कल का पंचांग (Kal Ka Panchang)

कल का पंचांग देखना आपकी दिन की शुरुआत को आसान और सही बना सकता है। इससे आप पहले से जान सकते हैं कि कौन सा समय आपके कामों के लिए शुभ है और कब सावधानी बरतनी चाहिए?

अगर आप पूजा करना चाहते हैं, कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं, या कोई जरूरी फैसला लेना है, तो पंचांग आपकी सही समय चुनने में मदद करता है। यह आपको दिनभर के अच्छे और कमज़ोर समय की जानकारी देकर आत्मविश्वास बढ़ाता है।


Kal Ka Panchang: 21 अप्रैल 2026, मंगलवार

PoojaHeading मंगलवार, 21 अप्रैल 2026
PoojaHeading PoojaHeading
तिथि शुक्ल पंचमी
नक्षत्र मृगशिरा
करण बव
पक्ष शुक्ल पक्ष
योग शोभन till 12:31:18
दिन मंगलवार
सूर्य एवं चन्द्र गणना
sunRise सूर्योदय
सूर्यास्त
6:1:52
18:50:52
moonRise चंद्र उदय
चन्द्रास्त
9:0:58
23:23:6
चंद्र राशि वृष
ऋतु वसंत
हिन्दू मास एवं वर्ष
शक संवत् 1948
विक्रम संवत् 2083
माह-अमान्ता वैशाख
माह-पुर्निमान्ता वैशाख
अशुभ मुहूर्त
राहु कालं 15:38:37 to 17:14:45
यंमघन्त कालं 09:14:07 to 10:50:15
गुलिकालं 12:26:23 to 14:02:30
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त 12:01 to 12:51

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कल का पंचांग कैसे पढ़ें? (Kal Ka Panchang Kaise Padain?)

“पंचांग” का मतलब होता है पाँच अंग- यानी ऐसे पाँच महत्वपूर्ण तत्व, जो पूरे दिन की ऊर्जा और प्रभाव को तय करते हैं। अगर आप इन पाँचों को समझ लेते हैं, तो आसानी से जान सकते हैं कि दिन आपके लिए कैसा रहने वाला है।

यह भी पढ़ें: कल का चौघड़िया, कल का राहु कालकल का राहु काल पंचांग के 5 मुख्य अंग: (Panchang Ke 5 Mukhya Ang)
  1. तिथि:तिथि चंद्रमा की स्थिति को दिखाती है। इसका असर आपके मन, भावनाओं और आध्यात्मिक सोच पर पड़ता है।
  2. वार:हर दिन किसी न किसी ग्रह से जुड़ा होता है। जैसे सोमवार (चंद्र) शांति और भावनाओं से जुड़ा है, जबकि गुरुवार (बृहस्पति) ज्ञान और तरक्की के लिए अच्छा माना जाता है।
  3. नक्षत्र:नक्षत्र यह तय करता है कि आप कैसे सोचते हैं, कैसा महसूस करते हैं और दूसरों के साथ कैसे जुड़ते हैं।
  4. योग:योग सूर्य और चंद्रमा के खास मेल को दर्शाता है। यह पूरे दिन की पॉजिटिव या नेगेटिव एनर्जी को प्रभावित करता है।
  5. करण: नक्षत्र तिथि का आधा हिस्सा होता है। यह खासतौर पर शुभ और अशुभ समय को समझने में मदद करता है।

जब आप इन पाँचों अंगों को एक साथ देखते हैं, तो आपको पूरे दिन की एक साफ तस्वीर मिलती है। इससे आप अपने काम सही समय पर प्लान कर सकते हैं और दिन को बेहतर बना सकते हैं।

कल का पंचांग क्यों देखना चाहिए? (Kal Ka Panchang Kyo Dekhna Chahiye?)

किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से पहले अक्सर मन में सवाल आता है- “क्या कल का दिन शुभ है?” या “कल का अच्छा समय क्या है?” पंचांग इन सभी सवालों का जवाब देता है।

आपको क्या लाभ मिलता है:

  • सटीक योजना: निवेश, प्रॉपर्टी, या किसी भी शुभ कार्य के लिए सही समय चुनें
  • बाधाओं से बचाव: राहु काल और यमगंड जैसे अशुभ समय से दूर रहें
  • आध्यात्मिक संतुलन: जानें कब पूजा, ध्यान या साधना करना सबसे लाभकारी है
  • समय का सही उपयोग: सही समय पर काम करके सफलता की संभावना बढ़ाएं

कल का पंचांग कैसे बताता है शुभ मुहूर्त? (Kal Ka Panchang Muhurat)

कल का पंचांग आपको अगले दिन की ऊर्जा को समझने का पहला मार्ग दिखाता है। इसमें तिथि, नक्षत्र, योग और करण के आधार पर यह पता चलता है कि दिन के कौन सा समय आपके लिए सहयोगी है और कौन सा समय- जैसे राहु काल या गुलिक काल- से बचना बेहतर है।

अगर आप ज्योतिष में नए हैं, तो पंचांग इसे बहुत आसान बना देता है। जैसे आप बाहर जाने से पहले मौसम देखते हैं, वैसे ही पंचांग देखकर आप कल के अच्छे और सावधानी वाले समय को समझ सकते हैं।

जब आप इसे रोज़ देखने लगते हैं, तो धीरे-धीरे आपको अपने अनुभवों और दिन के पैटर्न के बीच कनेक्शन समझ आने लगता है। इससे आपके फैसले ज्यादा स्पष्ट और आत्मविश्वास से भरे होते हैं।

इसके बाद आप मुहूर्त को और गहराई से समझ सकते हैं- यानी वो सटीक शुभ समय, जब कोई नया काम शुरू करना, पूजा करना या बड़ा निर्णय लेना सबसे अच्छा होता है।

सीधी भाषा में कहें, तो पंचांग आपको पूरे दिन की योजना बनाने का प्लान दे सकता है, और मुहूर्त उसी दिन के भीतर सही और सफल समय की पहचान कराता है।

उत्तर और दक्षिण भारत में पंचांग का अंतर

क्या आप जानते हैं कि भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में पंचांग की गणना थोड़ी अलग होती है?

  • उत्तर भारतीय पंचांग: पूर्णिमांत प्रणाली (महीना पूर्णिमा पर समाप्त)
  • दक्षिण भारतीय पंचांगम: अमांत प्रणाली (महीना अमावस्या पर समाप्त)

दोनों ही सही हैं, बस उनकी गणना और प्रस्तुति में थोड़ा अंतर होता है। इसलिए अपने क्षेत्र के अनुसार पंचांग देखना अधिक उपयोगी होता है।

चाहे आप आध्यात्मिक रूप से जुड़े हों या सिर्फ बेहतर निर्णय लेना चाहते हों- कल का पंचांग आपके लिए एक शक्तिशाली दैनिक मार्गदर्शक है। यह आपको ब्रह्मांड की ऊर्जा से जोड़ता है और याद दिलाता है कि सही समय ही सफलता की कुंजी है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तिथि, नक्षत्र, योग और करण के अलावा, सूर्योदय-सूर्यास्त, राहु काल, गुलिक काल और अभिजीत मुहूर्त जैसी जानकारी भी मिलती है, जिससे आप अपने दिन की बेहतर योजना बना सकते हैं।

हाँ, पंचांग की टाइमिंग स्थान के अनुसार बदलती है। इसलिए अपने क्षेत्र के अनुसार पंचांग देखना अधिक सटीक होता है।

यह जानने के लिए पंचांग देखें। इसमें दिए गए तिथि, नक्षत्र और शुभ-अशुभ समय के आधार पर आप समझ सकते हैं कि दिन आपके लिए अनुकूल है या नहीं।

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