तेजस्वी यादव

तेजस्वी यादव


एक क्रिकेटर से राजनेता बने तेजस्वी यादव वर्तमान में बिहार विधानसभा में विधायक दल के नेता प्रतिपक्ष हैं और वे बिहार विधानसभा चुनाव 2015 में राघोपुर से विधानसभा सीट जीतकर राज्य विधानसभा पहुंचे हैं। तेजस्वी यादव राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव एवं राबड़ी देवी के पुत्र हैं। तेजस्वी को सबसे कम उम्र के नेता प्रतिपक्ष बनने का गौरव प्राप्त है। तेजस्वी राजनीति में 2014 के लोकसभा में सक्रिय रूप से शामिल हुए। वे अपने पिता के चुनावी सभाओं में आमतौर पर देखे जाने लगे और इस दौरान कई रैलियों को संबोधित भी किए। 2014 में नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया। जिसके बाद बिहार में राजनीतिक संकट गहराने लगा। सियासी उठापटक के बाद बिहार 2015 विधानसभा चुनाव हुआ। चूंकि लालू यादव चुनाव लड़ नहीं सकते थे। इसलिए लालू ने राघोपुर विधानसभा सीट से तेजस्वी को चुनावी मैदान में उतारा। तेजस्वी भारी मतों से विजयी हुए और आरजेडी का प्रदर्शन भी बेहतरीन रहा। आरजेडी ने नीतीश को अपना समर्थन दिया और जिसके एवज में नीतीश सरकार में तेजस्वी यादव बतौर उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। लेकिन इसके कुछ समय उपरांत ही प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई ने तेजस्वी समेत पूरे यादव परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाही की। जिसके चलते नीतीश और लालू में मतभेद पैदा हुए और जिसके चलते नीतीश ने पद से इस्तीफा दे दिया और तेजस्वी का उपमुख्यमंत्री पद चला गया। नीतीश भाजपा के समर्थन से एक बार फिर मुख्यमंत्री और तेजस्वी यादव बिहार के विधायक दल के नेता प्रतिपक्ष बने। 2019 लोकसभा चुनाव सर पर है और तेजस्वी यादव महागठबंधन बनाने के लिए सभी संभावित दलों के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। ऐसे में लालू के लाल का भाग्य उनका कितना साथ देगा। आइए जानते उनकी सूर्य कुंडली का आकलन करके एस्ट्रोयोगी एस्ट्रोलॉजर क्या कहना है।

2019 लोकसभा चुनाव के बारे में क्या कहती है तेजस्वी यादव कुंडली?



नाम – तेजस्वी यादव
जन्म तिथि – 9 नवम्बर 1989
जन्म स्थान– पटना, बिहार

तेजस्वी यादव की सूर्य राशि तुला बनती है और इन पर महादशा बुध की चल रही है। अंतरदशा में केतु और प्रत्यंतर में भी बुध चल रहे हैं। बुध तेजस्वी की कुंडली में भाग्य के स्वामी हैं जो लग्न में चले गये हैं और यह शुभ माना जाता है। जिससे इनका बर्चस्व बनेगा और तेजस्वी अपने आप पर भरोसा कर पाएंगे। लेकिन कार्यक्षेत्र (राजनीतिक जीवन) का कारक चंद्रमा है जिस पर शनि की दृष्टि पड़ रही है, जिससे यह विषयोग बना रहा है। जो अंत क्षणों में घातक बन सकता है। लग्नेश व पंचमेश का पराक्रम भाव में बैठना पराक्रम को दर्शाता है जो यह चुनाव के समय बढ़-चढ़ कर ऊर्जा देने वाला योग बनाएगा। लग्न भी स्थिर है जिसके कारण पूरा आत्मविश्वास बना रहेगा। पराक्रम का स्वामी भाग्य में वक्री होकर बैठा है। जिसके कारण पराक्रम होने के बाद भी असफलता मिलने का योग बन रहा है। 17 अप्रैल 2019 को तेजस्वी की दशाओं में परिवर्तन हो रहा है। बुध के साथ शुक्र आ रहे हैं जो सुख साधन, संपत्ती को बढ़ाने का योग बनाएंगे। शुक्र का दशाओं में अंतर व प्रत्यंतर दशा में आने से यह एक नकारात्मक योग बनाएंगे। शुक्र का पराक्रम भाव में शत्रु के घर में बैठने से तेजस्वी के राजनीतिक जीवन में हलचल आ सकती है। सूर्य कुंडली में नीच का होने से आत्मविश्वास में कमी और आत्मबल भी गिराने का कार्य करेगा। 2019 की वर्ष कुंडली में लग्न में राहु होने से यह बनते कामों को बिगाड़ने का काम करेगा। मन में नकारात्मक विचार बनाएगा। संगठन में भी इनके प्रति सबके मन में मतभेद बनेगा। चुनाव के अंत समय तक सफल होने की संभावना बनी रहेगी। लेकिन लग्न का राहु तेजस्वी के संभावनाओं पर ग्रहण लगाएगा। तेजस्वी यादव का 2019 लोकसभा चुनाव मिला-जुला परिणाम देने वाला हो सकता है।

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2019 लोकसभा चुनाव की प्रेडिक्शन

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