त्रिपुष्कर योग

त्रिपुष्कर योग

Tripushkar Yoga 2026: हिन्दू ज्योतिष में कुछ शुभ संयोगों के बारे में बताया गया है। इसमें त्रिपुष्कर योग का नाम भी शामिल है। त्रिपुष्कर योग को बेहद खास और दुर्लभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस योग में किया गया काम सामान्य दिनों की तुलना में तीन गुना ज्यादा फल देता है। लेकिन अगर आप इस अवधि में कोई नकारात्मक कार्य करते हैं तो उसका असर भी उतनी ही तेजी से सामने आ सकता है। यही कारण है कि इस योग में बहुत सोच-समझकर कार्य करने की जरूरत होती है। त्रिपुष्कर योग आपको अपने जीवन को समृद्ध बनाने का अवसर देता है, वहीं दूसरी ओर सावधानी बरतने की सीख भी देता है। यह योग हर साल अलग-अलग तिथि और समय अवधि पर बनता है। चलिए जानें क्या है त्रिपुष्कर योग, और साल 2026 में त्रिपुष्कर योग कब-कब बनेगा?     

त्रिपुष्कर योग क्या है?

ज्योतिष शास्त्र में जब तीन विशेष स्थितियों का मेल होता है, तभी त्रिपुष्कर योग का निर्माण होता है। यह योग तभी बनता है जब रविवार, मंगलवार या शनिवार जैसे वार पर, द्वितीया, सप्तमी या द्वादशी तिथि का संयोग हो और साथ ही विषाखा, पुनर्वसु, कृत्तिका, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा या पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र मौजूद हो। यह त्रिकोणीय संयोग मिलकर वह विशेष समय बनाता है, जिसे त्रिपुष्कर योग कहा जाता है।

संस्कृत में "त्रिपुष्कर" का अर्थ है "तीन कमल"। कमल का प्रतीक सृजन, शुद्धता, समृद्धि और ज्ञान से जुड़ा है। इसीलिए मान्यता है कि इस योग में किया गया कोई भी शुभ कार्य व्यक्ति के जीवन में बार-बार फलित होता है और सफलता की ओर ले जाता है।

त्रिपुष्कर योग 2026 की तिथियाँ (Tripushkar Yoga 2026 List in Hindi)

वर्ष 2026 में कई अवसर ऐसे हैं जब त्रिपुष्कर योग (tripushkar yoga 2026) का निर्माण होगा। तो चलिए नीचे दी गई लिस्ट से जानते हैं 2026 में बनने वाले त्रिपुष्कर योग की तिथियां:

  • 04 जनवरी, 2026, रविवार, दोपहर 12:29 बजे से दोपहर 03:11 बजे तक। 

  • 24 फ़रवरी, 2026, मंगलवार, सुबह 06:51 बजे से सुबह 07:01 बजे तक।

  • 28 फ़रवरी, 2026, शनिवार, सुबह 06:47 बजे से सुबह 09:35 बजे तक।

  • 14 अप्रैल, 2026, मंगलवार, शाम 04:06 बजे से 15 अप्रैल, रात 12:12 बजे तक।

  • 19 अप्रैल, 2026, रविवार, सुबह 07:10 बजे से सुबह 10:49 बजे तक।

  • 28 अप्रैल, 2026, मंगलवार, सुबह 05:43 बजे से शाम 06:51 बजे तक।

  • 03 मई, 2026, रविवार, रात 12:49 बजे से सुबह 05:39 बजे तक।

  • 03 मई, 2026, रविवार, सुबह 05:39 बजे से सुबह 07:10 बजे तक।

  • 16 जून, 2026, मंगलवार, शाम 04:12 बजे से 17 जून, रात 12:52 बजे तक।

  • 21 जून, 2026, रविवार, सुबह 09:31 बजे से दोपहर 03:20 बजे तक।

  • 11 जुलाई, 2026, शनिवार, सुबह 05:31 बजे से सुबह 11:03 बजे तक।

  • 25 अगस्त, 2026, मंगलवार, सुबह 05:55 बजे से सुबह 06:20 बजे तक।

  • 29 अगस्त, 2026, शनिवार, सुबह 09:56 बजे से 30 अगस्त, रात 03:42 बजे तक।

  • 12 सितम्बर, 2026, शनिवार, सुबह 07:46 बजे से दोपहर 12:55 बजे तक।

  • 27 अक्टूबर, 2026, मंगलवार, शाम 03:39 बजे से 28 अक्टूबर, सुबह 04:06 बजे तक।

  • 31 अक्टूबर, 2026, शनिवार, शाम 04:57 बजे से 01 नवम्बर, सुबह 05:39 बजे तक।

  • 29 दिसम्बर, 2026, मंगलवार, शाम 03:43 बजे से 30 दिसम्बर, सुबह 07:13 बजे तक।

ये तिथियाँ जीवन में नए आरंभ, महत्वपूर्ण निवेश और आध्यात्मिक साधनाओं के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती हैं।

ज्योतिषीय महत्व

त्रिपुष्कर योग को कर्मफल का त्वरित गुणक कहा जा सकता है। सामान्य दिनों में जहां किसी कार्य का परिणाम धीरे-धीरे मिलता है, वहीं इस योग में किए गए कार्य तीन गुना गति और प्रभाव के साथ प्रकट होते हैं।

कहा जाता है कि यदि आप इस योग में घर-गाड़ी खरीदते हैं, व्यापार शुरू करते हैं, सोना-चाँदी या संपत्ति में निवेश करते हैं, तो इसका लाभ जीवनभर तीन गुना बढ़कर आपके साथ रहता है। वहीं अगर कोई विवाद, क्रोध या नकारात्मक कार्य इस समय कर लिया जाए, तो उसका नुकसान भी बार-बार जीवन में सामने आ सकता है।

यही कारण है कि त्रिपुष्कर योग को बहुत पवित्र और शक्ति से भरपूर माना जाता है। यह सिर्फ भौतिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है बल्कि आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी बेहद उपयोगी है। इस समय की गई साधना, जप, ध्यान या कोई भी आध्यात्मिक आरंभ साधक के जीवन में अत्यधिक सकारात्मक प्रभाव लाता है।

इस योग में किए जाने वाले कार्य

लोग मानते हैं कि त्रिपुष्कर योग में कुछ कार्य विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं। जैसे—

  • नया व्यवसाय शुरू करना या बड़े सौदे पर हस्ताक्षर करना

  • सोना, चाँदी, वाहन या प्रॉपर्टी खरीदना

  • दान-पुण्य करना और जरूरतमंदों की मदद करना

  • आध्यात्मिक साधनाओं की शुरुआत करना, मंत्र-जप या ध्यान आरंभ करना

  • योग, स्वास्थ्य या जीवनशैली से जुड़ा कोई सकारात्मक कदम उठाना

इन कार्यों का फल तिगुना मिलता है और जीवन में स्थायी रूप से सुख-समृद्धि लाता है।

किन बातों का ध्यान रखें

त्रिपुष्कर योग जितना शुभ है, उतना ही संवेदनशील भी है। इसका सीधा असर अच्छे और बुरे दोनों कामों पर पड़ता है। इसलिए इस दौरान आपको विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

कभी भी इस समय झगड़े, नकारात्मक बातचीत, किसी का अपमान, या जोखिम भरे कदम उठाने से बचना चाहिए। जो भी निर्णय लें, सोच-समझकर लें, क्योंकि उसका असर तीन बार होकर जीवन में लौटेगा।

त्रिपुष्कर योग 2026 हर किसी के लिए जीवन को बेहतर बनाने का अवसर लेकर आ रहा है। यह दुर्लभ संयोग है, जिसमें किए गए कार्य कई गुना फल देते हैं। सही योजना, सकारात्मक सोच और विवेकपूर्ण कार्य इस योग को सफलता और समृद्धि का द्वार बना सकते हैं। वहीं गलतियां या नकारात्मक कार्य जीवन में बार-बार समस्या भी ला सकते हैं।

इसलिए यदि आप इस विशेष योग का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं, तो इसे हल्के में न लें। अपने महत्वपूर्ण कार्यों की योजना पहले से बनाएं और जरूरत पड़े तो एस्ट्रोयोगी के किसी अनुभवी ज्योतिषी से सलाह लेकर अपने कदम बढ़ाएँ। यह योग सचमुच आपके लिए नए अवसरों का द्वार खोल सकता है।



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