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नीच राशि में शुक्र का गोचर - किस पर पड़ेगा भारी?



नीच राशि में शुक्र का गोचर - किस पर पड़ेगा भारी?

शुक्र जिन्हें वीनस यानि सुंदरता की देवी कहा जाता है। जो दैत्यों के गुरु भी माने जाते हैं, जिन्हें राशि चक्र की दो राशियों वृषभ व तुला का स्वामी माना जाता है इनका ज्योतिषशास्त्र में बहुत अधिक महत्व होता है। शुक्र मीन राशि में उच्च के होते हैं तो कन्या राशि में नीच के माने जाते हैं। उच्च शुक्र शुभ फलदायी होते हैं नीच शुक्र नकारात्मक परिणाम लेकर आते हैं। 9 अक्तूबर को शुक्र अपनी नीच माने जानी वाली राशि कन्या में प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे में आइये जानते हैं सभी 12 राशियों को शुक्र कैसे प्रभावित कर रहे हैं?

मेष – मेष जातकों के लिये शुक्र का परिवर्तन राशि से छठे स्थान में यानि कन्या राशि में हो रहा है। शुक्र कन्या राशि में नीच के माने जाते हैं इसलिये यह समय आपके लिये नकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। विशेषकर सेहत के मामले में आपको थोड़ा अधिक सावधान रहने की आवश्यकता रहेगी। हालांकि शुक्र आपके लिये धन प्राप्ति के योग भी बना रहे हैं। साथ ही कुछ समय के लिये शुक्र व बुध की युति भी छठे स्थान में रहेगी जिससे थोड़े समय के लिये नीचभंग राज योग भी बन रहा है लेकिन इसका लाभ उठाने के लिये आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। विपरीत लिंगी के प्रति आपका आकर्षण बढ़ सकता है। विवाह से इतर संबंध बनाने से बचें, मुसीबत में पड़ सकते हैं।

वृषभ – आपकी राशि से शुक्र नीच के होकर पंचम स्थान में दाखिल हो रहे हैं। संतान, शिक्षा व प्रेम संबंधों के मामले में यह समय चिंतिंत करने वाला रह सकता है। जो विवाहित जातक संतान प्राप्ति की कामना रखते हैं उन्हें हो सकता है अपेक्षित परिणाम इस समय न मिलें या अतिरिक्त प्रयास करने पड़ें। आपका स्वास्थ्य तो ठीक रहने के आसार हैं लेकिन खर्चों में बढ़ोतरी भी हो सकती है। कला व मनोरंजन क्षेत्र से जुड़े जातकों के लिये कुछ समय तक समय सौभाग्यशाली रहने के भी आसार हैं।

मिथुन – मिथुन राशि से शुक्र के नीचे के होकर चौथे भाव में गोचर करेंगें। आपके लिये रोमांटिक जीवन में यह समय परेशानियां लेकर आ सकता है। इस समय आपको मानसिक तनाव से भी गुजरना पड़ सकता है। यदि मकान, वाहन या अन्य कोई बड़ी खरीददारी करने के इच्छुक हैं तो फिलहाल कोई जल्दबाजी न दिखाई न ही कोई महत्वपूर्ण निर्णय इस समय लें। संतान के साथ अपने संबंध अच्छे बनाकर रखें तो बेहतर रहेगा।

कर्क – कर्क राशि वालों के लिये शुक्र का परिवर्तन पराक्रम स्थान में हो रहा है। इस समय निकटत्तम संबंधियों के साथ वैचारिक मतभेद बढ़ सकते हैं विशेषकर छोटी बहन से दूरियां बढ़ने के आसार हैं। कर्क राशि की जातकिओं के लिये तो यह समय विशेष रूप से नकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। जो जातक पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े हैं उन्हें इस समय परेशानियों से गुजरना पड़ सकता है।

सिंह – आपकी राशि से दूसरे भाव में शुक्र का प्रवेश हो रहा है। धन भाव में नीच शुक्र आपके लिये धन हानि के संकेत कर रहे हैं। व्यवसायी जातकों के लिये यह समय मंदी का हो सकता है। पैतृक संपत्ति को लेकर भी आपको विवाद का सामना करना पड़ सकता है। इस समय परिजनों से मतभेद बढ़ने के आसार हैं। अपनी मूल्यवान चीज़ों को अच्छे से सहेज कर रखें, खोने की संभावनाएं प्रबल हैं।

कन्या – शुक्र का परिवर्तन आपकी ही राशि में हो रहा है। इस समय आपके विचारों में नकारात्मकता हावि रह सकती है। बेहतर रहेगा किसी महत्वपूर्ण निर्णय को फिलहाल न लें यदि फैसला लेना ही पड़े तो अच्छे से विचार-विमर्श करने व घर के बड़े बुजूर्ग अथवा किसी अनुभवी मित्र से परामर्श लेने के पश्चात ही लें। अपने व्यवहार को मर्यादित रखने का प्रयास करें। प्रबल संभावनाएं हैं कि आपके व्यवहार से किसी की भावनाओं को ठेस पंहुचे, सामाजिक रूप से सक्रिय जातक इसका अधिक ध्यान रखें। अपनी इच्छाओं पर भी नियंत्रण रखें। विपरीत लिंगी के प्रति आपका आकर्षण बढ़ सकता है।

तुला – नीच राशि के होकर शुक्र आपकी राशि से 12वें स्थान में आ रहे हैं। इस समय आपके जह़न में नये-नये विचार उत्पन्न हो सकते हैं। रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिये यह समय काफी अच्छा कहा जा सकता है लेकिन साथ ही आपको सतर्क भी रहने की आवश्यकता होगी कहीं ऐसा न हो कि आपका ही कोई अपना, कोई मित्र आपके साथ दगाबाजी करे। व्यावसायिक रूप से अपने रचनात्मक कार्य को सुरक्षित रखने का प्रयास करें। आपके विचार चुराये जा सकते हैं। आर्थिक तौर पर आपके लिये सुझाव है कि अपने खर्च पर नियंत्रण करने का प्रयास करें। घरेलू जीवन प्रभावित न हो इसके लिये जितना हो सके अपने दफ्तर को घर न लेकर जायें यानि काम का दबाव कार्यस्थल पर ही रखें। साथ ही कार्यस्थल पर काम के प्रति गंभीर होने की आवश्यकता भी रहेगी।

वृश्चिक – आपकी राशि से शुक्र का परिवर्तन लाभ स्थान में हो रहा है। लाभ स्थान में नीच शुक्र धन लाभ मिलने का ईशारा तो कर रहे हैं लेकिन इसके भी प्रबल संकेत हैं कि आप मौजमस्ती में धन लुटायें। इस समय कामकाज में हो सकता है आप एकाग्रता से कार्य न कर पायें। व्यावसायिक रूप से आपको यात्राएं भी करनी पड़ सकती हैं। संभव है कि इस समय आपका मन भी भटका-भटका रहे, अपने मन रूपी घोड़े की लगाम अपने हाथ में रखें तो बेहतर होगा।

धनु – धनु जातकों के लिये शुक्र दसवें स्थान में नीच के होकर गोचर करेंगें। रोमांटिक जीवन में यह समय परेशानियों वाला रहने के आसार हैं। अविवाहित प्रेमी जातकों के बीच मनमुटाव हो सकता है तो साथ ही विवाहित दंपति भी हो सकता है अपने दांपत्य जीवन से संतुष्ट न रहें। कामकाजी जीवन में भी बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। खर्चे भी बढ़ने के संकेत हैं लेकिन ऐसा नहीं है कि आपकी मेहनत का कोई असर नहीं होगा। आप अपने प्रयासों से हालातों को काबू में भी रख सकते हैं।

मकर – आपकी राशि से शुक्र भाग्य स्थान में नीच के होकर गोचर कर रहें हैं। इस समय आपको संयंम, धैर्य और विवेक से काम लेने की सख्त आवश्यकता रहेगी। दरअसल आपकी प्रवृति इस समय झगड़ालू होने के आसार हैं। कार्यक्षेत्र में आप किसी से उलझ सकते हैं। किस्मत का साथ न मिलने से खुद को कोस सकते हैं। हो सकता है आपके दिल के करीब किसी साथी का सहयोग भी आपको न मिले। कुल मिलाकर इस समय आपको थोड़ा संभलकर रहने की आवश्यकता रहेगी।

कुंभ – आपकी राशि से अष्टम भाव में नीच राशि के शुक्र का गोचर करना दुर्भाग्य के संकेत कर रहा है। यह समय आपके लिये काफी चुनौतिपूर्ण भी हो सकता है। यात्रा के दौरान सावधान रहें, यदि वाहन स्वयं चला रहे हों तो विशेष रूप से सावधानी बरतने की आवश्यकता है। कोई बड़ी धन राशि खर्च होने के योग भी आपके लिये बन रहे हैं। अपनी वाणी में विनम्रता रखने का प्रयास करें किसी से भी कटु वचन न कहें। किसी से साथ वाद-विवाद में पड़ना भी इस समय आपके हितकर नहीं है।

मीन – सप्तम भाव में नीच के शुक्र का आना आपके लिये दांपत्य जीवन में असंतुष्टि का कारण हो सकता है। अविवाहित प्रेमी जातकों के लिये भी यह समय अच्छा नहीं रहने के आसार हैं। इस समय आपको कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकती हैं। संतान को लेकर भी आप चिंतित हो सकते हैं। आपके लिये सलाह है कि लंबी दूरी की यात्राओं से बचने का प्रयास करें।

यह राशिफल सामान्य गणना के आधार पर प्रस्तुत किया गया है अपनी कुंडली के अनुसार नीच शुक्र के प्रभाव व नकारात्मक परिणामों से बचने के ज्योतीषीय उपाय जानने के लिये एस्ट्रोयोगी पर देश भर के प्रसिद्ध ज्योतिषियों से परामर्श करें। अभी बात करने के लिये यहां क्लिक करें।

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