शुक्र गोचर

शुक्र गोचर 2022

शुक्र जिसे अंग्रेजी में वीनस यानि सुंदरता की देवी कहा जाता है। जिसे ज्योतिष में स्त्री ग्रह भी माना जाता है। जो वृषभ व तुला राशियों के स्वामी हैं। जिन्हें दैत्यगुरु भी माना जाता है। जो जातक की कुंडली में विवाह से लेकर संतान तक के योग बनाते हैं। लाभ का कारक भी शुक्र को माना जाता है। जीवन में सुख-समृद्धि भी शुक्र के शुभ प्रभाव से आती है। शुक्र जातक में कला के प्रति आकर्षण पैदा करते हैं। कलात्मकता का विकास करते हैं। शुक्र का जातक की कुंडली में कमजोर या मजबूत होना बहुत मायने रखता है मीन राशि में शुक्र उच्च के होते हैं तो कन्या राशि में इन्हें नीच का माना जाता है। शुक्र जो सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद आकाश में अपनी चमक से एक विशेष पहचान रखते हैं। शनि, बुध व केतु के साथ इनकी मित्रता है तो सूर्य, चंद्रमा व राहू के साथ इनका शत्रुवत संबंध है। मंगल व बृहस्पति के साथ इनका संबंध सामान्य है। शुक्र ही वह ग्रह हैं जिन्हें हम भोर का तारा कहते हैं। शुक्र का राशि परिवर्तन करना ज्योतिष शास्त्र के नज़रिये से एक अहम गतिविधि है। इस पेज पर शुक्र ग्रह के गोचर के बारे में जानकारी तो मिलेगी ही साथ ही आप यह भी जान पायेंगें शुक्र कब राशि परिवर्तन करेंगें और आपकी राशि पर शुक्र के गोचर का क्या प्रभाव रहेगा?

आपकी कुंडली के अनुसार ग्रहों की दशा क्या कहती है, जानें एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्यों से। अभी परामर्श करें।
धनु से मकर 27 फरवरी 2022 10:37 पूर्वाह्न
मकर से कुंभ 31 मार्च 2022 08:54 पूर्वाह्न
कुंभ से मीन 27 अप्रैल 2022 06:30 पूर्वाह्न
मीन से मेष 23 मई 2022 08:39 पूर्वाह्न
मेष से बृषभ 18 जून 2022 08:28 पूर्वाह्न
बृषभ से मिथुन 13 जुलाई 2022 11:01 पूर्वाह्न
मिथुन से कर्क 07 अगस्त 2022 05:31 पूर्वाह्न
कर्क से सिंह 31 अगस्त 2022 04:29 पूर्वाह्न
सिंह से कन्या 24 सितम्बर 2022 09:14 पूर्वाह्न
कन्या से तुला 18 अक्तूबर 2022 09:51 पूर्वाह्न
तुला से वृश्चिक 11 नवम्बर 2022 08:20 पूर्वाह्न
वृश्चिक से धनु 05 दिसम्बर 2022 06:08 पूर्वाह्न
धनु से मकर 29 दिसम्बर 2022 04:14 पूर्वाह्न

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