गण्डमूल नक्षत्र

गण्डमूल नक्षत्र

Gandmool Nakshatra Dates 2026: भारतीय ज्योतिष में गंडमूल नक्षत्र को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। ज्योतिष में कुल 27 नक्षत्रों के बारे में बताया गया है। इनमें से 6 नक्षत्र ऐसे होते हैं जिन्हें गंडमूल नक्षत्र कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि जब कोई व्यक्ति इन नक्षत्रों मन जन्म लेता है या सालभर में जब भी चंद्रमा इन नक्षत्रों से होकर गुज़रता है तो इसका असर आपके जीवन पर दिखाई पड़ता है। यह आपके कर्म और भाग्य को भी मुख्य रूप से प्रभावित करता है। आपको बता दें कि साल 2026 में भी गण्डमूल नक्षत्र अलग-अलग महीनों में कई बार पड़ेंगे। यह गंडमूल नक्षत्र की तिथियां वैदिक पंचांग और ज्योतिष गणना के आधार पर तैयार की गई हैं। तो चलिए विस्तार से जानते हैं गंडमूल 2026 की तिथि और महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में।

जानें कैसे बनता है गंडमूल नक्षत्र ?

गण्डमूल नक्षत्र दरअसल छह चंद्र नक्षत्रों का समूह है अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल और रेवती। इन्हें जीवन की दिशा बदलने वाले पड़ाव माना जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि ये नक्षत्र जीवन के ऐसे मोड़ होते हैं जहाँ से किसी जातक का कर्म और भाग्य नया रास्ता पकड़ सकता है। अगर चंद्रमा जन्म के समय इनमें से किसी नक्षत्र में हो, तो इसे गण्डमूल जन्म कहा जाता है।

गंडमूल नक्षत्र का निर्माण 

  • जब चंद्रमा उपर्युक्त छह नक्षत्रों में जन्म के समय आता है तो जन्म कुंडली में “गण्डमूल दोष” बन जाता है।

  • यह दोष मुख्य रूप से चंद्रमा की स्थिति से तय होता है।

  • कुछ मान्यताओं में यह भी कहा गया है कि जन्म का सटीक चरण (पाद/चरण) भी गण्डमूल के प्रभाव को बढ़ा या घटा सकता है।

साल 2026 में कब-कब होगी गंडमूल नक्षत्र की तिथियां 

साल 2026 में गंडमूल नक्षत्र प्रत्येक महीने की अलग-अलग तिथियों पर पड़ेगा। जानें साल 2026 की गंडमूल की तिथियां-  

जनवरी 2026 में गण्डमूल नक्षत्र की तिथियां

वैदिक पंचांग के अनुसार, 5, 6, 7, 15, 16, 17, 24, 25, 26 जनवरी 2026 को गण्ड मूल नक्षत्र रहेगा। इन तिथियों के दौरान विवाह, नामकरण, गृहप्रवेश या अन्य किसी भी शुभ कार्य को करने से बचना चाहिए। ज्योतिष अनुसार, गण्ड मूल नक्षत्र का समय शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है, इसलिए इस अवधि में विशेष सावधानी बरतना उचित है।

  • गण्ड मूल: 5 जनवरी, 2026, सोमवार को दोपहर 01:25 बजे से 7 जनवरी, 2026, बुधवार को सुबह 11:56 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 15 जनवरी, 2026, बृहस्पतिवार को सुबह 03:03 बजे से 17 जनवरी, 2026, शनिवार को सुबह 08:12 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 24 जनवरी, 2026, शनिवार को दोपहर 02:16 बजे से 26 जनवरी, 2026, सोमवार को दोपहर 12:32 बजे तक।

फरवरी 2026 में गण्डमूल नक्षत्र की तिथियां

वैदिक पंचांग के अनुसार, 1, 2, 3, 11, 12, 13, 20, 21, 22 फ़रवरी 2026 को गण्ड मूल नक्षत्र रहेगा। इस समय में विवाह, संस्कार, नामकरण या बड़े कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है। गण्ड मूल नक्षत्र अशुभ फलदायी माना गया है, इसलिए इन दिनों शुभ कार्य टालना बेहतर रहेगा।

  • गण्ड मूल: 1 फ़रवरी, 2026, रविवार को रात 11:58 बजे से 3 फ़रवरी, 2026, मंगलवार को रात 10:10 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 11 फ़रवरी, 2026, बुधवार को सुबह 10:53 बजे से 13 फ़रवरी, 2026, शुक्रवार को शाम 04:12 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 20 फ़रवरी, 2026, शुक्रवार को शाम 08:07 बजे से 22 फ़रवरी, 2026, रविवार को शाम 05:54 बजे तक।

मार्च 2026 में गण्डमूल नक्षत्र की तिथियां

वैदिक पंचांग के अनुसार, 1, 2, 3, 10, 11, 12, 13, 20, 21, 22, 28, 29, 30 मार्च 2026 को गण्ड मूल नक्षत्र रहेगा। इस समय अवधि में शुभ कार्य जैसे शादी, मुंडन, गृहप्रवेश आदि करने की मनाही होती है। ज्योतिष शास्त्र में इसे अशुभ नक्षत्र माना गया है, इसलिए इस दौरान विशेष सावधानी रखना ज़रूरी है।

  • गण्ड मूल: 1 मार्च, 2026, रविवार को सुबह 08:34 बजे से 3 मार्च, 2026, मंगलवार को सुबह 07:31 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 10 मार्च, 2026, मंगलवार को शाम 07:05 बजे से 13 मार्च, 2026, शुक्रवार को रात 12:43 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 20 मार्च, 2026, शुक्रवार को सुबह 04:05 बजे से 22 मार्च, 2026, रविवार को रात 12:37 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 28 मार्च, 2026, शनिवार को दोपहर 02:50 बजे से 30 मार्च, 2026, सोमवार को दोपहर 02:48 बजे तक।

अप्रैल 2026 में गण्डमूल नक्षत्र की तिथियां

वैदिक पंचांग के अनुसार, 7, 8, 9, 16, 17, 18, 24, 25, 26 अप्रैल 2026 को गण्ड मूल नक्षत्र रहेगा। इन दिनों को अशुभ माना जाता है और शुभ कार्यों से परहेज़ करना चाहिए। विवाह, नामकरण, गृहप्रवेश या कोई भी मांगलिक कार्य इस अवधि में करने से बचना उचित है।

  • गण्ड मूल: 7 अप्रैल, 2026, मंगलवार को सुबह 02:57 बजे से 9 अप्रैल, 2026, बृहस्पतिवार को सुबह 08:48 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 16 अप्रैल, 2026, बृहस्पतिवार को दोपहर 01:59 बजे से 18 अप्रैल, 2026, शनिवार को सुबह 09:42 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 24 अप्रैल, 2026, शुक्रवार को शाम 08:14 बजे से 26 अप्रैल, 2026, रविवार को शाम 08:27 बजे तक।

मई 2026 में गण्डमूल नक्षत्र की तिथियां

वैदिक पंचांग के अनुसार, 4, 5, 6, 14, 15, 22, 23, 24, 31 मई 2026 को गण्ड मूल नक्षत्र रहेगा। इस दौरान शुभ कार्यों से दूरी बनाए रखना उचित है। खासकर विवाह, संतान संबंधी कार्य और गृहप्रवेश जैसे मांगलिक कार्य इस अवधि में करने से बचना चाहिए।

  • गण्ड मूल: 4 मई, 2026, सोमवार को सुबह 09:58 बजे से 6 मई, 2026, बुधवार को दोपहर 03:54 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 14 मई, 2026, बृहस्पतिवार को रात 12:17 बजे से 15 मई, 2026, शुक्रवार को शाम 08:14 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 22 मई, 2026, शुक्रवार को सुबह 02:49 बजे से 24 मई, 2026, रविवार को सुबह 02:09 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 31 मई, 2026, रविवार को शाम 04:12 बजे से 2 जून, 2026, मंगलवार को रात 10:06 बजे तक।

जून 2026 में गण्डमूल नक्षत्र की तिथियां

वैदिक पंचांग के अनुसार, 1, 2, 10, 11, 12, 18, 19, 20, 27, 28, 29, 30 जून 2026 को गण्ड मूल नक्षत्र रहेगा। इन तिथियों के दौरान कोई भी शुभ कार्य न करने की सलाह दी जाती है। इसे अशुभ समय माना जाता है, इसलिए सावधानी रखना ज़रूरी है।

  • गण्ड मूल: 31 मई, 2026, रविवार को दोपहर 04:12 बजे से 02 जून, 2026, मंगलवार को रात 10:06 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 10 जून, 2026, बुधवार को सुबह 09:21 बजे से 12 जून, 2026, शुक्रवार को सुबह 06:28 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 18 जून, 2026, बृहस्पतिवार को सुबह 11:32 बजे से 20 जून, 2026, शनिवार को सुबह 09:25 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 27 जून, 2026, शनिवार को रात 10:11 बजे से 30 जून, 2026, मंगलवार को सुबह 04:03 बजे तक।

जुलाई 2026 में गण्डमूल नक्षत्र की तिथियां

वैदिक पंचांग के अनुसार, 7, 8, 9, 15, 16, 17, 25, 26, 27 जुलाई 2026 को गण्ड मूल नक्षत्र रहेगा। इस अवधि में विवाह, गृहप्रवेश, नामकरण, संतान जन्म संबंधी मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए। गण्ड मूल नक्षत्र को शुभ कार्यों के लिए प्रतिकूल माना जाता है।

  • गण्ड मूल: 7 जुलाई, 2026, मंगलवार को शाम 04:24 बजे से 9 जुलाई, 2026, बृहस्पतिवार को दोपहर 02:56 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 15 जुलाई, 2026, बुधवार को रात 09:46 बजे से 17 जुलाई, 2026, शुक्रवार को शाम 06:34 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 25 जुलाई, 2026, शनिवार को सुबह 04:36 बजे से 27 जुलाई, 2026, सोमवार को सुबह 10:28 बजे तक।

अगस्त 2026 में गण्डमूल नक्षत्र की तिथियां

वैदिक पंचांग के अनुसार, 3, 4, 5, 12, 13, 14, 21, 22, 23, 31 अगस्त 2026 को गण्ड मूल नक्षत्र रहेगा। इन दिनों शुभ कार्यों की मनाही होती है। विवाह, नामकरण, मुंडन, गृहप्रवेश जैसे कार्य इस समय में करने से परहेज़ करना चाहिए।

  • गण्ड मूल: 3 अगस्त, 2026, सोमवार को रात 10:00 बजे से 5 अगस्त, 2026, बुधवार को रात 09:18 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 12 अगस्त, 2026, बुधवार को सुबह 07:59 बजे से 14 अगस्त, 2026, शुक्रवार को सुबह 04:38 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 21 अगस्त, 2026, शुक्रवार को सुबह 11:53 बजे से 23 अगस्त, 2026, रविवार को शाम 05:44 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 31 अगस्त, 2026, सोमवार को सुबह 03:44 बजे से 2 सितम्बर, 2026, बुधवार को सुबह 02:42 बजे तक।

सितंबर 2026 में गण्डमूल नक्षत्र की तिथियां

वैदिक पंचांग के अनुसार, 1, 2, 8, 9, 10, 17, 18, 19, 20, 27, 28, 29 सितम्बर 2026 को गण्ड मूल नक्षत्र रहेगा। यह समय शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है। इन दिनों में कोई भी मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए।

  • गण्ड मूल: 31 अगस्त, 2026, सोमवार को सुबह 03:44 बजे से 2 सितम्बर, 2026, बुधवार को रात 02:42 बजे तक। 

  • गण्ड मूल: 8 सितम्बर, 2026, मंगलवार को शाम 04:39 बजे से 10 सितम्बर, 2026, बृहस्पतिवार को दोपहर 02:04 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 17 सितम्बर, 2026, बृहस्पतिवार को रात 07:53 बजे से 20 सितम्बर, 2026, रविवार को रात 01:43 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 27 सितम्बर, 2026, रविवार को सुबह 11:08 बजे से 29 सितम्बर, 2026, मंगलवार को सुबह 09:03 बजे तक।

अक्टूबर 2026 में गण्डमूल नक्षत्र की तिथियां

वैदिक पंचांग के अनुसार, 5, 6, 7, 15, 16, 17, 24, 25, 26 अक्टूबर 2026 को गण्ड मूल नक्षत्र रहेगा। इन तिथियों को अशुभ समय माना गया है, इसलिए विवाह, नामकरण, गृहप्रवेश जैसे कार्यों से परहेज़ करना चाहिए।

  • गण्ड मूल: 5 अक्टूबर, 2026, सोमवार को रात 11:09 बजे से 7 अक्टूबर, 2026, बुधवार को रात 09:40 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 15 अक्टूबर, 2026, बृहस्पतिवार को सुबह 04:03 बजे से 17 अक्टूबर, 2026, शनिवार को सुबह 09:47 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 24 अक्टूबर, 2026, शनिवार को रात 08:32 बजे से 26 अक्टूबर, 2026, सोमवार को शाम 05:41 बजे तक।

नवंबर 2026 में गण्डमूल नक्षत्र की तिथियां

वैदिक पंचांग के अनुसार, 2, 3, 4, 11, 12, 13, 21, 22, 23, 29, 30 नवम्बर 2026 को गण्ड मूल नक्षत्र रहेगा। इस अवधि में विवाह या अन्य मांगलिक कार्य करना शुभ नहीं माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में इसे अशुभ काल बताया गया है।

  • गण्ड मूल: 2 नवम्बर, 2026, सोमवार को सुबह 04:30 बजे से 4 नवम्बर, 2026, बुधवार को सुबह 03:26 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 11 नवम्बर, 2026, बुधवार को सुबह 11:38 बजे से 13 नवम्बर, 2026, शुक्रवार को शाम 05:17 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 21 नवम्बर, 2026, शनिवार को सुबह 06:50 बजे से 23 नवम्बर, 2026, सोमवार को सुबह 04:15 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 29 नवम्बर, 2026, रविवार को सुबह 10:59 बजे से 1 दिसम्बर, 2026, मंगलवार को सुबह 09:00 बजे तक।

दिसंबर 2026 में गण्डमूल नक्षत्र की तिथियां

वैदिक पंचांग के अनुसार, 1, 8, 9, 10, 18, 19, 20, 26, 27, 28 दिसम्बर 2026 को गण्ड मूल नक्षत्र रहेगा। इस दौरान किसी भी प्रकार के शुभ कार्यों से बचना चाहिए। गण्ड मूल नक्षत्र को अशुभ फल देने वाला समय माना गया है।

  • गण्ड मूल: 8 दिसम्बर, 2026, मंगलवार को शाम 06:16 बजे से 10 दिसम्बर, 2026, बृहस्पतिवार को रात 11:58 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 18 दिसम्बर, 2026, शुक्रवार को दोपहर 04:10 बजे से 20 दिसम्बर, 2026, रविवार को दोपहर 02:55 बजे तक।

  • गण्ड मूल: 26 दिसम्बर, 2026, शनिवार को रात 08:12 बजे से 28 दिसम्बर, 2026, सोमवार को सुबह 04:32 बजे तक।

साल 2026 में गण्डमूल नक्षत्र कई बार आएंगे और हर बार उनका अपना विशेष महत्व होगा। ये नक्षत्र हमें यह याद दिलाते हैं कि जीवन में बदलाव अनिवार्य है और हर परिवर्तन अपने साथ नई संभावनाएँ भी लाता है। यदि कोई व्यक्ति इन नक्षत्रों में जन्म लेता है या गण्डमूल काल में कोई महत्वपूर्ण कार्य करना चाहता है तो बेहतर होगा कि पहले ज्योतिषी की सलाह अवश्य ले।

गण्डमूल नक्षत्र जीवन के उतार-चढ़ाव का संकेत ज़रूर देते हैं, लेकिन साथ ही यह भी सिखाते हैं कि सही उपाय, पूजा-पाठ और सकारात्मक सोच से हर कठिनाई को अवसर में बदला जा सकता है।

अगर आप गण्डमूल नक्षत्र 2026 से जुड़ी अधिक जानकारी चाहते हैं, तो एस्ट्रोयोगी के किसी अनुभवी ज्योतिषाचार्य से व्यक्तिगत परामर्श ज़रूर लें। आपके लिए पहली कॉल या चैट बिलकुल फ्री है।



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