शुक्र का मिथुन राशि में गोचर, जानें क्या होगा आपकी राशि पर असर?

bell icon Sun, Jul 03, 2022
टीम एस्ट्रोयोगी टीम एस्ट्रोयोगी के द्वारा
शुक्र का मिथुन राशि में गोचर, जानें क्या होगा आपकी राशि पर असर?

शुक्र ग्रह मनुष्य के जीवन में बाह्य सुख, प्रेम और विलासिता, सौंदर्य आदि का कारक होता है। शुक्र के मिथुन राशि में गोचर से अन्य राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसको जानने के लिए इस लेख को पढ़ें। 

Venus Transit in Gemini 2022: किसी व्यक्ति के जीवन में प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ भौतिक सुख, शुक्र के प्रभाव से ही आता है। किसी की जन्म कुंडली में एक मजबूत और शक्तिशाली शुक्र का अर्थ है विलासिता से भरी दुनिया और खुशियों से भरा जीवन। मिथुन राशि में शुक्र का गोचर 13 जुलाई 2022 को सुबह 10.41 बजे होगा और यह 7 अगस्त, 2022 तक इस राशि में रहेगा, इसके उपरांत यह कर्क राशि में प्रवेश करेगा। शुक्र मनुष्य के भीतर प्रेम, स्नेह और शारीरिक आकर्षण को प्रभावित करता है। यह चमक, ग्लैमर और सद्भाव की आवश्यकता को दर्शाता है। यह प्रेम के बल पर दो लोगों को एक दूसरे से जोड़ता है। अत: प्रत्येक राशि में इसकी चाल मनुष्य पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह से प्रभाव डालती है।

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यह समझना भी आवश्यक है कि यदि किसी जातक की जन्म कुंडली में शुक्र का प्रभाव प्रबल होता है, तो उसको "योगी" जीवन शैली अपनाने में बाधा उत्पन्न होगी, लेकिन जो लोग सांसारिक सुखों का आनंद लेना चाहते हैं, उनके लिए यह अच्छा है। इसलिए अच्छे और सुखी जीवन जीने के लिए शुक्र ग्रह का संतुलित होना आवश्यक है। शुक्र के मिथुन राशि में गोचर का सभी 12 राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा। इस लेख में हम 12 राशियों पर शुक्र के गोचर से पड़ने वाले प्रभाव के बारे में बताने जा रहे हैं।

मिथुन राशि में शुक्र के गोचर का मेष राशि पर प्रभाव:

शुक्र का गोचर मेष राशि के तीसरे भाव में होगा। इससे आप अपने रिश्तेदारों के साथ सकारात्मक संबंध बनाने में सक्षम होंगे, इसलिए आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। मेष राशि के जातकों को इस गोचर के दौरान विभिन्न परिस्थितियों से निपटने में आसानी होगी। आर्थिक रूप से, यह अवधि आपको अपने निवेश पर उचित रिटर्न देगी। इस राशिचक्र के जातकों को कोई भी कार्य करने से पहले सोचने का प्रयास करना चाहिए। यह समय उत्साह से भरा रहेगा। इस दौरान आपकी ऊर्जा का स्तर बहुत अधिक रहेगा, जिससे आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में आसानी होगी। भ्रम और संदेह से बचने के लिए एडजस्ट करना सीखना चाहिए। इस अवधि में शादीशुदा जोड़े खुश रहेंगे। नए रिश्ते बनने की संभावना है। इसके अलावा, सोच-समझकर निवेश करने की आवश्यकता है।

उपाय : सुबह 108 बार "ओम गं गणपतये नमः" का जाप करें।

मिथुन राशि में शुक्र के गोचर का वृषभ राशि पर प्रभाव:

वृषभ राशि के लिए शुक्र का गोचर दूसरे भाव में होगा। यह गोचर प्रेम, स्नेह और धन के मामले में बहुत सारे अवसर लेकर आएगा। हालांकि, अपने खर्चों पर नियंत्रण नहीं कर पाने की वजह से जातकों को वित्त संबंधित परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्रेमी जोड़ों के लिए यह अवधि सुखद रहेगी। वहीं, विवाहित जोड़ों के लिए अपने रिश्ते को संभालने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। व्यापार खूब फलेगा-फूलेगा और नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा। इस परिवर्तन के दौरान नए प्रोजेक्ट्स और नए विचार सफल साबित होंगे। जातकों को उन्नति और सफलता के पर्याप्त अवसर प्राप्त होंगे। इस समय आपको अपने वरिष्ठों के साथ मतभेदों से बचना चाहिए। वेतन में वृद्धि होने व नई नौकरी मिलने की संभावना है।

उपाय : श्रीमद्भागवत गीता के 15वें अध्याय का पाठ करें।

मिथुन राशि में शुक्र के गोचर का मिथुन राशि पर प्रभाव:

शुक्र का मिथुन राशि में गोचर इस राशि के जातकों के लिए कई अप्रत्याशित व अच्छे परिणाम लेकर आएगा, जो इस अवधि के दौरान आपको खुश करेंगे। इस समय आपको बेवजह की फ्रिक व चिंता से मुक्ति मिलेगी। जो लोग विदेश में बसने के लिए प्रयास कर रहे हैं, उन्हें इस दौरान निश्चित रूप से सफलता मिलेगी। यह अवधि मिथुन राशि के जातकों के मन में रचनात्मकता को बढ़ावा देगी। इस परिवर्तन के दौरान प्रेमी जोड़े अपने जीवन में रोमांस का आनंद लेंगे। जो लोग पैसा निवेश कर रहे हैं, उन्हें इस समय उचित लाभ मिलेगा। यह अवधि उन जोड़ों के लिए भी अच्छी है, जो अपना परिवार बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।

उपाय : नियमित रूप से "ओम नमो भगवते वासुदेवाय" का पाठ करना चाहिए।

कर्क राशि पर शुक्र के मिथुन राशि में गोचर का प्रभाव:

कर्क राशि के जातकों के लिए शुक्र का गोचर मिश्रित फल देगा। यात्रा और विलासिता पर खर्च किए गए धन के कारण खर्चों में वृद्धि होने की संभावना है। आपको इस समय किसी के साथ भी मतभेद से बचना चाहिए और बातचीत के माध्यम से मुद्दों को सुलझाने का विकल्प चुनना चाहिए। अपने साथी के साथ मतभेद होने से प्रेमी जोड़ों को इस अवधि में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस अवधि में शादीशुदा जोड़े खुश रहेंगे। वहीं, आपका निवेश आपको अच्छा परिणाम देगा। इस दौरान आपको किसी आध्यात्मिक स्थान पर भी यात्रा करने अवसर भी प्राप्त हो सकता हैं।

उपाय: प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें।

मिथुन राशि में शुक्र के गोचर का सिंह राशि पर प्रभाव:

सिंह राशि के लिए शुक्र लाभ के भाव में है। इससे वृद्धि और विकास के पर्याप्त अवसर प्राप्त होंगे। आप इस समय नए उद्यम और नई परियोजनाओं की शुरुआत कर सकते हैं, इसमें आपको सफलता अवश्य मिलेगी। वेतनभोगी वर्ग के लोगों को इस दौरान अपने वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों को उन परीक्षाओं को पास करने में सफलता प्राप्त होगी, जो उन्हें उनके सपनों के करीब ले जाएगी। शेयर बाजार से भी आपको लाभ मिलने की संभावना हैं। हालांकि, आपको निवेश करने से पहलेसोच-विचार करने की आवश्यकता है।

उपाय: प्रतिदिन 108 बार "ओम नमः शिवाय" का पाठ करें।

मिथुन राशि में शुक्र के गोचर का कन्या राशि पर प्रभाव:

शुक्र, कन्या राशि के दसवें भाव में गोचर कर रहा है। अतः कन्या राशि के जातकों को यह शुभ फल देगा। सरकारी नौकरी चाहने वालों के लिए यह समय बेहतरीन है। उन्हें अपने सपनों की नौकरी पाने के पर्याप्त अवसर मिलेंगे। कारोबारियों के लिए निवेश करना अच्छा होगा। उन्हें इस समय अपने निवेश पर उचित लाभ मिलेगा। प्रेमी जोड़ों को अपने रिश्ते में एक नया आयाम मिलेगा। हालांकि, विवाहित जोड़ों में कुछ मतभेद होंगे, जिससे विवाद हो सकता है। कुल मिलाकर कन्या राशि के जातकों के लिए यह अवधि निवेश के लिए फलदायी है।

उपाय : प्रातः काल विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।

तुला राशि पर शुक्र के मिथुन राशि में गोचर का प्रभाव :

शुक्र, तुला राशि के नवम भाव में गोचर करेगा। इससे इस राशि के जातकों को काफी फायदा होगा। यदि आप नौकरी बदलना चाहते हैं तो यह अवधि आपके लिए अनुकूल रहेगी और नया उद्यम शुरू करने के लिए भी यह एक अच्छा समय है। इस अवधि में आध्यात्मिक विकास के भी अवसर मिलने वाले हैं इसलिए आपको इस दौरान धर्मार्थ ट्रस्ट, मंदिरों, अस्पतालों और अनाथालयों में दान देना चाहिए। विदेश यात्रा के भी योग बनेंगे। प्रेमियों के लिए इस समय तालमेल बिठाना मुश्किल होगा और उन्हें अपने रिश्ते में कुछ परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इससे बचने के लिए आपको चर्चा में कम समय और सोचने में ज्यादा समय देना चाहिए। ऐसा करने से आपको बहुत लाभ होगा। निवेश के लिए यह समय अच्छा है। हालांकि, आपको कुछ भी करने से पहले स्थिति का ठीक से विश्लेषण करना चाहिए।

उपाय: सुबह उठकर 108 बार "ॐ ह्रीं" का जाप करें।

मिथुन राशि में शुक्र के गोचर का वृश्चिक राशि पर प्रभाव :

शुक्र, वृश्चिक राशि के अष्टम भाव में स्थित है और वृश्चिक राशि के जातकों पर अच्छा प्रभाव डालेंगे। विवाहित जोड़ों के जीवन में प्यार बढ़ेगा। इस अवधि में वृश्चिक राशि के जातकों की सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। प्रेमियों को इस अवधि में कुछ दिक्कतों व कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में राजनीति हो सकती है, इसलिए इस अवधि में सावधान रहें। यह अवधि आपको पुनर्विचार करने और जीवन में एक नई दिशा खोजने का पर्याप्त अवसर देगी। आप अपने निवेश से उचित लाभ प्राप्त करने में सक्षम होंगे। नई उम्मीद, नए अवसर इस समय आपके दरवाजे पर दस्तक देंगे और आपका करियर नई ऊंचाइयों को छुएगा।

उपाय: सुबह 108 बार "राम राम" का जाप करना चाहिए।

मिथुन राशि में शुक्र के गोचर का धनु राशि पर प्रभाव:

शुक्र, धनु राशि के सप्तम भाव में गोचर करेगा। यह आपके रिश्तों को सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा। इस समय आप विलासिता पर अधिक पैसा खर्च करेंगे। अगर आप रियल एस्टेट के कारोबार में हैं तो यह समय आपको उचित रिटर्न देगा। वेतनभोगी वर्ग के लोगों को अपने खर्चे चलाना मुश्किल हो सकता है। हालांकि व्यापार के लिए यह समय अच्छा रहेगा। आपके सभी निवेश अच्छा रिटर्न देंगे। वहीं प्रेमियों को अपने जीवन में रोमांस के नए रास्ते मिलेंगे और ये लोग खुश और आनंदमय मूड में रहेंगे। जो लोग परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें परेशानी का सामना करना सकता है। इसलिए इस समय सतर्क रहें।

उपायः प्रतिदिन सुबह विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।

मिथुन राशि में शुक्र के गोचर का मकर राशि पर प्रभाव:

इस अवधि में शुक्र छठवें भाव में गोचर करेगा। यह मकर राशि के जातकों को मिश्रित परिणाम देगा। इस अवधि में शत्रुओं से सावधान रहें, साथ ही किसी को धन देने से बचें अन्यथा, धन वापसी में मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान आपके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है इसलिए अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और ऊर्जावान महसूस करने के लिए मॉर्निंग वॉक पर जाएं। प्रेमियों के बीच विचारों में मतभेद के कारण कुछ कठिनाई उत्पन्न हो सकती है। रिश्तों में किसी भी प्रकार की दिक्कत से बचने के लिए अपने साथी की बात सुनें। वित्तीय मामलों में विकास के लिए यह एक अच्छी अवधि है, और इस दौरान किए गए निवेश पर आपको उचित लाभ मिलेगा।

उपाय : दुर्गा कवच का पाठ करें।

मिथुन राशि में शुक्र के गोचर का कुंभ राशि पर प्रभाव:

शुक्र कुंभ राशि के पंचम भाव में गोचर कर रहा है। यह भाव प्रेम और ज्ञान का प्रतिनिधित्व करता है। कुंभ राशि के जातकों पर इसका लाभकारी प्रभाव पड़ेगा। बच्चों को अपनी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने में आसानी होगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थी ऊर्जावान रहेंगे और सफलता मिलने की प्रबल संभावना है। प्रेमी जोड़े इस अवधि में विवाह करने का निर्णय ले सकते हैं। इस राशि के जातकों को निवेश से उचित लाभ मिलेगा। आपको अपने अधीनस्थों से सावधान रहने की जरूरत है, हो सकता है कि वे आपके निर्देशों को नहीं मानें। आपके लिए नई परियोजनाओं में निवेश करने का यह एक अच्छा समय है, क्योंकि यह आपको नियत समय में उचित रिटर्न देगा।

उपाय : हर मंगलवार सुंदरकांड का पाठ करें।

मिथुन राशि में शुक्र के गोचर का मीन राशि पर प्रभाव:

शुक्र मीन राशि के चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है। इस राशि के जातकों पर इसके कई लाभकारी प्रभाव देखने को मिलेंगे। पारिवारिक जीवन सुखी और संतुष्ट रहेगा। घर और कार की खरीद के लिए यह समय अच्छा है। इस दौरान खर्च में वृद्धि होगी। विवाहित जोड़े खुश रहेंगे, वहीं, प्रेमी जोड़े अपने रिश्तों में एक निश्चित मात्रा में तनाव महसूस कर सकते हैं। निवेश के लिए यह एक अच्छी अवधि है, क्योंकि यह आपको अधिकतम रिटर्न देगी, लेकिन किसी भी निवेश को करने से पहले उचित विश्लेषण की आवश्यकता होती है। इस अवधि में आध्यात्मिक विकास का भी संकेत है। वहीं, कारोबारियों को अपने निवेश से अधिकतम लाभ मिलेगा।

उपाय : गायत्री मंत्र का जाप करें।

निष्कर्ष:

शुक्र का मिथुन राशि में गोचर, सभी राशियों पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह के प्रभाव डालेगा । हालांकि, हमें परिवर्तन से बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए अपने कार्यों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। याद रखें, अच्छी सोच और कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। तो, आइए हम खुश रहें और जीवन का भरपूर आनंद लें और यहां अपने समय का अधिकतम लाभ उठाएं!

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✍️ By- ओम गुरु श्रीराम

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