नवरात्रों का सातवां दिन (7th day of navratri)

bell iconShare

7th Day of Navratri: नवरात्रि के नौ दिन, नौ अलग-अलग माताओं को समर्पित होते हैं। इसमें सातवां रूप मां कालरात्रि का होता है। इस प्रकार मां की उपासना का दिन भी सातवां होता है। नवरात्रों का सातवां दिन साहस, निडरता और बुरी शक्तियों से रक्षा का प्रतीक होता है। वैसे तो मां कालरात्रि का स्वरूप उग्र है, लेकिन इसके बावजूद वे अपने भक्तों की रक्षा करने वाली देवी मानी जाती हैं। यही कारण है कि जो भी भक्त इस दिन नियमानुसार और सच्चे मन से पूजा करता है, उसके सारे भय और नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाते हैं। अगर आप भी अपने जीवन में मां कालरात्रि की कृपा पाना चाहते हैं तो नीचे नवरात्रि के सातवें दिन से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है जिसका उपयोग आप पूजा में कर सकते हैं।   

नवरात्रि में सातवें दिन की देवी - मां कालरात्रि (Day 7 Navratri Goddess)

नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के उग्र स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। इनका रूप भले ही भयंकर दिखता हो, लेकिन ये अपने भक्तों की हमेशा रक्षा करने वाली और शुभ फल देने वाली देवी मानी जाती हैं। मां कालरात्रि को बुरी शक्तियों और नकारात्मक ऊर्जा का नाश करने वाली देवी के रूप में जाना जाता है।

मां कालरात्रि की पूजा करने से:

  • डर और भय से मुक्ति मिलती है

  • नकारात्मक ऊर्जा और बाधाएं दूर होती हैं

  • आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होती है

  • जीवन में सुरक्षा और संरक्षण मिलता है

  • मानसिक शांति और स्थिरता बनी रहती है

इस दिन मां कालरात्रि की सच्चे मन से पूजा करने पर व्यक्ति के जीवन से परेशानियां धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं और अंदर से एक नई शक्ति का एहसास होता है। 

नवरात्रि पर सातवें दिन के लिए पूजा सामग्री  (Navratri Day 7 Puja Samagri)

मां कालरात्रि की पूजा सही विधि से करने के लिए कुछ जरूरी पूजा सामग्री का होना महत्वपूर्ण माना जाता है। इन चीजों के साथ पूजा करने से भक्ति का भाव और भी मजबूत होता है और पूजा पूर्ण मानी जाती है।

पूजा के लिए आवश्यक सामग्री:

  • मां कालरात्रि की मूर्ति या तस्वीर

  • लाल या पीला कपड़ा

  • कलश और नारियल

  • रोली, कुमकुम और अक्षत (चावल)

  • चंदन

  • दीपक और अगरबत्ती

  • लाल फूल (विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं)

  • गंगाजल

  • फल और मिठाई

  • दूध और दही

  • शहद और घी

  • पंचामृत

  • गुड़ या मीठा प्रसाद

इन सभी सामग्री के साथ श्रद्धा और विश्वास से की गई पूजा मां कालरात्रि को प्रसन्न करती है और जीवन में सुख-समृद्धि लाने में सहायक मानी जाती है। 

नवरात्रि पर सातवें दिन ऐसे करें पूजा (Navratri Day 7 Puja Vidhi)

नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा विधि-विधान से करने से विशेष फल प्राप्त होता है। अगर आप आसान तरीके से पूजा करना चाहते हैं, तो इस तरह कर सकते हैं:

स्नान करके साफ वस्त्र पहनें: दिन की शुरुआत पवित्रता के साथ करें, इससे मन शांत और पूजा में ध्यान लगाना आसान होता है।

कलश रखें: पूजा स्थल पर मिट्टी या तांबे का कलश पानी से भरकर रखें, उसमें आम के पत्ते लगाएं और ऊपर नारियल स्थापित करें। यह मां शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

माता कालरात्रि का ध्यान करें: अब मां की मूर्ति या तस्वीर के सामने बैठकर उनका ध्यान करें और अपने जीवन से भय और परेशानियों को दूर करने की प्रार्थना करें।

रोली और अक्षत चढ़ाएं: मां को रोली, चंदन और अक्षत अर्पित करें। यह श्रद्धा और सम्मान प्रकट करने का तरीका होता है।

फूल और माला चढ़ाएं: मां कालरात्रि को लाल फूल और माला अर्पित करें। यह भक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है।

दीपक और अगरबत्ती जलाएं: पूजा के दौरान दीपक और अगरबत्ती जलाएं, जिससे वातावरण पवित्र और सकारात्मक बनता है।

भोग अर्पित करें: मां को गुड़, फल या मिठाई का भोग लगाएं। यह सुख-समृद्धि और सरलता का प्रतीक माना जाता है।

मंत्र जाप करें: पूजा के दौरान मां कालरात्रि के मंत्रों का जप करें। इससे मन को शांति और साहस मिलता है।

आरती करें और प्रसाद बांटे: पूजा के अंत में आरती जरूर करें और प्रसाद सभी में वितरित करें। इससे पूजा पूर्ण मानी जाती है और मां का आशीर्वाद मिलता है। 

नवरात्रि पर सातवें दिन के लिए भोग (Navratri Day 7 Bhog)

नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि को गुड़ से बने भोग अर्पित करना विशेष शुभ माना जाता है। गुड़ को सादगी और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है, और इसे चढ़ाने से मां का आशीर्वाद जल्दी प्राप्त होता है।

मुख्य भोग:

  • गुड़

  • गुड़ से बने पकवान

  • फल

  • मिठाई

मान्यता है कि मां कालरात्रि को गुड़ का भोग लगाने से जीवन में चल रही परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं और भय दूर होता है। 

नवरात्रि पर सातवें दिन के लिए मंत्र (Navratri Day 7 Mantra)

नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि के मंत्रों का जाप करना विशेष फलदायी माना जाता है। इन मंत्रों का उच्चारण करने से मन में छिपे डर कम होते हैं और अंदर से एक नई शक्ति का अनुभव होता है।

1. मां कालरात्रि ध्यान मंत्र
यह मंत्र मां कालरात्रि के उग्र और शक्तिशाली स्वरूप का ध्यान करने के लिए जपा जाता है। इससे भक्त मां की शक्ति से जुड़ते हैं और अपने जीवन से भय को दूर करने की प्रार्थना करते हैं।

मंत्र:
एकवेणी जापाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥
वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा।
वर्धन्मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥

2. मां कालरात्रि स्तुति मंत्र
यह एक स्तुति मंत्र है, जिसमें मां कालरात्रि को बार-बार प्रणाम किया जाता है। यह मंत्र भक्तों को नकारात्मकता से दूर रखने और सुरक्षा का आशीर्वाद पाने में सहायक माना जाता है।

मंत्र:
या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥

इन मंत्रों का जाप श्रद्धा और विश्वास के साथ करने से जीवन में साहस बढ़ता है, भय दूर होता है और मां कालरात्रि की कृपा प्राप्त होती है। 

नवरात्रि पर सातवें दिन के लिए आरती (Navratri Day 7 Aarti)

कालरात्रि जय जय महाकाली।
काल के मुंह से बचाने वाली॥

दुष्ट संहारक नाम तुम्हारा।
महाचंडी तेरा अवतारा॥

पृथ्वी और आकाश पे सारा।
महाकाली है तेरा पसारा॥

खड्ग खप्पर रखने वाली।
दुष्टों का लहू चखने वाली॥

कलकत्ता स्थान तुम्हारा।
सब जगह देखूं तेरा नजारा॥

सभी देवता सब नर-नारी।
गावें स्तुति सभी तुम्हारी॥

रक्तदन्ता और अन्नपूर्णा।
कृपा करे तो कोई भी दुःख ना॥

ना कोई चिंता रहे ना बीमारी।
ना कोई गम ना संकट भारी॥

उस पर कभी कष्ट ना आवे।
महाकाली माँ जिसे बचावे॥

तू भी भक्त प्रेम से कह।
कालरात्रि माँ तेरी जय॥

नवरात्रि पर सातवें दिन का रंग (Navratri seventh Day Colour)

नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा के साथ नारंगी (ऑरेंज) रंग को शुभ माना जाता है। यह रंग ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता का प्रतीक होता है।

नवरात्रि पर सातवें दिन क्या करें ?

नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा के साथ कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। इससे पूजा का फल और भी ज्यादा मिलता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।

  • मां कालरात्रि की विधि-विधान से पूजा करें

  • व्रत रखें और मन को संयमित रखें

  • मंत्रों का जाप श्रद्धा से करें

  • दुर्गा सप्तशती का पाठ करें

  • जरूरतमंदों को दान-पुण्य करें

  • मन में सकारात्मक सोच बनाए रखें

नवरात्रि पर सातवें दिन क्या न करें ?

  • किसी का अपमान या बुरा व्यवहार न करें

  • नकारात्मक विचारों को अपने मन में जगह न दें

  • पूजा में लापरवाही न करें

  • तामसिक भोजन (मांस, शराब आदि) से दूर रहें

  • क्रोध और अहंकार से बचें

नवरात्रि का सातवां दिन हमें यह सिखाता है कि चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों, अगर हम सच्चे मन से मां कालरात्रि की भक्ति करें, तो हर डर और समस्या से बाहर निकल सकते हैं। इस दिन मां की पूजा करके आप अपने जीवन में साहस, सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित कर सकते हैं।

क्या आप अपने जीवन की समस्याओं के समाधान और सही मार्गदर्शन की तलाश में हैं? अभी एस्ट्रोयोगी के अनुभवी ज्योतिषियों से बात करें और अपनी कुंडली के अनुसार सटीक सलाह पाएं।

अन्य त्यौहार

Delhi- Friday, 27 March 2026
दिनाँक Friday, 27 March 2026
तिथि शुक्ल दशमी
वार शुक्रवार
पक्ष शुक्ल पक्ष
सूर्योदय 6:17:40
सूर्यास्त 18:36:43
चन्द्रोदय 13:1:29
नक्षत्र पुनर्वसु
नक्षत्र समाप्ति समय 15 : 25 : 56
योग अतिगंड
योग समाप्ति समय 22 : 10 : 30
करण I तैतिल
सूर्यराशि मीन
चन्द्रराशि कर्क
राहुकाल 10:54:49 to 12:27:12
आगे देखें

पूजा विधियां

एस्ट्रो लेख और देखें
और देखें