Budh Gochar 2022: आपके बुद्धि को शुद्ध करेगा बुध, जानें कैसा रहेगा इसका असर

bell icon Sat, Jul 30, 2022
टैरो पूजा टैरो पूजा के द्वारा
Budh Gochar 2022: आपके बुद्धि को शुद्ध करेगा बुध, जानें कैसा रहेगा इसका असर

बुध ग्रह को ज्योतिष शास्त्र में राजकुमार की उपाधि प्राप्त है। वैदिक या पाराशरी ज्योतिष में बुध को संचार, बुद्धि और चतुराई का कारक ग्रह माना जाता है। बुध बुद्धि के लिए है। इसे पौराणिक कथाओं में देवताओं के दूत के रूप में भी दर्शाया गया है। 

ज्योतिष अक्सर दिन-प्रतिदिन के भावों और संबंधों के लिए इसका अध्ययन करते हैं। बुध मिथुन और कन्या राशि का स्वामी है और बुद्धि, तर्कसंगत सोच, तार्किक तर्क, विचार पैटर्न और लचीलेपन का भी प्रतीक है। यह किसी की शिक्षा, छोटी यात्रा और भाई-बहनों के साथ अच्छे संबंधों का प्रतिनिधित्व करता है। व्यावसायिक रूप से बुध ग्रह लेखकों, पत्रकारों और टेलीफोन विभाग, डाकघर के कर्मचारियों, शिक्षकों, प्रकाशकों, गायकों आदि के लिए शुभ फल देने वाला बन जाता है। बुधवार भगवान गणेश को समर्पित दिन है।

बुध 1 अगस्त 2022 को कर्क राशि से सिंह राशि में गोचर कर रहा है और 21 अगस्त 2022 तक सिंह राशि में रहेगा। इसके बाद कन्या राशि में प्रवेश करेगा और यह गोचर निश्चित रूप से सभी 12 राशियों पर अपना प्रभाव डालने वाला है और यह काफी महत्वपूर्ण होगा।

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राशिचक्र के लिए कैसा रहेगा यह बुध गोचर आइये जानें

हम आपके लिए इसके प्रभाव को शक्तिशाली ज्योतिषीय उपचारों के साथ प्रस्तुत कर रहे हैं ताकि आपके लिए गोचर को यथासंभव सुगम बनाया जा सके।

बुध के राशि परिवर्तन का मेष राशि पर प्रभाव

मेष राशि का स्वामी मंगल बुध का शत्रु है और बुध का सिंह राशि में गोचर इसके पांचवें भाव को प्रभावित कर रहा है इसलिए यह मेष राशि के बच्चों और उनकी उच्च शिक्षा को प्रभावित करेगा। कुल मिलाकर यह गोचर मेष राशि वालों के लिए सकारात्मक नहीं होगा और नकारात्मक प्रभाव डालेगा। आपकी संतान स्वास्थ्य, पढ़ाई या अनुशासन संबंधी मुद्दों को लेकर चिंता का कारण बन सकते हैं। हम सलाह देते हैं कि आप सावधानी बरतें और नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए हमारे उपायों का पालन करें।

गोचर उपाय - बुधवार के दिन हरी मूंग की दाल का दान करें।

बुध के राशि परिवर्तन का वृषभ राशि पर प्रभाव  

इस राशि परिवर्तन के दौरान बुध चतुर्थ भाव में गोचर कर रहे हैं, इसलिए यह आपकी संपत्ति को बड़े पैमाने पर प्रभावित करेंगे। आप वृषभ जातकों में से कई लोग नई कार खरीद रहे होंगे या अपनी कारों को उच्च मॉडल में अपग्रेड कर सकते हैं। कुछ वृषभ राशि के लोग एक नई संपत्ति भी खरीद सकते हैं। जिसका उपयोग वे रहने या भविष्य के निवेश उद्देश्यों के लिए कर सकते हैं। वृष राशि के स्वामी शुक्र बुध के साथ मित्रवत हैं इसलिए कुल मिलाकर यह गोचर वृषभ राशि के लोगों के लिए अनुकूल होगा। आप पर कृपा होगी और माता का प्रेम बरसेगा।

गोचर उपाय - भगवान गणेश की पूजा करें।

बुध के राशि परिवर्तन का मिथुन राशि पर प्रभाव

बुध आप मिथुन जातकों के तीसरे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। इसलिए मिथुन राशि वालों की कुछ छोटी यात्राएं या साहसिक यात्राएं होंगी जो लंबे समय तक यादगार रहेंगी। साथ ही आपके भाई, बहन और चचेरे भाई इस समय आपके समर्थन प्रणाली और आनंद का स्रोत भी होंगे। आप अपने सभी भाई-बहनों के साथ काफी समय बिताएंगे और जमकर पार्टी भी करेंगे। मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध हैं इसलिए निश्चित रूप से यह एक महान अवधि होगी जिसे हमारे उपायों से और बढ़ाया और भुनाया जा सकता है।

गोचर उपाय - बुध बीज मंत्र "ओम ब्रं ब्रीं ब्रौं सह: बुधाय नमः" का 108 बार जप करें।

बुध के राशि परिवर्तन का कर्क राशि पर प्रभाव

इस गोचर अवधि में बुध कर्क राशि के जातकों की कुंडली में दूसरे भाव में है। इसलिए इस समय पारिवारिक जीवन और संबंध प्रभावित होगा। चंद्रमा कर्क राशि का स्वामी है और चंद्रमा भी बुध के साथ शत्रु पूर्ण संबंध रखता है। इस प्रकार यह गोचर मित्रों और परिवार के सदस्यों के साथ विशेष रूप से आपकी वाणी के जरिए पर बहुत सारी गलतफहमी को जन्म देगा। हम आपको सलाह देते हैं कि तीखी जुबान न रखें और कुछ भी बोलने से पहले दो बार सोचें। आपकी संचार शैली और भाषण से दूसरों को चोट नहीं पहुंचनी चाहिए और गलत धारणा नहीं बननी चाहिए अन्यथा यह रिश्ते को नुकसान पहुंचाएगा।

गोचर उपाय - घर में बुध यंत्र को स्थापित करें।

बुध के राशि परिवर्तन का सिंह राशि पर प्रभाव

सिंह जातक भगवान सूर्य व बुध मित्र हैं और इसलिए इस गोचर से सिंह राशि वालों को विशेष रूप से उनके बच्चों को लाभ होगा। बच्चों को उनके माता-पिता के साथ-साथ ब्रह्मांड से भी बहुत आशीर्वाद मिलेगा और सभी क्षेत्रों में अच्छा करेंगे। सिंह जातक इस समय भाग्यशाली होंगे क्योंकि यह गोचर उन्हें लाभान्वित कर रहा है। सिंह जातक इस समय सीमा से बाहर न जाएं और आत्म-अनुशासन की जांच करें।

गोचर उपाय - किन्नरों को भोजन कराएं।

बुध के राशि परिवर्तन का कन्या राशि पर प्रभाव

कन्या जातकों के लिए इस गोचर में बुध बारहवें भाव में रहने वाले हैं और बुध कन्या राशि का स्वामी है। कुल मिलाकर कन्या राशि वालों के लिए यह गोचर सकारात्मक प्रभाव वाला होगा। जो छात्र हमेशा उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाना चाहते थे, वे अब आवेदन कर सकते हैं क्योंकि योग से उन्हें लाभ होगा। कई कन्या राशि वालों को विदेश में नौकरी या असाइनमेंट मिल सकता है। जो लोग विदेश सेटलमेंट या पीआर के लिए आवेदन करने के बारे में सोच रहे हैं या कुछ समय से इंतजार कर रहे हैं, उनके अब सफल होने की संभावना बढ़ गई है। हालांकि दूसरा पहलू यह है कि अपने खर्चों के प्रति बहुत सतर्क रहें और अधिक खर्च न करें।

गोचर उपाय - गणेश जी को लड्डू का प्रसाद चढ़ाएं।

बुध के राशि परिवर्तन का तुला राशि पर प्रभाव 

बुध आप तुला जातकों के ग्यारहवें भाव में गोचर करेगा। शुक्र तुला राशि का स्वामी है जो बुध के अनुकूल है। इसलिए यह गोचर जीवन के सभी आयामों में बहुत सारे समग्र लाभ लाएगा। नौकरी से लेकर सेहत व रिश्ते तक, आप पहले की तरह फल-फूलेंगे। यह 360 डिग्री की वृद्धि और खुशी होगी। इसे नीचे दिए गए हमारे उपाय से और सुव्यवस्थित किया जा सकता है।

गोचर उपाय - किन्नरों को वस्त्र दान करें।

बुध के राशि परिवर्तन का वृश्चिक राशि पर प्रभाव

इस समय के दौरान बुध दशम भाव में होंगे और मंगल जो वृश्चिक राशि का स्वामी है वह बुध के साथ तटस्थ है। इस गोचर में आपका पेशेवर जीवन और सब कुछ इस अवधि में संभल सकता है। आप वास्तव में कड़ी मेहनत कर रहे होंगे और आपके प्रदर्शन में तेजी आएगी जिसके लिए आपको सराहना भी मिलेगी। आपके पिता आपसे बेहद प्यार करेंगे और वास्तव में आप पर गर्व करेंगे। आप उनकी आँखों के तारा बन सकते हैं। वह तुम्हारी प्रशंसा करेंगे। आप हमारे उपाय का पालन करके अपने भाग्य को और बढ़ा सकते हैं।

गोचर उपाय - घर में बुध यंत्र स्थापित करें।

बुध के राशि परिवर्तन का धनु राशि पर प्रभाव

बुध गोचर के समय आप धनु जातकों के नौवें घर में होंगे। धनु का स्वामी बृहस्पति बुध के साथ तटस्थ है। ऐसे में आप लोगों का रुझान धार्मिक गतिविधि की ओर बढ़ेगा। आप अपना समय ध्यान और पूजा में लगाएंगे। अचानक से धर्म आपकी प्राथमिकता बन जाएगा और आप परमात्मा के साथ एक मजबूत संबंध महसूस करने लगेंगे। आप इस अवधि में बहुत भाग्यशाली रहेंगे और इस समयावधि में आप जो कुछ भी करेंगे उसका आपको अच्छा परिणाम मिलेगा। अपने भाग्य का धन्यवाद करें और हमारे उपाय का पालन करें।

गोचर उपाय - बुध बीज मंत्र "ओम ब्रं ब्रीं ब्रौं सह: बुधाय नमः" का जाप करें।

बुध के राशि परिवर्तन का मकर राशि पर प्रभाव

बुध का अष्टम भाव में गोचर आप मकर राशि के लिए सामान्य अवधि रहने वाला है। जिसे हम अक्सर वैदिक ज्योतिष में दीर्घायु या मृत्यु के लिए संदर्भित करते हैं। मकर राशि का स्वामी शनि है और बुध के साथ तटस्थ है। हम दृढ़ता से अनुशंसा करते हैं कि इस समय अवधि में आप अपने छिपे हुए शत्रुओं से सावधान रहें और अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। इसके साथ ही आपको अपने कार्यों को लेकर भी गंभीर रहना होगा।

गोचर उपाय - हरे वस्त्र का दान करें।

बुध के राशि परिवर्तन का कुंभ राशि पर प्रभाव

इस गोचर के अवधि में बुध सप्तम भाव में रहेगा। शनि कुंभ राशि का भी स्वामी है। यह वह समय है जब आप अपने रोमांटिक पार्टनर या जीवनसाथी के साथ काफी समय बिताएंगे। आपका जीवनसाथी आपके जीवन में पहले की तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और आपका अधिकांश समय और ध्यान चुराएगा। यदि आप एक नई व्यावसायिक साझेदारी शुरू करने की सोच रहे हैं तो ऐसा करने का यह एक अच्छा समय है।

गोचर उपाय - हरी मूंग दाल का दान करें।

बुध के राशि परिवर्तन का मीन राशि पर प्रभाव

बुध छठे भाव में होंगे और बृहस्पति जो मीन राशि का स्वामी है वह बुध के साथ तटस्थ है। इस महीने हमारा सुझाव है कि आप अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें क्योंकि कोई बीमारियां आ सकती हैं और कुछ दुश्मन भी आपको नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। इस समय आप मजबूत बनने की कोशिश कर सकते हैं। ऑफिस में राजनीति आपके खिलाफ हो सकती है इसलिए बेहतर होगा कि आप अपने आंख-कान खुले रखें।

गोचर उपाय - किसी अनाथालय में या वंचित बच्चों को वस्त्र दान करें।

लेखक- टैरो पूजा

अंतर्राष्ट्रीय सेलिब्रिटी गुरु

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