Vivah Muhurat 2026: क्या आप शादी का प्लान बना रहे हैं? विवाह जीवन का एक अहम निर्णय है, और इसे सही समय पर करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। 2026 में शादी के लिए कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं, लेकिन उनमें से सही मुहूर्त का चुनाव करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। क्या आप जानते हैं कि सही विवाह मुहूर्त का चयन आपके रिश्ते को मजबूती दे सकता है? यहाँ हम 2026 के सभी शुभ विवाह मुहूर्त (Vivah Muhurat 2026) के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे, ताकि आप अपने खास दिन को और भी यादगार बना सकें। इस जानकारी से न सिर्फ सही समय चुनने में मदद मिलेगी, बल्कि ये आपके और आपके जीवनसाथी के लिए एक खुशहाल और समृद्ध भविष्य की ओर बढ़ने का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। आइए, जानते हैं 2026 के वे सभी खास मुहूर्त जो आपके विवाह को शुभ और मंगलमय बना सकते हैं।
आपको बता दें कि साल 2026 में आप शादी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए कई शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat) चुन सकते हैं। हम आपके लिए हिन्दू पंचांग के अनुसार, साल 2026 के शादी शुभ मुहूर्त (Shubh Marriage Muhurat 2026) लाए हैं ताकि आपके सभी कार्य उपयुक्त तिथियों पर अच्छे से सम्पन्न हो सकें।
धार्मिक मान्यताओं में जब ग्रहों की अनुकूल स्तिथि न हो तब विवाह का शुभ कार्य करना उचित नहीं होता है। साल 2026 में इन महीनों में नक्षत्रों की सही स्तिथि न होने के कारण शादी करने के लिए कोई भी मुहूर्त उपलब्ध नहीं हैं।
फरवरी का महीना ठंडी हवाओं और प्यार भरे मौसम के साथ शादी के बंधन में बंधने के लिए बहुत खास माना जाता है। यदि आप भी इस महीने में अपने जीवन का नया अध्याय शुरू करने का विचार कर रहे हैं, तो सही मुहूर्त का चयन आपके विवाह को और भी मंगलमय बना सकता है। फरवरी 2026 में कई शुभ विवाह मुहूर्त हैं, जो आपके रिश्ते की मजबूत नींव रखने में सहायक होंगे।
फरवरी माह में 12 विवाह मुहूर्त हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस महीने में विवाह के लिए 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25 और 26 तारीखें अत्यंत शुभ मानी गई हैं। यदि आप इन शुभ मुहूर्तों के बारे में विस्तृत जानकारी चाहते हैं, तो नीचे दिए गए समय को देखें। हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होलाष्टक की शुरुआत होती है, जो होली से आठ दिन पहले आरम्भ होकर पूर्णिमा तक चलता है। इस दौरान मथुरा-वृंदावन सहित कई मंदिरों में होली से जुड़े आयोजन होने लगते हैं, हालांकि इसे विवाह, गृहप्रवेश, नामकरण, मुंडन और विद्यारंभ जैसे मांगलिक कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है। होलाष्टक का प्रभाव मुख्य रूप से उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों तक सीमित है, जबकि दक्षिण भारत में इसका प्रचलन कम है। वर्ष 2026 में होलाष्टक 25 फरवरी से 3 मार्च तक रहेगा, होलिका दहन 3 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च 2026 को मनाई जाएगी।
फरवरी शादी शुभ मुहूर्त यहाँ देखें! (February Marriage Shubh Muhurat)
| तिथि व दिन | शुभ विवाह मुहूर्त | नक्षत्र |
|---|---|---|
| 5 फरवरी 2026, बृहस्पतिवार | सुबह 07:08 से 6 फरवरी 2026, सुबह 07:07 बजे तक | उत्तर फाल्गुनी, हस्त |
| 6 फरवरी 2026, शुक्रवार | सुबह 07:07 से रात 11:37 बजे तक | हस्त |
| 8 फरवरी 2026, रविवार | रात 12:08 से 9 फरवरी 2026, सुबह 05:02 बजे तक | स्वाती |
| 10 फरवरी 2026, मंगलवार | सुबह 07:55 से 11 फरवरी 2026, रात 01:42 बजे तक | अनुराधा |
| 12 फरवरी 2026, बृहस्पतिवार | रात 08:20 से 13 फरवरी 2026, सुबह 03:06 बजे तक | मूल |
| 14 फरवरी 2026, शनिवार | शाम 06:16 से 15 फरवरी 2026, सुबह 03:18 बजे तक | उत्तराषाढ़ा |
| 19 फरवरी 2026, बृहस्पतिवार | रात 08:52 से 20 फरवरी 2026, सुबह 06:56 बजे तक | उत्तर भाद्रपद |
| 20 फरवरी 2026, शुक्रवार | सुबह 06:56 से 21 फरवरी 2026, रात 01:51 बजे तक | उत्तर भाद्रपद, रेवती |
| 21 फरवरी 2026, शनिवार | दोपहर 01:00 से 01:22 बजे तक | रेवती |
| 24 फरवरी 2026, मंगलवार | सुबह 04:26 से 25 फरवरी 2026, सुबह 06:51 बजे तक | रोहिणी |
| 25 फरवरी 2026, बुधवार | रात 01:28 से 26 फरवरी 2026, सुबह 06:50 बजे तक | मृगशिरा |
| 26 फरवरी 2026, बृहस्पतिवार | सुबह 06:50 से दोपहर 12:11 बजे तक | मृगशिरा |
मार्च का महीना नयी शुरुआत और खुशियों का प्रतीक माना जाता है, और इस समय विवाह के रिश्ते में बंधना सौभाग्यशाली माना जाता है। अगर आप मार्च 2026 में शादी करने की योजना बना रहे हैं, तो सही मुहूर्त का चयन आपके नए जीवन की नींव को और भी मजबूत बना सकता है। इस महीने के शुभ मुहूर्त आपकी शादी को मंगलमय और समृद्ध बनाने के लिए आदर्श माने जाते हैं।
मार्च 2026 में विवाह के लिए 8 दिन में 9 शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस महीने की 2, 3, 4, 7, 8, 9, 11 और 12 तारीखें विवाह समारोहों के लिए अत्यंत शुभ मानी गई हैं। हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होलाष्टक की शुरुआत होती है, जो होली से आठ दिन पहले आरम्भ होकर पूर्णिमा तक चलता है। इस दौरान मथुरा-वृंदावन सहित कई मंदिरों में होली से जुड़े आयोजन होने लगते हैं, हालांकि इसे विवाह, गृहप्रवेश, नामकरण, मुंडन और विद्यारंभ जैसे मांगलिक कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है। होलाष्टक का प्रभाव मुख्य रूप से उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों तक सीमित है, जबकि दक्षिण भारत में इसका प्रचलन कम है। वर्ष 2026 में होलाष्टक 25 फरवरी से 3 मार्च तक रहेगा, होलिका दहन 3 मार्च को और रंगों की होली 4 मार्च 2026 को मनाई जाएगी।
मार्च शादी शुभ मुहूर्त यहाँ देखें! (March Marriage Shubh Muhurat)
| तिथि व दिन | शुभ विवाह मुहूर्त | नक्षत्र |
|---|---|---|
| 2 मार्च 2026, सोमवार | दोपहर 01:46 से शाम 05:55 बजे तक | मघा |
| 2 मार्च 2026, सोमवार | सुबह 05:28 से 3 मार्च 2026, सुबह 06:47 बजे तक | मघा |
| 3 मार्च 2026, मंगलवार | सुबह 06:47 से सुबह 07:31 बजे तक | पूर्व फाल्गुनी, मघा |
| 4 मार्च 2026, बुधवार | सुबह 07:39 से सुबह 08:52 बजे तक | उत्तर फाल्गुनी |
| 7 मार्च 2026, शनिवार | सुबह 11:15 से 8 मार्च 2026, सुबह 06:43 बजे तक | स्वाति |
| 8 मार्च 2026, रविवार | सुबह 06:43 से सुबह 07:04 बजे तक | स्वाति |
| 9 मार्च 2026, सोमवार | शाम 04:11 से रात 11:27 बजे तक | अनुराधा |
| 11 मार्च 2026, बुधवार | सुबह 04:41 से 12 मार्च 2026, सुबह 06:39 बजे तक | मूल |
| 12 मार्च 2026, गुरुवार | सुबह 06:39 से सुबह 09:59 बजे तक | मूल |
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अप्रैल का महीना शादी के लिए एक खास अवसर लेकर आता है, जब वसंत का स्वागत और नए जीवन की शुरुआत होती है। यदि आप अप्रैल 2026 में अपने जीवनसाथी के साथ बंधने की योजना बना रहे हैं, तो यह समय सही मुहूर्त चुनने का है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, अप्रैल 2026 में विवाह के लिए 8 दिन में 9 खास मुहूर्त उपलब्ध हैं। इस महीने की 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28 और 29 तारीखें विवाह समारोहों के लिए अत्यधिक शुभ मानी जाती हैं। यदि आप इन शुभ मुहूर्तों के बारे में विस्तार से जानकारी पाना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए समय का उपयोग कर सकते हैं।
अप्रैल शादी शुभ मुहूर्त यहाँ देखें! (April Marriage Shubh Muhurat)
| तिथि व दिन | शुभ विवाह मुहूर्त | नक्षत्र |
|---|---|---|
| 15 अप्रैल 2026, बुधवार | दोपहर 03:22 से रात 10:31 बजे तक | उत्तराभाद्रपद |
| 20 अप्रैल 2026, सोमवार | सुबह 06:02 से शाम 05:49 बजे तक | रोहिणी |
| 20 अप्रैल 2026, सोमवार | सुबह 04:14 से 21 अप्रैल 2026, सुबह 06:01 बजे तक | मृगशिरा |
| 21 अप्रैल 2026, मंगलवार | सुबह 06:01 से दोपहर 12:31 बजे तक | मृगशिरा |
| 25 अप्रैल 2026, शनिवार | रात 02:10 से 26 अप्रैल 2026, सुबह 05:57 बजे तक | मघा |
| 26 अप्रैल 2026, रविवार | सुबह 05:57 से रात 08:27 बजे तक | मघा |
| 27 अप्रैल 2026, सोमवार | रात 09:18 से रात 09:36 बजे तक | उत्तर फाल्गुनी, पूर्व फाल्गुनी |
| 28 अप्रैल 2026, मंगलवार | रात 09:04 से 29 अप्रैल 2026, सुबह 05:55 बजे तक | उत्तर फाल्गुनी, हस्त |
| 29 अप्रैल 2026, बुधवार | सुबह 05:55 से रात 08:52 बजे तक | हस्त |
मई का महीना प्यार और समर्पण के प्रतीक के रूप में विवाह के लिए एक आदर्श समय माना जाता है। यह समय गर्मियों की शुरुआत और खुशियों की बहार लाता है, जब कई जोड़े अपने रिश्ते को अगले स्तर पर ले जाने का निर्णय लेते हैं। यदि आप मई 2026 में शादी करने का सोच रहे हैं, तो इस महीने के शुभ मुहर्त आपके लिए एक विशेष अवसर प्रदान कर सकते हैं। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, मई 2026 में विवाह समारोहों के लिए 8 शुभ तिथियां उपलब्ध हैं। खासकर 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13 और 14 तारीखें शादी के रिश्ते में बंधने के लिए अत्यधिक शुभ मानी जाती हैं। यदि आप इन शुभ मुहूर्तों के बारे में अधिक जानकारी हासिल करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए समय का अवलोकन कर सकते हैं।
मई शादी शुभ मुहूर्त यहाँ देखें! (May Marriage Shubh Muhurat)
| तिथि व दिन | शुभ विवाह मुहूर्त | नक्षत्र |
|---|---|---|
| 1 मई 2026, शुक्रवार | सुबह 10:00 से रात 09:13 बजे तक | स्वाती |
| 3 मई 2026, रविवार | सुबह 07:10 से रात 10:28 बजे तक | अनुराधा |
| 5 मई 2026, मंगलवार | शाम 07:39 से 6 मई 2026, सुबह 05:51 बजे तक | मूल |
| 6 मई 2026, बुधवार | सुबह 05:51 से दोपहर 03:54 बजे तक | मूल |
| 7 मई 2026, गुरुवार | शाम 06:46 से 8 मई 2026, सुबह 05:49 बजे तक | उत्तराषाढ़ा |
| 8 मई 2026, शुक्रवार | सुबह 05:49 से दोपहर 12:21 बजे तक | उत्तराषाढ़ा |
| 13 मई 2026, बुधवार | रात 08:55 से 14 मई 2026, सुबह 05:46 बजे तक | उत्तराभाद्रपद, रेवती |
| 14 मई 2026, गुरुवार | सुबह 05:46 से शाम 04:59 बजे तक | रेवती |
जून का महीना प्यार और नए जीवन की शुरुआत के लिए एक विशेष समय होता है। इस मौसम में हरियाली और उमंगों का माहौल शादी के बंधन में बंधने के लिए बहुत अनुकूल माना जाता है। यदि आप जून 2026 में अपने जीवनसाथी के साथ विवाह करने का विचार कर रहे हैं, तो सही मुहर्त का चयन करना बेहद महत्वपूर्ण है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, जून 2026 में विवाह समारोहों के लिए 8 शुभ तिथियां उपलब्ध हैं। विशेष रूप से 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27 और 29 तारीखें शादी के बंधन में बंधने के लिए अनुकूल मानी जाती हैं। यदि आप इन शुभ मुहूर्तों के बारे में और जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए समय का उपयोग कर सकते हैं।
जून शादी शुभ मुहूर्त यहाँ देखें! (June Marriage Shubh Muhurat)
| तिथि व दिन | शुभ विवाह मुहूर्त | नक्षत्र |
|---|---|---|
| 21 जून 2026, रविवार | सुबह 09:31 से 11:21 तक | उत्तर फाल्गुनी |
| 22 जून 2026, सोमवार | सुबह 10:31 से 23 जून 2026, सुबह 05:42 तक | हस्त |
| 23 जून 2026, मंगलवार | सुबह 05:42 से 10:13 तक | हस्त |
| 24 जून 2026, बुधवार | दोपहर 01:59 से 25 जून 2026, सुबह 05:43 तक | स्वाती |
| 25 जून 2026, गुरुवार | सुबह 05:43 से 07:08 तक | स्वाती |
| 26 जून 2026, शुक्रवार | शाम 07:16 से 27 जून 2026, सुबह 05:43 तक | अनुराधा |
| 27 जून 2026, शनिवार | सुबह 05:43 से रात 10:11 तक | अनुराधा |
| 29 जून 2026, सोमवार | शाम 04:16 से 30 जून 2026, सुबह 04:03 तक | मूल |
जुलाई का महीना गर्मी की तपिश और लंबे दिनों का प्रतीक होता है, जो खुशियों और विकास के नए अवसरों की शुरुआत करता है। यह समय प्यार और समर्पण को जोड़ने का आदर्श अवसर है, और इस महीने में विवाह समारोहों के लिए विशेष रूप से 5 शुभ तिथियां उपलब्ध हैं। जुलाई 2026 में 1, 6, 7, 11 और 12 तारीखें शादी के बंधन में बंधने के लिए अनुकूल मानी जाती हैं। यदि आप इन शुभ मुहूर्तों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए समय का उपयोग कर सकते हैं।
जुलाई शादी शुभ मुहूर्त यहाँ देखें! (July Marriage Shubh Muhurat)
| तिथि व दिन | शुभ विवाह मुहूर्त | नक्षत्र |
|---|---|---|
| 1 जुलाई 2026, बुधवार | सुबह 06:51 से दोपहर 04:04 तक | उत्तराषाढ़ा |
| 6 जुलाई 2026, सोमवार | 7 जुलाई 2026, सुबह 01:41 से 05:47 तक | उत्तराभाद्रपद |
| 7 जुलाई 2026, मंगलवार | सुबह 05:47 से दोपहर 02:31 तक | उत्तराभाद्रपद |
| 11 जुलाई 2026, शनिवार | 12 जुलाई 2026, सुबह 12:05 से 05:49 तक | रोहिणी |
| 12 जुलाई 2026, रविवार | सुबह 05:49 से रात 10:29 तक | रोहिणी, मृगशिरा |
यह भी जानें: जानें 2026 में नए वाहन खरीदने के लिए शुभ मुहूर्त।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब ग्रहों की स्थिति अनुकूल न हो, तब विवाह जैसे शुभ कार्य को करना उचित नहीं माना जाता है। साल 2026 में कुछ महीनों में नक्षत्रों की सही स्थिति न होने के कारण शादी करने के लिए कोई भी मुहूर्त उपलब्ध नहीं है। इस समय, ज्योतिषीय सलाह के अनुसार, विवाह को स्थगित करना बेहतर हो सकता है ताकि भविष्य में आपकी शादी को और भी शुभ और सफल बनाया जा सके। ऐसे में, जब ग्रहों की स्थिति अनुकूल हो, तब ही विवाह के लिए सही मुहूर्त का चयन करें।
नवंबर का महीना विवाह के लिए एक विशेष समय होता है, जब ठंडी हवाएं और खुशियों का माहौल तैयार होता है। यह समय साल का एक ऐसा क्षण होता है जब लोग अपने प्रिय के साथ जीवन के नए सफर की शुरुआत करने के लिए तैयार होते हैं। यदि आप नवंबर 2026 में शादी करने का सोच रहे हैं, तो इस महीने के शुभ मुहर्त आपके खास दिन को और भी खास बना सकते हैं।
साल 2026 में नवंबर महीने में कुल 4 शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। विशेष रूप से 21, 24, 25, और 26 तारीखें शादी के समारोहों के लिए आदर्श मानी जाती हैं। इस समय पर विवाह समारोह का आयोजन करना आपके नए जीवन की शुरुआत के लिए शुभ हो सकता है। यदि आप इन शुभ तिथियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए समय का अवलोकन कर सकते हैं।
नवंबर शादी शुभ मुहूर्त यहाँ देखें! (November Marriage Shubh Muhurat)
| तिथि व दिन | शुभ विवाह मुहूर्त | नक्षत्र |
|---|---|---|
| 21 नवंबर 2026, शनिवार | सुबह 06:44 से 22 नवंबर, रात 12:08 तक | रेवती |
| 24 नवंबर 2026, मंगलवार | रात 11:25 से 25 नवंबर, सुबह 06:47 तक | रोहिणी |
| 25 नवंबर 2026, बुधवार | सुबह 06:47 से 26 नवंबर, सुबह 06:48 तक | रोहिणी, मृगशिरा |
| 26 नवंबर 2026, गुरुवार | सुबह 06:48 से शाम 05:47 तक | मृगशिरा |
दिसंबर का महीना खुशियों, उत्सवों और नए शुरुआत का प्रतीक है, जो सर्दियों की ठंडक और त्योहारी माहौल के साथ आता है। यह समय अपने प्रियतम के साथ बंधन में बंधने का सही अवसर है। यदि आप दिसंबर 2026 में शादी करने की योजना बना रहे हैं, तो यह महीना आपके लिए कई शुभ मुहर्त लेकर आया है। सही समय का चयन करना न केवल आपकी शादी को मंगलमय बनाएगा, बल्कि यह आपके नए जीवन की शुरुआत को भी सुखद बनाएगा।
हिंदू पंचांग के अनुसार, दिसंबर 2026 में विवाह समारोहों के लिए 2, 3, 4, 5 और 6 तारीखें शुभ मानी गई हैं। यदि आप इन शुभ मुहूर्तों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए समय का अवलोकन करें।
दिसंबर शादी शुभ मुहूर्त यहाँ देखें! (December Marriage Shubh Muhurat)
| तिथि व दिन | शुभ विवाह मुहूर्त | नक्षत्र |
|---|---|---|
| 2 दिसंबर 2026, बुधवार | सुबह 10:32 से 3 दिसंबर 2026, सुबह 06:53 बजे तक | उत्तर फाल्गुनी |
| 3 दिसंबर 2026, गुरुवार | सुबह 06:53 से 10:53 बजे तक | उत्तर फाल्गुनी, हस्त |
| 3 दिसंबर 2026, गुरुवार | रात 11:03 से 4 दिसंबर 2026, सुबह 06:53 बजे तक | — |
| 4 दिसंबर 2026, शुक्रवार | सुबह 06:53 से 10:22 बजे तक | हस्त |
| 5 दिसंबर 2026, शनिवार | सुबह 11:48 से 6 दिसंबर 2026, सुबह 06:55 बजे तक | स्वाति |
| 6 दिसंबर 2026, रविवार | सुबह 06:55 से 07:42 बजे तक | स्वाति |
यह भी जानें: जानें साल 2026 में गृह प्रवेश के लिए शुभ मुहूर्त की तिथियां।
ज्योतिष शास्त्र में कुछ बेहद खास दिन बताए गए हैं, जिन्हें “अबूझ मुहूर्त” कहा जाता है। इन दिनों की खासियत यह होती है कि शादी या किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं पड़ती। यानी ये दिन स्वयं में इतने शुभ होते हैं कि बिना पंडित या पंचांग देखे ही मांगलिक कार्य संपन्न हो सकते हैं। ये दिन साल में केवल पाँच ही बार आते हैं और हर एक दिन का अपना धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व होता है।
इन पाँच अबूझ विवाह मुहूर्तों में शामिल हैं — देवउठनी एकादशी, बसंत पंचमी, फुलेरा दूज, अक्षय तृतीया और विजयादशमी। इन दिनों को “सिद्ध मुहूर्त” भी कहा जाता है क्योंकि माना जाता है कि इन तिथियों पर ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति इतनी अनुकूल होती है कि हर शुभ कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न होता है। खास तौर पर विवाह जैसे मांगलिक कार्य के लिए ये दिन अत्यंत शुभ माने गए हैं।
साल 2026 में ये पाँच अबूझ विवाह मुहूर्त इस प्रकार हैं —
देवउठनी एकादशी: 30 सितम्बर 2026 को पड़ रही है। इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं, इसलिए इसे शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए सर्वश्रेष्ठ दिन माना जाता है।
बसंत पंचमी: 23 जनवरी 2026 को आएगी। यह दिन मां सरस्वती की पूजा के साथ-साथ शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए उत्तम रहता है।
फुलेरा दूज: 19 फरवरी 2026 को है। यह दिन विशेष रूप से उत्तर भारत में बिना मुहूर्त के विवाह करने के लिए प्रसिद्ध है।
अक्षय तृतीया: इस साल अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026 को आएगी। इस दिन जो भी शुभ कार्य किया जाता है, वह अक्षय यानी कभी नष्ट न होने वाला फल देता है।
विजयादशमी (दशहरा): 20 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी। यह दिन विजय और सफलता का प्रतीक है, इसलिए इसे विवाह और नए कार्यों के लिए बहुत शुभ माना जाता है।
इन दिनों में शादी करना न केवल धार्मिक रूप से शुभ होता है बल्कि ऐसा माना जाता है कि ऐसे विवाहों में स्थिरता, सुख और समृद्धि बनी रहती है। यही वजह है कि बहुत से लोग अबूझ मुहूर्त में विवाह को सर्वोत्तम विकल्प मानते हैं।
शुभ विवाह मुहूर्त का महत्व हिन्दू परंपरा में बहुत अधिक है। यह वह समय होता है जब ग्रहों की स्थिति और नक्षत्रों का संयोग विवाह के लिए अनुकूल होता है। इस समय विवाह करना दांपत्य जीवन में सुख और समृद्धि लाता है। सही मुहूर्त चुनने से न केवल शादी का दिन खास बनता है, बल्कि यह दांपत्य जीवन में भी सकारात्मक प्रभाव डालता है।
विवाह मुहूर्त का चयन करते समय कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं का ध्यान रखना आवश्यक है। ज्योतिषियों की सलाह लेना, चंद्रमा की स्थिति, नक्षत्रों की जांच और पंचांग का अध्ययन करना महत्वपूर्ण है। इस प्रक्रिया में कई घंटे और दिन शामिल होते हैं, इसलिए सही समय चुनने के लिए सावधानी बरतें।
कुछ विशेष नक्षत्र जैसे उत्तर फाल्गुनी, हस्त और स्वाति को विवाह के लिए शुभ माना जाता है। इन नक्षत्रों के प्रभाव से दांपत्य जीवन में सामंजस्य, प्रेम और समझ बढ़ती है। विवाह के समय इन नक्षत्रों की उपस्थिति दांपत्य जीवन को सफल और खुशहाल बनाने में मदद करती है।
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