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कन्या राशि में मंगल – क्या होगा असर आपकी राशि पर?


कन्या राशि में मंगल – क्या होगा असर आपकी राशि पर?

मेष एवं वृश्चिक राशियों के स्वामी मंगल क्रूर ग्रहों में से एक माने जाते हैं। मंगल जहां किसी का मंगल कर सकते हैं वहीं भारी अमंगल की आशंका भी उनसे रहती है। 13 अक्तूबर को मंगल कन्या राशि मे प्रवेश करेंगें। मंगल का राशि परिवर्तन करना ज्योतिषाचार्यों के नज़रिये से बहुत ही प्रभावशाली ज्योतिषीय घटना होती है। कन्या राशि में मंगल का परिवर्तन करना तो और भी खास हो जाता है क्योंकि इसी राशि में शुक्र भी गोचर कर रहे हैं जिन्हें कन्या राशि में नीच का माना जाता है। मंगल और नीच शुक्र की युति अधिकतर राशियों के लिये नकारात्मक परिणाम लेकर आ सकती है। किस राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा आइये जानते हैं क्या कहते हैं एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्य।

मेष – राशि स्वामी मंगल का परिवर्तन आपकी राशि से छठे स्थान में हो रहा है जो कि आपके रोग व शत्रु का घर माना जाता है। छठे घर में ही शुक्र भी गोचर कर रहे हैं जो कि उनकी नीच राशि है। वहीं कन्या राशि में ही बुध भी फिलहाल मौजूद हैं लेकिन वह प्रभावकारी नहीं हैं क्योंकि कुछ ही समय के पश्चात बुध भी अपनी राशि बदल लेंगें। इसलिये इस समय अपने स्वास्थ्य पर विशेष रूप से ध्यान दें। नीच शुक्र व मंगल की युति आपकी सेहत के लिये हानिकारक योग बना रही है। रोमांटिक जीवन में भी हो सकता है आप अपने साथी का विश्वास खो दें। संभव है आप अपने साथी को छोड़कर किसी और के चक्कर में फंसकर अपना मान व प्रतिष्ठा गवां बैठे। कुल मिलाकर आपको बहुत ही सचेत होकर चलने की आवश्यकता रहेगी।

वृषभ – वृषभ राशि वालों के लिये मंगल पंचम स्थान में प्रवेश कर रहे हैं। इसी स्थान में वृषभ राशि के स्वामी शुक्र नीच के होकर गोचर कर रहे हैं। इस समय संतान के प्रति चिंतित हो सकते हैं। विशेषकर शिक्षा को लेकर आपकी चिंताएं बढ़ेंगी। जो विवाहित जातक संतान प्राप्ति के लिये प्रयासरत हैं हो सकता है उन्हें भी निराशा मिले, जिन जातकों को उम्मीद नज़र आ रही है उन्हें इस दौरान अतिरिक्त सावधानी रखने की आवश्यकता रहेगी। संतान के मामले में किसी भी प्रकार का जोखिम फिलहाल आपको नहीं उठाना चाहिये।  जो जातक किसी प्रकार के प्रेम संबंध में लिप्त हैं उनके लिये भी परिस्थितियां अनुकूल नहीं हैं। स्वास्थ्य पर धन खर्च करना पड़ सकता है। कुल मिलाकर आपके लिये सलाह है कि थोड़ा संभलकर रहें व नीच शुक्र व मंगल की शांति के उपाय विद्वान ज्योतिषाचार्यों से अवश्य करवायें।

मिथुन – आपकी राशि से मंगल चतुर्थ स्थान में दाखिल हो रहे हैं। यह समय आपके सुख साधनों में कमी लाने वाला रह सकता है। सुख भाव में ही नीच शुक्र की युति के कारण दांपत्य जीवन में भी कलह बढ़ने के आसार आपके लिये बन सकते हैं। संतान के साथ आपके वैचारिक मतभेद बढ़ सकते हैं। इस समय आप अपने रिश्तों को लेकर भी तनावग्रस्त हो सकते हैं। घर, गाड़ी या फिर कोई अन्य बड़ी खरीददारी इस समय करने के इच्छुक हैं तो हमारी सलाह है कि आवेश में आकर कोई जल्दबाजी न करें व सही समय का इंतजार करें अन्यथा आपको हानि उठानी पड़ सकती है।

कर्क – मंगल आपकी राशि से तीसरे स्थान में प्रवेश कर रहे हैं जो कि आपके पराक्रम का स्थान है। पराक्रम में नीच शुक्र व मंगल की युति होने से आपके मान व प्रतिष्ठा को हानि पंहुचने के आसार हैं। संभव है आप पर किसी तरह का लांछन लगे इसलिये थोड़ा सावधान रहें। कार्यस्थल पर विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता रहेगी। परिजनों के साथ भी वाद-विवाद बढ़ सकता है। छोटे भाई बहनों से दूरियां बढ़ सकती हैं। संचार व पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े जातकों के लिये भी यह समय चुनौतिपूर्ण हो सकता है। महिला जातक अपना विशेष रूप से ध्यान रखें।

सिंह – सिंह राशि से मंगल का परिवर्तन धन भाव में हो रहा है। लेकिन मंगल के साथ नीच के शुक्र का होना आपके लिये आर्थिक तौर पर हानि वाला समय रह सकता है। यदि किसी भी प्रकार का निवेश करने की योजना आपने इस समय के लिये बना रखी है तो ज्योतिषाचार्यों की सलाह है कि आपको थोड़ा और इंतजार करना चाहिये। व्यवसायी जातकों के लिये भी हो सकता है यह समय उत्साहजनक न रहे और उन्हें मंदी जैसे हालात का सामना करना पड़े। पैतृक संपत्ति से कुछ मिलने की उम्मीद में हैं तो आपको इसके लिये काफी संघर्ष करना पड़ सकता है। परिजनों के साथ मतभेद बढ़ सकते हैं। अपनी कीमती चीज़ों को थोड़ा सुरक्षित तरीके से रखें उनके गुम जाने की प्रबल संभावनाएं हैं।

कन्या – मंगल का परिवर्तन आपकी ही राशि में हो रहा है। आपकी राशि में शुक्र जो कि नीच के होते हैं पहले से मौजूद हैं। इस समय आप अपने आस-पास काफी नकारात्मकता महसूस कर सकते हैं। आपका व्यवहार भी नुक्ता-चीनी करने वाला रह सकता है। हो सकता है आप बिना बात किसी से झगड़ा मोल ले बैठें। आपकी सेहत के लिये भी यह समय ठीक नहीं कहा जा सकता। आप अपने किसी खास करीबी का विश्वास भी इस समय खो सकते हैं। हो सकता है आपके साथी को आपकी कोई बात बहुत ज्यादा आहत कर दे जिससे आपकी छवि को भी बहुत बड़ा धक्का लग सकता है। व्यक्तिगत हो या व्यावसायिक कोई भी महत्वपूर्ण फैसला फिलहाल के लिये स्थगित करना उचित रहेगा। सही कार्य के लिये सही समय का इंतजार आवश्यक होता है।

तुला – मंगल का परिवर्तन आपकी राशि से 12वें घर में हो रहा है जो कि आपका व्यय घर माना जाता है। 12वें मंगल के कारण इस समय आपके खर्चों में बढ़ोतरी होने के आसार हैं। हालांकि इसी स्थान में मंगल के साथ शुक्र भी नीच राशि के होकर गोचर कर रहे हैं। संबंधों के मामले में थोड़ा सतर्क रहें किसी बहुत ही करीबी व्यक्ति से धोखा मिलने के प्रबल आसार हैं। हालांकि कामकाज को लेकर इस समय आपके जह़न में नये-नये विचार उत्पन्न हो सकते हैं। साहित्य, कला व अन्य रचनात्मक कार्यों से जुड़े जातकों के लिये यह समय अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के अवसर लेकर आ सकता है। लेकिन यह तभी संभव होगा जब आप अपने काम के प्रति गंभीर रहेंगें। कार्य के प्रति अत्यधिक आसक्ति आपके व्यक्तिगत घरेलू जीवन को प्रभावित कर सकती है।

वृश्चिक – आपकी राशि से मंगल 11वें स्थान में आ रहे हैं जो कि लाभ का स्थान माना जाता है। लाभ घर में मंगल के होने से आपके लिये धन लाभ के आसार तो बनेंगे लेकिन नीच के शुक्र की युति होने से प्रक्रिया थोड़ी चुनौतिपूर्ण हो सकती है। यह भी संभव है कि जो लाभ आप अर्जित करें वह व्यर्थ के कार्यों में खर्च कर दें। इस समय आपके लिये यात्रा के योग भी बन रहे हैं। अपने चित को एकाग्र रखने का प्रयास कर काम में मन लगायें। संभव है इस समय आपका मन थोड़ा अस्थिर रहे व आपके स्वभाव में आक्रामकता का समावेश रहे।

धनु – धनु राशि वालों के लेय मंगल कर्मक्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। मंगल व नीच शुक्र की कर्मभाव में युति होने के कारण आपके कार्यों में बाधाएं खड़ी हो सकती हैं। इससे पहले बुध व नीच शुक्र की युति से जो थोड़ी बहुत संभावनाएं नज़र आ रही थी वे भी अब हाशिये पर जा सकती हैं। रोमांटिक जीवन में भी यह समय दिक्कतें बढ़ाने वाला रह सकता है। साथी के साथ मतभेद इस समय बहुत अधिक बढ़ सकते हैं। इस समय आपके खर्चों में भी बढ़ोतरी के आसार नज़र आ रहे हैं। आपको ऐसा महसूस हो सकता है जैसे हालात आपके काबू से बाहर होते जा रहे हैं। दृढ़ निश्चय, संयम एवं विवेक ही इस समय परिस्थितियों में निबटने में आपके लिये कारगर हथियार हो सकते हैं।

मकर – आपकी राशि से मंगल भाग्य स्थान में आ रहे हैं जहां पर शुक्र नीच राशि के होकर पहले ही विचरण कर रहे हैं। आपके स्वभाव में क्रोध की प्रवृति हावि हो सकती है। बिना वजह आप किसी से भी पंगा ले सकते हैं जो कि आपको मंहगा भी पकड़ा सकता है। कार्यस्थल पर अपने व्यवहार को संयमित रखें। अपेक्षित परिणाम न मिलकर आप अपने भाग्य को दोष दे सकते हैं। ज्योतिषाचार्यों की सलाह है कि इस समय किसी भी परिस्थिति में अपना आपा न खोंये। विपरीत परिस्थितियां सदा के लिये नहीं हैं। सुख और दुख का दौर हर व्यक्ति के जीवन में आता है। इस समय को भी धैर्य के साथ निकाल लें। रोमांटिक जीवन में भी इस समय खुद को अकेला महसूस कर सकते हैं।

कुंभ – कुंभ जातकों के लिये मंगल अष्टम के होकर गोचर कर रहे हैं। अष्टम मंगल बहुत ही शुभ फलदायी माने जाते हैं और कार्यक्षेत्र में इसका लाभ भी आपको मिल सकता है। आर्थिक तौर भी आपकी स्थिति ठीक ठाक रह सकती है। लेकिन मंगल के साथ शुक्र नीच के होकर गोचर कर रहे हैं जिससे स्वास्थ्य के मामले में यह समय आपके लिये सही नहीं कहा जा सकता है। साथ ही रोमांटिक जीवन में भी आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। यदि किसी खास दोस्त से अपने प्यार का इजहार करना चाहते हैं तो यह समय उसके लिये शुभ नहीं है। इस दौरान यात्रा के योग भी आपके लिये बन रहे हैं लेकिन यात्रा स्वयं वाहन चलाकर कर रहे हैं तो आपको सड़क पर सतर्क होकर चलने की आवश्यकता है। इस समय आपके खर्चों में भी बढ़ोतरी हो सकती है इसलिये धनराशि का संभलकर इस्तेमाल करें।

मीन – मंगल आपकी राशि से सप्तम भाव में नीच के शुक्र के साथ गोचर करेंगें। दांपत्य जीवन में साथी से झगड़े बढ़ सकते हैं। छोटी-छोटी बात पर आपके बीच गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं। अविवाहित प्रेमी जातकों के लिये तो समय और भी कष्टकारी हो सकता है। आपके लिये सलाह है इस समय अपने जीवन का कोई महत्वपूर्ण फैसला न लें। संतान पक्ष की ओर से भी यह समय आपकी चिंताएं बढ़ाने वाला रह सकता है। यदि आवश्यक न हो तो लंबी दूरी की यात्राएं इस समय न करें।

यह राशिफल सामान्य ज्योतिषीय आकलन के आधार पर लिखा गया है। अपनी कुंडली के अनुसार मंगल व नीच शुक्र की युति आपको किस तरह प्रभावित करेगी जानने के लिये एस्ट्रोयोगी पर देश के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से परामर्श करें। अभी बात करने के लिये यहां क्लिक करें।

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