मंगल का मिथुन राशि गोचर 2022 किन राशि वालों को बनायेगा मालामाल?

Sun, Oct 16, 2022
Team Astroyogi  टैरो पूजा के द्वारा
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मंगल का मिथुन राशि गोचर 2022 किन राशि वालों को बनायेगा मालामाल?

मंगल का मिथुन राशि में गोचर का प्रभाव प्रत्येक राशि के जातकों पर अलग-अलग प्रकार से पड़ेगा। किसी के लिए यह गोचर सकारात्मक तो किसी के लिए नकारात्मक परिणाम देगा। आइये जानतें हैं कि इस गोचर का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

मिथुन राशि में मंगल का गोचर 16 अक्टूबर, 2022 को सुबह 7:49 बजे होगा और वे इस राशि में 13 नवंबर, 2022 तक रहेंगे, इसके बाद मंगल फिर से वृषभ राशि में वापस आ जाएंगे। जब मंगल, मिथुन राशि में गोचर करेंगे तो इसका प्रभाव हर किसी के जीवन पर अलग-अलग प्रभाव से पड़ेगा। 

मंगल, नौ ग्रहों में सबसे अधिक साहसी और बलवान ग्रह हैं, जिसे वैदिक ज्योतिष शास्त्र में नवग्रह के रूप में भी जाना जाता है। इसी कारण मंगल, क्रिया, ऊर्जा, गुस्से, कामकाजी जीवन, इच्छाओं, कामुकता और जोश के कारक हैं।  मंगल ग्रह का दिन मंगलवार को माना गया है और इनका रंग लाल है।

मंगल को कई अन्य नामों से भी जाना जाता है 

  • यूनानी लोग मंगल को खेती के देवता मानते हैं।
  • रोम के लोग मंगल को युद्ध के देवता मानते हैं।
  • ग्रेगोरियन कैलेंडर के तीसरे महीने का नाम, मंगल के नाम पर ही रखा गया है।

मंगल, मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी हैं। इसके साथ ही मंगल का किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव पड़ता है और यह दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। सूर्य और चंद्रमा के साथ मंगल की युति शुभ और बुध व केतु के साथ इनकी युति अशुभ परिणाम देती है। मंगल ही मांगलिक दोष के कारक हैं, जिससे जातक को विवाह और शादीशुदा जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, ज्योतिष शास्त्र की मानें तो यह दोष तब बनता है, जब किसी जातक की कुंडली में लग्न भाव, चतुर्थ भाव, सप्तम भाव, अष्टम भाव, द्वादश भाव में मंगल स्थित हों।

हिंदू संस्कृति में वैवाहिक संबंधों के लिए लड़के और लड़की की कुंडली मिलान पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इस दौरान देखा जाता हैं कि लड़का या लड़की मांगलिक हैं अथवा नहीं। किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल दोष होने पर शादी के उन प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया जाता है, जिनमें दूसरा व्यक्ति मांगलिक नहीं होता है। चाहें कुंडली में सारी चीजें कितनी ही अच्छी तरह से क्यों न मिल रहीं हों। आमतौर पर, यह सुझाव दिया जाता है कि एक मांगलिक लड़के को केवल एक मांगलिक लड़की से ही शादी करनी चाहिए। हालांकि, इन प्रभाव को दूर या कम करने के लिए काफी ज्योतिषी अनुष्ठानों को करने की सलाह भी देते हैं, जिससे विवाह स्थिर और अनुकूल बना रहे।

मंगल, किसी भी राशि में लगभग डेढ़ महीने तक रहते हैं फिर यह दूसरी राशि में चले जाते हैं। मंगल, लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, इसका पता लगाने के लिए यह जानना आवश्यक होता है कि वे व्यक्ति की जन्म कुंडली में किस भाव में स्थित हैं। 

आइए जानते हैं कि वर्ष 2022 के अक्टूबर माह में मंगल का मिथुन राशि में गोचर सभी 12 राशियों को किस प्रकार से प्रभावित करेगा। 

मंगल के मिथुन राशि में गोचर का मेष राशि पर प्रभाव

मेष राशि के स्वामी मंगल हैं। वर्तमान समय में मंगल, मेष राशि वाले जातकों की कुंडली के तीसरे भाव में गोचर कर रहे हैं। इस परिवर्तन से मेष राशि वाले जातकों को अधिकतम  लाभ प्राप्त होगा। भाई-बहनों के बीच प्रेम बढ़ेगा और यहां ज्वाइंट फैमिली में रह रहे लोगों के बीच रिश्तों में मधुरता आयेगी। तीसरा भाव छोटी-छोटी यात्राओं के लिए होता है, इसलिए इस गोचर के दौरान आपको कई छोटी यात्राएं करनी पड़ सकती हैं। हालांकि यह सभी यात्राएं आपके लिए सुखद रहने वालीं हैं। इस अवधि में आप खुद को बेहद सुरक्षित, अच्छा और संतुष्ट भी महसूस करेंगे।

उपाय- अपने घर के उत्तर-पश्चिम कोने में यात्रा वाला बैग रखें।

मंगल के मिथुन राशि में गोचर का वृषभ राशि पर प्रभाव

मिथुन राशि में मंगल का गोचर वृषभ राशि वाले जातकों की कुंडली के दूसरे भाव में हो रहा है, इसलिए यह वृषभ राशि के व्यक्तियों के पारिवारिक जीवन को विशेष रूप से प्रभावित करेगा। वृषभ राशि के स्वामी शुक्र और मंगल एक दूसरे से तटस्थ संबंध रखते हैं, जिस कारण इस गोचर के दौरान परिवार के सदस्यों के बीच मतभेद, कलह और अनबन हो सकती है। हालांकि, अगर आप चाहें तो अपने धैर्य, परिपक्वता और समझदारी से आप परिस्थितियों का सामना करने सक्षम हो सकते हैं। सीखना और विभिन्न परिस्थितियों के अनुकूल होना ही आत्म-विकास है।

उपाय- अपने घर में मंगल यंत्र लगाएं।

मंगल के मिथुन राशि में गोचर का मिथुन राशि पर प्रभाव

मंगल, मिथुन राशि वाले जातकों की कुंडली के पहले भाव में गोचर करेंगे। मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं। वहीं,बुध को मंगल का शत्रु माना जाता है। इस कारण यह गोचर मिथुन राशि के जातकों के लिए अच्छा साबित नहीं होगा। इस दौरान उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही दुर्घटनाओं की भी आशंका है। इस कारण आप अपने खानपान पर विशेष रूप से ध्यान रखें। इसके अलावा वर्क आउट को भी अपने डेली रूटीन में शामिल करें। आपको इस दौरान अपने स्वास्थ्य का अच्छी तरह से ध्यान रखना होगा। 

उपाय- मंगल मंत्र "ॐ क्राम क्रीं क्रूं सहः भौमाय नमः" का 108 बार जाप करें।

मंगल के मिथुन राशि में गोचर का कर्क राशि पर प्रभाव

मंगल का मिथुन राशि में गोचर, कर्क राशि वाले जातकों की कुंडली के बारहवें भाव में होगा। कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं और मंगल चंद्रमा के मित्र हैं। इस कारण यह गोचर कर्क राशि वाले व्यक्तियों के लिए अत्यंत लाभकारी और फलदायी साबित होगा। विदेश में काम करने या वहां बसने की योजना बनाने वाले लोगों के लिए यह शुभ अवसर है। यदि किसी कारण आपका वीजा रिजेक्ट कर दिया गया था या लंबे समय से रुका पड़ा है तो अब आपका इंतजार समाप्त होगा। इस गोचर के दौरान कर्क राशि के कई जातक अपने जीवन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे।

उपाय- मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें।

मंगल के मिथुन राशि में गोचर का सिंह राशि पर प्रभाव

मंगल का मिथुन राशि में गोचर, सिंह राशि वाले जातकों की कुंडली के 11वें भाव में हो रहा है। सिंह राशि के स्वामी सूर्य और मंगल मित्र हैं। इस कारण यह गोचर सिंह राशि के जातकों के लिए काफी सुखद समय लेकर आयेगा। इस गोचर के दौरान आप उपलब्ध अवसरों का लाभ उठायेंगे। आप जो कुछ भी करने की कोशिश करेंगे, उसमें आपको सफलता प्राप्त होगी। इस अवधि के दौरान ढेर सारे नए अवसर आपके सामने आएंगे व बेहतर कदम उठाने के लिए कई मौके मिलेंगे। इसके साथ ही निश्चित रूप से जीत आपकी ही होगी।

उपाय- प्रतिदिन केसर का तिलक लगाएं।

मंगल के मिथुन राशि में गोचर का कन्या राशि पर प्रभाव

मंगल का मिथुन राशि में गोचर, कन्या राशि वाले जातकों की कुंडली के दसवें भाव में होगा। कन्या राशि के स्वामी बुध हैं। बुध, मंगल के शत्रु हैं, इसलिए कन्या राशि के जातकों के लिए यह गोचर कष्टदायी रहेगा। यह गोचर कन्या राशि वालों की प्रोफेशनल लाइफ जैसे आपकी नौकरी, व्यापार और आपके प्रोफेशन से जुड़ी हर चीज को बहुत ज्यादा प्रभावित करेगा। आपको सलाह है कि आप, अपने काम पर अधिक से अधिक ध्यान देना शुरू करें और मेहनत में कोई कसर न छोड़ें। विभिन्न नए कौशल, इनोवेशन, नेटवर्क आदि मल्टी टास्क को सीखें। आप जो भी करना चाहते हैं, वह करें लेकिन यह ध्यान रखें कि आप अपना बेस्ट दें। कर्म को ही लक्ष्य बनाएं और कर्म की पूजा करें।

उपाय- मंगल बीज मंत्र "ॐ  क्राम क्रीं क्रूं सहः भौमाय नमः" का 108 बार जाप करें।

मंगल के मिथुन राशि में गोचर का तुला राशि पर प्रभाव

मिथुन राशि में मंगल का गोचर, तुला राशि वाले जातकों की कुंडली के 9वें भाव में होगा। तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं और शुक्र व मंगल का संबंध तटस्थ है, इसलिए यह गोचर तुला राशि के जातकों को औसत परिणाम देगा। आपका भाग्य आधा समय आपका साथ देगा और आधे समय आपका साथ नहीं देगा। यह खुद पर निर्भर होने का समय है, आपको कड़ी मेहनत से सब बहुत कुछ हासिल करना होगा, क्योंकि आप केवल भाग्य पर भरोसा नहीं कर सकते हैं।

उपाय- मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर जाकर दर्शन करें।

मंगल के मिथुन राशि में गोचर का वृश्चिक राशि पर प्रभाव

मिथुन राशि में मंगल का गोचर, वृश्चिक राशि वाले जातकों की कुंडली के आठवें भाव में होगा। वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं इसलिए वृश्चिक राशि के जातकों पर इस गोचर का सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। आध्यात्मिकता की ओर झुकाव आपको अधिकतम लाभ प्रदान करेगा। कई लोग अपनी जड़ों से जुड़ेंगे और नई प्रथाएं और अनुष्ठान शुरू करेंगे। ऐसा तब होगा जब कई छुपी हुई बातें भी सतह पर आएंगी, जिनसे आप पहले अनजान थे, इसलिए विश्वास और सब्र करें।

उपाय- मंगलवार के दिन हनुमान जी को चोला चढ़ाएं।

मंगल के मिथुन राशि में गोचर का धनु राशि पर प्रभाव

मिथुन राशि में मंगल का गोचर, धनु राशि वाले जातकों की कुंडली के सातवें भाव में हो रहा है, जिस पर बृहस्पति ग्रह का शासन है। धनु राशि वालों के लिए यह गोचर कुल मिलाकर औसत रहेगा। यह गोचर आपके वैवाहिक जीवन और बिजनेस पार्टनरशिप को तुरंत प्रभावित करेगा। अपने जीवनसाथी के कार्यों पर कड़ी नज़र रखें और उन्हें पूरे दिल से प्यार करें। किसी भी प्रकार से एक बात के अनेक अर्थ न निकालें। आपस में ईमानदारी से कम्यूनिकेशन करें। बिजनेस पार्टनरशिप भी महत्वपूर्ण है और इसे बनाए रखने के लिए प्रतिदिन अतिरिक्त समय और प्रयास की आवश्यकता हो सकती है।

उपाय- मंगलवार के दिन जरूरतमंद लोगों को पीले चावल और चीनी का दान करें।

मंगल के मिथुन राशि में गोचर का मकर राशि पर प्रभाव

मंगल का मिथुन राशि में गोचर, मकर राशि वाले जातकों की कुंडली के छठवें भाव में होगा। मकर राशि के स्वामी शनि हैं। सीधे और सरल शब्दों में कहें तो बीमारियों से बचने और अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए मकर राशि वालों को अपनी अच्छी तरह से देखभाल करनी चाहिए। अपने दुश्मनों को कम मत समझे, खासकर उन्हें, जिनको आप जानते नहीं हैं।

उपाय- मंगल मंत्र "ॐ क्राम क्रीं क्रूं सहः भौमाय नमः" का 108 बार जाप करें।

मंगल के मिथुन राशि में गोचर का कुंभ राशि पर प्रभाव

मंगल का मिथुन राशि में गोचर, कुंभ राशि वाले जातकों की कुंडली के पंचम भाव में हो रहा है। कुंभ राशि के स्वामी शनि हैं। कुंभ राशि वालों के लिए अपने परिवार और बच्चों के साथ समय बिताने और उनके साथ खेलने के लिए यह बहुत अच्छा समय है। इस सब से आपको बहुत आनन्द मिलेगा और असीमित खुशी का अनुभव होगा। 

उपाय- अपने घर में मंगल यंत्र स्थापित करें।

मंगल के मिथुन राशि में गोचर का मीन राशि पर प्रभाव

मिथुन राशि में मंगल का गोचर, मीन राशि वाले जातकों की कुंडली के चौथे भाव में होगा। मीन राशि के के स्वामी बृहस्पति हैं। मीन राशि के जातक यदि कार या घर खरीदना चाहते हैं तो यह आपके लिए श्रेष्ठ समय है। आपको अपने इधर-उधर ढेर सारे शुभ अवसर प्राप्त होंगे। अपनी माता जी के स्वास्थ्य का अच्छे से ध्यान रखें और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करें।

 उपाय- मंगलवार के दिन लाल फल जैसे सेब, अनार आदि जरूरतमंद बच्चों और बुजुर्गों को दान करें।

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✍️ By- टैरो पूजा

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