्चिक राशि पर प्रभाव: विवाद में पड़ने से बचें

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सूर्य उनकी कुंडली के आठवें भाव में गोचर करने जा रहा है। यह सूर्य गोचर आपके जन्म चंद्रमा के साथ एक असंगत पहलू बनाएगा। जिसके परिणामस्वरूप तनाव और वित्तीय कठिनाइयों की चिंता के कारण भावनात्मक उतार-चढ़ाव होगा। किसी भी व्यक्ति के कानूनी या वित्तीय मामलों की गारंटी देने से बचें। इससे आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है। 

उपाय: मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाएं।

सूर्य गोचर का धनु राशि पर प्रभाव: संबंध में सावधान रहें

सूर्य धनु राशि के लिए इनकी कुंडली के सातवें भाव में गोचर करने वाला है। यह आपके जन्म चंद्रमा के साथ विरोधी पहलू तैयार करेगा। जिससे काम में परेशानी होगी। इस अवधि में खासकर विपरीत लिंग के लोगों के साथ तनाव हो सकता है। अपने साथी के साथ स्पष्ट रहें, क्योंकि इससे गलतफहमी हो सकती है। अपने जीवनसाथी के लिए समय निकालें, जो वर्तमान परिवेश में महत्वपूर्ण है।

उपायः गायों को देसी घी लगी रोटियां खिलाएं।

सूर्य गोचर का मकर राशि पर प्रभाव: सतर्क रहने का समय

मकर जातक सूर्य आपकी जन्म कुंडली के छठे भाव में गोचर कर रहा है। इस गोचर अवधि में सूर्य आपके जन्म चंद्रमा के साथ सामान्य स्थिति का निर्माण करेगा। आपको अपने सहयोगियों के साथ समायोजन करने की आवश्यकता होगी। हमेशा याद रखें, प्रोफेशनल लाइफ में अपनों के जैसा कुछ नहीं होता। अपने सहकर्मी की व्यक्तिगत बातचीत का हिस्सा बनने से बचें। ऐसा करने से आप परेशानी से दूर होंगे। व्यापार को लेकर सतर्क रहें। निवेश करते समय सभी पहलुओं पर ध्यान अवश्य दें।

उपाय: इस दौरान हरे रंग का रुमाल अपनी जेब में रखें।

सूर्य गोचर का कुंभ राशि पर प्रभाव: विकास का समय है

सूर्य कुंभ राशि वालों के पंचम भाव में गोचर करेगा। सूर्य यहां आपके जन्म चंद्रमा के साथ एक त्रिकोण का निर्माण करेगा। जो आप जातकों के लिए शुभ रहने वाला है। यह सबसे सुखद अवधि साबित होगा। गोचर के दौरान आप अपने साथी के साथ छुट्टियों की योजना बना सकते हैं। इस दौरान अविवाहित प्रेम संबंधों में आ सकते हैं। करियर के लिए समय उत्तम है। आपको नई जिम्मेदारी मिल सकती है। जिसका आपको आगे चलकर लाभ होगा। व्यापारी जातकों को इस गोचर से लाभ मिलेगा।

उपाय: सोमवार के दिन भगवान शिव को सफेद फूल चढ़ाएं।

सूर्य गोचर का मीन राशि पर प्रभाव: धैर्य रखने का समय

मीन राशि के जातकों की कुंडली में सूर्य चौथे भाव में गोचर करेंगे। जहां आपका जन्म चंद्रमा सूर्य के साथ एक असहज पहलू का निर्माण करेगा, जिससे आपको संपत्ति के मुद्दों या अन्य दंड का सामना करना पड़ सकता है। यदि आपका जन्म शनि भी सूर्य के साथ कठोर दृष्टि रखता है, तो आपको अपने पिता के साथ संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है, जिससे आपको बचने की कोशिश करनी चाहिए।

उपायः गायों को हरा चारा खिलाएं।

परिणामस्वरूप, सूर्य के मिथुन राशि में गोचर से प्रत्येक राशि प्रभावित होंगी। हमें अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए विश्वास और धैर्य रखना चाहिए।

नोट: ये सभी ग्रहों के गोचर पर आधारित सामान्य भविष्यवाणियां हैं। व्यक्ति की जन्म कुंडली के आधार पर भविष्यवाणियां भिन्न हो सकती हैं।

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✍️ लेखक- एस्ट्रो डी राणा

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