मनोज तिवारी

मनोज तिवारी


अभिनेता से नेता बने मनोज तिवारी वर्तमान में दिल्ली प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष व लोकसभा सांसद हैं। मनोज तिवारी अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत 2009 में गोरखपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से 15वीं लोकसभा चुनाव में बतौर समाजवादी पार्टी उम्मीदवार के रूप में किया, किन्तु भारतीय जनता पार्टी के कद्द्वर नेता योगी आदित्यनाथ से बुरी चुनाव हारे। मनोज तिवारी 2011 के अगस्त महीने में अन्ना हज़ारे द्वारा शुरू किए गए भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में भी सक्रिय रहे। मनोज तिवारी को उनकी लोकप्रियता और पूर्वांचली चेहरा होने का फायदा मिला है क्योंकि, दिल्ली में पूर्वांचल के लोगों के बीच वो खासे लोकप्रिय हैं। 2013 में ही भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए मनोज तिवारी को 2014 के लोकसभा चुनाव में सांसद पद के लिए टिकट देकर भी पार्टी ने कई पुराने दिग्गजों को चौंका दिया था। 2014 के आम चुनावों में मनोज तिवारी उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार घोषित किए गए और चुनाव भी जीत गए। 30 नवंबर 2016 को उन्हें दिल्ली बीजेपी का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया। जब से मनोज तिवारी को यह जिम्मा सौंपा गया है तब से तिवारी दिल्ली में भाजपा को मजबूत करने में लगे हैं। इस बीच तिवारी केजरीवाल सरकार के खिलाफ आंदोलन कर कई बार उन्हें घेरने में कामयब भी रहें। वर्तमान में मनोज तिवारी का दिल्ली के वोटरों में अच्छी पैठ है। 2019 का लोकसभा चुनाव भी होने वाला है। इस बार दिल्ली में आम आदमी और भाजपा के बीच सीधी टक्कर होनी है ऐसे में मनोज को दिल्ली बीजेपी का अध्यक्ष बनाने का भाजपा को कितना फायदा होगा वो समय ही बताएगा। परंतु हम यहां मनोज तिवारी का 2019 लोकसभा कैसा रहने वाला है इसके बारे जानेंगे।

2019 लोकसभा चुनाव के बारे में क्या कहती है मनोज तिवारी की कुंडली?



नाम – मनोज तिवारी
जन्म तिथि – 1 फरवरी 1971
जन्म स्थान– कैमूर, बिहार
जन्म समय – 12:00 दोपहर

उपलब्ध जानकारी के आधार पर मनोज तिवारी का जन्म मेष लग्न में हुआ है। जिसका स्वामी मंगल अपने ही राशि में विराजमान हैं। पत्रिका के अंदर भाग्य के स्थान में बुध और शुक्र की युक्ति होने से व्यक्ति कला के क्षेत्र में सफलता हासिल करता है। लग्न से दशम भाव में सूर्य के विद्धमान होने से व्यक्ति को मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। पत्रिका के अंदर केंद्र त्रिकोण राजयोग होने से पद व प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है साथ ही धन योग भी बनता है। ऐसा व्यक्ति सभी हर तरह से संपन्न होता है। लाभ स्थान में राहु के होने से व्यक्ति को जीवन में अचानक से ख्याती मिलती है। साथ ही राहु के ग्यारहवें स्थान में होने से व्यक्ति राजनीति में भी प्रवेश करता है। वहीं वाणी का स्वामी शुक्र होने से व्यक्ति का वाणी मधुर, संगीतमयी व वाचाल बनती है। जिससे व्यक्ति सभाओं व रंगमंच में जनता को संमोहित करने में निपुण होता है। मनोज की पत्रिका में शुक्र बुध के साथ युक्ति बनाकर इनके व्यक्तित्व में चार-चांद लगा रहे हैं। शनि के लग्न में होने से और कर्मभाव का स्वामी होने से व्यक्ति लोकहित में काम करता है तथा दशम भाव में शनि के ऊपर सुर्य के प्रभाव के कारण संगठन का मुखिया बनने में सफल होता है। परंतु सफलता दिलाने में यह काफी संघर्ष करवाता है। शनि और चंद्रमा की युक्ति कभी–कभी व्यक्ति पर लांछन भी लगा देता है। पत्रिका में सप्तम भाव पर नीच शनि की दृष्टि पड़ने से दांमपत्य जीवन में भी कलह की स्थिति पैदा होती है जो अंतः रिस्ते को समाप्ति तक ले जाती है। चंद्रमा के लग्न पत्रिका और नवांश पत्रिका में वर्गोत्तम योग होने से व्यक्ति जीवन में अनेको कठीनाईयों का समना करने के बाद भी अपने मन को स्थिर रखने में सफल होता है। वैसे तो मनोज तिवारी की कुंडली में राजयोग है लेकिन इनकी कुंडली में सरलयोग भी है जो मंगल व बृहस्पति अष्टम भाव में बनाए हुए हैं। जिससे व्यक्ति जीवन में निर्भय, लक्ष्मीवान, संतान सुख, शत्रु को जीतनेवाला और विख्यात बनता है। वर्तमान में मंगल की महादशा चल रही है जो 2013 से 2020 के जुलाई माह तक रहने वाली है। राशि स्वामी और लग्न स्वामी मंगल है और यह मंगल की महादशा इस समय इनको काफी सकारात्मक ऊर्जा देने वाली है। इसके साथ ही अंतरदशा शुक्र की चल रही है। जो 2019 के अगस्त तक चलने वाली है। यह योग व्यक्ति को सफलता दिलाने में सहयोग करती है। कुल मिलाकर मनोज तिवारी का 2019 का चुनावी रण अच्छा परिणाम दे सकता है। बस थोड़ा धैर्य से निर्णय लेने की आवश्यकता है।

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2019 लोकसभा चुनाव की प्रेडिक्शन

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