सितंबर माह में शुभ मुहूर्त और प्रमुख तीज-त्योहार

31 अगस्त 2020

हिंदू धर्म में किसी भी कार्य को करने के लिए शुभ मुहूर्त की आवश्यकता होती है। कार्य के सफलतापूर्वक होने और शुभ परिणाम के लिए शुभ मुहूर्त पर ही कार्य की शुरुआत की जाती है। फिर चाहे वो शादी हो, व्यापार शुरू करना हो, गाड़ी खरीदनी हो इत्यादि के लिए हम  ज्योतिषाचार्य  से एक शुभ मुहूर्त निकलवाते हैं।  हिंदू पंचांग  के अनुसार मुहूर्त तिथि, नक्षत्र, चंद्रमा की स्थिति और ग्रहों की स्थिति के आधार पर निकाला जाता है। हालांकि सितंबर माह में पितृपक्ष और मलमास दोनों की शुरू होने जा रहे हैं ऐसे में मान्यता है कि स्थापना, विवाह, मुंडन, नव वधु गृह प्रवेश, यज्ञोपवित, नामकरण, अष्टका श्राद्ध जैसे संस्कार व कर्म नहीं किए जाते हैं। लेकिन हम आपको कुछ सितंबर माह में पड़ने वाले शुभ मुहूर्त के बारे में बता ही देते हैं। 

 

शुभ विवाह मुहूर्त

 

हिंदू धर्म के 16 संस्कारों में पन्द्रहवां संस्कार है विवाह संस्कार। इसलिए विवाह के लिए भी शुभ मुहूर्त का महत्व होता है। वहीं वर्ष 2020 के सितंबर माह में कोई भी विवाह का शुभ मुहूर्त नहीं है, क्योंकि हिंदू पंचांग के मुताबिक चातुर्मास (चार महीने की अवधि), जिसे हिंदू शादियों के लिए अशुभ माना जाता है। वह इस बार 12 जुलाई 2020 से शुरू है और 9 नवंबर 2020 को समाप्त होगा। किसी व्यक्ति के विवाह के लिए सबसे अच्छी और शुभ तिथि और समय का निर्धारण किसी अनुभवी ज्योतिषी के परामर्श के बाद किया जा सकता है; ऐसा इसलिए है, क्योंकि विवाह के लिए सबसे उपयुक्त और शुभ तिथि  और समय, दूल्हा और दुल्हन की जन्म कुंडली और विवाह के स्थान पर भी निर्भर करता है।

सितंबर 2020 में विवाह मुहूर्त के लिए शुभ मुहूर्त कोई नहीं है।


 

सितंबर 2020 में वाहन खरीदने के लिए शुभ मुहूर्त

किसी भी वाहन चाहे वह बाइक, कार, बस, आदि हो, को शुभ मुहूर्त पर खरीदा जाना चाहिए, ताकि सर्वोत्तम संभव प्राकृतिक लाभों का दोहन किया जा सके। दूसरी ओर, एक प्रतिकूल या अशुभ समय में खरीदा गया वाहन, वाहन के मालिक को कई कठिनाइयों में ला सकता है, इसके अलावा मालिक की संभावित प्रगति और समृद्धि को बाधित करता है। । तो आइए जानते हैं शुभ मुहूर्त के बारे में।

2 सितंबर 2020, बुधवार सुबह 6 बजे से शाम के 6:34 बजे तक, नक्षत्र: शतभिषा, तिथि: पूर्णिमा प्रतिपदा

8 सितंबर 2020, मंगलवार रात्रि 12:03 बजे से सूर्योदय तक, नक्षत्र: त्रिपुष्कर

19 सितंबर 2020, शनिवार सूर्योदय से सुबह 9:11 बजे तक, नक्षत्र: द्विपुष्कर

27 सितंबर 2020 रविवार शाम को 08:50 बजे से सूर्योदय तक, नक्षत्र: द्विपुष्कर

 

भूमि खरीदना शुभ मुहूर्त

यदि आप अशुभ मुहूर्त पर भूमि खरीदते हैं तो हो सकता है कि आपको हानि का सामना करना पड़ सके। इसलिए हम आपको सितंबर 2020 में भूमि खरीदने के शुभ मुहूर्त के बारे में बता रहे हैं।

3 सितंबर 2020, गुरुवार, सुबह 6 बजे से रात के 8:51 बजे तक, नक्षत्र: पूर्व भाद्रपद, तिथि: प्रतिपदा द्वितीया

4 सितंबर 2020, शुक्रवार रात 11:28 बजे से 5 सितंबर 2020 सुबह 6 बजे तक नक्षत्र: रेवती: तिथि तृतीया

10 सितंबर 2020, गुरुवार दोपहर 1:39 बजे से 11 सितंबर 2020 सुबह 6:04 बजे तक, नक्षत्र: मृगशिरा, तिथि: अष्टमी, नवमी

11 सितंबर 2020, शुक्रवार, सुबह 6:04 बजे से दोपहर 3:25 बजे तक, नक्षत्र: मृगशिरा, तिथि: नवमी

 

व्यापार शुरू करने का शुभ मुहूर्त

सितंबर 2020 में अत्यधिक शुभ व्यवसाय तिथियां लाभकारी रूप से दुकान खोलने, कोई वाणिज्यिक लेनदेन करने या वित्तीय सौदों को निष्पादित करने के लिए भी उपयोग की जा सकती हैं। यदि शुभ मुहूर्त में व्यापार शुरू किया जाता है तो भविष्य में व्यापार में विस्तार और वृद्धि की संभावना बनी रहती है। तो आइए जानते हैं शुभ मुहूर्त के बारे में।

04 सितंबर 2020, शुक्रवार, नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद, तिथि: द्वितीया

09 सितंबर 2020, बुधवार, नक्षत्र: रोहिणी, तिथि: सप्तमी

10 सितंबर 2020, गुरुवार, नक्षत्र: रोहिणी, तिथि: अष्टमी

14 सितंबर 2020, सोमवार, नक्षत्र: पुष्य, तिथि: द्वादशी

17 सितंबर 2020, गुरुवार, नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी, तिथि: अमावस्या

18 सितंबर 2020, शुक्रवार, नक्षत्र: हस्त, तिथि: प्रतिपदा

19 सितंबर 2020, शनिवार, नक्षत्र: चित्रा, तिथि: द्वितीया

26 सितंबर 2020, शनिवार, नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा, तिथि: दशमी

 

नामकरण शुभ मुहूर्त

हिंदू संस्कृति में वर्णित 16 संस्कारों में सबसे महत्वपूर्ण संस्कार है नामकरण संस्कार। इस संस्कार के लिए किसी पंडित या ज्योतिषी को बुलाकर नवजात की कुंडली को देखकर उसका उचित नाम रखा जाता है। खासतौर पर शुभ मुहूर्त को ध्यान में रखकर नामकरण संस्कार किया जाता है ताकि नवजात को जीवन में सफलता, समृद्धि, सुख-शांति, व्यवसाय में बढ़ोत्तरी और पद-प्रतिष्ठा प्राप्त हो। तो चलिए सितंबर 2020 में पड़े रहे शुभ मुहूर्त के बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।

02 सितंबर 2020 बुधवार, नक्षत्र: शतभिषा, तिथि: पूर्णिमा

04 सितंबर 2020 शुक्रवार, नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद, तिथि: द्वितीया

09 सितंबर 2020 बुधवार, नक्षत्र: कृतिका, तिथि: सप्तमी

14 सितंबर 2020 सोमवार, नक्षत्र: पुष्य, तिथि: द्वादशी

18 सितंबर 2020 शुक्रवार, नक्षत्र: हस्त, तिथि: प्रतिपदा

25 सितंबर 2020 शुक्रवार, नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा, तिथि: नवमी

28 सितंबर 2020 सोमवार, नक्षत्र: घनिष्ठा, तिथि: द्वादशी

 

 

सितंबर माह के प्रमुख तीज-त्योहार

 

गणेश विसर्जन  :  22 अगस्त से शुरू हुआ गणेशोत्सव 01 सितंबर 2020 को समाप्त हो जाएगा। इस बार 01 सितंबर 2020 यानि अनंत चतुर्दर्शी के दिन गणपति विसर्जन का शुभ पर्व मनाया जाएगा। 

चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ - 31 अगस्त 2020 को सुबह 08:48 बजे

चतुर्दशी तिथि समाप्त - 01 सितम्बर 2020 को सुबह 09:38 बजे

पितृपक्ष :    पितरों की आत्मा की शांति और पितृदोष से मुक्ति पाने के लिए 16 दिन तक चलने वाला पर्व पितृपक्ष है। इस बार यह 02 सितंबर  2020 से शुरू हो रहा है और 17 सितंबर को खत्म होगा। 

प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ - 02 सितम्बर 2020 सुबह 10:51 बजे

प्रतिपदा तिथि समाप्त - 03 सितंबर 2020 दोपहर 12:26 बजे

 

विश्वकर्मा पूजा:   आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को भगवान ब्रह्मा के सातवें पुत्र भगवान विश्वकर्मा का जन्म हुआ था। इसलिए भगवान विश्वकर्मा के समर्पण और उनके जन्मदिन के रूप में विश्वकर्मा पूजा का पर्व मनाया जाता है। इस साल 16 सितंबर 2020 को यह पर्व मनाया जाएगा।

सर्वपितृ अमावस्या:  इस दिन पितरों के नाम की धूप देने से मानसिक व शारीरिक तौर पर तो संतुष्टि या कहें शांति प्राप्त होती ही है लेकिन साथ ही घर में भी सुख-समृद्धि आयी रहती है। इस साल यह अमावस्या 17 सितंबर 2020 को पड़ रही है। आइए जानते हैं शुभ मुहूर्त के बारे में

अमावस्या तिथि प्रारम्भ - 16 सितम्बर 2020 को शाम 07:56 बजे

अमावस्या तिथि समाप्त - 17 सितम्बर 2020 को शाम 04:29 बजे

अधिकमास :  इस बार 18 सितंबर 2020 से 16 अक्टूबर 2020 तक अधिक मास या मलमास रहेगा। इस मास को हिंदू कैलेंडर के अनुसार 13वां महीना कहा जाता है। मान्यता है कि इस माह में कोई स्थापना, विवाह, मुंडन, नव वधु गृह प्रवेश, यज्ञोपवित, नाम करण, अष्टका श्राद्ध जैसे संस्कार व कर्म करने की मनाही है तो साथ ही कुछ नया पहनना वस्त्रादि, नई ख़रीददारी करना वाहन आदि का भी निषेध माना जाता है।

 

गृह गोचर: सितम्बर 2020

राहु गोचर : 23 सितंबर 2020 बुधवार के दिन प्रात: 07: 38 बजे राहु राशि परिवर्तन कर मिथुन से वृषभ राशि में गोचर करने वाले हैं।

केतु गोचर  :  केतु 23 सितंबर 2020 को  सुबह 07:38 बजे धनु से वृश्चिक में गोचर करने जा रहा है।

 

और भी पढ़ें :  आज का पंचांग   |  आज का शुभ मुहूर्त  |  आज का  राहुकाल   |  आज का चौघड़िया

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