कल का राहु काल - Kal Ka Rahu Kaal

Kal Ka Rahu Kaal: कल का राहु काल जानना उन लोगों के लिए बहुत जरूरी होता है जो अपने दिन की शुरुआत शुभ समय में करना चाहते हैं। वैदिक पंचांग के अनुसार राहु काल दिन का वह समय होता है जिसे अशुभ माना जाता है। इस दौरान नए काम, यात्रा, निवेश या कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है।

हर दिन राहु काल का समय बदलता है क्योंकि यह सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर तय होता है। इसलिए “कल का राहु काल” पहले से जान लेना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। सही जानकारी के साथ आप अपने दिन को बेहतर और सफल बना सकते हैं।

Kal Ka Rahu Kaal 21 अप्रैल 2026, मंगलवार

कल का राहु काल की गणना कैसे होती है?
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20 April 2026 |
राहुकाल - 07:36:47 से 09:10:41

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राहुकाल -
शहर राहुकाल यमगंडा गुलिक
मुंबई 05:07:48 PM to 06:44:17 PM 05:07:48 PM to 06:44:17 PM 05:07:48 PM to 06:44:17 PM
दिल्ली 05:07:48 PM to 06:44:17 PM 05:07:48 PM to 06:44:17 PM 05:07:48 PM to 06:44:17 PM
कोलकाता 05:07:48 PM to 06:44:17 PM 05:07:48 PM to 06:44:17 PM 05:07:48 PM to 06:44:17 PM
बैंगलोर 05:07:48 PM to 06:44:17 PM 05:07:48 PM to 06:44:17 PM 05:07:48 PM to 06:44:17 PM
चेन्नई 05:07:48 PM to 06:44:17 PM 05:07:48 PM to 06:44:17 PM 05:07:48 PM to 06:44:17 PM
प्रमुख शहरों/देशों में आज का राहु काल - ( )
शहर राहुकाल यमगंडा गुलिक
न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य अमेरिका 05:07:48 PM to 06:44:17 PM 05:07:48 PM to 06:44:17 PM 05:07:48 PM to 06:44:17 PM
टोरंटो, कनाडा 05:07:48 PM to 06:44:17 PM 05:07:48 PM to 06:44:17 PM 05:07:48 PM to 06:44:17 PM
लंदन, यूनाइटेड किंगडम 05:07:48 PM to 06:44:17 PM 05:07:48 PM to 06:44:17 PM 05:07:48 PM to 06:44:17 PM
सिडनी, ऑस्ट्रेलिया 05:07:48 PM to 06:44:17 PM 05:07:48 PM to 06:44:17 PM 05:07:48 PM to 06:44:17 PM
केप टाउन, दक्षिण अफ्रीका 05:07:48 PM to 06:44:17 PM 05:07:48 PM to 06:44:17 PM 05:07:48 PM to 06:44:17 PM
दुबई, संयुक्त अरब अमीरात 05:07:48 PM to 06:44:17 PM 05:07:48 PM to 06:44:17 PM 05:07:48 PM to 06:44:17 PM

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कल का राहु काल की गणना कैसे होती है?


कल का राहु काल कैसे निकाला जाता है, यह समझना बहुत आसान है। राहु काल की गणना पूरी तरह सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पर निर्भर करती है। सबसे पहले दिन के कुल समय को देखा जाता है, यानी सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक का समय। फिर इस पूरे समय को 8 बराबर हिस्सों में बांट दिया जाता है। हर एक हिस्सा लगभग 1 घंटा 30 मिनट (90 मिनट) का होता है।

इन 8 हिस्सों में से एक खास हिस्सा राहु काल कहलाता है। यह हिस्सा हर दिन अलग होता है, यानी सोमवार, मंगलवार, बुधवार आदि के अनुसार इसका समय बदलता रहता है। यही वजह है कि राहु काल रोज एक जैसा नहीं होता।

सप्ताह के अनुसार राहु काल और यमगंडम

हर दिन राहु काल और यमगंडम का समय अलग होता है, इसलिए लोग सप्ताह के हर दिन के लिए इसका अलग-अलग समय देखते हैं। सोमवार से रविवार तक सभी दिनों के लिए विशेष समय तय होते हैं, जो पंचांग में दिए जाते हैं। कई लोग रोज सुबह इन समयों को देखकर अपने दिन की योजना बनाते हैं। इससे उन्हें यह समझने में मदद मिलती है कि किस समय कौन सा काम करना सही रहेगा। सही जानकारी के लिए हमेशा भरोसेमंद पंचांग या ज्योतिष ऐप का उपयोग करना चाहिए, ताकि दिन की शुरुआत सही योजना के साथ हो सके।

सप्ताह के प्रत्येक दिन के लिए राहु काल, यमगंडम और गुलिक काल का समय

दिन राहु काल यमगंडम गुलिक काल
सोमवार सुबह 7:30 – 9:00 सुबह 10:30 – 12:00 दोपहर 13:30 – 15:00
मंगलवार दोपहर 15:00 – 16:30 सुबह 9:00 – 10:30 दोपहर 12:00 – 13:30
बुधवार दोपहर 12:00 – 13:30 सुबह 7:30 – 9:00 सुबह 10:30 – 12:00
गुरुवार दोपहर 13:30 – 15:00 सुबह 6:00 – 7:30 सुबह 9:00 – 10:30
शुक्रवार सुबह 10:30 – 12:00 दोपहर 15:00 – 16:30 सुबह 7:30 – 9:00
शनिवार सुबह 9:00 – 10:30 दोपहर 13:30 – 15:00 सुबह 6:00 – 7:30
रविवार शाम 16:30 – 18:00 दोपहर 12:00 – 13:30 दोपहर 15:00 – 16:30

ध्यान रखें: ये समय सामान्य गणना के अनुसार हैं, स्थान और सूर्योदय के अनुसार इनमें थोड़ा बदलाव हो सकता है।

यमगंडम क्या होता है?

यमगंडम भी दिन का एक अशुभ समय होता है, जिसे मृत्यु से जुड़ा समय माना जाता है। इस अवधि में कोई भी नया कार्य शुरू करना शुभ नहीं माना जाता। विशेष रूप से धन, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना चाहिए। मान्यता के अनुसार, इस समय किए गए काम अक्सर अधूरे रह जाते हैं या उनका परिणाम अच्छा नहीं होता। केवल अंतिम संस्कार या उससे जुड़े कार्य ही इस समय में किए जाते हैं। इसलिए ज्योतिष शास्त्र में यमगंडम से बचने की सलाह दी जाती है ताकि जीवन में नकारात्मक प्रभाव कम हो और काम सफलतापूर्वक पूरे हो सकें।

राहु काल में क्या करें और क्या न करें

राहु काल में क्या करें

  • ध्यान और मेडिटेशन करें: इस समय मन थोड़ा अस्थिर हो सकता है, इसलिए ध्यान लगाने से मानसिक शांति मिलती है और फोकस बढ़ता है।
  • अधूरे काम पूरे करें: नए काम शुरू करने से बचना चाहिए, लेकिन पहले से चल रहे कामों को पूरा करना ठीक रहता है।
  • रिसर्च और प्लानिंग करें: अगर आपको कोई नया काम शुरू करना है, तो राहु काल में उसकी योजना बनाना अच्छा रहता है।
  • दान-पुण्य करें: जरूरतमंद लोगों को दान देने से राहु के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

राहु काल में क्या न करें

  • कोई नया शुभ काम शुरू न करें: जैसे शादी, गृह प्रवेश, नई नौकरी या बिजनेस की शुरुआत इस समय नहीं करनी चाहिए।
  • यात्रा शुरू करने से बचें: राहु काल में यात्रा शुरू करना अशुभ माना जाता है, इससे रुकावटें आ सकती हैं।
  • निवेश या बड़ा फैसला न लें: पैसे से जुड़ा बड़ा निर्णय या निवेश इस समय टालना ही बेहतर होता है।
  • बहस या झगड़ा न करें: इस समय मानसिक तनाव बढ़ सकता है, इसलिए विवाद से दूर रहना ही समझदारी है।

अगर राहु काल में काम करना जरूरी हो तो क्या करें?

कई बार परिस्थितियां ऐसी होती हैं कि राहु काल में भी काम करना जरूरी हो जाता है। ऐसे में ज्योतिष के अनुसार भगवान हनुमान की पूजा करना शुभ माना जाता है। हनुमान जी को पंचामृत और गुड़ अर्पित करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें। इसके बाद प्रसाद ग्रहण करके कार्य शुरू करें। इससे राहु के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और कार्य में बाधाएं नहीं आतीं। यह उपाय सरल है और बहुत से लोग इसे अपनाते हैं। इससे मन में आत्मविश्वास भी बढ़ता है और कार्य सफल होने की संभावना अधिक हो जाती है।

अलग-अलग स्थानों पर राहु काल क्यों बदलता है?

राहु काल का समय हर जगह एक जैसा नहीं होता क्योंकि यह सूर्योदय और सूर्यास्त पर आधारित होता है। हर शहर या देश में सूरज उगने और ढलने का समय अलग-अलग होता है, इसलिए राहु काल भी बदल जाता है। इसके अलावा साल भर में भी दिन-रात की अवधि बदलती रहती है, जिससे राहु काल का समय रोज बदलता है। इसलिए किसी दूसरे शहर का समय देखकर काम करना सही नहीं होता। हमेशा अपने स्थान का पंचांग देखकर ही सही समय तय करना चाहिए, ताकि शुभ कार्य बिना किसी बाधा के पूरे हो सकें।

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