Kamika Ekadashi 2022: पाप से भयभीत मनुष्यों को करना चाहिए कामिका एकादशी व्रत

Fri, Jul 22, 2022
Team Astroyogi  टीम एस्ट्रोयोगी के द्वारा
Fri, Jul 22, 2022
Team Astroyogi  टीम एस्ट्रोयोगी के द्वारा
Kamika Ekadashi 2022: पाप से भयभीत मनुष्यों को करना चाहिए कामिका एकादशी व्रत

श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को कामिका एकादशी कहते है। वर्ष 2022 में कामिका एकादशी का व्रत 24 जुलाई, रविवार को रखा जाएगा। क्यों रखा जाता है यह व्रत? क्या है इसका महत्व? यह जानने के लिए यह लेख पढे। 

Kamika Ekadashi 2022: कामिका एकादशी में भगवान विष्णु की आराधना की जाती है और एकादशी का व्रत करने से जीवात्माओं को उनके पापों से मुक्ति मिलती है। एकादशी के सभी व्रतों में से कामिका एकादशी को भगवान विष्णु का उत्तम व्रत माना जाता है। कामिका एकादशी उपासकों के कष्ट दूर करती है और उनकी इच्छापूर्ती करती है।

कामिका एकादशी का महत्त्व 

कामिका एकादशी का व्रत करने से सबके बिगड़े काम बन जाते है। विशेष रूप से इस तिथि में विष्णु जी की पूजा-अर्चना करना अत्यंत लाभकारी माना गया है। व्रत के फलस्वरूप भगवान विष्णु की पूजा से उपासकों के साथ उनके पित्रों के भी कष्ट दूर हो जाते हैं। उपासक को मोक्ष प्राप्ति होती है। इस दिन तीर्थस्थानों में स्नान करने और दान-पुण्य करने से अश्वमेघ यज्ञ के समान फलप्राप्ति होती है।

यह भी मान्यता है कि श्रावण मास में भगवान विष्णुजी की पूजा करने से, सभी गन्धर्वों और नागों की भी पूजा हो जाती है। श्री विष्णुजी को यदि संतुष्ट करना हो तो उनकी पूजा तुलसी पत्र से करें| ऐसा करने से ना केवल प्रभु प्रसन्न होंगे बल्कि आपके भी सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। कामिका एकादशी व्रत की कथा सुनना यज्ञ करने के समान है। 

आज का पंचांग  ➔आज की तिथि  ➔आज का चौघड़िया  ➔आज का राहु काल  ➔आज का शुभ योग  ➔आज के शुभ होरा मुहूर्त  ➔आज का नक्षत्र  ➔आज के करण

कामिका एकादशी 2021 व्रत तिथि व मुहूर्त 

  • कामिका एकादशी व्रत तिथि – 24 जुलाई 2022, रविवार
  • पारण समय - 25 जुलाई, 2022 सुबह 5 बजकर 38 मिनट से 8 बजकर 22 मिनट तक
  • एकादशी तिथि प्रारंभ - 23 जुलाई 2022 को सुबह 11 बजकर 27 मिनट से 
  • एकादशी तिथि समाप्त - 24 जुलाई 2022 को दोपहर 13 बजकर 45 मिनट तक

एकादशी पर क्या करें क्या न करें? एस्ट्रोयोगी  पर देश के जाने माने एस्ट्रोलॉजर्स से लें गाइडेंस। अभी बात करने के लिये यहां क्लिक करें।

कामिका एकादशी व्रत व पूजा विधि 

  1. एकादशी तिथि पर स्नानादि से निवृत्त होकर पहले संकल्प लें और श्री विष्णु के पूजन-क्रिया को प्रारंभ करें। 
  2. प्रभु को फल-फूल, तिल, दूध, पंचामृत आदि निवेदित करें। आठों पहर निर्जल रहकर विष्णुजी के नाम का स्मरण करें एवं भजन-कीर्तन करें।
  3. इस दिन ब्राह्मण भोज एवं दान-दक्षिणा का विशेष महत्व होता है। अत: ब्राह्मण को भोज करवाकर दान-दक्षिणा सहित विदा करने के पश्चात ही भोजन ग्रहण करें।
  4. विष्णु सहस्त्रनाम का जप अवश्य करें। 
  5. इस प्रकार विधिनुसार जो भी कामिका एकादशी का व्रत रखता है उसकी कामनाएं पूर्ण होती हैं।

कामिका एकादशी व्रत कथा 

महाभारतकाल में एक समय में कुंतीपुत्र धर्मराज युधिष्ठिर ने श्री कृष्ण ने कहा, “हे भगवन, कृपा करके मुझे श्रावण कृष्ण एकादशी का नाम और महत्व बताइए। श्रीकृष्ण ने कहा कि हे युधिष्ठिर! इस एकादशी की कथा एक समय स्वयं ब्रह्माजी भी देवर्षि नारद से कह चुके है, अतः मैं भी तुमसे वहीँ कहता हूं। नारदजी ने ब्रह्माजी से श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी की कथा सुनने की इच्छा जताई थी। उस एकादशी का नाम, विधि और माहात्म्य जानना चाहा।

ब्रह्मा ने कहा- “हे नारद! श्रावण मास की कृष्ण एकादशी का नाम कामिका एकादशी है। इस एकादशी व्रत को सुनने मात्र से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है। इस तिथि पर शंख, चक्र एवं गदाधारी श्रीविष्णुजी का पूजन होता है। उनकी पूजा करने से जो फल मिलता है सो सुनो।

गंगा, काशी, नैमिशारण्य और पुष्कर में स्नान करने से जो फल मिलता है, वह फल विष्णु भगवान के पूजन से भी मिलता है। सूर्य व चंद्र ग्रहण के समय कुरुक्षेत्र और काशी में स्नान करने से, भूमि दान करने से, सिंह राशि के बृहस्पति में आने के समय गोदावरी और गंडकी नदी में स्नान से भी जो फल प्राप्त नहीं होता, वह प्रभु भक्ति और पूजन से प्राप्त होता है। पाप से भयभीत मनुष्यों को कामिका एकादशी का व्रत अवश्य करना चाहिए। एकादशी व्रत से बढ़कर पापों के नाशों का कोई उपाय नहीं है। स्वयं प्रभु ने कहा है कि कामिका व्रत से कोई भी जीव कुयोनि में जन्म नहीं लेता। जो इस एकादशी पर श्रद्धा-भक्ति से भगवान विष्णु को तुलसी पत्र अर्पण करते हैं, वे इस समस्त पापों से दूर रहते हैं। हे नारद! मैं स्वयं श्रोहरी की प्रिय तुलसी को सदैव नमस्कार करता हूं। तुलसी के दर्शन मात्र से ही मनुष्य के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और इसके स्पर्श से मनुष्य पवित्र हो जाता है।”

संबंधित लेख

योगिनी एकादशी   |   निर्जला एकादशी   |   कामदा एकादशी   |   पापमोचिनी एकादशी   |   कामिका एकादशी का व्रत   |   इंदिरा एकादशी | देवोत्थान एकादशी   |   सफला एकादशी व्रत   |   मोक्षदा एकादशी   |   विजया एकादशी   |   जया एकादशी   |   रमा एकादशी   |   षटतिला एकादशी । उत्पन्ना एकादशी   |   अजा एकादशी   |   पुत्रदा एकादशी   ।   आमलकी एकादशी   |   वरुथिनी एकादशी   |   मोहिनी एकादशी   |   देवशयनी एकादशी

Hindu Astrology
Vedic astrology

आपके पसंदीदा लेख

नये लेख


Hindu Astrology
Vedic astrology
आपका अनुभव कैसा रहा
facebook whatsapp twitter
ट्रेंडिंग लेख

यह भी देखें!

chat Support Chat now for Support