भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)


भारतीय जनता पार्टी की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को दिल्ली में हुआ। परंतु इस दल का मूलजड़ श्यामाप्रसाद मुखर्जी द्वारा 1951 में निर्मित भारतीय जनसंघ है। आपातकाल के खत्म होने के बाद जनता पार्टी के निर्माण हेतु जनसंघ अन्य राजनीतिक दलों के साथ विलय हो गया और इस विलय के कारण सत्ता पर पदस्थ कांग्रेस पार्टी को 1977 के आम चुनावों में हार का सामना करना पड़ा। तीन वर्षों तक सरकार चलाने के बाद 1980 में जनता पार्टी विघटित हो गई और पूर्व जनसंघ के पदचिह्नों को पुनर्संयोजित करते हुए भारतीय जनता पार्टी का निर्माण किया गया। शुरुआत में पार्टी असफल रही और 1984 के लोकसभा चुनाव में केवल दो लोकसभा सीटें जीतने में सफल रही। लेकिन 1992 में राम जन्मभूमि आंदोलन से भारतीय जनता पार्टी को बल मिला जिससे कुछ राज्यों में बीजेपी चुनाव जीतले में सफल हुई और राष्ट्रीय चुनावों में भी अच्छा प्रदर्शन कर 1996 में बीजेपी भारतीय संसद में सबसे बड़े दल के रूप में उभरी। बीजेपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया गया। जो कि सब जानते हैं यह सरकार केवल 13 दिन ही चल सकी। 1998 में हुए आम चुनाव के बाद भाजपा के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का निर्माण हुआ और अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में सरकार बनी जो एक वर्ष तक चली। इसके बाद हुए आम चुनाव में राजग को पुनः पूर्ण बहुमत मिला और अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में राजग सरकार ने अपना कार्यकाल पूर्ण किया। इस प्रकार भारतीय जनता पार्टी सहयोगियों के समर्थन से एक कार्यकाल पूर्ण करने वाली पहली गैर कांग्रेसी सरकार बनी। लेकिन 2004 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा और अगले 10 वर्षों तक भाजपा संसद में मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में रही। लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में राजग (एनडीए) नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रिकॉर्ड जीत हासिल कर एक बार फिर सत्ता पर काजिब हुआ। इसके बाद 2017 तक हुए सभी चुनावों में बीजेपी विजयी रही और भारत के 29 राज्यों में से 19 राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन गई, लेकिन 2018 के हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बड़े हार का सामना करना पड़ा, ऐसे में 2019 का चुनावी रण भाजपा के लिए कैसा रहेगा, इसके बारे में एस्ट्रोयोगी एस्ट्रोलॉजर ने भाजपा की पत्रिका का आकलन कर भाजपा का दोबारा सत्ता में आने की कितनी संभावना है, इसकी गणना की है। आइए जानते हैं।

2019 लोकसभा चुनाव के बारे में क्या कहती है भाजपा की कुंडली?


संगठन नाम – भारतीय जनता पार्टी (BJP)
स्थापना तिथि – 6 अप्रैल 1980
जन्म समय – 11:45 सुबह
स्थान – दिल्ली

बीजेपी की कुंडली मिथुन लग्न और वृश्चिक राशि की है। भाजपा के कर्मक्षेत्र में अकेला सूर्य बैठा हुआ है जो कि आत्मबल को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है। इसके साथ ही कर्मक्षेत्र में स्वामी बृहस्पति, राहु, शनि और मंगल के साथ युक्ति संबंध बनाए हुए हैं जिससे भारतीय जनता पार्टी को 2019 के लोकसभा चुनाव में अकेले अपने दम पर सफलता मिलने के आसार नहीं हैं। लेकिन मंगल-चंद्रमा का योग बीजेपी को अपने साथ सहयोगी दलों का समर्थन लेकर चुनाव में जाने पर सफलता मिलने के आसार बना रहा है। वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी पर चंद्रमा की महादशा और साथ ही मंगल की अंतरदशा चल रही है जिससे लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी को सफलता मिलने का योग बना रहा है। परंतु गुरू का राहु के साथ होने से एक अशुभ योग बन रहा है, जो कि गुरू चंडाल योग है। इस योग के कारण भारतीय जनता पार्टी को अपने ही किसी सहयोगी दल या व्यक्ति से विश्वासघात मिलने का खतरा बनता दिखाई दे रहा है। लेकिन बृहस्पति और चंद्र का योग विपक्षी व विरोधियों को कमजोर बना रहा है। साथ ही जनता का कारक ग्रह बुध गुरू के नक्षत्र में और भाग्य में होने से बीजेपी को सफलता दिलाने में सहयोग कर सकता है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राशि और भारतीय जनता पार्टी की राशि वृश्चिक है जो दोनों को ही जोड़ती हैं और इन पर दशा भी एक समान चल रही है जो कि चंद्रमा की महादशा है। यह दोनों की कुंडली पर शुभ प्रभाव डाल रही है। आगामी लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान बीजेपी के कर्म स्थान में बैठा सूर्य गोचर में भी समान रहने वाला है जो कार्य में सफलता दिलाने का योग बना रहा है, इससे एक बार फिर सत्ता में बीजेपी की वापसी हो सकती है।

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2019 लोकसभा चुनाव की प्रेडिक्शन

2019 लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद आगामी देढ़ माह में चुनावी प्रचार के दौरान नेताओं द्वारा शक्ति का खूब प्रदर्शन किया जाना है। चुनावी सभाओं में भाषण व बयानबाजी से मतदाताओं का ध्यान अकर्षित करने का प्रयास भी किया जाएगा। इस दौरान कई वादे किए जाएंगे और नेता अपनी उपलब्धि व कामों को जनता के सामने पेश करेंगे। सातों चरणों के मतदान पूरा होने तक खूब...

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