अमावस्या 2021 – कब-कब हैं अमावस्या तिथि

07 जनवरी 2021

अमावस्या या अमावस हिंदू पंचांग के अनुसार वह तिथि होती है जिसमें चंद्रमा लुप्त हो जाता है व रात को घना अंधेरा छाया रहता है। हिंदू मास को दो हिस्सों में विभाजित किया जाता है जिसमें चंद्रमा बढ़ता रहता है वह शुक्ल पक्ष कहलाता है पूर्णिमा की रात के पश्चात चांद घटते-घटते अमावस्या तिथि को पूरा लुप्त हो जाता है। इस पखवाड़े को कृष्ण पक्ष कहते हैं। पंचांग के अमांत मास का अंत भी इसी तिथि को माना जाता है। सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है जो कि बहुत ही पुण्य फलदायी मानी गई है। वहीं यदि यह तिथि शनिवार को पड़े तो शनि अमावस्या कहलाती है यह तिथि बहुत ही सौभाग्यशाली मानी जाती है। इसके अलावा सोमवार, मंगलवार व बृहस्पतिवार की अमावस्या को यदि अनुराधा, विशाखा या स्वाति नक्षत्र रहता है तो यह भी बहुत ही शुभ योग माना जाता है। अमावस्या तिथि के स्वामी पितृदेव माने जाते हैं इसलिये श्राद्ध कर्म या पितर शांति के लिये भी यह तिथि अनुकूल मानी जाती है।

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2021 में कब है अमावस्या तिथि

  1. दर्श अमावस्या - मंगलवार, 12 जनवरी 2021
  2. पौष अमावस्या - बुधलवार, 13 जनवरी 2021
  3. माघ अमावस्या (मौनी अमावस्या)  - बृहस्पतिवार, 11 फरवरी 2021
  4. फाल्गुन अमावस्या – शनिवार, 13 मार्च 2021
  5. चैत्र अमावस्या – सोमवार, 12 अप्रैल 2021
  6. वैशाख अमावस्या – मंगलवार, 11 मई 2021
  7. ज्येष्ठ अमावस्या – बृहस्पतिवार, 10 जून 2021
  8. आषाढ़ अमावस्या – शुक्रवार, 09 जुलाई 2021
  9. श्रावण अमावस्या – रविवार, 08 अगस्त 2021
  10. भाद्रपद सोमवती अमावस्या - सोमवार, 06 सितंबर 2021
  11. भाद्रपद अमावस्या – मंगलवार, 07 सितंबर 2021
  12. अश्विन अमावस्या (सर्वपितृ अमावस्या) – बुधवार, 06 अक्टूबर 2021
  13. कार्तिक अमावस्या – बृहस्पतिवार, 04 नवंबर 2021
  14. मार्गशीर्ष अमावस्या – शुक्रवार, 03 दिसंबर 2021
  15. मार्गशीर्ष अमावस्या (शनि अमावस्या) - शनिवार 04 दिसंबर 2021

 

अमावस्या का महत्व

ज्योतिष शास्त्र व धार्मिक दृष्टि से यह तिथि बहुत महत्वपूर्ण होती है। पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिये इस तिथि का विशेष महत्व होता है क्योंकि इस तिथि को तर्पण, स्नान, दान आदि के लिये बहुत ही पुण्य फलदायी माना जाता है। भारत का प्रमुख त्यौहार दीपावली अमावस्या को ही मनाया जाता है। सूर्य पर ग्रहण भी इसी तिथि को लगता है। कोई जातक यदि काल सर्पदोष से पीड़ित है तो उससे मुक्ति के उपाय के लिये भी अमावस्या तिथि काफी कारगर मानी जाती है।

 

क्या करें और क्या ना करें

  • अमावस्या तिथि पर भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन करना शुभ माना जाता है। 
  • इस तिथि पर पितरों का तर्पण करने का विधान है। यह तिथि चंद्रमास की आखिरी तिथि होती है।
  • इस तिथि पर गंगा स्नान और दान का महत्व बहुत है। 
  • इस दिन क्रय-विक्रय और सभी शुभ कार्यों को करना वर्जित है।
  • अमावस्या के दिन खेतों में हल चलाना या खेत जोतने की मनाही है।
  • इस तिथि पर जब कोई बच्चा पैदा होता है तो शांतिपाठ करना पड़ता है।

 

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